चित्तौड़गढ़ में दिनभर रही तपिश, शाम को हुई बरसात:उमस से मिली राहत; अगले चार दिन तेज हवा और बारिश का अलर्ट

पिछले दो-तीन दिनों से तेज गर्मी और उमस से जूझ रहे चित्तौड़गढ़ में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर तेज धूप और चिपचिपी गर्मी झेलने के बाद शाम करीब 7.30 बजे आसमान का मिजाज बदलने लगा। देखते ही देखते बादल घिर आए और रात करीब 8 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर में मौसम बदलने के इस अचानक घटनाक्रम ने लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद जरूर दी, लेकिन फिलहाल हालात ऐसे नहीं बने कि उमस और गर्मी पूरी तरह खत्म हो गई हो। दिनभर की तपिश के बाद बारिश ने मौसम को जरूर बदला, लेकिन राहत फिलहाल अधूरी ही रही। अब लोगों की नजर अगले दो-तीन दिनों के मौसम पर है, क्योंकि मौसम विभाग ने 28 जून तक बारिश और तेज हवा का दौर बने रहने की संभावना जताई है। दिनभर 40.2 डिग्री तापमान और उमस ने किया बेहाल बुधवार सुबह से ही चित्तौड़गढ़ में तेज धूप का असर बना हुआ था। सुबह के साथ ही उमस भी बढ़ने लगी थी और दोपहर तक हालात काफी परेशान करने वाले हो गए। दोपहर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने लोगों की मुश्किल और बढ़ा दी। गर्मी के साथ नमी भरे मौसम ने ऐसा माहौल बना दिया कि घरों, दुकानों, दफ्तरों और बाजारों में लोग पसीने से तरबतर नजर आए। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया था और शाम तक लोग बारिश का इंतजार करते रहे। पिछले कुछ दिनों से यही स्थिति बनी हुई थी। बुधवार को भी दिनभर यही स्थिति रही, लेकिन शाम को हालात बदल गए। शाम को बदला मौसम, तेज हवा के बाद शुरू हुई बारिश शाम करीब 7.30 बजे आसमान में अचानक बदलाव दिखाई दिया। पहले बादल घिरने लगे, फिर हवा की रफ्तार बढ़ी और कुछ ही देर में मौसम पूरी तरह बदल गया। रात करीब 8 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में लोगों ने लंबे इंतजार के बाद बारिश की बूंदें देखीं तो कुछ देर के लिए राहत जैसा माहौल जरूर बना, लेकिन बारिश शुरू होने के बावजूद उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग ने पहले ही जताई थी संभावना, 28 जून तक बना रह सकता है असर मौसम विभाग ने कुछ देर पहले ही चित्तौड़गढ़ में बारिश की संभावना जताई थी और बुधवार शाम मौसम ने उसी दिशा में संकेत भी दे दिए। विभाग के अनुसार जिले में 28 जून तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं बारिश के साथ तेज हवा या आंधी भी चल सकती है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि अगर अगले एक-दो दिन में अच्छी और लगातार बारिश होती है, तो गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।

सरदारशहर के मुख्य बाजारों में जलभराव, VIDEO:जिला अस्पताल के वार्डों में घुसा पानी, एक घंटे में हुई 70 एमएम बारिश

चूरू के सरदारशहर में बुधवार शाम को बारिश हुई। करीब एक घंटे में 70 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे कस्बे के ताल मैदान समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। तहसीलदार रतनलाल मीणा ने बताया- बुधवार शाम 4 बजे शुरु हुआ बारिश का दौर 5 बजे तक चला। एक घंटे में करीब 70 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे शहर के मुख्य बाजार, शिव मार्केट, बीकानेर रोड़ और ताल मैदान समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। पहले देखें बारिश के बाद के PHOTOS जिला अस्पताल के कई वार्डों में घुसा पानी
तेज बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर में भी भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। अस्पताल के कई वार्डों में पानी घुसने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हुई। जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से चिकित्सा सेवाओं पर भी असर पड़ा। शहर के मुख्य बाजार, शिव मार्केट, सब्जी मंडी, कच्चा बस स्टैंड, रोडवेज बस स्टैंड और कई मुख्य गलियों में पानी भर गया। दुकानों के सामने पानी जमा होने से व्यापारियों को नुकसान हुआ। वाहन चालकों और राहगीरों को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा। स्थाई समाधान की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार, हर वर्ष बरसात के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बरसात के बाद शहर के कई निचले इलाकों में देर तक पानी भरा रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

चर्चित रूपम गोल्ड लूट वारदात, बिहार से 30 लाख बरामद:फिल्मी स्टाइल से सोना- चांदी और कैश लूटने वाले सातों बदमाश गिरफ्तार

बहुचर्चित रूपम गोल्ड ज्वेलर्स लूटकांड के मास्टरमाइंड सूरज कुमार सिंह उर्फ सन्नी सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूट के माल में से 30 लाख रुपए बरामद किए हैं। मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त 2023 की सुबह कांकरोली निवासी आर्यन सोनी की रूपम गोल्ड ज्वेलर्स शोरूम पर दो बाइक पर सवार हथियारबंद बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने हथियार दिखाकर दुकान से करीब डेढ़ किलो सोना, डेढ़ किलो चांदी और 18 लाख रुपए नकद लूट लिए थे। इसके बाद मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच में बिहार के वैशाली जिले से जुड़े एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार यह गिरोह देशभर में इसी तरह से लूट की वारदातों को अंजाम देता था। अब पढ़िए… कैसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी 1500 किलोमीटर दूर से बरामद किया लूट का सामान
पुलिस के अनुसार, मुख्य सरगना सूरज उर्फ सन्नी सिंह की निशानदेही पर बिहार से लूट का माल बरामद किया गया है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी राजसमंद से करीब 1500 से 1600 किलोमीटर दूर बिहार के रहने वाले थे और वारदात के बाद झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में छिपते रहे। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम को कई बार दूसरे राज्यों में जाना पड़ा। थानाप्रभारी और डीएसपी का रहा खास योगदान
मामले के खुलासे में कांकरोली थाना प्रभारी सरोज बैरवा, साइबर सेल के डीएसपी दुर्गाप्रसाद दाधीच, नाथद्वारा एवं श्रीनाथजी थाना पुलिस, साइबर टीम के अधिकारियों और जवानों की खास भूमिका रही।

फर्जी बीपीएड डिग्री दिलाने वाला दलाल गिरफ्तार:जे.एस. विश्वविद्यालय शिकोहाबाद से बैक डेट में जारी करवाई गई थी फर्जी डिग्री, डेढ़ लाख में हुआ था सौदा

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी बीपीएड डिग्री के जरिए नौकरी दिलाने के मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित दलाल पंकज कुमार जैन को गिरफ्तार किया है। ADG एसओजी, विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी ने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में उत्तर प्रदेश के जे.एस. विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद से फर्जी बीपीएड डिग्री जारी करने के मामले का खुलासा किया था। इस संबंध में 27 नवंबर 2024 को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। 1.30 लाख रुपए में हुआ था फर्जी डिग्री का सौदा जांच में सामने आया कि दलाल पंकज जैन ने अपने सहयोगी पवन सिंह चौहान उर्फ पी.एस. चौहान के साथ मिलकर भर्ती अभ्यर्थी राजेश कुमार फागणा को फर्जी बीपीएड मार्कशीट उपलब्ध कराने का सौदा 1 लाख 30 हजार रुपए में किया था। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों से मिलीभगत कर राजेश फागणा का बैक डेट में प्रवेश दर्शाया गया और उसे वर्ष 2017-19 सत्र की चारों सेमेस्टर की फर्जी मार्कशीट उपलब्ध करवाई गई। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल की सरकारी नौकरी एसओजी की जांच के अनुसार, फर्जी मार्कशीटों के आधार पर राजेश फागणा ने अवैध रूप से शारीरिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली थी। मामले की जांच में विश्वविद्यालय स्तर पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। विश्वविद्यालय के चांसलर और रजिस्ट्रार सहित तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार इस प्रकरण में पूर्व में जे.एस. विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद के चांसलर, रजिस्ट्रार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी लगातार पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जयपुर से दबोचा गया वांछित दलाल एसओजी ने वांछित आरोपी पंकज कुमार जैन (42) निवासी मूलतः नैनवां, बूंदी तथा वर्तमान निवासी संजय नगर, धाबास रोड, जयपुर को 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूरे गिरोह की भूमिका की जांच जारी एसओजी अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार कर सरकारी नौकरियां दिलाने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने अभ्यर्थियों को इसका लाभ पहुंचाया गया।

युवक को किडनैप कर पीटने वाले हिस्ट्रीशीटरों की परेड:लंगड़ाते हुए चले तो कभी सड़क पर बैठे; लोग रुक-रुककर देखते रहे

भीलवाड़ा में युवक का अपहरण कर मारपीट और फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने 3 हिस्ट्रीशीटर की परेड निकलवाई। उन्हें बाजार मेंपुलिस ने थाने से 1 किमी दूर तीनों को सड़क पर पैदल चलवाया। तीनों लगड़ाते हुए चले तो कभी रास्ते में बैठकर आराम करने की गुहार लगाते नजर आए। पुलिस थाने का 25 का जाब्ता इन्हें लेकर निकला तो सड़क पर भीड़ जमा हो गई। वाहन सवार लोग रुक-रुक कर ये परेड देखते रहे। किडनैप कर बुरी तरह पीटा था अब PHOTOS में देखें अपराधियों की परेड…

अलवर में नगर निगम ने 16 कोचिंग किए सील:कोचिंग संचालक और अधिकारी उलझे; दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

लखनऊ में एक बिल्डिंग में भीषण आग लगने पर 15 लोगों की मौत के 3 दिन बाद अलवर नगर निगम प्रशासन चेता। नगर निगम का दस्ता शहर के नयाबास सर्किल पर बुधवार शाम को पहुंचा और 14 कोचिंग व लाइब्रेरी सील कर दी। कार्रवाई के बीच कुछ छात्र जल्दी से इधर-उधर निकलने लगे। किसी को कुछ समझ नहीं आया कि कोचिंग में क्या हो गया। कुछ छात्रों ने कहा- हमारे मोबाइल औश्र बैग भी अंदर रह गए और कोचिंग को सील कर दिया गया। वहीं आगामी दिनों में वनपाल सहित कई प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं। इस दौरान नगर निगम अधिकारी और कोचिंग संचालकों में तनातनी भी हो गई। कोचिंग संचालक ने दी एक्सईएन को धमकी- नौकरी खा जाऊंगा कार्रवाई के दौरान ‘करियर मेकर’ कोचिंग संचालक और नगर निगम की टीम के बीच तनातनी हो गई। निगम के एक्सईएन धर्मेन्द्र मीणा ने कोचिंग संचालक से तू-तड़ाक करते हुए बात की। इस पर कोचिंग संचालक ने निगम अधिकारियों पर अभद्र भाषा में बात कर बेइज्जत करने और वसूली के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए। विवाद बढ़ने पर कोचिंग संचालक ने निगम एक्सईएन धर्मेन्द्र मीणा को ‘नौकरी खाने…’ तक की धमकी दे डाली। संचालक ने कहा- आपके घर का अवैध निर्माण भी सबके सामने लेकर आऊंगा। स्टूडेंट्स बोले- अब कहां पढ़ेंगे, बैग अंदर रह गए जैसे ही कोचिंग और लाइब्रेरी को सील करने की कार्रवाई शुरू हुई, नयाबास सर्किल पर सैकड़ों युवाओं और छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। छात्रों ने निगम की इस अचानक कार्रवाई का विरोध करते हुए चिंता जताई। वनपाल की तैयारी कर रहे डीग के छात्र साक्ष्य ने कहा- वनपाल सहित कई बड़ी भर्ती परीक्षाएं होने वाली हैं। ऐसे में कोचिंग बंद होने से हम अब कहां पढ़ेंगे? हमें मजबूरन वापस गांव लौटना पड़ेगा। हमारे मोबाइल कोचिंग के अंदर रह गए। अलवर के सकट के युवक महेंद्र कुमार मीणा ने कहा- प्रशासन को करना चाहिए, वो नहीं किया। नाले तुड़वा दिए, उन्हें सही नहीं कराया। अचानक कोचिंग बंद कर गलत किया है। कुछ परेशान छात्रों ने बताया- कार्रवाई इतनी आनन-फानन में हुई कि हमारे बैग और किताबें भी कोचिंग और लाइब्रेरी के अंदर ही रह गए। बिना फायर NOC चल रहे 80 संस्थान फायर ऑफिसर अमित मीणा ने बताया- 14 लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर्स को बुधवार को सील करने का टारगेट लेकर निकले। शहर में करीब 80 कोचिंग और लाइब्रेरी ऐसी हैं, जो बिना फायर एनओसी के धड़ल्ले से चल रही हैं। छात्रों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।

डोटासरा बोले-गहलोत के पैरों में गिरकर रोए थे किरोड़ी:बेनीवाल को चैलेंज किया था,10 मिनट में सरेंडर हो गए; नैतिकता है तो इस्तीफा देना चाहिए

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने आरोप लगाया है कि किरोड़ी लाल मीणा तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाए थे। साथ ही डोटासरा ने किरोड़ी लाल पर खाद-बीज छापों के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए की अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है। दरअसल, किरोड़ी लाल मीणा ने डोटासरा के बेटे-बहू पर गलत तरीके से OBC सर्टिफिकेट बनवाकर RAS बनने के आरोप लगाए थे। इसकी जांच के लिए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी। इसी पर डोटासरा ने अब पलटवार किया है। डोटासरा ने कहा- आज मैं सार्वजनिक रूप से कह रहा हूं, मुझे किरोड़ी ने एक बार कहा था कि मुख्यमंत्री से अलग से बात करनी है। मुलाकात के 15 मिनट बाद जब अशोक गहलोत बाहर आए, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि इसे मेरे पास क्यों लाए थे? मैंने पूछा कि क्या हो गया? इस पर गहलोत बोले कि यह मेरे पैरों में पड़ गया और रोने लगा कि मेरे खिलाफ दर्ज मुकदमे हटा दीजिए। डोटासरा ने आगे कहा- वह आदमी जो अशोक गहलोत के पैरों में पड़कर रोने लगा था कि मेरे मुकदमे हटा लो, वह आज हम पर आरोप लगा रहा है, उसे शर्म आनी चाहिए। डोटासरा ने जयपुर शहर कांग्रेस के एक कार्यक्रम में ये बातें कही। डोटासरा ने कही ये 5 अहम बातें… 1. किरोड़ी ने बेनीवाल को चैलेंज किया था, 10 मिनट में ही सरेंडर हो गए
डोटासरा ने कहा- किसी को इतना मत छेड़ो कि तुम्हारा बुढ़ापा खराब हो जाए। किरोड़ी ने एक दिन हनुमान बेनीवाल को चैलेंज किया था, लेकिन 10 मिनट में ही सरेंडर हो गए। किरोड़ी जी की ‘भ्या’ बोल गई। आप किसको चैलेंज कर रहे हो? डोटासरा ने कहा- 4 साल से यह राग अलाप रहे हो कि कांग्रेस का फलां नेता चोर है, अब आपका समय आ गया है। अब तो जांच तुम्हारी होनी चाहिए। हमारी किस बात की जांच कर रहे हो? ये ढाई साल से जांचों के पकौड़े तल-तलकर खा रहे हैं। सरकार में बैठे हो, तुम लोगों को शर्म आनी चाहिए। 2. थोड़ी बहुत भी नैतिकता है तो इस्तीफा देना चाहिए
डोटासरा ने कहा- थोड़ी बहुत भी नैतिकता बची है तो किरोड़ी लाल को इस्तीफा देना चाहिए। सरकार से जांच करवा लो, आपका भी पता लग जाएगा। ऐसा नहीं होता कि किसी के बच्चों पर हाथ डाल दो या किसी के बच्चों को बदनाम कर दो। उन्होंने आगे कहा- किरोड़ी कह रहे हैं कि उन्हें 9 दिनों से नींद नहीं आ रही है। जब आप दूसरों पर आरोप लगाते हो, तब तो मदमस्त हाथी की तरह सोते हो। जब खुद पर आंच आती है, तो आपको नींद नहीं आती। यह दोहरा चरित्र कब तक चलेगा? इनके पास कोई जवाब नहीं है। डोटासरा ने कहा- मैंने विधानसभा में भी कहा था कि मैं कोई कच्चा गोला नहीं हूं जिसे तुम खा जाओगे। मैं राजनीति शौक से करता हूं और मैं भी उस खानदान से आता हूं जहां डरने का कोई नामोनिशान नहीं है। 3. एक भी मंत्री किरोड़ी के पक्ष में नहीं बोला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- हमारे कांग्रेस के नेताओं को इनके भ्रष्टाचार पर खुलकर बोलना चाहिए। बीजेपी के एक भी मंत्री ने किरोड़ी लाल मीणा के पक्ष में बयान दिया हो तो बताइए। सब जानते हैं कि कौन कितने पानी में है। इसलिए ऐसा नहीं है कि आप ही राजा हरिशचंद्र हैं। सबका जमीर है, सबका परिवार है और सबकी इज्जत-आबरू है। अगर आप दूसरों पर नाजायज और झूठे लांछन लगाओगे, तो खुद पर लगे सच्चे आरोपों का जवाब भी आपको जनता के सामने देना पड़ेगा। 4. मुख्यमंत्री मुझ पर लगे आरोपों की जांच करवाएं, लेकिन खाद-बीज छापों की भी जांच हो
डोटासरा ने कहा- मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करना चाहता हूं कि किरोड़ी ने जो आरोप मुझ पर और मेरे संबंधियों पर लगाए हैं, उनकी जांच करवा दें। लेकिन इस बीज और खाद घोटाले में पैसा कहां-कहां से उठा, कहां-कहां तक गया और किस-किस में बंटा, इसकी भी जांच मुख्यमंत्री को करवानी चाहिए। करवाइए जांच, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। 5. 1200 छापों में 400 से 500 करोड़ का खेल हुआ
डोटासरा ने कहा- किरोड़ी ने मेरे खिलाफ मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है, वैसी ही जांच की चिट्ठी उन्हें अपने ही विभाग में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए भी लिखनी चाहिए। खाद-बीज के नाम पर अब तक 1200 छापे डाले गए हैं और इनमें 400 से 500 करोड़ रुपए का खेल हुआ है। अगर किरोड़ी कट्टर ईमानदार हैं, तो उन्हें इसकी जांच करवाने के लिए भी मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखनी चाहिए। किरोड़ी का पलटवार, परिवार के लोगों को अफसर बनाने कौन-कौन से पाप किए थे?
गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पलटवार किया। किरोड़ी ने लिखित बयान जारी कर कहा- जिन लोगों ने अपने कुशासन में भ्रष्टाचार और साजिशों से युवाओं के सपनों को कुचला, भर्तियों की निष्पक्षता को दांव पर लगाया और योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार छीने, वे आज भी सच से मुंह मोड़कर खुलेआम झूठ परोस रहे हैं। झूठ और भ्रम फैलाने से जनता का ध्यान आपके किए गए पापों से नहीं भटक सकता। किरोड़ी ने कहा- ‘छात्रों की गूंज’ में युवा आपके झूठ और फरेब नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के सपनों के साथ 5 साल तक किए घिनौने कुकृत्यों का जवाब जानना चाहता है। जरा छात्रों को बताओ तो सही कि कैसे आपने अपने परिवार के सदस्यों को प्रशासनिक अधिकारी बनाया और इसके लिए कौन-कौनसे पाप किए थे? ‘श्रीवाल्मीकि-रामायणम्’ कहती है- अवश्यमेव लभते फलं पापस्य कर्मण:। —- डोटासरा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए.. डोटासरा बोले- शेखावाटी को झूठे MOU नहीं, पानी चाहिए, यमुना जल पर राजस्थान के हितों से समझौते की तैयारी हो रही, यह खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शेखावाटी को यमुना का पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट पर होने वाले नए समझौते पर सवाल उठाए हैं। डोटासरा ने नए एग्रीमेंट में राजस्थान के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया है। पाइपलाइन से राजस्थान तक पानी लाने पर रास्ते में हरियाणा के गांवों में लीकेज की आशंका जताई है। पढ़ें पूरी खबर

सचिवालय में बिना अनुमति फोटो-वीडियो बनाने पर केस दर्ज होगा:ऑफिस समय से पहले, बाद में और सरकारी छुट्टियों में आम लोगों की एंट्री बैन

जयपुर में सचिवालय परिसर में आम लोगों की एंट्री से लेकर फोटो और वीडियो बनाने पर सरकार ने कई तरह की पाबंदियां लगाई है। सचिवालय परिसर के अंदर फोटो या वीडियो बनाने पर केस दर्ज हो सकता है। कार्मिक विभाग ने इसको लेकर सर्कुलर निकाला है और इन पाबंदियों को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं। कार्मिक विभाग की सचिव अर्चना सिंह की तरफ से जारी सर्कुलर के मुताबिक सचिवालय परिसर नो-फोटोग्राफी जोन है। सचिवालय परिसर में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करना दंडनीय अपराध है। जानें सर्कुलर में क्या है निर्देश सुबह 9:30 बजे से पहले, शाम 6 बजे बाद आम लोगों की नो एंट्री
सरकारी अफसर, कर्मचारियों के अलावा ऑफिस टाइम से पहले और बाद में आम लोगों की सचिवालय में नो एंट्री रहेगी। वहीं अस्थायी पास वालों को छुट्टी के दिन सचिवालय में एंट्री नहीं मिलेगी। सुबह 9:30 बजे से पहले और शाम 6 बजे बाद सचिवालय में अस्थायी पास वाले आम लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी। विभाग से एंट्री की सिफारिश करवानी होगी
सरकारी कर्मचारियों के अलावा आमजन अगर छुट्टी के दिन अस्थायी पास के आधार पर सचिवालय में अंदर जाना चाहेंगे तो उसे जिस विभाग या अफसर के पास जाना है, पहले वहां से मंजूरी लेनी होगी। सिक्योरिटी के पास उस विभाग से किसी व्यक्ति की एंट्री के लिए फोन या लिखित सिफारिश आएगी, तभी एंट्री मिलेगी। सरकारी कामकाज में बाधा की संभावना
कार्मिक विभाग से जारी सर्कुलर के मुताबिक- सचिवालय परिसर में ऑफिस टाइम से पहले और बाद में, सरकारी छुट्टी के दिन अस्थायी पासधारक घूमते रहते हैं। इससे रूटीन सरकारी कामकाज में रुकावट की संभावना है। सुरक्षा और गोपनीयता की दृष्टि से भी सचिवालय परिसर अत्यधिक संवेदनशील ऑफिस की कैटेगरी में आता है। कर्मचारी-अफसरों को आईडी कार्ड पहनकर रखना होगा
सचिवालय पास के बिना बाहरी लोगों और वाहनों की सचिवालय में एंट्री बैन है। सभी कर्मचारियों और अफसरों को सचिवालय परिसर में सुरक्षा अधिकारी से जारी सरकारी आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य है। आदेशों के उल्लंघन पर केस दर्ज होगा
सर्कुलर के मुताबिक सुरक्षाकर्मियों को सचिवालय परिसर में प्रवेश करने वाले किसी व्यक्ति या वाहन की पूरी तलाशी लेने का अधिकार है। आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ संबंधित सेवा नियमों, सुरक्षा नियमों और भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सचिवालय के सुरक्षाकर्मियों को सख्ती से इन नियमों की पालना करवाने के आदेश दिए गए हैं। दूर-दराज से आने वाले लोगों को होगी परेशानी
सचिवालय में प्रदेशभर से लोग आते हैं। कई विभागों में देर शाम तक काम होता है। कई मंत्री भी सचिवालय में देर तक बैठते हैं, उनसे मिलने आने वाले लोगों को परेशानी होगी। पहले भी पाबंदी लगाई, फिर दे दी थी ढील
सचिवालय परिसर में कैमरे लेकर जाने पर वसुंधरा राजे की सरकार के समय पाबंदी लगाई गई थी। उस समय पाबंदी मौखिक थी। बीच में इसमें ढील दे दी गई। अब सरकार ने सर्कुलर निकालकर इसे सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं। तबादलों से बैन हटने के साथ आम लोगों की एंट्री पर पाबंदियों को लेकर चर्चा
कार्मिक विभाग ने सचिवालय में एंट्री को लेकर ये पाबंदिया ऐसे वक्त लगाई है, जब 19 जून से तबादलों से रोक हटी है। तबादलों से रोक हटने के बाद अब रोजाना बड़ी संख्या में लोग सचिवालय पहुंच रहे हैं। अब एंट्री को लेकर लगाई गई इन पाबंदियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। उधर, सचिवालय की सिक्योरिटी से जुड़े जिम्मेदार अफसरों का तर्क है कि सचिवालय में एंट्री से लेकर फोटो, वीडियो बनाने के नियम पहले से ही है। नए सिरे से सर्कुलर जारी कर उनकी सख्ती से पालना करने को कहा है। ———— ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में ट्रांसफर और पोस्टिंग से बैन हटा:5 जुलाई तक हो सकेंगे बदलाव, जानें- कौनसी सेवाओं पर रोक बरकरार रहेगी राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया है। ये रोक 5 जुलाई तक के लिए हटाई गई है। पिछले लम्बे समय से सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों में इसे लेकर चर्चा थी। (पूरी खबर पढ़ें)

भेड़ बचाने नहर में कूदे सगे भाई, एक की मौत:दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया; भोपू से एनाउंसमेंट करके गोताखोर बुलाए

बीकानेर के लूणकरणसर में लिफ्ट नहर में बुधवार को नहर में गिरी भेड़ को बचाने के प्रयास में दो सगे भाई पानी में बह गए। इनमें से एक युवक की डूबने से मौत हो गई, जबकि दूसरे को ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। हादसा उदेसिया के पास कंवरसेन लिफ्ट नहर में आज सुबह करीब 11 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, खिलेरिया निवासी भेड़ पालक पंजाब से भेड़ों का झुंड लेकर लौटे थे। नहर किनारे भेड़ों को पानी पिलाने के दौरान एक भेड़ अचानक नहर में गिर गई। उसे बचाने के लिए डूंगरराम(26) पुत्र आसाराम खिलेरी नहर में कूद गया। पानी के तेज बहाव में वह खुद डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए उसका भाई दौलतराम पुत्र आसाराम खिलेरी भी नहर में उतर गया। दोनों भाइयों को संघर्ष करते देख उनके साथी भादरराम पुत्र फुसाराम खिलेरी ने भी नहर में छलांग लगा दी, लेकिन वह उन्हें बाहर नहीं निकाल सका। खुद भी डूबने की स्थिति बनने पर वह किसी तरह किनारे पहुंच गया। इसी दौरान खेत से बाइक पर गुजर रहे उदेसिया निवासी मनीराम को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगाई और दौलतराम को बेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने तत्काल उसे इलाज के लिए भिजवाया। मंदिर के भोपू से करवाया एनाउंसमेंट, पहुंचे गोताखोर
मनीराम को बताया गया कि नहर में एक और युवक फंसा हुआ है। उन्होंने उसे तलाशने का प्रयास किया, लेकिन डूबा युवक नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच ग्रामीणों ने उदेसिया मंदिर के भोपू(स्पीकर) पर घोषणा करवाई, इसके बाद स्थानीय गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने डूंगरराम को नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस शव को अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डूंगरराम की मौत के बाद खिलेरिया गांव में शोक की लहर फैल गई। वहीं दौलतराम का इलाज चल रहा है।

दामाद ने दीवार तोड़कर संदूक में रखे 22 लाख चुराए:दोस्तों के साथ बिजनेस करने का प्लान बनाया, ससुर ने खेत बेचकर रखी थी रकम

बीकानेर में दामाद ने दोस्तों के साथ मिलकर ससुराल से 22 लाख रुपए चोरी कर लिए। युवक के ससुर ने खेत बेचा था, जिसकी उसे भनक लग गई। आरोपी दामाद ने 2 दोस्तों के साथ मिलकर बिजनेस करने का प्लान बनाया। रात में दोस्तों के साथ ससुराल पहुंचा और मकान की दीवार में छेद करके तीनों अंदर घुसे। संदूक का ताला तोड़कर 22 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। मामला खाजूवाला थाना क्षेत्र के चक 17 बीडी का है। घटना के बाद ससुर को दामाद पर शक हुआ और उन्होंने दामाद गिरधारी लाल मेघवाल और उसके दो दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज करवा। पुलिस ने आरोपी दामाद और उसके 2 दोस्तों को मंगलवार शाम गिरफ्तार कर 13 लाख 35 हजार रुपए बरामद कर लिए। 9 लाख रुपए को लेकर पूछताछ जारी है। चोरी का शक दामाद और उसके दोस्तों पर पुलिस थाना खाजूवाला के इंचार्ज सुरेंद्र प्रजापत ने बताया- 17 जून को चक 17 बीडी निवासी गिरधारीराम मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें उन्होंने बताया कि 16 जून को मेरे घर में रखे 22 लाख रुपए चोरी हो गए है। दामाद सोहनलाल नायक और उसके 2 दोस्तों बूटा सिंह और दुलीचंद नायक पर शक है। रिपोर्ट में गिरधारी ने बताया- मैंने अपना खेत बेचा था, जिसके 22 लाख रुपए मिले थे, जो हमने घर में संदूक में रखे हुए थे। रुपयों की भनक मेरे दामाद सोहनलाल नायक को लग गई थी। उसने अपने दोस्त बूटा सिंह और दुलीचंद नायक को इसकी जानकारी दी। दोनों दोस्तों ने मिलकर दामाद को बिजनेस करने के सपने दिखाए। दामाद के साथ घर में रखे 22 लाख रुपए चोरी कर लिए। ससुर को पता चल गया था दामाद ही है चोर पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरधारी का दामाद मूल रूप से गंगानगर का रहने वाला है। इन दिनों पास के ही एक खेत में काम करता है। नशे के आदी सोहनलाल को रुपए देखकर लालच आ गया और उसने चोरी कर लिए। ससुर को अगले ही दिन ही पता चल गया था कि दामाद ने ही चोरी की है। नौ लाख रुपए अब भी नहीं मिले पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की राशि में से 13.35 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर शेष राशि और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। ये भी पता लगाया जा रहा है कि शेष करीब नौ लाख रुपए कहां खर्च किए गए हैं या फिर कहां रखे गए हैं।