टोंक के 3 महात्मा-गांधी स्कूलों में शुरू होगा हिंदी मीडियम:कम नामांकन वाले 300 स्कूलों पर सरकार का प्लान, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
सरकार कम नामांकन वाले सरकारी इंग्लिश मीडियम महात्मा गांधी स्कूलों को लेकर बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार अब टोंक के तीन इंग्लिश मीडियम महात्मा स्कूल समेत प्रदेश के तीन सौ महात्मा गांधी स्कूलो में अब अंग्रेजी माध्यम के साथ हिंदी माध्यम भी संचालित करने की तैयारी कर रही है।
। इसके लिए जस्थान सरकार (शिक्षा ग्रुप -1) विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को हिंदी माध्यम में भी संचालित करने के लिए पत्र लिखा।
उसके बाद इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को सात कार्य दिवस में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत कम है,वहां हिंदी माध्यम शुरू करने का औचित्य, नामांकन की स्थिति और स्थानीय आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव भेजा जाए। विभाग का मानना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावकों की प्राथमिकता अभी भी हिंदी माध्यम है। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को हिंदी माध्यम में बदलने से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और प्रवेश संख्या बढ़ सकती है।
अब नए आदेश के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन लिस्टेड किए गए कम नामांकन वाले तीन सौ महात्मा गांधी स्कूलों में हिंदी माध्यम स्कूल भी संचालित किए जा सकते है।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम फैसला: महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की प्रमुख शिक्षा योजनाओं में शामिल रही थी। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए आरोप लगाया था कि पर्याप्त मांग और संसाधनों के बिना बड़ी संख्या में अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोल दिए गए, जिससे कई स्कूलों में नामांकन नहीं बढ़ा। अब सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार कम नामांकन वाले विद्यालयों को फिर से हिंदी माध्यम में परिवर्तित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। तबादलों के दौर के बीच आया निर्णय: यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब राज्य सरकार ने शिक्षकों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाया है। विद्यालयों के माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन स्कूलों में शिक्षकों के तबादलों और स्टाफ पुनः संरचना पर भी असर पड़ सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
टोंक जिले के तीन स्कूल शामिल: राजस्थान सरकार (शिक्षा ग्रुप -1) विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजी 300 स्कूलों की सूची में टोंक जिले की भी तीन स्कूल है। इनमें टोंक ब्लॉक की दो एवं टोडारायसिंह ब्लॉक की एक स्कूल सहित कुल 3 स्कूल शामिल है।
इन छह बिंदुओं की मांगी गई है रिपोर्ट: -अंग्रेजी से हिंदी माध्यम में परिवर्तन का स्पष्ट औचित्य।
-वर्तमान एवं पिछले वर्षों का कक्षावार नामांकन ।
-आसपास स्थित हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की दूरी।
-संबंधित विद्यालय में संचालित संकाय और विषय।
-क्षेत्र में पहले से संचालित अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की उपलब्धता एवं स्थिति।
स्कूलों को बंद करने की जगह अलग से केडर बनाकर की जाएं भर्ती:
शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि राज्य में संचालित महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी फीस से छुटकारा दिलाया है ।लेकिन इन स्कूलों में वर्तमान हिंदी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति कर रखी है जो सही नहीं है। राज्य सरकार को इन स्कूलों को बंद करने के स्थान पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अलग से केडर बनाकर सीधी भर्ती करने पर ध्यान देना चाहिए जिससे इन स्कूलों में नामांकन भी बढ़ेगा और शिक्षा का स्तर में गुणवत्ता पूर्ण सुधार होगा।

