कोटपूतली में 21 भामाशाह और 12 प्रेरक हुए सम्मानित:शिक्षा के विकास में सहयोग देने वालों का किया सम्मान, समाज की भागीदारी को बताया जरूरी
कोटपूतली में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले भामाशाहों और प्रेरकों के सम्मान में सोमवार को जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह सरदार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण रहे, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) प्रकाश चंद मीणा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश बंसल और एसीबीईओ-प्रथम कोटपूतली पूर्णचंद कसाना मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों, भामाशाहों और प्रेरकों का स्वागत किया। प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षा सहयोगियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान 21 भामाशाहों और 12 प्रेरकों को माल्यार्पण, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर जिला स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि विद्यालयों के विकास में समाज की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है। भामाशाहों के सहयोग से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने सभी भामाशाहों से भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने की अपील की। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) प्रकाश चंद मीणा ने सभी अतिथियों और भामाशाहों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के लिए समाज का सहयोग शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है और इससे विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य हंसराज यादव ने किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, भामाशाह, प्रेरक और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

