उदयपुर में रात को तेज बारिश, सड़कें लबालब:सुबह मानसून आया और बरसा रात को, एक घंटे तक झमाझम, शादियों में खलल

उदयपुर शहर में आज रात को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। करीब एक घंटे तक चली बारिश से शहर की सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वैसे मानसून उदयपुर में आज सुबह एंट्र कर चुका था लेकिन मानसून की तेज बारिश रात में हुई। रात साढ़े आठ बजे से बारिश की शुरूआत हुई और 9 बजे से झमाझम हुई। शहर में आज बड़ी संख्या में शादियां थी और उसमें बारिश से बड़ा खलल पड़ा। इधर, आज मानसून की एंट्री होने पर लोगों में खुशी थी लेकिन दिन भर उमस ने परेशान किया पर मानसून की बारिश नहीं हुई। रात करीब 9 बजे शुरू हुई बारिश ने अहसास करा दिया कि मानसून आ गया है। रात को शहर के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई।

शहर के शोभागपुरा से न्यू आरटीओ जाने वाली रोड पर पूरी सड़क पर पानी ही पानी भर गया। यहीं स्थिति शहर के कई स्थानों पर देखने को मिली जहां जल भराव की समस्या है। शहर में आज कई शादियों के आयोजन थे और रिस्पेशन समारोह में बारिश ने खलल डाली और सारी तैयारियां चौपट हो गई। रात करीब 9 बजे इस कदर बारिश हुई कि शादियों में गाड़ी पार्क कर गार्डन के अंदर लोग नहीं जा सके और छाते भी तेज बारिश के आगे नहीं चले। बारिश रुकने के बाद लोग धीरे-धीरे शादी वाली जगह पहुंचे। शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई है जिले के ऋषभदेव कस्बे में तेज बारिश का दौर रात दस बजे तक चला। 8 की देरी के बाद हुई मानसून की एंट्री इससे पहले आज सुबह उदयपुर में आज मानसून की एंट्री हुई। आमतौर पर उदयपुर में मानसून 18 से 25 जून के आस-पास प्रवेश करता है, लेकिन इस साल करीब 8 देरी से आया है। 2025 में मानसून की एंट्री 18 जून को हुई थी। इस साल आज 3 जुलाई को आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। उदयपुर में मानसून विदाई का समय 15 सितंबर के बाद निर्धारित है। पूर्वी राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश किया उदयपुर के मौसम एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी का मानसून हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश आज रात को किया। उन्होंने बताया कि दक्षिणी पश्चिमी मानसून की अरब सागरीय शाखा की गति कम हो गई। एक दिन पहले उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा-डूंगरपुर होकर मानसून उदयपुर आना था लेकिन इधर, आज रात में बंगाल की खाड़ी का मानसून उदयपुर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि उदयपुर में बंगाल की खाड़ी के मानसून से अच्छी बारिश होगी और लगातार वर्षा और सभी क्षेत्र मे वर्षा होगी, करीब दो दिन तक तेज बारिश चलेगी। इधर, उदयपुर शहर के तीतरड़ी सहित कई इलाकों में सुबह रिमझिम बारिश शुरू हुई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से बादलों ने जगह बना रखी और तेज ठंडी हवाएं चल रही है। शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी तेज हवाओं के साथ चल रही है।
जानिए मानसून का रास्ता राजस्थान में मानसून दो तरफ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की शाखा से प्रवेश करता है। बंगाल की खाड़ी से आने पर हवाएं ओडिशा और बिहार, यूपी, एमपी को पार प्रदेश के के पूर्वी जिले कोटा, बारां, झालावाड़ से मानसून की एंट्री होती है। इस बार बंगाल की खाड़ी वाली मानसूनी शाखा से उदयपुर में मानसून ने प्रवेश किया। वहीं अरब सागर से आने वाला मानसून गुजरात के रास्ते उदयपुर आता है और इसी की संभावना थी। एक दिन पहले बांसवाड़ा आने के बाद इसकी स्पीड धीमी हो गई और इधर, बंगाल की खाड़ी से मानसून रात को उदयपुर पहुंच गया। एक दिन पहले गोगुंदा और ऋषभदेव में अच्छी बारिश उदयपुर के जल संसाधन विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान उदयपुर जिले में सर्वाधिक गोगुंदा में ढाई इंच और ऋषभदेव में 1 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा मावली के बागोलिया में 16, ओगणा में 12, बावलवाड़ा में 11 मिलीमीटर बारिश हुई। 2025 में ऐसी रही बारिश की स्थिति… इस बार मानसून की लेट एंट्री उदयपुर में एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि कुछ सालों में मानसून एंट्री 25 जून के करीब ही हुई है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उनका मानना है कि मानसून करीब एक सप्ताह लेट उदयपुर में आया है। उदयपुर जिले में मानसून की एंट्री की बात करें तो अमूमन 20 से 25 जून के बीच मानूसन आ जाता है। जुलाई के पहला सप्ताह अच्छी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में तेज बारिश की संभावना जताई है। जून 2025 में उदयपुर शहर में करीब 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह शहर के जून के सामान्य औसत (81.3 मिमी) के लगभग बराबर रही तो जुलाई 2025 में करीब 287.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। उदयपुर के प्रमुख बांधों और झीलों का जलस्तर (मीटर में)

इनपुट सहयोग : शैलेंद्र जैन, ऋषभदेव

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