'या हुसैन' की गूंज के साथ निकले 7 ताजिए:कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक, शरबत सेवा ने बढ़ाया भाईचारा
चूरू शहर में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व शांति, सौहार्द और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न मोहल्लों से कुल सात पारंपरिक ताजियों के जुलूस निकाले गए, जो निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे। यहां धार्मिक रस्मों के साथ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस के दौरान ‘या हुसैन’ की सदाएं गूंजती रहीं, अकीदतमंदों ने मातम कर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, जबकि कई सामाजिक संगठनों और आरएलपी कार्यकर्ताओं ने शरबत व पानी की सेवा कर भाईचारे का संदेश दिया। धार्मिक आस्था के साथ निकले ताजिया जुलूस सुबह से ही शहर में धार्मिक माहौल बना रहा। विभिन्न मोहल्लों से पारंपरिक ताजियों के जुलूस निकले, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मातम किया। जगह-जगह लगी शरबत और छबील की सेवा मोहर्रम के अवसर पर शहर के कई स्थानों पर सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने शरबत, पानी और छबील की व्यवस्था की। इन सेवा शिविरों में राहगीरों और ताजिया जुलूस में शामिल लोगों को पेयजल और शरबत वितरित किया गया, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया गया। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम ताजिया जुलूसों के निर्धारित मार्गों पर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए। अधिकारियों ने पूरे आयोजन के दौरान लगातार निगरानी रखी, जिससे शहर में धार्मिक आस्था और अनुशासन का वातावरण बना रहा। आरएलपी कार्यकर्ताओं ने भी निभाई सेवा की जिम्मेदारी मोहर्रम के अवसर पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नई सड़क क्षेत्र में शरबत सेवा शिविर लगाया। आरएलपी नेता विजय पूनिया ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर सेवा कार्य समाज में सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी धर्मों के सम्मान और मानव सेवा को प्रत्येक नागरिक का दायित्व बताया। इस दौरान देवेश चौधरी, राजकुमार फगेड़िया सहित कई आरएलपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

