कालिका माता मंदिर की गौशाला में घुसा कोबरा:पुजारी ने सुरक्षित किया रेस्क्यू, दुर्ग के जंगल में छोड़ा
चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित प्रसिद्ध कालिका माता मंदिर में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में मौजूद लोगों की चिंता बढ़ा दी। मंदिर की गौशाला में अचानक एक बड़ा कोबरा सांप घुस आया। उस समय वहां रोज की तरह गायों की देखभाल और सेवा का काम चल रहा था। जैसे ही गौशाला में सांप दिखा, वहां मौजूद गायें असहज हो गईं और सेवादारों के साथ मंदिर में आए श्रद्धालु भी सतर्क हो गए। मंदिर के पुजारी लाल सिंह ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और समझदारी दिखाते हुए कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। गौशाला में दिखा कोबरा, बढ़ गई चिंता जानकारी के अनुसार कालिका माता मंदिर परिसर की गौशाला में सुबह नियमित सेवा काम चल रहा था। इसी दौरान वहां एक लंबा कोबरा सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। गौशाला में सांप दिखते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मंदिर के पुजारी लाल सिंह को सूचना दी। गौशाला में बड़ी संख्या में गायें मौजूद थीं, इसलिए सभी को यह डर था कि कहीं सांप किसी गाय या वहां काम कर रहे व्यक्ति को नुकसान न पहुंचा दे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बनी रहती है, इसलिए हालात को संभालना जरूरी था। आमतौर पर ऐसे मामलों में वन विभाग या स्नेक कैचर को बुलाया जाता है, लेकिन ऐसी प्रक्रिया में समय लग सकता था। इसी वजह से मौके की गंभीरता को देखते हुए पुजारी लाल सिंह ने खुद आगे आकर सांप को काबू करने का फैसला किया। पुजारी लाल सिंह ने खुद संभाला मोर्चा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुजारी लाल सिंह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले गौशाला के आसपास मौजूद लोगों को दूर रहने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने काफी सावधानी और धैर्य के साथ कोबरा सांप को काबू में करने की कोशिश शुरू की। सांप लगातार फन उठाकर बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुजारी ने बिना घबराए उसे नियंत्रित रखा। कुछ मिनटों की मशक्कत के बाद उन्होंने कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली। सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया कोबरा कोबरा को पकड़ने के बाद पुजारी लाल सिंह ने उसे मंदिर परिसर या आबादी वाले इलाके में रखने की जगह दुर्ग क्षेत्र के ही एक सुनसान और सुरक्षित जंगली हिस्से में ले जाकर छोड़ दिया।

