जोधपुर की बावड़ियों के लिए टूरिस्ट ने छोड़ा अपना देश:पैर टूटने पर भी नहीं थमे, 10 बावड़ी साफ कर चुके; बोले-अब यहीं मरना चाहता हूं

जोधपुर शहर अपनी ‘अपणायत’ (अपनत्व) और लाजवाब खान-पान के लिए दुनिया भर में खास पहचान रखता है। यहां की ऐतिहासिक बावड़ियां सदियों से इस शहर की खूबसूरती को अपने भीतर समेटे हुए हैं। साल 2017 में आयरलैंड से सिरेमिक आर्टिस्ट केरोन जोधपुर घूमने आए थे। जब उन्होंने यहां की ऐतिहासिक बावड़ियां देखी तो उन्होंने उसी पल ठान लिया कि वे अब इस शहर को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। 77 साल के हो चुके केरोन अब तक जोधपुर की 10 बावड़ियों की सूरत बदल चुके हैं। इस उम्र में भी उनका जज्बा कम नहीं हुआ है। वे आज भी रोज सुबह 8 बजे बावड़ियों की देखभाल और सफाई के लिए निकल पड़ते हैं। इस सफर की शुरुआत में उनके सामने कई मुश्किलें आईं। इस बीच एक हादसे में उनका पैर भी टूट गया, जिसके कारण उन्हें तीन महीने तक बिस्तर पर आराम करना पड़ा। इसके बाद भी उन्होंने जोधपुर और यहां की बावड़ियों को नहीं छोड़ा। समय के साथ केरोन की इस मुहिम से कई लोग जुड़े, लेकिन इनमें एक खास शख्स हैं- शंभु। शंभु, केरोन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। शंभु ने अपना घर तक छोड़ दिया। पढ़िए ​केरोन कैसे जोधपुर शहर की बावड़ियों को संवारने में लगे हैं… बावड़ियां देख प्रभावित हुए, हालत ने मायूस कर दिया केरोन ने बताया कि मैं आयरलैंड में सिरेमिक आर्टिस्ट था। मेरे पिता आर्किटेक्ट रहे हैं, ऐसे में मुझे बिल्डिंग और उनके स्ट्रक्चर से काफी लगाव है। मैं साल 2017 में राजस्थान आया और इसके बाद जोधपुर। यहां जब शहर की बावड़ियों को देखा तो काफी प्रभावित हुआ। लेकिन इन बावड़ियों की हालत देख मुझे काफी दुख हुआ। पता चला कि इनके लिए कोई गाइडलाइन नहीं है। इसके बाद मैंने इन बावड़ियों को सुधारने का जिम्मा उठाया। क्लीन बावड़ी मूवमेंट शुरू किया। अकेले 10 दिन तक सफाई करते रहे केरोन ने बताया- जोधपुर की बावड़ियों की हालत देख मैंने ठान लिया था कि अब मैं यहीं रुकूंगा। मैंने महिला बाग झालरा से सफाई की शुरुआत की। शुरुआत के 10 दिन मैं अकेले सफाई करता रहा। इसके बाद शंभु समेत बाकी लोग भी मेरे साथ जुड़े। एक महीने तक इस बावड़ी को साफ करने का काम किया। मैं अब तक नवलखा बावड़ी, नाथों की बावड़ी, गोल नाड़ी, गोरूंदा, तापी बावड़ी, गुलाब सागर, क्रिया झालरा बावड़ी, सत्यनारायण बावड़ी और फतेह सागर बावड़ी की सफाई कर चुका हूं। नवलखा बावड़ी को साफ करने में डेढ़ महीना और नाथों की बावड़ी में एक महीने का समय लगा। आज भी तापी बावड़ी की सफाई के लिए जुटा रहता हूं। इन बावड़ियों की सफाई के लिए अपनी सेविंग तक लगा चुका हूं। पैर टूटा, फिर भी अपने देश नहीं लौटे आयरिश नागरिक केरोन ने बताया- मैं एक दिन काम कर रहा था। इसी दौरान नीचे गिर गया था। मेरा पैर टूट गया। पैर में रॉड डाली गई। हादसे के बाद स्थानीय जनप्रति​निधियों ने मुझे घर (आयरलैंड) लौटने को कहा और सहायता की भी बात कही। मैंने मना कर दिया। मैं अब जोधपुर में ही रहना चाहता हूं। तीन महीने आराम करने के बाद दोबारा काम पर लौटा और जोधपुर की बावड़ियों को सुधारने में लग गया। केरोन ने बताया- अब जब लोगों को पता चला कि हमारी बावड़ियां कितनी अच्छी हैं तो कई लोग हमारे साथ इस मुहिम में जुड़े हैं। खास तौर पर मेहरानगढ़ और मेहरानगढ़ फोर्ट ट्रस्ट मदद के लिए आगे आया और मेरे काम को सराहा। मैं अंतिम सांस यहीं लेना चाहता हूं केरोन ने बताया- मेरी एक बेटी डॉक्टर और बेटा ड्राइवर है। जब उनसे पूछा गया कि क्या दोबारा अपने परिवार के पास लौटना चाहते हैं तो उन्होंने कहा- मैंने अपनी जिंदगी यहां की बावड़ियों को दे दी। परिवार के लोग से वीडियो कॉल हो जाती है। आखिरी बार बेटी से 4 महीने पहले बात हुई थी। उन्होंने बताया- शायद मेरे इस काम की वजह से परिवार मुझे पसंद नहीं करता। मैं अपनी अंतिम सांस भी यहीं लेना चाहता हूं। इस काम में शंभु ने मेरा काफी साथ दिया। बावड़ियों के पानी को पीने लायक बनाना है केरोन ने बताया- अब मैं स्टेप वेल स्पोर्ट एंड हाइजीन प्रोग्राम चला रहा हूं। इस मु​हिम में मेहरानगढ़ और मेहरानगढ़ फोर्ट ट्रस्ट भी काफी मदद कर रहा है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य है कि वे इसे बिल्कुल साफ रखें और इसके पानी को पीने लायक बनाएं। इतना ही नहीं, यहां एक चौकीदार और क्लीनर रखेंगे, जो इसकी देखभाल और साफ-सफाई करेंगे। मैं जोधपुर शहर को कुछ लौटाना चाहता हूं, इसलिए अब मुझे ये शहर पसंद आने लगा है। मैं गोल नाड़ी के पास एक पेइंग गेस्ट हाउस में रहता हूं। यहां के गौरीशंकर मेहरा ने मुझे परिवार की तरह गोद लिया है। केरोन के लिए छोड़ दिया घर शंभु ने बताया- केरोन के लिए मैंने अपना घर छोड़ दिया। गुलाब सागर की पाल पर ही एक झोपड़ी बना ली। केरोन और शंभु का याराना ऐसा हो गया ​है कि गुलाब सागर पर अगर आप केरोन के बारे में पूछेंगे तो एक ही जवाब मिलेगा- शंभु को पता है, वो कहां मिलेंगे और कब अपने काम पर निकलेंगे।

बच्चों की कहासुनी में खूनी संघर्ष, 1 युवक की मौत:हमले में लाठी से फोड़ डाला सिर, वीडियो आया सामने

धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र के विपरपुर गांव में बच्चों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद में 21 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार दो परिवारों के बच्चे खेल रहे थे, जिनके बीच किसी बात पर कहासुनी हुई। यह मामूली विवाद जल्द ही बच्चों से बढ़कर उनके परिजनों तक पहुंच गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इन फोटोज के जरिए समझिए पूरा घटनाक्रम… दोनों में पक्षों में जमकर हुई मारपीट
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। संघर्ष के दौरान लाठी-भाटा और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। जिसमें एक पक्ष का गुलफाम (21) पुत्र कल्ला गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन गुलफाम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान गुलफाम ने दम तोड़ दिया। 3 महीने पहले जेल से बाहर आया था
निहालगंज थाना क्षेत्र में हुई चोरियों के मामले में पुलिस ने करीब 5 महीने पहले गुलफाम को गिरफ्तार किया था। जो करीब 3 महीने पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल किया तैनात
घटना की सूचना मिलते ही मनियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चों की कहासुनी के बाद परिजनों के हस्तक्षेप से विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और निगरानी रखी जा रही है।

कौशांबी में LPG टैंकर का टोल से टकराने का VIDEO:टैंकर फटते ही गैस फैली, जनरेटर की चिंगारी से भड़की आग, अब तक 5 की मौत

कौशांबी में एलपीजी टैंकर के टोल प्लाजा से टकराने का वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि टोल प्लाजा से टकराने के बाद टैंकर फट गया। गैस लीक होने लगी। चंद सेकंड में 30-40 फीट तक गैस फैल गई। टोल प्लाजा पर ही जेनरेटर चल रहा था। गैस जेनरेटर तक पहुंची और तेज धमाका हुआ। चारों तरफ आग ही आग फैल गई। 25-30 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। हादसा 26 जून को कोखराज थाने के सिरोही टोल प्लाजा में सुबह 6.38 पर हुआ था। टैंकर ड्राइवर समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। ड्राइवर की जिंदा जलकर टैंकर के अंदर ही मौत हो गई थी। जबकि, बाकी 3 टोलकर्मी और राहगीर की इलाज के दौरान मौत हुई। एक घायल का प्रयागराज में इलाज चल रहा है। गुरुवार रात 10 बजे इसका सीसीटीवी सामने आया है। हादसे की 4 तस्वीरें… वीडियो में दिख रहा है गैस के साथ धधकी आग हादसे के बाद टोल प्लाजा पर लगे सारे CCTV और सिस्टम बर्बाद हो गए थे। बाद में एक्सपर्ट्स ने सर्वर से CCTV फुटेज रिकवर किए। CCTV में दिख रहा है कि दो एलपीजी टैंकर एक साथ दो अलग-अलग लेन पर आते हैं। नंबर-1 लेन वाला एलपीजी टैंकर अचानक टोल बैरियर की दीवार से टकराता है। टकराते ही टैंकर फट जाता है और तेज आवाज के साथ गैस लीक होने लगती है। कुछ ही मिनटों में धुएं जैसी गैस पूरे टोल प्लाजा परिसर में फैल जाती है। गैस लीकेज के दौरान दो गाड़ियां दूसरी लेन से तेजी से निकलती हैं। बाकी गाड़ियां खतरे को देखते हुए 100 मीटर पहले ही खड़ी हो जाती हैं। दूसरी लेन वाला टैंकर टोल गेट पार कर निकल जाता है। तीन मिनट 31 सेकेंड बाद अचानक गैस टोल प्लाजा की बिल्डिंग में चल रहे जेनरेटर तक पहुंच जाती है और साइलेंसर की चिंगारी से आग लग जाती है। गैस लीकेज के दौरान टोल कर्मी भी टोल प्लाजा छोड़कर भागते नजर आते हैं। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे टोल प्लाजा को अपनी चपेट में ले लिया। थोड़ी देर में प्लाजा जलकर राख हो गया। यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और दो कारें भी आग की चपेट में आकर जल गईं। टैंकर में चालक की हड्डियां मिली थीं हादसे के बाद सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब टीम ने टैंकर की जांच की तो चालक धर्मेंद्र दुबे (40) की हड्डियां मिलीं। टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था। हादसे में टोल कर्मचारी आलोक सिंह की मौत हो गई थी। टोल कर्मचारी अनिल कुमार, निवासी हंडिया ने 1 जुलाई को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। 2 जुलाई को दो अन्य घायलों की भी मौत हो गई। इनमें रायबरेली के राजापुर निवासी हीरामणि सिंह (29) और मध्य प्रदेश के सीधी में कठैली गांव निवासी कृष्णपाल मौर्य (23) शामिल हैं। टॉयलेट में बैठे सुपरवाइजर बुरी तरह झुलस गए थे टोल कर्मचारी संजय निर्मल ने बताया था- हादसे से 10 मिनट हल्की-फुल्की बारिश हुई थी। पता नहीं अचानक क्या हुआ कि पूरी गाड़ी एकदम धड़ाम से गिर गई थी। गैस लीक से भड़की आग प्लाजा सटे यार्ड और टॉयलेट तक फैल गई। टॉयलेट में बैठे सुपरवाइजर आलोक पांडे बुरी तरह झुलस गए। उनका सड़क पर भागते हुए वीडियो भी सामने आया था। ————————- ये खबर भी पढ़िए- LPG टैंकर टोल से टकराया, धमाके के बाद आग लगी:कौशांबी में ड्राइवर जिंदा जला, सिर्फ हडि्डयां बचीं; 16 बाइकें और 2 कारें जलकर राख यूपी के कौशांबी में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे एक LPG टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के बाद तेज धमाका हुआ और टैंकर में आग लग गई। हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसका शव पूरी तरह जल गया और कंकाल का कुछ हिस्सा ही बरामद हो सका। पूरी खबर पढ़िए

हिमाचल में प्रेमी जोड़े की अश्लील हरकतों का VIDEO:झील किनारे बैठ रोमांस करते दिखे, आपत्तिजनक हरकतें की, पुलिस पहचान में जुटी

हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक कपल का अश्लील हरकतें करते वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो मंडी के सुंदरनगर का बताया जा रहा है। इसमें युवक और युवती झील किनारे बैठकर सबके सामने रोमांस करते देखे जा रहे हैं। किसी ने दूर से इनका वीडियो बना लिया और फिर सोशल मीडिया में पोस्ट कर दिया। पब्लिक प्लेस पर इस तरह की हरकतों को लेकर यूजर नाराजगी जता रहे हैं, क्योंकि यहां पर रोजाना बड़ी संख्या में लोकल और टूरिस्ट मनमोहक झील को देखने पहुंचते हैं। डीएसपी सुंदरनगर में वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए इसके सत्यापन और कपल के खिलाफ एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। मगर अब तक वीडियो में नजर आ रहे युवक-युवती की पहचान नहीं हो सकी। 48 सेकेंड का यह वीडियो दो दिन से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो सही निकला तो कार्रवाई करेंगे: DSP डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया कि जिस क्षेत्र का वीडियो बताया जा रहा है, वहां सीआईएसएफ की नियमित गश्त रहती है। उन्होंने बताया कि पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच रही है। यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। भारत भूषण ने लोगों से भी अपील की कि वे बिना पुष्टि के किसी भी वायरल वीडियो को आगे साझा न करें, क्योंकि इससे भ्रामक जानकारी फैल सकती है और संबंधित व्यक्तियों की निजता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई तथ्यात्मक जानकारी या साक्ष्य हैं तो वे पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि तथ्यों के आधार पर जांच पूरी की जा सके। पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग स्थानीय लोग पुलिस गश्त बढ़ाने और इस तरह की हरकतों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि सुंदरनगर में पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके है। चार महीने पहले भी झील किनारे बाइक के पीछे बैठे कपल की अश्लील हरकतों का वीडियो सामने आया था। यह वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। शिमला के रिज पर भी ऐसा ही VIDEO वायरल ऐसा ही एक अश्लील वीडियो 7 अप्रैल 2026 को शिमला के रिज से भी वायरल हुआ था, जिसमे बेंच पर बैठे लड़का और लड़की सरेआम किस करते दिखे। रिज, हिमाचल का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां हर समय स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आए पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। शिमला आने वाले टूरिस्ट रिज और मॉल रोड आना नहीं भूलते। रिज व मॉल रोड पर ज्यादातर टूरिस्ट अपने परिवार और बच्चे के साथ पहुंचते हैं।

उदयपुर में रात को तेज बारिश, सड़कें लबालब:सुबह मानसून आया और बरसा रात को, एक घंटे तक झमाझम, शादियों में खलल

उदयपुर शहर में आज रात को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। करीब एक घंटे तक चली बारिश से शहर की सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वैसे मानसून उदयपुर में आज सुबह एंट्र कर चुका था लेकिन मानसून की तेज बारिश रात में हुई। रात साढ़े आठ बजे से बारिश की शुरूआत हुई और 9 बजे से झमाझम हुई। शहर में आज बड़ी संख्या में शादियां थी और उसमें बारिश से बड़ा खलल पड़ा। इधर, आज मानसून की एंट्री होने पर लोगों में खुशी थी लेकिन दिन भर उमस ने परेशान किया पर मानसून की बारिश नहीं हुई। रात करीब 9 बजे शुरू हुई बारिश ने अहसास करा दिया कि मानसून आ गया है। रात को शहर के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई।

शहर के शोभागपुरा से न्यू आरटीओ जाने वाली रोड पर पूरी सड़क पर पानी ही पानी भर गया। यहीं स्थिति शहर के कई स्थानों पर देखने को मिली जहां जल भराव की समस्या है। शहर में आज कई शादियों के आयोजन थे और रिस्पेशन समारोह में बारिश ने खलल डाली और सारी तैयारियां चौपट हो गई। रात करीब 9 बजे इस कदर बारिश हुई कि शादियों में गाड़ी पार्क कर गार्डन के अंदर लोग नहीं जा सके और छाते भी तेज बारिश के आगे नहीं चले। बारिश रुकने के बाद लोग धीरे-धीरे शादी वाली जगह पहुंचे। शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई है जिले के ऋषभदेव कस्बे में तेज बारिश का दौर रात दस बजे तक चला। 8 की देरी के बाद हुई मानसून की एंट्री इससे पहले आज सुबह उदयपुर में आज मानसून की एंट्री हुई। आमतौर पर उदयपुर में मानसून 18 से 25 जून के आस-पास प्रवेश करता है, लेकिन इस साल करीब 8 देरी से आया है। 2025 में मानसून की एंट्री 18 जून को हुई थी। इस साल आज 3 जुलाई को आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। उदयपुर में मानसून विदाई का समय 15 सितंबर के बाद निर्धारित है। पूर्वी राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश किया उदयपुर के मौसम एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी का मानसून हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश आज रात को किया। उन्होंने बताया कि दक्षिणी पश्चिमी मानसून की अरब सागरीय शाखा की गति कम हो गई। एक दिन पहले उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा-डूंगरपुर होकर मानसून उदयपुर आना था लेकिन इधर, आज रात में बंगाल की खाड़ी का मानसून उदयपुर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि उदयपुर में बंगाल की खाड़ी के मानसून से अच्छी बारिश होगी और लगातार वर्षा और सभी क्षेत्र मे वर्षा होगी, करीब दो दिन तक तेज बारिश चलेगी। इधर, उदयपुर शहर के तीतरड़ी सहित कई इलाकों में सुबह रिमझिम बारिश शुरू हुई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से बादलों ने जगह बना रखी और तेज ठंडी हवाएं चल रही है। शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी तेज हवाओं के साथ चल रही है।
जानिए मानसून का रास्ता राजस्थान में मानसून दो तरफ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की शाखा से प्रवेश करता है। बंगाल की खाड़ी से आने पर हवाएं ओडिशा और बिहार, यूपी, एमपी को पार प्रदेश के के पूर्वी जिले कोटा, बारां, झालावाड़ से मानसून की एंट्री होती है। इस बार बंगाल की खाड़ी वाली मानसूनी शाखा से उदयपुर में मानसून ने प्रवेश किया। वहीं अरब सागर से आने वाला मानसून गुजरात के रास्ते उदयपुर आता है और इसी की संभावना थी। एक दिन पहले बांसवाड़ा आने के बाद इसकी स्पीड धीमी हो गई और इधर, बंगाल की खाड़ी से मानसून रात को उदयपुर पहुंच गया। एक दिन पहले गोगुंदा और ऋषभदेव में अच्छी बारिश उदयपुर के जल संसाधन विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान उदयपुर जिले में सर्वाधिक गोगुंदा में ढाई इंच और ऋषभदेव में 1 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा मावली के बागोलिया में 16, ओगणा में 12, बावलवाड़ा में 11 मिलीमीटर बारिश हुई। 2025 में ऐसी रही बारिश की स्थिति… इस बार मानसून की लेट एंट्री उदयपुर में एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि कुछ सालों में मानसून एंट्री 25 जून के करीब ही हुई है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उनका मानना है कि मानसून करीब एक सप्ताह लेट उदयपुर में आया है। उदयपुर जिले में मानसून की एंट्री की बात करें तो अमूमन 20 से 25 जून के बीच मानूसन आ जाता है। जुलाई के पहला सप्ताह अच्छी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में तेज बारिश की संभावना जताई है। जून 2025 में उदयपुर शहर में करीब 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह शहर के जून के सामान्य औसत (81.3 मिमी) के लगभग बराबर रही तो जुलाई 2025 में करीब 287.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। उदयपुर के प्रमुख बांधों और झीलों का जलस्तर (मीटर में)

इनपुट सहयोग : शैलेंद्र जैन, ऋषभदेव

स्कॉलरशिप में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, 20 कॉलेज-इंस्टीट्यूट बैन:स्टूडेंट्स के नाम पर फर्जी डॉक्यूमेंट भेजे, कई संस्थान शुरू भी नहीं हुए

राज्य सरकार ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में करोड़ों की हेराफेरी और घोटाले में शामिल देशभर के 20 कॉलेज और इंस्टीट्यूट को बैन कर दिया। इनमें राजस्थान के 16 और दूसरे राज्यों के चार कॉलेज शामिल हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने गड़बड़ी में शामिल संस्थाओं के भेजे गए स्कॉलरशिप के आवेदनों को खारिज कर दिया है। इनमें कई कॉलेजों ने पोर्टल पर स्टूडेंट्स के नाम पर फर्जी डॉक्यूमेंट अपलोड किए। वहीं कई कॉलेज ऐसे भी हैं, जो चालू नहीं थे। स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदनों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभाग ने 6 इंस्टीट्यूट पर परमानेंट और 14 पर 3 से 5 साल तक का प्रतिबंध लगाया है। इनमें दो मेडिकल कॉलेज भी हैं। विभाग ने नेल्लोर (आंध्र प्रदेश) के नारायणा मेडिकल कॉलेज और जबलपुर (मध्य प्रदेश) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज पर 5 साल तक के लिए बैन लगाया है। फर्जीवाड़े में शामिल इंस्टीट्यूट पर अब FIR भी दर्ज करवाई जाएगी। अब स्कॉलरशिप के लिए नहीं कर पाएंगे आवेदन सरकार की कार्रवाई के बाद अब ये संस्थान स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। इनके लॉग-इन आईडी बैन कर दिए गए हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने जांच में दोषी पाई गई संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। जानें संस्थाओं ने कैसे की गड़बड़ी संस्थाओं ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए फर्जी दस्तावेज अपलोड कर भेजे जो स्टूडेंट पात्र नहीं थे, उनके नाम से भी स्कॉलरशिप उठाई, दोबारा भी आवेदन कई मामलों में ऐसे स्टूडेंट के पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के आवेदन भेजे गए, जो पात्र नहीं थे। कई आवेदन ऐसे भी थे, जो पहले उसी कोर्स में स्कॉलरशिप ले चुके थे। जो कोर्स स्कॉलरशिप के लिए पात्र नहीं था, उसके भी आवेदन मंजूर करके भेजे गए। कॉलेज-संस्था चल नहीं रही, स्कॉलरशिप के आवेदन भेजे कई कॉलेज, संस्थान पूरी तरह चालू भी नहीं हुए थे, लेकिन उनके यहां से भी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के आवेदन विभाग के पोर्टल से भेजे गए। चंदेल प्राइवेट ITI, गुरुकृपा महाविद्यालय पूरी तरह से शुरू नहीं हुए थे, लेकिन इन्होंने भी आवेदन भेजे। विभाग की जांच में फर्जीवाड़ा साबित, करोड़ों की स्कॉलरशिप हड़पी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में फर्जीवाड़ा करने वाली संस्थाओं के खिलाफ जांच में भारी गड़बड़ियां पाई गई थीं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने गड़बड़ी वाली संस्थाओं को नोटिस देकर पक्ष रखने के लिए तलब किया। कई संस्थाओं के प्रतिनिधि पक्ष रखने के लिए विभाग के सामने नहीं पहुंचे। वहीं जिन संस्थानों के प्रतिनिधि विभाग के पास पहुंचे, उनका जवाब संतोषजनक नहीं माना गया। जांच समितियों की रिपोर्ट, जिला अधिकारी की रिपोर्ट और पोर्टल के डेटा विश्लेषण के आधार पर विभाग ने माना कि इन संस्थानों ने मिलीभगत और षड्यंत्र के तहत सरकार को गुमराह करने का प्रयास किया है। इसके बाद 20 संस्थाओं पर बैन लगाने का फैसला किया गया। दो बार जांच करवाई, दोनों बार गड़बड़ी साबित पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में फर्जीवाड़े की दो बार जांच करवाई गई। दोनों बार फर्जीवाड़ा साबित हुआ। मामले की जांच के लिए विभाग ने पहली बार 24 अप्रैल 2025 को समिति बनाई, जिसने अपनी रिपोर्ट 19 मई 2025 को साैंप दी। वहीं मामले की गहराई से जांच के लिए 30 मई 2025 को दूसरी जांच कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने 13 जून 2025 को रिपोर्ट सौंपी थी। दोनों जांच कमेटियों की रिपोर्ट में भारी गड़बड़ियों की पुष्टि हुई।

2 महीने पहले लव मैरिज, अब नाबालिग देवर लेकर फरार:लुधियाना में इंस्टा पर किस वाली इमोजी लगा रील डाली; पिता बोला- बंधक बनाया

लुधियाना में युवती ने 2 माह पहले लव मैरिज की और अब अपने नाबालिग देवर को लेकर फरार हो गई। भाभी और उसकी सहेली नाबालिग देवर को लेकर घर से निकली, जिसका अब सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। भाभी देवर को लेकर लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें नाबालिग देवर सीढ़ियों पर बैठा दिख रहा है। उसके चेहरे पर किस वाली इमोजी बनी हैं। इसी दौरान देवर ने अपने चाचा को एक मैसेज भेजा कि भाभी का मुझे कुछ पता नहीं, मुझे कुछ लोगों ने पकड़ा है। इसके बाद भाभी ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। उसके बाद परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पाया। नाबालिग के पिता सुरेश कुमार की शिकायत के बाद पुलिस ने भाभी मुस्कान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने बहू की सहेली के खिलाफ भी पुलिस को शिकायत दी और सीसीटीवी फुटेज दी। पुलिस ने सहेली से पूछताछ करके फिलहाल उसे छोड़ दिया है और नाबालिग व भाभी को ढूंढने में जुट गई है। नाबालिग देवर को भगाने की कहानी सिलसिलेवार पढ़िए… पिता का आरोप- बेटे को बंधक बनाकर रखा है
पीड़ित पिता सुरेश सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्हें पूरा यकीन है कि उनकी बहू मुस्कान ने नाबालिग बेटे को उसकी पहचान और मौजूदगी छिपाकर, किसी गलत इरादे से कहीं अवैध हिरासत में रखा हुआ है। वह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई है। परेशान पिता ने पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए और बहू मुस्कान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
मेहरबान थाने के जांच अधिकारी अवतार सिंह का कहना है कि पिता के बयानों के आधार पर आरोपी महिला मुस्कान के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। लड़का नाबालिग है, इसलिए पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं।

जोधपुर में अगले दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट:सुबह से छाए बादल; सट्टा मार्केट में इस बार मानसून पर दांव; जानें-कैसा रहेगा मौसम

पश्चिमी राजस्थान में इस बार मानसून देरी से आ रहा है। इस हिस्से के कई जिलों में इस बार प्री-मानूसन की बारिश भी नहीं हुई। गुरुवार को प्रदेश के 12 जिलों से मानसून की राजस्थान में एंट्री हुई। इधर, मौसम विभाग ने अगले दो दिन यानी शुक्रवार और शनिवार को आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं इस बार मानूसन को लेकर फलोदी सट्टा मार्केट में भी मानसून पर बड़ा दांव लगा है। जब गुरुवार शाम 4 बजे फलोदी का सट्टा मार्केट खुला तो सबसे बड़ा दांव लगा मानसून पर। फलोदी सट्टा मार्केट में बारिश के लिए इस सीजन का सबसे बड़ा भाव लगाया गया। इस मार्केट से जुड़े लोगों ने बताया कि ये पूरा दांव बादल और मोबाइल में तापमान देखकर लगाया जाता है। अगले 24 घंटे यानी शुक्रवार शाम 4 बजे तक ये भाव चलेगा। दावा- 30 पैसे का भाव नदी पर लगाया है दरअसल, राजस्थान में मानसून की एंट्री के साथ ही अब ये दावा किया जा रहा है कि आने वाले एक से दो दिनों में मानसून पश्चिमी राजस्थान में भी अपना असर दिखाएगा। फलोदी सट्टा मार्केट से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि 3 जुलाई यानी शुक्रवार को पश्चिमी राजस्थान से जुड़े इलाकों में बारिश हो सकती है। मार्केट से जुड़े लोगों ने बताया कि मानसून में तीन स्तर पर पैसे लगाए जाते हैं। पहला पतरा (लोहे की चद्द) यानी कम बारिश, दूसरा नाली यानी ठीक-ठाक बारिश जब शहर की नालियों में बारिश का पानी बहने लग जाए। और, तीसरा नदी, यानी अच्छी बारिश। गुरुवार शाम को जब मार्केट खुला तो 30 पैसे का भाव नदी पर लगाया गया। यानी इस मार्केट से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि 3 जुलाई को पश्चिमी राजस्थान में मानसून की पहली बारिश होने की पूरी उम्मीद है। मौसम विभाग ने दो दिन जारी किया आंधी-बारिश का येलो अलर्ट इधर, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार शाम को भी अधिकतम तापमान में 1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और टेम्प्रेचर 39 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार और शनिवार को आंधी-बारिश की संभावना जताई है। जबकि 5, 6 और 7 जुलाई को कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं 8 जुलाई से फिर मौसम बदलने की संभावना है और अगले दो दिन यानी 9 जुलाई तक आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम ​विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद आने वाले कुछ दिनों में जोधपुर और बीकानेर संभाग में आंधी-बारिश का दौर चलेगा। वहीं मौसम बदलने के साथ अधिकतम तापमान में भी करीब 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। गौरतलब है कि जोधपुर शहर में इस बार मानूसन पांच साल में तीसरी बार जुलाई महीने में एंट्री करेगा। इससे पहले साल 2021 और 2022 में मानसून ने जुलाई में एंट्री ली थी।

PM मोदी कल पचपदरा रिफाइनरी का करेंगे लोकार्पण:जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन; सीएम भजनलाल देखेंगे तैयारियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान दौरे पर रहेंगे। वे सुबह जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का लोकार्पण करेंगे और पीएम उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। इसके बाद हेलिकॉप्टर से बालोतरा जिले के पचपदरा पहुंचकर राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण करेंगे, परियोजना का निरीक्षण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। दौरे को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री शनिवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली से जोधपुर के लिए रवाना होंगे और सुबह 10:40 बजे जोधपुर वायुसेना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे पुराने टर्मिनल के रास्ते नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन पहुंचेंगे। नए टर्मिनल पर करीब 20 मिनट के दौरान वे दो मिनट की वीडियो प्रेजेंटेशन देखेंगे, टर्मिनल का अवलोकन करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व विधायकों से मुलाकात करेंगे। दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे पचपदरा प्रधानमंत्री सुबह 11:20 बजे हेलिकॉप्टर से पचपदरा के लिए रवाना होंगे। दोपहर करीब 12 बजे पचपदरा पहुंचकर राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। करीब दो घंटे के कार्यक्रम के बाद दोपहर 2 बजे पचपदरा से रवाना होंगे। सीएम भजनलाल आज करेंगे अंतिम समीक्षा प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को पचपदरा पहुंचकर रिफाइनरी परिसर में तैयारियों का जायजा लेंगे। वे दोपहर करीब 2 बजे मंडापुरा पहुंचेंगे, जहां एचपीसीएल के आउटलेट का उद्घाटन करेंगे और पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री शाम करीब 6 बजे तक रिफाइनरी परिसर में रहेंगे। इसके बाद वे जोधपुर के लिए रवाना होंगे और रात को वहीं ठहरेंगे। वहीं, राज्य मंत्री के.के. विश्नोई बालोतरा में अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। पुलिस-प्रशासन अलर्ट, रूट प्लान जारी प्रधानमंत्री मोदी के पचपदरा दौरे को लेकर जिला पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और जनसुविधाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल और अन्य कार्मिक तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, कंट्रोल और सुरक्षा जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। गेट-7 से होगी आमंत्रितों की एंट्री ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। आमंत्रित सदस्यों के वाहनों की पार्किंग गेट नंबर-7 पर रहेगी, जहां करीब 3 हजार वाहनों की क्षमता है। पार्किंग से कार्यक्रम स्थल तक शटल सेवा उपलब्ध रहेगी और आमंत्रितों की एंट्री भी गेट नंबर-7 से होगी। वहीं, विशेष आमंत्रितों और अधिकृत मीडियाकर्मियों को गेट नंबर-3 से प्रवेश दिया जाएगा।

लंगड़ाते हुए रैंप पर उतरी मॉडल,बोलीं- सपना पूरा करके रहूंगी:मिस राजस्थान की तैयारियों के बीच नाना का निधन, परिवार बॉडी लेकर ट्रेनिंग सेंटर पहुंचा

मिस राजस्थान-2026 के फिनाले वीक में मॉडल निहारिका राठौड़ (21) टूटे पैर के साथ रैंप वॉक कर रही हैं। ट्रेनिंग सेशन के दौरान निहारिका का पैर बुरी तरह मुड़ गया था, जिससे पैर की मांसपेशियां (मसल्स) फट गई थीं। डॉक्टर ने 15 दिन तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद निहारिका अपने सपने को पूरा करने के लिए दर्द में भी इस ब्यूटी पेजेंट (कॉम्पिटिशन) में उतरी हैं। फाइनलिस्ट प्रज्ञा चौधरी के नाना का मिस राजस्थान के फिनाले से पहले निधन हो गया। प्रज्ञा ने ट्रेनिंग सेंटर पर ही उनके अंतिम दर्शन किए। जयपुर के हैवन रिसॉर्ट में मिस राजस्थान का फिनाले वीक चल रहा है। इसमें 9 फाइनलिस्ट्स को 9 दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका ग्रैंड फिनाले जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में 4 जुलाई को होगा। दैनिक भास्कर ने टॉप फाइनलिस्ट्स से बातचीत की… प्रज्ञा चौधरी नाना की डेडबॉडी लेकर ट्रेनिंग सेंटर आया परिवार जयपुर की रहने वाली प्रज्ञा ने बताया- मिस राजस्थान 2026 के ट्रेनिंग सेशन के दौरान ही मेरे नाना का निधन हो गया। अंतिम समय में नाना की इच्छा थी कि वे अपनी नातिन को मिस राजस्थान के मंच पर देखें। परिवार उनके पार्थिव शरीर को ट्रेनिंग स्थल तक लेकर आया, जहां मैंने नाना के अंतिम दर्शन किए और उनको श्रद्धांजलि दी। उनका आशीर्वाद लिया और वापस रैंप पर लौट आई। प्रज्ञा ने कहा- नाना हमेशा कहते थे कि तुम जीतकर आओगी और पहले नंबर पर रहोगी। मैं उनकी इस आखिरी इच्छा को अधूरा नहीं छोड़ना चाहती थी। मुझे विश्वास है कि उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा। प्रज्ञा एक साल पहले कैंसर से अपने भाई को भी खो चुकी हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान उनके भाई की मुलाकात पूर्व मिस राजस्थान विजेता से हुई थी। उसी दिन भाई ने प्रज्ञा से कहा था कि वह भी एक दिन मिस राजस्थान का ताज पहने। अब वे अपने भाई और नाना, दोनों का सपना पूरा करना चाहती हैं। निहारिका राठौड़ पैर में गंभीर चोट, फिर भी रैंप नहीं छोड़ा निहारिका ने बताया- ट्रेनिंग सेशन में पैर बुरी तरह मुड़ गया, जिससे पैर की मांसपेशियां फट गईं। ‘टॉप मॉडल राउंड’ मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था और बचपन का सपना बीच में छोड़ना मुझे मंजूर नहीं था। पैर पर प्लास्टर इसलिए नहीं चढ़वाया, क्योंकि लगातार चलने-फिरने से उसके टूटने का खतरा था। मैं पेनकिलर्स के सहारे लगातार प्रशिक्षण ले रही हूं और रैंप पर उतर रही हूं। यह मेरा पहला ऑडिशन था और पहली ही कोशिश में मुझे सफलता मिली। मुझे लगता है कि भगवान ने मुझे यह अवसर किसी खास मकसद से दिया है, इसलिए मैं किसी भी हाल में पीछे नहीं हटूंगी। ज्योति चौधरी छोटे कपड़े पहनने पर सवाल उठाए, तानों से नहीं डरी झुंझुनूं जिले के मेहरा दासी गांव की रहने वाली ज्योति चौधरी पहली बार किसी ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा ले रही हैं। ज्योति ने बताया- मेरे परिवार का फैशन या मॉडलिंग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं रहा। इसके बावजूद मैंने खुद पर भरोसा किया और आज टॉप-28 फाइनलिस्ट्स में अपनी जगह बनाई। ज्योति ने कहा- गांव में आज भी कई लोग मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री को अच्छी नजर से नहीं देखते। छोटे कपड़े पहनने पर लड़कियों के चरित्र पर भी सवाल उठाए जाते हैं। मिस राजस्थान में आने के बाद मैंने पहली बार सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर जहां कई लोगों ने हौसला बढ़ाया, वहीं कुछ लोगों ने मेरी आलोचना भी की। ज्योति नकारात्मक टिप्पणियों पर ध्यान देने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही हैं। ज्योति फिलहाल M.Sc. की पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही SSC CGL और CDS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही हैं। उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने का भी है। दिव्यांशी जांगिड़ गांव की लड़कियों के लिए बनीं आइकन दौसा जिले के भांडारेज की 18 साल की दिव्यांशी जांगिड़ अपने गांव की पहली लड़की हैं, जो मिस राजस्थान के मंच तक पहुंची हैं। दिव्यांशी ने बताया- मेरे गांव में मॉडलिंग को लेकर आज भी लोगों की सोच सकारात्मक नहीं है। कई रिश्तेदार भी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे, लेकिन मेरी मां ने हमेशा साथ दिया। मां ने मुझसे कहा कि दोनों भाइयों के सपने पूरे नहीं हो सके, इसलिए अब तुम अपने सपनों को जरूर पूरा करो। दिव्यांशी ने बताया- परिवार में माता-पिता और दो बड़े भाई हैं। एक भाई नौकरी करता है, जबकि दूसरा UPSC की तैयारी कर रहा है। मैं बीए (BA) सेकंड ईयर में पढ़ रही हूं। आज दिव्यांशी के गांव की कई लड़कियां सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क कर रही हैं। दिव्यांशी उन्हें यही सलाह देती हैं कि सबसे पहले परिवार का विश्वास जीतें, क्योंकि परिवार का साथ मिलने के बाद ही सपनों की उड़ान आसान होती है। पलक शर्मा मां ने कहा था- लोगों की चिंता मत करो जयपुर की रहने वाली 19 साल की पलक शर्मा बचपन से ही ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेना चाहती थीं। पलक ने बताया- मेरे पिता नहीं हैं। मां ही अकेले पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद मां ने कभी मेरे सपनों को रोकने की कोशिश नहीं की। पलक कहती हैं- जब मैंने मॉडलिंग में आने की इच्छा जताई तो मां ने सिर्फ इतना कहा कि लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता मत करो। बस, अपने सपने को पूरा करो। पलक ने टॉप मॉडल राउंड के लिए अपनी ड्रेस भी खुद डिजाइन की, जिसकी थीम ‘विक्टोरियन गॉथिक लुक’ थी। उन्होंने इस ड्रेस की स्कर्ट खुद तैयार की, जबकि पूरी ड्रेस को सिलने और उसे अंतिम रूप देने में उनकी मां ने घंटों मेहनत की। पलक के लिए यह ड्रेस सिर्फ एक कॉस्ट्यूम नहीं, बल्कि मां-बेटी की साझा मेहनत और अटूट प्यार का प्रतीक है। आस्था भूटानी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में सिलेक्शन के बाद मिस राजस्थान में पहुंची जयपुर की आस्था भूटानी का चयन दुनिया की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हो चुका है। अगस्त से उनकी पढ़ाई शुरू होने वाली है, लेकिन उससे पहले उन्होंने खुद को एक नए अनुभव के लिए मिस राजस्थान के मंच पर आजमाने का फैसला किया। IIT से पासआउट आस्था ने कहा- व्यक्ति को खुद को केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हार्वर्ड जाने से पहले मेरे पास कुछ समय था, उसी दौरान मिस राजस्थान के ऑडिशन हुए और मैंने बिना ज्यादा सोचे इसमें हिस्सा ले लिया। पहली बार मॉडलिंग करने के बावजूद टॉप-28 तक पहुंच गई। आस्था का मानना है कि एकेडमिक करियर (पढ़ाई) और मॉडलिंग दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। आगे चलकर वे इन दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश करेंगी। … ये खबर भी पढ़िए… मॉडल ने ताश के पत्तों से बना आउटफिट पहना:कोई बनी आईफा ट्रॉफी, मां की ज्वैलरी से बनी ड्रेस; मिस राजस्थान फिनाले वीक में अनोखे लुक मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक में टॉप-28 फाइनलिस्ट मॉडल्स ने रैंप वॉक किया। इस दौरान सभी मॉडल्स अपनी अनोखी और रचनात्मक ड्रेसेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहीं। (पढ़ें पूरी खबर)