डिप्टी-सीएम बैरवा के नाम से कॉल कर अफसर को धमकाया:दो बार खुद का ट्रांसफर करवाया, सरकारी अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर का कारनामा
अजमेर में डिप्टी सीएम सीएम प्रेमचंद बैरवा के नाम से फर्जी कॉल कर ट्रांसफर करवाने का मामला सामने आया है। सरकारी हॉस्पिटल के एक नर्सिंग ऑफिसर ने वॉइस मॉडिफिकेशन एप के जरिए आवाज, नंबर और प्रोफाइल बदलकर अपना तबादला करवा लिया। फर्जी कॉल कर विभागीय अधिकारियों पर दबाव भी बनाया। पुलिस के पास मौखिक शिकायत पहुंची है, लेकिन फिलहाल लिखित शिकायत नहीं होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं पुलिस अधीक्षक का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी। जेएलएन हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने कहा कि डिप्टी सीएम के नाम से किशनगढ़ में एक नर्सिंग ऑफिसर का अजमेर में ट्रांसफर की सिफारिश के लिए कॉल आया था। जिसे हमने यहां पोस्टिंग दे दी थी। आरोप है कि नर्सिंग ऑफिसर ने वॉइस मॉडिफिकेशन एप के जरिए आवाज, नंबर और प्रोफाइल बदलकर खुद को उप मुख्यमंत्री बताते हुए न केवल विभागीय अफसर को हड़काया, बल्कि दो बार स्वयं का तबादला भी करवा लिया। बताया जाता है कि नर्सिंग ऑफिसर पहले अजमेर के सेलेलाइट हॉस्पिटल में कार्यरत था, जिसकी शिकायत मिलने पर नेताओं ने उसका दूसरे जिले में ट्रांसफर करने की बात कही। ऐसे में नर्सिंग ऑफिसर वापिस अजमेर के जेएलएन ट्रांसफर कराकर आ गया। इसके बाद किशनगढ़ ट्रांसफर करवा लिया, अब फिर से ऑफिसर ने अजमेर ट्रांसफर करवा लिया है। नेता के पीए को धमकाने पर हुआ खुलासा मामले का खुलासा तब हुआ, जब नर्सिंग ऑफिसर ने पहले ट्रांसफर कराने वाले नेता के निजी सहायक को रुतबा जताने की कोशिश की। पड़ताल में सारे घटनाक्रम और जालसाजी की परतें खुलती चली गई। ये मामला डिप्टी सीएम तक पहुंच गया है। अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार है। बता दें कि नर्सिंग ऑफिसर पूर्व में अजमेर में पोस्टेड था और बाद में उसका तबादला किशनगढ़ कर दिया। अब उसका वापस तबादला अजमेर कर दिया है और वर्तमान में उसे अजमेर में पोस्टिंग दे दी गई है।

