हर सरकारी स्कूल की सेफ्टी ऑडिट होगी:असुरक्षित भवन मिलने पर तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट होंगे स्कूल, खुले में पढ़ाई पर भी रोक
राज्य में लगातार हो रही बारिश और जर्जर स्कूल भवनों से जुड़े हादसों के बीच शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में किसी छात्र या शिक्षक को जर्जर अथवा असुरक्षित भवन में नहीं बैठाया जाएगा। राज्य के सभी सरकारी स्कूल भवनों का सुरक्षा ऑडिट कर 7 जुलाई तक रिपोर्ट निदेशालय और समग्र शिक्षा को भेजना अनिवार्य किया गया है। जो भवन असुरक्षित, वहां क्लास नहीं बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यदि कोई विद्यालय भवन असुरक्षित या जर्जर पाया जाता है तो वहां कक्षाएं तुरंत बंद कर विद्यार्थियों और स्टाफ को निकट के सुरक्षित सरकारी विद्यालय अथवा अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए। यदि सुरक्षित विद्यालय अधिक दूरी पर हो तो विद्यार्थियों के आवागमन के लिए परिवहन अथवा ट्रांसपोर्ट वाउचर का प्रस्ताव भेजा जाए। आवश्यकता होने पर स्कूलों का संचालन दो पालियों में भी किया जा सकता है। खुले मैदान या टीन शेड के नीचे नहीं बैठेंगे विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों को खुले मैदान, टीन शेड, छप्पर या पेड़ों के नीचे बैठाकर पढ़ाई नहीं कराई जाएगी। यदि किसी भवन से छात्रों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाता है तो उस नए भवन का भी पहले सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा, उसके बाद ही वहां कक्षाएं संचालित होंगी। जर्जर भवन पर लगेंगे “लाल निशान” बैठक में निर्देश दिए गए कि जर्जर भवनों को तुरंत बैरिकेडिंग कर लाल निशान लगाया जाए और उसकी फोटो रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखी जाए। हाल ही में जहां भी भवन गिरने की घटनाएं हुई हैं, वहां समग्र शिक्षा के अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। सफाई पर रहेगा विशेष जोर मानसून को देखते हुए सभी स्कूलों में छतों, नालियों और जल निकासी व्यवस्था की नियमित सफाई कराने, भवनों का प्रतिदिन निरीक्षण करने और कहीं भी छत टपकने या भवन कमजोर होने की आशंका मिलने पर उस हिस्से को तत्काल प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। भवन की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक वहां किसी भी छात्र या कर्मचारी को बैठाने पर रोक रहेगी। संस्था प्रधान हर रोज करेंगे निरीक्षण समीक्षा बैठक में यह भी कहा गया कि प्रत्येक दिन स्कूल खुलने से पहले संस्था प्रधान पूरे भवन, कक्षाओं, बरामदों और शौचालयों का निरीक्षण करेंगे। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। भारी बारिश या जलभराव की स्थिति में स्थानीय प्रशासन से समन्वय कर आवश्यक कदम उठाने और जरूरत पड़ने पर अवकाश घोषित करने के निर्देश भी दिए गए।

