पीएम मोदी ने कॉन्स्टेबल से कहा-डरो मत, भागो मत:नियुक्ति पत्र सौंपकर पीठ थपथपाई, लेक्चरर से पूछा-कहां की रहने वाली हो, भरतपुर बताने पर सीएम मुस्कुराए

राजस्थान के बालोतरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन किया। इस समारोह में पीएम ने अलग- अलग विभागों में चयनित 5 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील निवासी पिंटाराम गरासिया पुलिस कॉन्स्टेबल का नियुक्ति पत्र लेकर मंच से हड़बड़ाहट में लौटने लगे। तभी पीएम मोदी ने उनका हाथ पकड़ कर रोक लिया। मोदी ने पिंटाराम से कहा- किसी से डरो मत, भागो मत। इसके बाद प्रधानमंत्री ने उनकी पीठ थपथपाई और आगे भी मेहनत करते रहने का कहकर हौसला बढ़ाया। पिंटाराम बोले- पीएम से मिला नियुक्ति पत्र सबसे यादगार पल
पिंटाराम ने बताया- मेरी चयन वर्ष 2025 में राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल के पद पर हुआ है। मेरी नियुक्ति उदयपुर में है। यह मेरे परिवार की पहली सरकारी नौकरी है। पिंटाराम ने बताया- मेरे पिता किसान हैं। मेरे बड़े भाई ने मेरी पढ़ाई में काफी मदद की। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त करना मेरे जीवन का यादगार पल है। भरतपुर बोलते ही पीएम के पास खड़े सीएम मुस्कुरा दिए भरतपुर निवासी श्रुति गुप्ता को भी प्रधानमंत्री ने नियुक्ति पत्र सौंपा। श्रुति का चयन स्कूल लेक्चरर पद पर हुआ है। उन्होंने 15 जून को भरतपुर के हायर सेकेंडरी स्कूल में कार्यभार ग्रहण किया था। श्रुति ने बताया- मैंने इस सफलता के लिए एक साल तक लगातार मेहनत की। मैं अपने परिवार की पहली गजटेड अधिकारी बनी हूं। उन्होंने कहा- नियुक्ति मिलने की खुशी तो थी ही, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना मेरे लिए और भी गर्व एवं खुशी का क्षण रहा। श्रुति ने कहा- प्रधानमंत्री ने मुझसे पूछा- कहां की रहने वाली हो। मैंने भरतपुर बताया तो पास में खड़े मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुस्कुरा दिए। प्रधानमंत्री ने मुझे बधाई देते हुए कहा-आगे भी इसी तरह मेहनत करती रहो और अपनी सफलताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाओ। दीक्षा ने कहा- भर्ती परीक्षा 2018 में हुई थी, रिजल्ट 2025 में आया श्रीगंगानगर निवासी दीक्षा को भी पीएम ने नियुक्ति पत्र सौंपा। दीक्षा ने कहा- मैंने 2018 में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी की परीक्षा दी थी। मेहनत खूब की थी, इसलिए रिजल्ट का भी बेसब्री से इंतजार था। रिजल्ट 2025 में आया। इसी साल 24 जून को हमारी नियुक्ति हुई। 30 जून को मोकलसर(बालोतरा) में जॉइन किया है। PM साहब से मिलने के बाद मुझे और मेरे परिवार वालों को बहुत खुशी हुई है। उन्होंने मुझे बधाई दी और आगे ईमानदारी से काम करने की सलाह दी है। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में मनोज कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और श्रीगंगानगर की लवप्रीत सिंह को पंचायती राज विभाग में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नियुक्ति के पत्र सौंपे। PM के राजस्थान दौरे से संबंधित PHOTOS… ये खबर भी पढ़िए… PM बोले- भारत सबसे बड़े ऊर्जा संकट से उबरा:2 हजार तक पहुंच सकती थी घरेलू सिलेंडर की कीमत, राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- युद्ध के कारण जो हालात पैदा हुए, उसके कारण घरेलू गैस के दाम 2 हजार रुपए तक जा सकते थे। सरकार ने इसको लेकर बेहतर मैनजमेंट किया। इसी का परिणाम है, सिलेंडर 950 रुपए के करीब मिल रहा है। पूरी खबर पढ़िए

रील्स देखकर व्यापारी के बेटे को समझा करोड़पति, किया किडनैप:MP के पन्ना में पिता से 10 लाख फिरौती मांगी; गिरफ्तारी पर बोले- धोखा हो गया

सोशल मीडिया पर महंगे मोबाइल और लग्जरी लाइफ की रील्स देखकर बदमाशों ने पन्ना के एक कपड़ा व्यापारी के 19 वर्षीय बेटे को करोड़पति समझ लिया। उसका अपहरण कर 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी। हालांकि पुलिस ने युवक को कुछ ही घंटों में सकुशल छुड़ा लिया। अब तीनों आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं। पूछताछ में उन्होंने कहा- हमें लगा था बहुत पैसा मिलेगा, लेकिन धोखा हो गया। पन्ना में 27 जून को पवई के कपड़ा व्यापारी राजेश डेंगरे के 19 वर्षीय बेटे अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे का अपहरण कर लिया गया था। कुछ देर बाद परिवार के पास कॉल आया और 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। परिजनों ने घबराकर पवई थाने में सूचना दी। एसपी निवेदिता नायडू के निर्देश पर पुलिस ने विशेष टीम बनाई और तकनीकी निगरानी के जरिए युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया। हालांकि उस समय आरोपी भाग निकले थे। दोस्त निकला मास्टरमाइंड, सोशल मीडिया पर रखी थी नजर पुलिस के मुताबिक, वारदात का मुख्य आरोपी राजकमल रजक अंशुल का स्कूल का दोस्त था। दोनों साथ पढ़ चुके थे और एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। इसी पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने पूरी साजिश रची। जांच में सामने आया कि घटना से करीब 10 दिन पहले अंशुल ने सोशल मीडिया पर अपना आईफोन बेचने का स्टेटस लगाया था। इसके बाद राजकमल ने साथियों के साथ मिलकर उसे लूटने और फिरौती वसूलने की योजना बनाई। उसने आईफोन खरीदने का बहाना बनाकर अंशुल को बुलाया और बाइक पर बैठाकर जंगल ले गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना से करीब एक सप्ताह पहले से अंशुल के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रख रहे थे। उसकी गतिविधियों और लाइफस्टाइल की जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। रील्स और फोटो पोस्ट करता था व्यापारी का बेटा आरोपी बोले- कर्ज उतारने के लिए रची साजिश गिरफ्तार आरोपियों राजकमल रजक (19), राजकुमार पाल (25) और शिवेंद्र सिंह (18) ने पूछताछ में बताया कि कान्हा सोशल मीडिया पर अक्सर महंगे मोबाइल और समृद्ध जीवनशैली की रील्स व फोटो पोस्ट करता था। उसे बहुत अमीर समझकर उन्होंने कर्ज उतारने और जल्दी पैसा कमाने के लिए अपहरण की साजिश रची थी। बाइक पर बैठाया, जंगल में कट्टे की नोक पर बनाया बंधक 27 जून की रात करीब 8 बजे पवई के कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे के 19 वर्षीय बेटे अंशुल उर्फ कान्हा को आरोपी बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाकर हथकुरी के जंगल में ले गए। वहां कट्टे की नोक पर उसे बंधक बना लिया और परिवार से मोबाइल पर 10 लाख रुपए की फिरौती मांगने लगे। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। लगातार बारिश के बावजूद टीम ने हथकुरी के जंगल में कई किलोमीटर पैदल सर्चिंग की। 28 जून तड़के पुलिस ने अंशुल को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। परिवार ने डेढ़ लाख ट्रांसफर किए, निकाल नहीं पाए अपहरण के दौरान डरे हुए परिवार ने आरोपियों के दबाव में राजकमल रजक के बैंक खाते में 1.48 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर सेल ने बैंक से संपर्क कर खाता फ्रीज करा दिया। आरोपी रकम निकाल नहीं पाए। अब कानूनी प्रक्रिया के बाद यह राशि परिवार को वापस मिलेगी। आरोपियों से हथियार और बाइक बरामद शनिवार को घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से एक देसी पिस्टल, दो कट्टे, एक जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल दो बाइक जब्त की गईं। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके पहले नगर में उनका जुलूस निकाला गया।

शहीद मेजर का परिवार दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर:शौर्य चक्र मिला पर योजनाओं के लाभ नहीं, राष्ट्रपति-पीएम को लेटर भेजा

देश के लिए जान न्योछावर करने वाले शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा के परिवार को सरकार की तरफ से मिलने वाली मदद और सम्मान अभी तक नहीं मिल पाया है। समाज के लोगों ने शनिवार को उदयपुर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक पत्र (ज्ञापन) भेजा है। समाजसेवी और भाजपा उदयपुर देहात के पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया- मेजर मुस्तफा बोहरा साल 2022 में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। साल 2024 में सरकार ने उन्हें ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया। सम्मान मिलने के बाद भी शहीद के परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। घर और जमीन (प्लॉट) देने के मामले साल 2023 से सरकारी दफ्तरों (जैसे हाउसिंग बोर्ड और उदयपुर विकास प्राधिकरण) में अटके पड़े हैं। इस वजह से शहीद के परिवार को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। समाजसेवी और भाजपा नेता वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस काम के लिए एक विशेष अधिकारी (नोडल अफसर) नियुक्त किया जाए, जो 15 दिनों के अंदर शहीद परिवार की सभी समस्याओं को दूर करे। आबादी को बचाने के लिए दे दी अपनी जान

मोदी ने गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया:पीएम बोले- यहां हर साल 20 करोड़ चिप बनेंगी; 5 महीने में तीसरा प्लांट शुरू

पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया। साणंद में स्थित सीजी सेमी के ओएसएटी (OSAT) प्लांट में आज से प्रोडक्शन शुरू हो गया है। पीएम ने कहा- इस प्लांट में हर साल 20 करोड़ चिप बनेंगी। यहां पर हर साल 500 करोड़ चिप बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्ट करने वाला देश है। हम मोबाइल, इलेकट्रॉनिक्स प्रोडक्ट के साथ वह चिप भी बनाएंगे जिनसे पूरी दुनिया चलती है। उन्होंने कहा- 20 साल पहले मैंने गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए पूरी प्लानिंग बनाई। उस समय की केंद्र सरकार बड़े बयान दे रही थी तो कई कंपनियां आईं भी लेकिन केंद्र सरकार को उस समय क्या हो गया, उनके पैरों में बेड़ियां लग गईं और बात आगे नहीं बढ़ पाई। 5 महीने में तीन प्लांट शुरू केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहला प्लांट 28 फरवरी को, दूसरा 31 मार्च को और तीसरा प्लांट 4 जुलाई को शुरू हो रहा है। इतने कम समय में तीन बड़े प्लांट शुरू होना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। बुलेट ट्रेन परियोजना 80% पूरी अश्विनी वैष्णव ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना लगभग 80 फीसदी पूरी हो चुकी है। परियोजना का पहला खंड सूरत से बिलिमोरा के बीच साल 2027 में शुरू किया जाएगा। इसके बाद वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-ठाणे और अहमदाबाद से मुंबई तक सेवा शुरू की जाएगी। केंद्र सरकार का दावा है कि सेमीकंडक्टर निर्माण और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाएं भारत को आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगी।

सरकार का दावा- E-20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान नहीं:बेचने से पहले टेस्टिंग कराई; सुप्रीम कोर्ट में कहा था- अभी एक्सपेरिमेंट, रिजल्ट अगले साल पता चलेगा

पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर हो रहे विरोध के बीच शनिवार को सरकार ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग का काम रातों-रात नहीं हुआ। यह एक जांची-परखी, साइंटिफिक और स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस और इससे गाड़ियों को कई नुकसान नहीं है। इसे पेट्रोल में मिलाने की ग्लोबल प्रैक्टिस अपनाई है और टॉप एजेंसियां भी इसकी टेस्ट कर चुकीं हैं। एथेनॉल ब्लेंडिंग पर दिल्ली में हुई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल एक्सपर्ट वर्तिका शुक्ला ने यह बात कही। वर्तिका शुक्ला ने बताया कि देश में साल 2013 और 2014 के दौरान पेट्रोल में सिर्फ 1.5% एथेनॉल मिलाया जा रहा था। अब इस प्रोग्राम के तहत पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) की जा रही है। 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग के टारगेट को तय समय से पांच साल पहले यानी दिसंबर 2025 तक ही पूरा कर लिया गया है। हालांकि सरकार ने 4 दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का प्रोग्राम अभी भी एक्सपेरिमेंट है। इसका पूरा असर अगले साल तक पता चलेगा। टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान पहुंचने का कोई सबूत नहीं मिला प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल एक्सपर्ट और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व CMD वर्तिका शुक्ला के अलावा बजाज ऑटो के सर्कल हेड मनप्रीत सिंह, टीवीएस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत कृष्णन मौजूद रहे। उनके साथ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती, हुंडई इंडिया के पुनीत आनंद और हीरो मोटो के आशुतोष वर्मा भी शामिल हुए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बड़े पैमाने पर हुई टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान पहुंचने का कोई सबूत नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर गाड़ी के परफॉर्मेंस को लेकर चल रहे दावों के बीच एक्सपर्ट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। हाई परफॉर्मेंस फार्मूला वन कारों में भी इस्तेमाल हो रहा एथेनॉल वर्तिका शुक्ला ने बताया कि इस प्रोग्राम का मकसद कार्बन एमिशन को कम करना है। यह फ्यूल पूरी तरह से भारत स्टेज VI (BS VI) मानकों के अनुरूप है। वहीं विक्रम गुलाटी ने कहा कि हाई परफॉर्मेंस वाली फार्मूला वन रेसिंग कारों में भी एथेनॉल बेस्ड फ्यूल का इस्तेमाल होता है। मारुति को E20 फ्यूल में कोई गड़बड़ी नहीं मिली मारुति के राहुल भारती ने कहा कि भारत ने 2023 से E20 फ्यूल को अनिवार्य किया है। मुख्य चिंता 2023 से पहले बनी और बेची गई गाड़ियों को लेकर है, जिसका समाधान होना जरूरी है। हालांकि, हमें अपनी टेस्टिंग में E20 फ्यूल में कोई भी चिंताजनक बात नहीं मिली है। पूर्व IOCL चीफ बोले- अफवाहें ज्यादा, साइंटिफिक एविडेंस नहीं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के पूर्व चेयरमैन बी अशोक ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से भारत की एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत हुई, किसानों की आय बढ़ी और कार्बन उत्सर्जन कम हुआ। उन्होंने साफ किया कि साइंटिफिक स्टडीज में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि E20 फ्यूल से गाड़ी के इंजन को नुकसान पहुंचता है या माइलेज पर बड़ा असर पड़ता है। इसे लेकर जो चिंताएं जताई जा रही हैं, वे सिर्फ गलतफहमियां या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे हैं। भारत में क्यों हो रहा विरोध? सियाम जैसी टॉप एजेंसियां टेस्टिंग कर चुकीं एक्सपर्ट शुक्ला ने बताया कि विशेष रूप से साल 2018 में एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) को एक स्ट्रक्चर्ड यानी व्यवस्थित तरीके से सभी स्टेकहोल्डर्स के सामने चर्चा और विचार-विमर्श के लिए रखा गया था। यह पूरा प्रोग्राम साइंटिफिक एविडेंस पर बेस्ड है। एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स और उन्हें सपोर्ट करने वाली मुख्य एजेंसियों का पूरा सपोर्ट है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और सियाम जैसी टॉप एजेंसियां इसकी टेस्टिंग कर चुकी हैं। वर्तिका शुक्ला के अनुसार, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का यह प्रोग्राम दुनिया भर में अपनाई जाने वाली ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेस के बिल्कुल अनुरूप है। इसके जरिए फॉसिल फ्यूल यानी जीवाश्म ईंधन को ‘ग्रीन’ बनाया जा रहा है, ताकि पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम किया जा सके। ये खबर भी पढ़ें… भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया: गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें भारत सरकार के E20 यानी 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के फैसले पर जहां देश में विवाद और विरोध चल रहा है, वहीं पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय ऑयल कंपनियों (OMCs) के E20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है। भूटानी मीडिया ‘द भूटानीज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान ने भारत से अनुरोध किया है कि जब तक भारतीय बाजार में नॉर्मल पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उन्हें बिना मिलावट वाला पुराना पेट्रोल ही सप्लाई किया जाए। पूरी खबर पढ़ें…

जयपुर में चाकू घोंपकर युवक की हत्या:दोस्तों के बीच राजीनामा कराने गया था, सीने और पेट में चाकू घोंपा

जयपुर में युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। युवक दोस्तों के बीच हुए झगड़े में राजीनामा करवाने गया था। कहासुनी के दौरान मारपीट होने पर हमलावर ने उसके सीनेऔर पेट में चाकू घोंप दिया। शनिवार सुबह खाली प्लॉट में लहूलुहान हालत में युवक का शव पड़ा मिला। घटना शिवदासपुरा थाना क्षेत्र के वृंदावन गार्डन के पास शुक्रवार रात की है। सुबह शव मिलने की सूचना पर पुलिस पहुंची और पोस्टमार्टम के लिए शव को महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। ACP चाकसू भवानी सिंह ने बताया- सुबह करीब 7 बजे वृंदावन गार्डन के पास खाली प्लॉट में खून से लथपथ हालत में शव पड़ा मिला। मृतक की पहचान टोंक निवासी सोनू यादव (25) के रूप में हुई है। दोस्तों में हुआ था झगड़ा SHO (शिवदासपुरा) राजेन्द्र मीणा ने बताया- सोनू यादव महेंद्रवास टोंक का रहने वाला था। वह जयपुर में ड्राइविंग का काम करता था। प्रताप नगर में किराए से अपने दोस्त भागचन्द्र चौधरी के साथ रहता था। करीब तीन-चार दिन पहले ही सोनू गांव से वापस आया था। भागचन्द्र चौधरी की उसके परिचित गोविन्द चौधरी से रंजिश चल रही थी। सोशल मीडिया के जरिए दोनों की एक-दूसरे से झगड़ा चल रहा था। शुक्रवार रात 12 बजे समझौते के लिए भागचन्द्र चौधरी व गोविन्द चौधरी 12-15 साथियों के साथ वृंदावन गार्डन के पास खाली प्लॉट पर पहुंचे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। इसी दौरान हमलावर ने सोनू के सीने-पेट में चाकू घोंप दिया। पुलिस ने मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोस्त ने कहा- रात में सड़कों पर तलाश करते रहे भागचन्द चौधरी ने पुलिस को बताया- बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। मारपीट के दौरान चाकू चलने पर सभी लोग वहां से भाग गए। भगदड़ के बीच सोनू के भी वहां से भाग निकलने की सोचकर मैं घर लौट आया। अंधेरा होने के कारण वहां सोनू के निढाल होकर गिरने का भी पता नहीं चला। काफी देर तक सोनू के घर नहीं आने पर उसे ढूंढने भी गए। रातभर सड़कों पर इधर-उधर ढूंढते रहे, लेकिन सोनू नहीं मिला।

जोधपुर में कवि शैलेश लोढ़ा की बेटी की शादी होगी:तीन दिन तक चलेंगे कार्यक्रम; कवि और बॉलीवुड सितारे भी आएंगे

कवि और अभिनेता शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी 6 जुलाई को जोधपुर में होगी। आज शाम से शादी की रस्में शुरू हो गई हैं। ‘संस्कृति स्वर’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी पहुंचे। वे पचपदरा से सीधे जोधपुर के होटल पहुंचे। यहां सीएम ने लोढ़ा परिवार से मुलाकात की और वर-वधू को आशीर्वाद दिया। स्वरा और शाश्वत ‘उम्मेद भवन पैलेस’ में ही सात फेरे लेंगे। शादी समारोह में शामिल होने के लिए मेहमानों का आना शुरू हो चुका है। सभी को ‘उम्मेद भवन पैलेस’ में ठहराया गया है, जहां उनका पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति के साथ भव्य स्वागत किया गया। स्वरा लोढ़ा लेखिका हैं शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं। अपनी निजी जिंदगी को काफी प्राइवेट रखती हैं। स्वरा अपनी मां की तरह ही एक लेखिका हैं। उन्होंने अपनी मां डॉ. स्वाति लोढ़ा के साथ मिलकर ’54 Reasons Why Parents Suck!’ नाम की किताब लिखी है। शादी समारोह में शामिल होंगे कई वीआईपी गेस्ट समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, योग गुरु स्वामी बाबा रामदेव, अभिनेता राकेश बेदी, कृष्णा अभिषेक, सेलो कंपनी के प्रदीप राठौड़, पीकेएमजी के चेयरमैन पंकज कर्णावट, श्री अधिकारी ब्रदर्स (SAB Group) के संस्थापक मार्कंड अधिकारी, सीनियर पत्रकार सुधीर चौधरी, ब्रजेश सिंह और प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा समेत कई बॉलीवुड हस्तियां, कवि और साहित्यकार हिस्सा लेंगे। अब जानिए उस होटल की खासियत, जहां होगी शादी

सुसाइड के प्रयास में गर्दन की नस-दबी, चीखने लगा युवक:अस्पताल में हिंसक हुआ; रस्सियों से बांधकर उदयपुर ले गए

बांसवाड़ा में सुसाइड करने फंदे पर लटक रहे युवक को परिजनों ने बचा लिया। उसके जैसे-तैसे अस्पताल ले गए। होश में आते ही युवक हिंसक हो गया, लोगों को पीटने पर उतारु हो गया और कूद-फांद करने लगा। उसकी ऐसी हालत देख डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, रस्सी से गर्दन की दिमागी नस दबी है ऐसे में युवक हिंसक हो गया और अजीब हरकतें कर रहा है। अस्पताल में अजीब हरकतें करने लगा बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ थाना इलाके में 25 साल के युवक ने अज्ञात कारणों से घर में ही फंदा लगाने की कोशिश की। घर वालों को इसका मालूम चला तो वे युवक को बचाने दौड़े और रस्सी से नीचे उतारा। इसके बाद MG अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिक उपचार दिया, जिससे युवक की जान तो बच गई, लेकिन, होश आते ही युवक अजीब हरकतें करने लगा। तस्वीरों में देखें मौके पर क्या हुआ… ऑक्सीजन की कमी एमजी हॉस्पिटल के डॉक्टर हरीश चरपोटा ने बताया- फांसी लगाने से गर्दन से ब्रेन में जाने वाली नसों में खून व ऑक्सीजन की कमी से यह होता है। इस मरीज में भी यही लक्षण थे। दिमाग तक होने वाली ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई। ​ हाथ-पैर बांधकर उदयपुर ले गए वह अजीबोगरीब और हिंसक हरकतें करने लगा। परिजनों ने उसे संभालने की काफी कोशिश की, लेकिन जब युवक पूरी तरह बेकाबू हो गया। जानकारी के अनुसार, इसके बाद परिजनों ने उसके हाथ और पैर बांध दिए। इसके बाद उसे उदयपुर ले गए।

कोटा के मंडाना व इटावा में बारिश:मानसून एंट्री के तीसरे दिन शहर में 10 मिनट रिमझिम बरसात, उमस बढ़ी, जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम

मानसून एंट्री के तीसरे दिन कोटा शहर, मंडाना व इटावा में बारिश हुई। दोपहर तक मंडाना में बादल छाए रहे। ढाई बजे करीब मौसम बदला। मंडाना सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनट बरसात हुई। जबकि इटावा में शाम करीब 4 बजे आधे घंटे तक रिमझिम बारिश हुई। शहर के कुछ इलाकों में रात साढ़े 8 बजे करीब रिमझिम बारिश हुई। करीब 10-15 मिनट बारिश का दौर चला। सड़के गीली हो गई। इस हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया लम्बे इंतजार के बाद बारिश होने से लोगों को राहत मिली। इससे पहले कोटा शहर में आज लगातार तीसरे भी आसमान में बादल व काली घटाएं छाए रहे। तापमान में 2 डिग्री बढ़ने से लोग गर्मी व उमस परेशान हैं और बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 35. 2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कोटा में मानसून ने 2 जुलाई को दस्तक दी थी, लेकिन दो दिनों तक बादल छाए रहने के बावजूद बरसे नहीं और दोनों दिन सूखे ही बीत गए। मौसम विभाग ने 5 जुलाई को कोटा सहित बूंदी व बारां में आंधी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि 6 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी किया है साथ ही तापमान में गिरावट की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, हाड़ौती संभाग में फिलहाल मानसून की सक्रियता थोड़ी कमजोर है, लेकिन अगले तीन-चार दिनों में यहां अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। कोटा के मौसम से जुड़ी PHOTOS… ———————————- ये खबर भी पढ़े कोटा में 7-साल बाद फिर 7-दिन लेट आया मानसून:पहले सप्ताह में तेज बारिश की संभावना; जून में 4 साल में सबसे कम बारिश कोटा में मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। आमतौर पर कोटा में मानसून 25 जून को प्रवेश करता है, लेकिन इस साल 7 दिन लेट हो गया है। 2019 में भी इसकी एंट्री 2 जुलाई को हुई थी और इस साल भी 2 जुलाई को ही आया है। वहीं, साल 2025 से तुलना करें तो मानसून इस साल मानसून 14 दिन देरी से आया है। खबर पढ़े

कटारिया बोले- 2045 तक उदयपुर की झीलें नहीं होंगी खाली:पंजाब के राज्यपाल ने देवास परियोजना का लिया जायजा; 2028 तक प्रोजेक्ट हो सकता है पूरा

उदयपुर में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने देवास-III और देवास-IV पेयजल प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद वर्ष 2045 तक उदयपुर की झीलों के खाली रहने की स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने बताया कि देवास प्रोजेक्ट का कार्य तेजी से चल रहा है और इसके वर्ष 2028 तक पूरा होने की संभावना है। 2029 से झीलों में इससे पानी आने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट को उदयपुर की जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की लागत 1700 करोड़ रूपए है। कटारिया ने शनिवार को अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट की अलग-अलग साइट को देखा। उन्होंने सबसे पहले गोगुंदा के उंडीथल पहुंचकर वहां चल रहे टनल के काम को देखा। फिर उन्होंने नाल गांव पहुंचकर वहां बन रहे डैम के काम को बारीकी से समझा। उदयपुर के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है देवास प्रोजेक्ट इस मौके पर कटारिया ने कहा कि देवास प्रोजेक्ट उदयपुर के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। इसके पूरा होने से शहर को लंबे समय तक पीने का साफ और पर्याप्त पानी मिल सकेगा। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली पिछोला, स्वरूप सागर और फतहसागर जैसी झीलों का जलस्तर हमेशा बना रहेगा। झीलों में पानी रहने से यहां का पर्यावरण सुधरेगा और पर्यटन व्यवसाय को नई मजबूती मिलेगी। राज्यपाल कटारिया ने काम में आई दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा कि यह काम शुरू तो हो गया, लेकिन फॉरेस्ट की क्लीयरेंस में फरवरी 2024 से लेकर जून 2026 तक बहुत कोशिशें करनी पड़ी। वो खुद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव से मिले, तब जाकर काम आगे बढ़ पाया। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद 2045 तक खाली नहीं रहेंगी झीलें कटारिया ने कहा कि देवास प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यह पानी जब उदयपुर को मिलेगा तो 2045 तक झीलें कभी खाली नहीं रहेंगी। आने वाले 20 सालों की पेयजल डिमांड के हिसाब से फिलहाल यह प्रोजेक्ट बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जब भी अप्रैल-मई के महीनों में झीलों में पानी की जरूरत होती है, तो डैम के पानी से झीलों को भर लेते हैं। यह सिस्टम अगर पूरे राजस्थान में कहीं है तो वह केवल और केवल उदयपुर में ही है। उदयपुर से लेकर चितौडगढ़ और आगे बीसलपुर तक यह पानी जाता है। ऐसे में यह पानी सिर्फ हमें ही नहीं, बल्कि आगे के सब लोगों को भी मिलेगा और उनकी पानी की किल्लत दूर होगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यह पूर्व सीएम मोहनलाल सुखाड़िया का अधूरा सपना था। 2028 तक पूरा हो सकता है प्रोजेक्ट का काम प्रोजेक्ट पूरा होने के समय को लेकर राज्यपाल ने कहा कि वैसे तो अधिकारी 2028 तक यह काम पूरा होने की बात कह रहे हैं, लेकिन यह मुख्य रूप से टनल का काम है, इसलिए थोड़ा टिपिकल है। डैम तो जल्दी खड़ा हो जाएगा, लेकिन टनल के काम में जमीन के अंदर कई प्रकार की बाधाएं आती हैं। चट्टान किस तरह की आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि फिलहाल टनल की रोजाना 7 मीटर खुदाई हो रही है। खुदाई करने वाली कंपनी का टारगेट है कि हर महीने करीब 700 मीटर तक खुदाई हो जाए। इस दौरान कटारिया के साथ शहर विधायक ताराचंद जैन, गोगुंदा विधायक प्रताप गमेती, बीजेपी के देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविन्द्र श्रीमाली, चन्द्रगुप्त सिंह चौहान, अतुल चंडालिया भी मौजूद थे। देवास प्रोजेक्ट के इस महत्वपूर्ण दौरे पर गोगुन्दा उपखण्ड अधिकारी जगदीश सिंह, तहसीलदार प्रवीण सैनी, सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता विरेन्द्र सागर, अधीक्षण अभियंता मनोज जैन, अधीक्षण अभियंता क्वालिटी कंट्रोल राजकुमार, अधिशाषी अभियंता बाबूलाल, कनिष्ठ अभियंता भव्या ने पूरे प्रोजेक्ट को विस्तार से बताया।
2029 तक पूरा होगा 1690 करोड़ का यह प्रोजेक्ट देवास थर्ड एवं फोर्थ की अनुमानित लागत 1690.55 करोड़ है। यह प्रोजेक्ट 2029 तक पूरा किया जाना है। इससे 1000 MCFT(Million Cubic Feet) वार्षिक जल अपवर्तन उदयपुर शहर की झीलों में किया जा सकेगा। परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग(PHED) से जारी हो चुकी है। बांध निर्माण का 396.93 करोड़ रुपए का काम भोपाल और टनल निर्माण कार्य का 432.74 करोड़ रुपए का काम हैदराबाद की कंपनी को दिया गया है। उदयपुर की पेयजल आपूर्ति मांग पर देवास प्रोजेक्ट का काम हुआ था शुरू उदयपुर की तत्कालीन पेयजल आपूर्ति मांग सुनिश्चित करने 1973-74 में देवास- प्रथम (गोराणा बांध) का निर्माण किया गया, जिसकी सकल क्षमता 120 MCFT है। 2011 में उदयपुर शहर की पेयजल मांग अनुसार देवास सेकेंड प्रोजेक्ट बनाया गया। इसके अंतर्गत ही कुल क्षमता 85 MCFT क्षमता वाला मादड़ी बांध बनाया गया। इससे निकलने वाली 1.21 किलोमीटर की सुरंग को आकोदड़ा की मुख्य सुरंग से जोड़ा गया। देवास सेकेंड के अंतर्गत 302 MCFT क्षमता का आकोदड़ा बांध का निर्माण किया गया। इससे 11.05 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कर बांध से उदयपुर शहर की पिछोला झील में 550 MCFT वार्षिक जल अपवर्तन की योजना बनाई गई। यह परियोजना 2015 में पूरी हो गई। वीडियो – ताराचंद गवारिया।