भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा की पत्नी ने आगरा में उनकी हत्या की फिर लाश घर के बाथरूम में ही दफना दी। किसी को इस बात का पता न चले, इसके लिए बाथरूम में लाश के ऊपर को मिट्टी में दबाकर ऊपर प्लास्टर और टाइल्स लगवा दीं। इसके बाद महिला करीब 45 दिन तक लोगों से कहती रही कि पति लापता है। शुक्रवार 12 बजे जब पुलिस वेरिफिकेशन करने पहुंची, तो महिला घबरा गई और पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी महिला का नाम रूबी है। उसने बताया ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद लाश पर मिट्टी डालकर प्लास्टर करवा दिया था। फिर लेबर बुलाई और फिर टाइल्स भी लगवा दी थी। पुलिस ने बाथरूम का फर्श तोड़कर मृतक सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया। घटना का खुलासा होने के बाद बड़ी संख्या में आस-पास के लोग जमा हो गए। यह घटना आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र की प्राक्षी टावर चौकी इलाके की दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी की है। पहले देखें घटनास्थल की तस्वीरें… भरतपुर के रहने वाले थे सुरेंद्र, 2010 में हुई थी शादी मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। उनकी शादी साल 2010 में इटावा की रहने वाली रूबी से हुई थी। दोनों की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी रिद्धी (13) और छोटी बेटी सिद्धी (9) है। घर में सुरेंद्र, पत्नी रूबी, मां कमला और दोनों बेटियां रहती थीं। सुरेंद्र के पिता राधेश्याम शर्मा टीचर थे, जिनकी पहले ही मौत हो चुकी है। अब जानें पूरा मामला… शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस एक पुराने मामले में पूछताछ के लिए सुरेंद्र कुमार शर्मा के घर पहुंची। पूछताछ के दौरान पत्नी रूबी का व्यवहार संदिग्ध लगा। इसी बीच सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि 18 मई की सुबह करीब 9-10 बजे रूबी का उनके पास फोन आया था। उसने कहा कि घर पर पुलिस का कोई मामला हो गया है, इसलिए मां और दोनों बच्चियों को यहां से ले जाओ। अनिल ने जब रूबी से पूरी बात पूछनी चाही तो उसने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया। उसने सिर्फ इतना कहा कि घर मत आना, मैंने मां और दोनों बच्चियों को पास की एक दुकान पर बैठा दिया है, वहीं से उन्हें अपने साथ ले जाना। अनिल मां और दोनों बच्चियों को लेकर अवधपुरी स्थित अपने घर पहुंचने ही वाले थे कि तभी रूबी का फिर फोन आया। उसने बताया कि सुरेंद्र जबरदस्ती घर का ताला खुलवाकर 5 हजार रुपए लेकर और झगड़ा करके कहीं चले गए हैं। जाते समय उन्होंने कहा था कि 2-3 दिन बाद फोन करके बताएंगे कि वे कहां हैं। इसके अगले दिन यानी 19 मई की शाम को रूबी ने फिर अपने जेठ अनिल शर्मा को फोन किया। उसने कहा कि यहां उसका मन नहीं लग रहा है, इसलिए उसे भी बच्चों के पास ले जाया जाए। उसी रात अनिल उसे भी अपने घर ले आए। इसके बाद रूबी अपने दोनों बच्चों के साथ करीब 7-8 दिन तक वहीं रही। इस दौरान सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला। अनिल शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य लगातार रूबी से सुरेंद्र के बारे में पूछते रहे, लेकिन वह हर बार उन्हें अलग-अलग बातें कहकर गुमराह करती रही। जब काफी तलाश के बाद भी सुरेंद्र का कोई सुराग नहीं मिला, तो 26 मई को अनिल शर्मा ने अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बैंक स्टेटमेंट देखने के बाद बढ़ा शक अनिल शर्मा ने बताया कि 27 जून को शक होने पर वह अपनी मां को सुरेंद्र के घर से अपने साथ ले आए। इसके बाद उन्हें भरतपुर ले जाकर बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। मां के खाते में आने वाली पेंशन का पैसा रूबी ही खर्च करती थी। अनिल के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे रूबी ने उन्हें फोन कर घर बुलाया। वह रेणुका धाम कॉलोनी स्थित घर पहुंचे और सुरेंद्र के बारे में पूछा। पहले तो रूबी टालमटोल करती रही, लेकिन जब अनिल ने समझाते हुए कहा, “रोने से कुछ नहीं होगा। अगर कोई बात है तो मुझे सच बता दो। अगर तुम किसी परेशानी में हो, तो मैं तुम्हारी मदद करूंगा और तुम्हारे ऊपर आंच नहीं आने दूंगा।” यह सुनकर रूबी भावुक हो गई और उसने अपने जेठ पर भरोसा करते हुए पूरा सच बता दिया। रूबी ने कहा कि सुरेंद्र ने फांसी लगा ली थी। वह घबरा गई थी, इसलिए उसने शव को घर के बाथरूम की फर्श के नीचे दबा दिया। अनिल शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी रूबी लगातार परिवार और पुलिस को गुमराह करती रही थी। वह पुलिस के साथ सीसीटीवी फुटेज भी देखती थी और कई बार उन्हें याद कर रोने लगती थी, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। रूबी का कबूलनामा सुनने के बाद अनिल शर्मा ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान बाथरूम की फर्श पर शक होने पर खुदाई कराई गई, जहां से सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद हुआ। इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। रूबी ने बताया कैसे छिपाया शव पूछताछ में रूबी ने बताया कि हत्या के बाद उसने शव पर मिट्टी डालकर प्लास्टर करा दिया था। इसके लिए करीब डेढ़ महीने पहले ही मिस्त्री और लेबर बुलाए थे। इसके बाद बाथरूम में टाइल्स भी लगवा दी थीं, ताकि किसी को घटना की जानकारी न हो सके। शुरुआती जांच में सामने आई यह बात पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाकर उसके ऊपर मिट्टी डाली गई। इसके बाद प्लास्टर कराया गया और फिर टाइल्स लगवा दी गईं, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पत्नी रूबी से हत्या के कारण और पूरी घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी चेक हुए, फिर भी नहीं मिला सुराग अनिल शर्मा ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने रूबी को साथ लेकर सीसीटीवी फुटेज चेक किए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कई बार रूबी से सुरेंद्र के बारे में पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। करीब 7 दिन पहले वह सुरेंद्र के परिवार और मां को फिर उसके घर छोड़ आए थे। डीसीपी ने क्या कहा डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि महिला ने अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में गाड़ दिया था। फिलहाल महिला से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।