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टोलकर्मी की गुस्ताखी, MLA से मांग लिया आई कार्ड:पंपकर्मी को गोली मारकर भागते बदमाश का पुलिस पीछा क्या करती, गाड़ी ही नहीं स्टार्ट हुई

नमस्कार, गोली मारकर भागे अपराधी का पीछा करने निकली पुलिस की कार बंद हो गई। पुलिसवाले धक्का लगाते दिखे। विधायक से टोलकर्मी ने आई-कार्ड दिखाने को कहा तो मामला बिगड़ गया और पानी के लिए लोग घी बहाने को तैयार हैं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. पुलिस का ‘धक्का-मार’ सिस्टम आमजन को विश्वास है कि अपराधियों को कानून का भय नहीं है। बदमाश बर्थडे मनाने जेल से आते हैं। राजधानी में चाकू से मर्डर कर भाग जाते हैं। हाई सिक्योरिटी जेल में तौलिए से गला घोटा जा रहा है। ओवरलोड ट्रेलर हजार चालान के बावजूद लोगों को रौंदते घूम रहे हैं। अलवर के एक पेट्रोल पंप की घटना ने पुलिस का मखौल उड़ा दिया। दिनदहाड़े एक युवक ने पंपकर्मी को गोली मार दी। पर्सनल दुश्मनी थी। गोली मारकर बदमाश ने भागने में हड़बड़ी नहीं दिखाई। टहलता हुआ बाइक की तरफ गया। फिर आराम से निकल गया। सूचना पर पुलिस की डायल-112 वैन पेट्रोल पंप पहुंची। टीम ने मुआयना किया। लोग बोले- बदमाश उधर भागा है। पीछा करने के लिए टीम के ड्राइवर ने गाड़ी में बैठकर चाबी घुमाई। लेकिन कार स्टार्ट नहीं हुई। लोग हंसने लगे। दो-तीन जवानों ने धक्का लगाना शुरू कर दिया। किसी ने कहा- पीछे धकेलकर नहीं, आगे धकेलकर स्टार्ट करो। हालांकि बदमाश किसी तरह पकड़ा गया, लेकिन पूरे सिस्टम को ही आगे धकेलकर स्टार्ट करने की जरूरत है। 2. विधायक से आई कार्ड क्यों मांगा? विधायक सिर्फ एक पद नहीं। यह बरसों की तपस्या का प्रतिफल है। चुनाव में पानी की तरह पैसा बहाने का परिणाम है। रात-दिन लोगों की सेवा में साम-दाम दंड-भेद इस्तेमाल करने का माद्दा है। यह पद यूं ही नहीं मिलता। कई तो दरियां उठाने में ही खप जाते हैं, लेकिन विधायकी का टिकट नहीं मिलता। वैसे असली परीक्षा तो टिकट मिलने के बाद शुरू होती है। सोचिए, जिन अपनों को नहीं मिला वो किस-किस भांति से टांग खींचते हैं। बगावत करते हैं। हराने का पूरा प्रबंध कर देते हैं। किस्मत के सारे सितारे-ग्रह नक्षत्र एक सुध में हों तब जाकर विधायक बनने का सुअवसर मिलता है। ऐसे में अहंकार आ जाना स्वाभाविक है। तो स्वाभाविक अहंकार के साथ विधायक जी बोनट के नीचे हिंदी में विधायक की तख्ती लटकाए टोल प्लाजा से निकले। जैसा कि भगवान कृष्ण के साथ हुआ था कि उनके आगमन पर ताले टूट-टूट कर गिर गए और दरवाजे अपने आप खुलते चले गए। उसी तरह विधायक जी यह मानकर चल रहे थे कि टोल प्लाजा के बैरियर अपने आप ऊंचे हो जाएंगे और हरी बत्ती अपने आप जल जाएगी। लेकिन बैरियर ऊंचा नहीं हुआ। टोलकर्मी खिड़की से झांककर बोला- लाओ पैसा। विधायक जी के अहंकार में दरार पड़ी। अदना सा टोलकर्मी और पैसा मांगता है? ड्राइवर बोला- अरे, ये विधायक जी हैं। टोलकर्मी को कोई फर्क नहीं पड़ा। उसने कहा- तो फिर आई कार्ड दिखाओ। इसी वक्त धरती फटी और उसमें से विधायक जी का अहंकार डायनासोर की तरह चिंघाड़ते हुए अपने पूर्ण स्वरूप में उजागर हुआ। उन्होंने मौके पर पुलिस बुलाई और नादान टोलकर्मी को 151 में बंद करा दिया। 3. चलते-चलते.. मानसून इन दिनों सूखा बीत रहा है। बादल आते हैं और हवा हो जाते हैं। राजस्थान जैसे ड्राय (शुष्क) प्रदेश में पानी का बड़ा महत्व है। पानी के लिए हम घी बहाने को तैयार हो जाते हैं। विश्वास न हो तो उदयपुर चलिए। यहां मेनारिया समाज के लोग हर साल अच्छी बारिश के लिए चारभुजानाथ को भोग लगाते हैं। इस बार भी पानी के लिए पीपे भर-भर कर घी बहाया गया। हालांकि घी चूरमे में बहाया है। भगवान को घी और काजू-बादाम से तर 1100 किलो चूरमे का भोग लगाया गया। अब तो इंद्रदेव को आदेश करो भगवान कि खुलकर बरसें, खिलकर बरसें। ताकि अन्नदाता के मुरझाए चेहरे खिलें। इनपुट सहयोग- धर्मेंद्र यादव (अलवर), मुकेश हिंगड़ (उदयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

चित्रकार ने ‘बणी- ठणी’ का चित्र उकेरा या ‘राधा’ का:सदियों बाद भी कायम है इस रहस्यमयी पेंटिंग की पहचान पर बहस; पार्ट-3

राजस्थानी प्रेम कहानी के पार्ट-2 में आपने पढ़ा कि कैसे राजा और बणी-ठणी के प्रेम को चित्रकार ने अपनी पेंटिंग्स में उकेरा और बणी-ठणी क्यों भारत की मोनालिसा कहलाई। पार्ट-3 में पढ़िए आगे की कहानी… राजा सावंत सिंह और बणी-ठणी की कहानी में दोनों के श्रीकृष्ण और अध्यात्म की ओर झुकाव की विशेष भूमिका थी, जिसके चलते राजा ने बणी-ठणी में राधा की छवि को देखा था। एक शाम राजा सावंत सिंह ने निहाल चंद को बुलाया और बोले – मुझे खास चित्र बनाना है निहाल चंद। ध्यान रहे चित्र में मन की निर्मलता और आत्मा की शीतलता भी झलके। राधा के स्वरूप को उकेरो, ठीक वैसा जैसा मैंने अपनी कविताओं में राधा को महसूस किया है। राजा के आदेश ने निहाल चंद को सोच में डाल दिया। इस अनोखे सौंदर्य को कैनवास पर उतारना आसान नहीं था। दरबारी कलाकार ने इस चुनौती को स्वीकार किया और जुट गया अपने काम में। कभी वो राजा की कविताओं में डूब जाता तो कभी उन्हीं भावों को कैनवास पर उतारने की कोशिश करता। उधेड़ बुन के बीच उसने स्केच बनाना शुरू किया। हर रेखा, हर रंग मानो एक भावना को आकार दे रहे थे। ऐसा भी माना जाता है कि राजा ने बणी-ठणी से प्रेरित होकर निहाल चंद को राधा का चित्र बनाने का आदेश दिया था। बणी- ठणी के सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए निहाल चंद ने धीरे-धीरे चित्र को पूरा किया और फिर एक पारदर्शी ओढ़नी के माध्यम से तस्वीर के सौंदर्य को और अधिक बढ़ा दिया। अंततः चित्रकार के कैनवास पर उतर आया दिव्य प्रेम और आलौकिक सौंदर्य का अद्भुत संगम। एक ऐसी कृति जो समय से परे थी। यही वो दौर था जब किशनगढ़ में जन्म हुआ उस कला शैली का जिसने खूबसूरती की परिभाषा बदल दी। किशनगढ़ कला शैली की सबसे बड़ी खासियत इसके पात्रों के चेहरे-मोहरे की खास बनावट थी। बणी-ठणी पेंटिंग किशनगढ़ कला शैली का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। बणी-ठणी बनाम ‘राधा’ राजा के कहने पर निहाल चंद ने बणी-ठणी को राधा के रूप में चित्रित किया था। हालांकि किशनगढ़ के कला इतिहासकार, आर्टिस्ट और पूर्व राजपरिवार इस चित्र को ‘राधा’ की पेंटिंग बताते हैं। किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार का कहना है कि निहाल चंद ने दरअसल राधा की पेंटिंग बनाई थी, जिसे राजा सावंत सिंह ने अपनी कविताओं में दर्शाया था।
किशनगढ़ शैली के वरिष्ठ चित्रकार शंकर सिंह राठौड़ कहते हैं – पक्का तो कोई बात कही नहीं जा सकती। मगर कहते हैं कार्ल खंडेलवाला और डिकिंसन ने जब यहां शोध कार्य किया तो उन्होंने ये सारा स्टडी कर के बताया कि किसी लेडी से प्रभावित होकर ये पोर्ट्रेट बनाया गया और वो लेडी बणी-ठणी हो सकती है। कई विद्वान इसे राधा भी कहते हैं। श्री जयकृष्ण देवाचार्य, पीठाधीश्वर निम्बार्काचार्य,काचरिया पीठ, बणी-ठणी के चित्र में आध्यात्मिक भाव को विस्तार से समझाते हैं- राधिका जी के चित्र में उनका ललाट भव्य बताया गया है, बिंदी सौभाग्य का सूचक है। इस चित्र में कटाक्ष नयन हैं। श्रीनाथ जी के चित्र को देखेंगे तो उनके नेत्र भी इसी तरह के दिखाई देंगे।
‘बणी-ठणी’ या ‘राधा’! कौन जानता था कि निहाल चंद अपने राजा की अभिलाषा को पूरा करते हुए किशनगढ़ शैली को कला के इतिहास में अमर करने वाला था। (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। फोटो व पेंटिंग आभार : किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार, चित्रकार,शहज़ाद अली शेरानी ) ग्राफिक्स – भाविक जैन
इनपुट सहयोग- रोहित पारीक राजा सावंत सिंह और बणी ठणी कृष्ण प्रेम और भक्ति में एक समान थे। इस भक्ति रस के चलते ऐसा क्या हुआ कि राजा ने राज पाट छोड़ दिया? जानेंगे कल के एपिसोड में… …… ये भी पढ़िए… 1. प्रेम कहानी जिसे शब्दों ने लिखा, रंगों ने जिंदा रखा:’बणी-ठणी’ क्या सिर्फ एक कल्पना है या वाकई कोई महिला थी? पार्ट- 1 बणी- ठणी कौन थी? ऐसा क्या था उस तस्वीर में जो राजस्थान की धरोहर बनी, जिसने किशनगढ़ शैली को दुनिया भर के कला जगत में पहचान दिलाई। जानते हैं राजा सावंत सिंह और बणी- ठणी की कहानी, जिनके प्रेम और भक्ति को कलाकार निहाल चंद ने अमर कर दिया। पूरी खबर पढ़ें… 2. खुद को कृष्ण मानते थे राजा, ‘बणी-ठणी’ को राधा:विदेशियों ने माना था भारत की मोनालिसा, ऐसा प्रेम जिसने किशनगढ़ को वृंदावन बना दिया; पार्ट–2 राजा सावंत सिंह के जीवन को भक्ति और कविता पूर्णता प्रदान करते थे, लेकिन उस दिन बणी-ठणी को सुनने के बाद उनकी साधना में अध्यात्म का एक नया और गहरा आयाम जुड़ गया था। धीरे- धीरे राजा और बणी- ठणी का रिश्ता जैसे राधा और कृष्ण के आध्यात्मिक प्रेम का रूपक बन गया था। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान के 18 जिलों में बारिश की चेतावनी:अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में झमाझम बरसात, श्रीगंगानगर में पारा 40 के पार

राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को मानसून सुस्त नजर आया और लोगों को बारिश का इंतजार ही रहा। हालांकि, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और अलवर जिलों में हुई बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की गई है। इसके बावजूद श्रीगंगानगर जिला प्रदेश में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज (बुधवार) से मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा, जिससे प्रदेश के 18 जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए मेघगर्जन (थंडर) और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे ज्यादा बारिश अलवर जिले में रिकॉर्ड की गई। कोटपूतली-बहरोड़ में भी बदरा जमकर बरसे। हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में भी मंगलवार सुबह तक 37 मिलीमीटर (एमएम) बारिश दर्ज की जा चुकी थी। सबसे पहले राजस्थान में बारिश की स्थिति जानिए… राजस्थान में मौसम की तस्वीर… राजस्थान के सबसे गर्म जिले गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स तप रहा है पश्चिमी राजस्थान : मंगलवार को श्रीगंगानगर का पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। यहां तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के ही जैसलमेर में 39 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 38.8, चूरू में 38.7, फलोदी में 38.6 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। छोटे कस्बों में संगरिया (हनुमानगढ़) में पारा 36.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जोधपुर में तापमान में ज्यादा परिवर्तन नहीं आया। यहां मंगलवार को 35.8 डिग्री सेल्सियस पारा रहा, जो 13 जुलाई की तुलना में महज 0.3 डिग्री सेल्सियस कम हुआ है। आगे क्या : 15 जुलाई को हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, जालोर, सिरोही, उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़, डूंगरगढ़ और बांसवाड़ा में बारिश हो सकती है। राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर : मंगलवार को जयपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा, जो बुधवार को 36 डिग्री सेल्सियस हो सकता है। यहां दिनभर मौसम साफ रहा। बीते 24 घंटे में जयपुर में न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। बुधवार को बादल छाए रहेंगे। तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। अजमेर : मंगलवार को अजमेर में मौसम सुहावना बना रहा। अधिकतम तापमान 33.8 और न्यूनतम 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे दिन में हल्की उमस महसूस हुई, जबकि सुबह और रात के समय राहत रही। हवा में नमी सुबह 75 प्रतिशत और शाम तक घटकर 50 प्रतिशत रही। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। बादलों की आवाजाही के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। अलवर : मंगलवार अलवर में दोपहर 2 बजे के बाद करीब एक घंटे तक अच्छी बारिश हुई। इस दौरान अलवर कोर्ट परिसर सहित शहर की सड़कें लबालब हो गईं। महल चौक की सीढ़ियों से पानी झरने की तरह बहने लगा। कोर्ट की कैंटीन में भी पानी भर गया। यहां लोग डिब्बों से पानी बाहर निकालते नजर आए। अच्छी बारिश से उमस से काफी राहत मिली है। कोटा : मंगलवार को कोटा का अधिकतम तापमान 36.3 और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में हल्की उमस रही। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री व न्यूनतम 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में 13 जुलाई तक 21% कम बारिश हुई है। कोटा में 8 जुलाई के बाद से बरसात नहीं हुई है। जोधपुर : मंगलवार को जोधपुर में अधिकतम तापमान 35.8 और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन मौसम सामान्य रहेगा और कोई अलर्ट नहीं है। इस दौरान 17 जुलाई तक बादल छाए रहेंगे। 18 जुलाई से बारिश की संभावना है। उदयपुर : मंगलवार को उदयपुर में मौसम सामान्य रहा। कभी बादल छाए तो कभी तेज धूप निकली, लेकिन बारिश नहीं हुई। बावजूद इसके लोगों को उमस से राहत रही। मंगलवार को उदयपुर का अधिकतम तापमान 32.8 और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सीकर : मानसून कमजोर पड़ने के चलते सीकर जिले में गर्मी बढ़ गई है। यहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह और शाम के समय हल्के बादल छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई।

रात में उतरी रालसा टीम:मॉडिफाइड स्लीपर बसें, चेसिस काट अवैध डिग्गी बनाई, 7 बसें सीज कीं

जैसलमेर बस अग्निकांड के बाद अक्टूबर में परिवहन विभाग ने अवैध बसों के खिलाफ 15 दिन के अभियान में 2400 से अधिक बसों पर कार्रवाई की। कई बसों को सीज किया था। इसके बाद अब फिर से हालात वैसे ही हो गए हैं। सड़कों पर ओवरहैंग, ओवरहाइट और मॉडिफाइड स्लीपर बसें दौड़ रही हैं। इसका खुलासा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के राज्यव्यापी विशेष जांच अभियान में हुआ है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मोबाइल मजिस्ट्रेट, पुलिस और परिवहन अधिकारियों की टीम ने 15 जिलों में 295 बसों की जांच की। इनमें 119 बसें सीज की, 220 के चालान कर ~68 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया। अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के नेतृत्व और सदस्य सचिव हरिओम शर्मा अत्री के निर्देशन में चल रहा है। जयपुर एक्सप्रेस-वे पर बसें सीज, 6.50 लाख का जुर्माना
सोमवार को रात 9 बजे से 2 बजे तक जयपुर-अजमेर एक्सप्रेस-वे पर रालसा के सचिव पवन कुमार जीनवाल और जयपुर जिला के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवींद्र प्रताप सैनी के नेतृत्व में बसों की जांच की गई। इस दौरान परमिट, फिटनेस, टैक्स, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की जांच में 7 बसें सीज की गईं और 6.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। स्लीपर बसों में ये मानक जरूरी; इमरजेंसी एग्जिट निर्धारित ऊंचाई और आकार का हो। चेसिस और बॉडी में बिना अनुमति बदलाव नहीं हो। ओवरहैंग और ओवरहाइट निर्धारित मानकों के भीतर हों। ड्राइवर केबिन और यात्री हिस्से में केवल स्वीकृत डिजाइन हो। फिटनेस, परमिट, टैक्स और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हों। बस का संतुलन प्रभावित करने वाला अतिरिक्त निर्माण नहीं हो।

JTI में जेल उपाधीक्षकों का प्रशिक्षण शुरू:RAS बैच-2023 के आठ नवचयनित अधिकारी नौ माह के संस्थागत प्रशिक्षण में लेंगे हिस्सा

अजमेर घूघरा स्थित कारागार प्रशिक्षण संस्थान में राजस्थान जेल सेवा के RAS बैच-2023 से चयनित उपाधीक्षक वर्ग-13 अधिकारियों के नौ माह के संस्थागत प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण में आठ नवचयनित अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में अधिकारियों को अनुशासन, कानूनों की समझ और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करने का संदेश दिया गया। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि उप महानिरीक्षक कारागार राकेश मोहन शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान अनुशासन, समर्पण और सीखने की भावना बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से विभागीय नियमों, कानूनों और प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करने का आह्वान करते हुए कहा कि एक दक्ष कारागार अधिकारी बनने के लिए व्यावहारिक ज्ञान और सकारात्मक सोच दोनों जरूरी हैं।ल विशिष्ट अतिथि हाई सिक्योरिटी जेल के अधीक्षक पारस जांगिड़ ने कहा कि जेल सेवा सुरक्षा, संवेदनशीलता और सुधार के तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। अधिकारियों को ऐसी चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा, जहां कानून का प्रभावी पालन करने के साथ मानवीय और सुधारात्मक दृष्टिकोण भी अपनाना होगा। संस्थान के प्राचार्य जगदीश पूनिया ने बताया कि नौ माह के प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को कारागार प्रशासन, सुरक्षा प्रबंधन, विधिक प्रावधान, मानवाधिकार, सुधारात्मक कार्यक्रमों और व्यवहारिक प्रशिक्षण सहित विभिन्न विषयों का समग्र प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में उम्मेद चौधरी, सुरेश कुमार, सुनील विश्नोई, नेहा यादव, हेमा धाकड़, परसा राम, पुष्पेंद्र और मनीष महावर शामिल हैं।
कार्यक्रम का संचालन अशोक कुमार शर्मा (एमडीआई) ने किया। इस दौरान उप अधीक्षक लक्ष्मण बिश्नोई, सहायक प्रशिक्षक बनवारी लाल शर्मा, सोमराज सहित संस्थान का स्टाफ मौजूद रहा।

रातोंरात 18 आईपीएस का ट्रांसफर, फिर बदला जोधपुर कमिश्नर:रिफाइनरी के कारण चर्चित SP को भी फील्ड से हटाया, 4 जिलों में नए पुलिस मुखिया

राजस्थान सरकार ने मंगलवार (14 जुलाई) देर रात 18 आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर कर दिए। महानिदेशक (DG) स्तर के दो अफसरों के साथ जोधपुर पुलिस कमिश्नर, अजमेर और भरतपुर रेंज के आईजी भी बदले गए हैं। 4 जिलों में अब नए पुलिस अधीक्षक होंगे। रिफाइनरी हादसे के दौरान चर्चा में आए बालोतरा एसपी का ट्रांसफर भी किया गया है।उन्हें फील्ड पोस्टिंग से हटाया गया है। इधर जोधपुर कमिश्नर को पांच महीने से भी कम समय में बदल दिया गया है। ट्रैफिक की कमान मालिनी अग्रवाल के पास अनिल पालीवाल को डीजी ट्रेनिंग एंड ट्रैफिक से डीजी और कमांडेंट जनरल होमगार्ड (जयपुर) लगाया गया है। वहीं, सीनियर आईपीएस मालिनी अग्रवाल को डीजी और कमांडेंट जनरल होमगार्ड से डीजी पुलिस ट्रैफिक के पद पर लगाया है। वहीं, प्रदीप मोहन शर्मा का ट्रांसफर इंटेलिजेंस ट्रेनिंग एकेडमी (जयपुर) से एडशिनल कमिश्नर (यातायात और प्रशासन), पुलिस कमिश्नरेट जयपुर के पद पर किया है। अजेय सिंह राठौड़ को एएसपी वृत्त-किशनगढ़ से कमांडेंट, 7 वीं बटालियन आरएसी (भरतपुर) लगाया गया है। वहीं, अनुष्ठा कालिया का एएसपी बीकानेर सदर, डीसीपी (मुख्यालय) से पुलिस कमिश्नरेट (जयपुर) ट्रांसफर किया गया है। डॉ रवि अजमेर, डॉ प्रीति चंद्रा भरतपुर की रेंज आईजी इस ट्रांसफर लिस्ट में दो बड़ी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) भी बदले गए हैं। इनमें अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह का तबादला आईजी सतर्कता (जयपुर) की पोस्ट पर किया गया है। भरतपुर रेंज आईजी कैलाश चंद बिश्नोई का ट्रांसफर आईजी, पुलिस आधुनिकीकरण और कल्याण, (जयपुर) के पद पर किया है। वहीं, पुलिस मॉर्डनाइजेशन और वेलफेयर के आईजी डॉ रवि अजमेर रेंज के नए आईजी होंगे। डॉ प्रीति चंद्रा को आईजी लॉ एंड ऑर्डर से भरतपुर रेंज आईजी के पद पर पोस्टिंग दी गई है। ये ट्रांसफर सबसे ज्यादा चर्चा में फिर बदला कमिश्नर: जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में फिर बदलाव हुआ है। शरत कविराज को 23 फरवरी को जोधपुर पुलिस कमिश्नर के पद की जिम्मेदारी दी गई थी। पौने पांच महीने में ही उनका त​बादला कर दिया है। वे अब आईजी क्राइम ब्रांच होंगे। वहीं, सीनियर आईपीएस अंशुमन भोमिया नए कमिश्नर होंगे। वे अभी आईजी एसएसबी हैं। बालोतरा एसपी को हटाया: रिफाइनरी के कारण चर्चित बालोतरा के एसपी का भी ट्रांसफर किया गया है। एसपी रमेश का तबादला एसपी सी.बी.(ह्यूमन राइट्स एंड वीकर सेक्शन्स), जयपुर के पद पर किया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी मुख्यालय राजेश कुमार बालोतरा के नए एसपी होंगे। 4 जिलों के पुलिस अधीक्षक भी बदले जोधपुर ग्रामीण एसपी पीडी नित्या अब जोधपुर में ही एसीबी एसपी होंगी। नित्या की जगह अब पंकज यादव जोधपुर ग्रामीण के एसपी होंगे। पंकज यादव अभी आरएसी बटालियन -1 जोधपुर में कमांडेंट हैं। प्रतापगढ़ एसपी बी आदित्य को हनुमानगढ़ एसपी के पद पर लगाया है। हनुमानगढ़ एसपी नरेंद्र सिंह मीणा का तबादला 10वीं आरएसी बटालियन बीकानेर के पद पर किया है। विशाल जांगिड़ को कमांडेंट, 10वीं बटालियन, आरएसी बीकानेर से प्रतापगढ़ एसपी के पद पर लगाया है। …. राजस्थान में ट्रांसफर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… कैबिनेट मंत्री के बेटे का ट्रांसफर कैंसिल:59 की उम्र में हेडमास्टर का 500KM दूर तबादला, बोले-BJP के लिए काम किया, बदले में यह मिला
राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे दीपक कुमावत के तबादले को लेकर भी सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। पूरी खबर पढ़िए…

हाईकोर्ट ने कहा- दत्तक पुत्र भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार:पुलिस विभाग पर लगाया 1 लाख का जुर्माना; कहा- नियमों के तहत नियुक्ति देने पर करें फिर विचार

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा- कानूनी तौर पर गोद लिया गया बेटा (दत्तक पुत्र) भी अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने का हकदार है। साथ ही कोर्ट ने बिना किसी ठोस कारण के याचिकाकर्ता के दावे को खारिज करने पर सरकार और पुलिस विभाग पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने यह आदेश टोंक निवासी अश्विनी गुर्जर की याचिका को मंजूर करते हुए दिया। कोर्ट ने सरकार को कहा- वह जुर्माना राशि 60 दिन में याचिकाकर्ता को भुगतान करें। अदालत ने माना कि पिता की मौत के बाद याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारियों के कारण कठिनाई झेलनी पड़ी। वहीं पुलिस विभाग ने प्रार्थी का दावा खारिज करने का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया। ऐसे में अधिकारियों पर जुर्माना लगाना उचित होगा। अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर फिर से विचार करें याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता के पिता पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत थे। नौकरी के दौरान 27 जनवरी 2022 को उनकी मृत्यु हो गई थी। याचिकाकर्ता मृतक का विधिक रूप से गोद लिया हुआ बेटा है। उसने पिता की जगह अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन पुलिस विभाग ने 2 मार्च 2023 को बिना कोई ठोस कारण बताए उसका दावा खारिज कर दिया। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि प्रार्थी के अनुकम्पा नियुक्ति दावे पर फिर से विचार करें। साथ ही यदि वह सभी जरूरी शर्तें पूरी करे तो उसे अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।

शौक के लिए कार-बाइक की चोरी, फरार आरोपी गिरफ्तार:सस्ते दामों पर बेच देता; टोंक, सवाईमाधोपुर, दौसा और जयपुर में ठिकाने बदलकर काटी फरारी

जयपुर में इनामी और शातिर वाहन चोर सोनू मीणा (32) को जवाहर नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी साल 2023 में ईको कार चोरी की वारदात के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 15 जून को पुलिस मुख्यालय की ओर से दो हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। जवाहर नगर थाना प्रभारी सरला यादव ने बताया- वारदात अप्रैल 2023 को हुई थी। जवाहर नगर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी मारुति सुजुकी ईको कार सेक्टर-4 स्थित पार्क के बाहर खड़ी की थी, जिसे बदमाश चोरी कर ले गए। इस संबंध में जवाहर नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि वारदात में सोनू मीणा और उसका साथी विश्राम मीणा शामिल थे। विश्राम मीणा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि सोनू लगातार फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार- आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा और जयपुर में लगातार ठिकाने बदल रहा था। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने 13 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया। चोरी के वाहन बेचकर उड़ाता था रकम पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया- वह साथी के साथ रात के समय मकानों के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल और ईको कार चोरी करता था। चोरी के वाहनों को धौलपुर और अजमेर-ब्यावर क्षेत्र में अज्ञात लोगों को बेच देता था और उससे मिली रकम अपने शौक पूरे करने में खर्च करता था। पुलिस के अनुसार- सोनू मीणा के खिलाफ जयपुर के श्याम नगर, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर सहित अन्य थानों में वाहन चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके गिरोह से जुड़े अन्य अपराधों और चोरी के वाहनों की बरामदगी के संबंध में जांच कर रही है।

बार काउंसिल चुनाव: भीलवाड़ा के एडवोकेट नीरज गुर्जर बने मेंबर:कहा- यह व्यक्तिगत जीत नहीं, अधिवक्ता समुदाय के विश्वास की जीत

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के 23 सदस्यों के निर्वाचन के लिए करीब दो महीने से जारी मतगणना के बीच पहली जीत हो गई है। भीलवाड़ा के अधिवक्ता नीरज गुर्जर निर्वाचन के लिए निर्धारित मतों की संख्या प्राप्त करने वाले पहले प्रत्याशी बने हैं। साथ ही उनका निर्वाचन घोषित हो गया है, जबकि अन्य प्रत्याशियों के लिए मतगणना और मतों के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। निर्वाचन अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य ने बताया- प्रथम वरीयता मतों की गणना के बाद प्रत्येक प्रत्याशी के निर्वाचन के लिए 2614.21 मतों की निर्धारित संख्या तय की गई थी। नीरज गुर्जर ने यह आंकड़ा हासिल कर सबसे पहले जीत दर्ज की है। अब शेष प्रत्याशियों के मतों का स्थानांतरण और गणना जारी रहेगी तथा निर्धारित मतों की संख्या प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का निर्वाचन क्रमवार घोषित किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी की जाएगी। नीरज गुर्जर का निर्वाचन होते ही उनके समर्थकों और अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल बन गया। समर्थक उनके निवास पहुंचे और मिठाई खिलाकर बधाई दी। गुर्जर ने कहा- यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय के विश्वास की जीत है। उन्होंने बताया- वर्ष 2013 से वे राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में वकालत कर रहे हैं और बार काउंसिल में अधिवक्ताओं के हितों, कल्याण और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।

सेना के लेफ्टिनेंट के मकान में लाखों की ज्वेलरी चोरी:परिवार समेत छुट्टी पर महाराष्ट्र गए हुए थे आर्मी ऑफिसर, स्टाफ ने फोन कर बताया

जोधपुर शहर के महामंदिर थाना इलाके में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। रसाला रोड स्थित सेना के जेएसआई एन्क्लेव में एक सरकारी आवास का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर, हीरे और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित आर्मी अफसर सेना की 12 कोर डेंटल यूनिट में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और वारदात के समय सपरिवार छुट्टी पर महाराष्ट्र गए हुए थे। वापस लौटने पर पीड़ित ने महामंदिर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(a) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छुट्टी पर गया था परिवार, स्टाफ ने फोन कर दी सूचना लेफ्टिनेंट कर्नल आठवले रवि प्रकाश ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वे रसाला रोड स्थित जेएसआई एन्क्लेव के क्वार्टर नंबर 164/3 में रहते हैं। वे 26 जून को परिवार सहित अपने पैतृक गांव जलगांव (महाराष्ट्र) छुट्टी पर गए थे। 11 जुलाई की सुबह करीब 9:51 बजे उनकी यूनिट के स्टाफ नायक मनीष ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके सरकारी आवास का ताला टूटा हुआ है और दरवाजा खुला है। अंदर जाकर देखा तो सभी कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। स्टाफ ने जब व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर घर के हालात दिखाए, तो चोरी की पुष्टि हो गई। सूचना मिलने पर लेफ्टिनेंट कर्नल तुरंत जोधपुर के लिए रवाना हुए और 12 जुलाई को दोपहर में यहां पहुंचे। इसके बाद महामंदिर थाना पुलिस और सेना की पुलिस टीम के साथ उन्होंने अपने आवास का मुआयना किया। चोर घर से भारी मात्रा में कीमती आभूषण और नकदी समेट ले गए थे। चोर करीब 219.12 ग्राम सोना चुराकर ले गए। जिसमें मंगलसूत्र, सुदर्शन माला, 3 जोड़ी चूड़ियां, ब्रेसलेट, चेन, पेंडेंट और बच्चियों के जेवर शामिल हैं। इसके अलावा 4.695 ग्राम के हीरे के दो इयररिंग्स, 28 ग्राम चांदी के पायल और बिछिया सहित 53,000 रुपए नगद चुराकर ले गए। आसपास के खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज महामंदिर थाना अधिकारी देवेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल के आवास में चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर आस पास की जगहों के CCTV खंगाले जा रहे हैं।