15 दिन में रोजगार, वरना 16वें दिन से बेरोजगारी भत्ता:राजस्थान में वीबी-जी-राम-जी स्कीम लागू, आयुक्त से जानिए कैसे मिलेगा लाभ
राजस्थान में 1 जुलाई से ‘वीबी-जी राम जी’ स्कीम लागू हो गई है। योजना में कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। आवेदन के 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य किया गया है। रोजगार नहीं देने की स्थिति में पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। 15 दिन में मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर 16वें दिन से हर दिन की देरी पर 0.05% प्रतिदिन की दर से मुआवजा मिलेगा। योजना का लाभ कैसे मिलेगा? इस स्कीम में क्या नए प्रावधान किए गए हैं? जैसे सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर ने ‘वीबी-जी राम जी’ आयुक्त पुष्पा सत्यानी से बात की। आयुक्त पुष्पा सत्यानी से जानिए योजना का लाभ कैसे मिलेगा… भास्कर : कितने दिन का रोजगार मिलेगा? मनरेगा से कैसे भिन्न है नई स्कीम? सत्यानी : यह स्कीम पहले की तुलना में काफी बड़ी है। पहली बार हमने आधारभूत ढांचे की बात की है। पहले की योजना में ग्रामीण क्षेत्र में लेबर को 100 दिन का प्रावधान था। नई योजना में पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है। स्कीम में विकास के कार्य ज्यादा होंगे। गांवों की जरूरत पर ही काम होगा। किसानों की आय बढ़ाने वाले कार्य होंगे। भास्कर : 15 दिन में काम नहीं मिला तो क्या होगा? सत्यानी : यदि आवेदन करने के 15 दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक दैनिक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिन के लिए मजदूरी दर का 25 फीसदी और उसके बाद में 50 फीसदी भत्ता मिलेगा। भास्कर : मजदूरी कितनी मिलेगी? सत्यानी : मनरेगा में प्रतिदिन 281 रुपए मजदूरी मिलती थी। नई स्कीम में रोजाना 300 रुपये देने का प्रावधान किया गया है। मजदूरी साप्ताहिक आधार पर दी जाएगी। किसी भी स्थिति में काम करने की तारीख से 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य होगा। भास्कर : मजदूरी में देरी हुई तो क्या होगा? सत्यानी : स्कीम में डिले कंपनसेशन (मुआवजा) एड किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मस्ट रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी नहीं मिलती तो 16वें दिन से भुगतान होने तक बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05% की दर से मुआवजा (कंपनसेशन) दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। भास्कर : आवेदन की प्रोसेस क्या होगी? सत्यानी : अब आवेदन ऑनलाइन हो गया है। हर काम डिजिटलाइज कर दिया गया है। रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित या डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत पोर्टल पर किया जा सकेगा। आवेदन की रसीद भी अनिवार्य रूप से मिलेगी। भास्कर : फर्जीवाड़ा रोकने के लिए क्या प्रावधान? सत्यानी : फर्जी हाजिरी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार फेस-बेस्ड (चेहरे की पहचान) अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। फेस-बेस्ड अटेंडेंस से काफी हद तक फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिली है। भास्कर : नई स्कीम में कौन आवेदन कर सकता है? सत्यानी : कोई भी व्यस्क व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है, वह आवेदन कर सकता है। सरकार रोजगार की गारंटी देगी। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में मुआवजा दिया जाएगा। भास्कर : गांवों में किस तरह के काम होंगे? कितने बजट का प्रावधान है? सत्यानी : गांवों में पहले कच्चे काम होते थे। अब चारागाह, पौधारोपण, तालाब, स्कूल बाउंड्री और भवन निर्माण के काम कर सकते हैं। इसके लिए हमने सरकार के सभी विभागों कह रखा है कि लेबर हमारे पास है, काम में ले सकते हैं। इस बार केंद्र एवं राज्य सरकार ने 9 महीने के लिए 1250 करोड़ का ज्यादा बजट दिया है। पहले हमें मनरेगा में इतना बजट नहीं मिला था। हमारे पास कुल एक्टिव जाॅब कार्ड 98 लाख हैं। योजना का क्रियान्वयन 60:40 के अनुपात में होगा, यानी केंद्र 60 फीसदी पैसा देगा और राज्य सरकार को 40 फीसदी वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। भास्कर : मॉनिटरिंग कैसे और कौन करेगा? सत्यानी : स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग होगी। जिला कलेक्टर की ही स्कीम को रन करने की जिम्मेदारी होगी। प्लानिंग गांव लेवल से होगी। स्कीम में जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति, रियल-टाइम डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। ———-

