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बासी दाल खाने से एक परिवार के 7 लोग बीमार:सभी को एक साथ उल्टी, दस्त और घबराहट होने लगी, उपजिला अस्पताल में हुए भर्ती

लालसोट में एक ही परिवार के सात लोगों की खाना खाने के बाद तबीयत खराब होने का मामला सामने आया है। सभी को लालसोट उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल, सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। लालसोट उपजिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया- बुधवार देर शाम अजबपुरा गांव से एक परिवार के 7 सदस्य उल्टी दस्त की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती हुए थे। सभी का समय रहते जरूरी इलाज किया गया। फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं। इन सात लोगों की बिगड़ी तबीयत फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित लोगों में जगदीश (65), बनवारी (30) पुत्र जगदीश, करिश्मा (25) पत्नी बनवारी, अमन (12) पुत्र पृथ्वी राज , उगन्ती (30) पत्नी पृथ्वी राज, रिद्धि (3) पुत्री सुनील और बीना (26) पत्नी सुनील शामिल हैं। अस्पताल में सभी का चिकित्सकीय निगरानी में इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में मामला फूड प्वाइजनिंग का पाया गया है। परिवार ने रात की बासी दाल खाई थी परिवार का मुखिया जगदीश ने बताया- घर में मंगलवार शाम को दाल बनाई गई थी। आज बुधवार को दोपहर में परिवार के सदस्यों ने बची हुई उसी दाल का खा लिया। खाना खाने के कुछ ही समय बाद सभी को उल्टी, दस्त और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं। हालत बिगड़ने पर परिजन तुरंत सभी को लालसोट उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया।

बांसवाड़ा में सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य:कलेक्टर- एसपी ने जारी की संयुक्त एडवाइजरी, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

बांसवाड़ा में अब सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सड़क हादसों में जनहानि को कम करने और यातायात सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट और एसपी ने संयुक्त रूप से विशेष एडवाइजरी जारी की है। आदेश का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ यातायात नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी स्वयं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग कर आमजन के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। एडवाइजरी के अनुसार दुपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति (पिलियन राइडर) के लिए भी आईएसआई (ISI) या बीआईएस (BIS) मानक का हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। हेलमेट केवल सिर पर रखना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी स्ट्रैप (फीता) को भी सही तरीके से बांधना होगा। इसके अलावा कार्यालय आने-जाने, क्षेत्र भ्रमण, सरकारी कार्य या निजी काम से यात्रा के दौरान, चाहे दूरी कितनी भी कम हो, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे इस एडवाइजरी की जानकारी अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक तत्काल पहुंचाएं और इसकी शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित कराएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान कॉलेज एजुकेशन में नई नियुक्तियों पर लगाई अंतरिम रोक:हाईकोर्ट ने कहा- शिक्षकों को हटाकर नए लोगों की नियुक्ति करना शोषण का कारण बन रहा

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के तहत की जा रही भर्तियों और प्रत्येक शैक्षणिक सत्र के बाद प्राध्यापकों की सेवाएं समाप्त कर नई नियुक्तियां करने की प्रक्रिया पर सख्ती दिखाई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने राज्य सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए राजसेस के तहत जारी भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने कहा- गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा- उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में राजपत्रित पदों पर इस प्रकार संविदात्मक नियुक्तियां करना सरकार के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि हर वर्ष शिक्षकों को हटाकर नए लोगों की नियुक्ति करना न केवल शिक्षकों के शोषण का कारण बन रहा है, बल्कि इसकी संवैधानिक वैधता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। कहा- संविधान की भावना के विपरीत याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता वर्षा बिस्सा और अन्य ने दलील दी कि 11 जुलाई 2022 के सरकारी आदेश के माध्यम से गठित राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के जरिए नियमित कॉलेजों को सोसायटी के अधीन लाकर राजस्थान शिक्षा सेवा (कॉलेजिएट शाखा) नियम-1986 को अप्रभावी बना दिया गया है। उनका तर्क था कि यह कदम संविधान की भावना के विपरीत है। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद सरकार ने नई भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित कर दिए, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। खंडपीठ ने कहा कि जब तक मामले का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक नई भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से प्रदेशभर में राजसेस और विद्या संबल योजना के तहत कार्यरत हजारों प्राध्यापकों को राहत मिली है।

जयपुर MNIT की छात्रा के सुझाव पर बदली IRCTC वेबसाइट:अब टिकट बुकिंग में कैप्चा और पॉप-अप की झंझट खत्म; जानें- क्या-क्या बदलाव हुए

भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया बीटा वर्जन बुधवार रात 9 बजे लॉन्च कर दिया गया। यूजर्स मौजूदा IRCTC वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए बीटा लिंक https://www.irctc.co.in/eticket/ के जरिए नए पोर्टल का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके नए डिजाइन और फीचर्स पर अपना फीडबैक भी दे सकेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर के MNIT दौरे के दौरान छात्रा से बातचीत में वेबसाइट में बदलाव करने का वादा किया था। वहां मिले महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर ही वेबसाइट के डिजाइन और यूजर एक्सपीरियंस में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। MNIT की छात्रा के सुझाव पर हुआ बदलाव
जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) में विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान छात्रों ने IRCTC वेबसाइट के पुराने डिजाइन, टिकट बुकिंग की जटिल प्रक्रिया और यूजर इंटरफेस से जुड़ी समस्याएं बताई थीं। इस पर रेल मंत्री ने वेबसाइट को आधुनिक बनाने और 15 जुलाई को नया बीटा वर्जन लॉन्च करने की घोषणा की थी। डिजाइन प्रक्रिया में MNIT के छात्रों को भी शामिल किया गया और उनके सुझावों के आधार पर वेबसाइट तैयार की गई। यूजर्स दे सकेंगे फीडबैक बीटा वर्जन का मुख्य उद्देश्य वेबसाइट को अंतिम रूप देने से पहले यूजर्स की राय और सुझाव लेना है। यूजर्स नई वेबसाइट के डिजाइन, स्पीड और फीचर्स पर अपना फीडबैक दे सकेंगे। इन सुझावों के आधार पर आगे जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि मुख्य वेबसाइट को और भी बेहतर बनाया जा सके। कुछ सप्ताह बाद लॉन्च होगा पूरा नया पोर्टल
IRCTC ने बताया- वेबसाइट के साथ-साथ पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन को भी अपग्रेड किया जा रहा है। ये वह मुख्य सिस्टम है, जो IRCTC और अन्य ट्रेन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर टिकट बुकिंग को संभालता है। खास बात यह है कि इसे अपग्रेड करने का काम मौजूदा सिस्टम को बिना बंद किए (चालू रखते हुए) किया गया है। नया रिजर्वेशन इंजन पूरी तरह तैयार होने के बाद अपग्रेडेड IRCTC पोर्टल अगले कुछ सप्ताह में आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया जाएगा। रोजाना बुक होते हैं 14.5 लाख टिकट IRCTC की वेबसाइट पहली बार साल 2002 में लॉन्च की गई थी। वर्तमान में इस पोर्टल पर हर दिन औसतन 14.5 लाख टिकट बुक किए जाते हैं। लगातार बढ़ती यूजर्स की संख्या को देखते हुए ही वेबसाइट और रिजर्वेशन सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि भविष्य में त्योहारों या भारी ट्रैफिक के दौरान भी टिकट बुकिंग तेज और सुचारु बनी रहे। पुरानी वेबसाइट में यूजर्स को होती थीं ये परेशानियां IRCTC की मौजूदा वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान यूजर्स को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बार-बार कैप्चा भरना, अलग-अलग क्लास की सीट देखने के लिए बार-बार विकल्प बदलना, कई चरणों में बुकिंग प्रक्रिया पूरी करना और हर बार यात्री की जानकारी नए सिरे से भरना आम समस्या थी। इसके अलावा, त्योहारों और तत्काल टिकट बुकिंग के समय वेबसाइट पर अचानक ट्रैफिक बढ़ने से पेज बहुत धीमा हो जाता था या कभी-कभी हैंग भी हो जाता था। यूजर्स की इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए वेबसाइट का यूजर इंटरफेस और बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह नए सिरे से तैयार की गई है। — यह खबर भी पढ़िए… जयपुर में रेल मंत्री से छात्रा बोली-IRCTC का एप-वेबसाइट खराब:अश्विनी वैष्णव ने तुरंत अफसरों को फोन लगाया, नई वेबसाइट बनाने के लिए कहा IRCTC का एप और वेबसाइट खराब है। इसे बेहतर किया जाना चाहिए। OTP देर से आता है। टिकट बुक करते-करते सेशन एक्सपायर हो जाता है। बार-बार Login करना पड़ता है। यह शिकायत जयपुर MNIT पहुंचे केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव से एक छात्रा ने की। इस पर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मौके पर ही अधिकारियों को फोन लगाया और नई वेबसाइट बनाने के निर्देश दिए। (पढ़ें पूरी खबर)

झुंझुनूं में मामी के साथ 2 भांजियां घर से लापता:मां बोली- मेरी बेटियों का अपहरण किया, ज्वेलरी और कैश भी गायब

झुंझुनूं में एक विवाहिता अपनी ननद की दो बेटियों और अपने दो वर्षीय बेटे के साथ आधी रात को घर से लापता हो गई। सुबह परिजनों को घटना की जानकारी मिलने पर घर में हड़कंप मच गया। लापता लड़कियों की मां ने पुलिस थाने में अपहरण और घर से जेवरात व नकदी चोरी होने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला अपनी 16 और 18 साल की दो बेटियों के साथ झुंझुनूं स्थित अपने पीहर आई हुई थी। परिवार के सभी सदस्य रात में घर पर ही थे। इसी दौरान 15 जुलाई की अलसुबह करीब 3 बजे दोनों युवतियां अपनी मामी के साथ घर से निकल गईं। विवाहिता अपने दो वर्षीय बेटे को भी साथ ले गई। सुबह परिवार के अन्य सदस्य जागे तो मामी, दोनों युवतियां और बच्चा घर पर नहीं मिले। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। लापता युवतियों की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में दोनों बेटियों के अपहरण की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि घर से सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी गायब है, जिन्हें साथ ले जाया गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिवार के सदस्यों से पूछताछ के साथ मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में विवाहिता और दोनों युवतियां किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से घर से जाने की संभावना सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

कार सवार युवक पर हमले के 4-आरोपी कोर्ट में पेश:जोधपुर में किया था जानलेवा हमला; मामले को लेकर पुलिस कर रही पूछताछ

जोधपुर में तीन दिन पहले कार सवार युवकों पर जानलेवा हमला करने और गाड़ी में तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। देवनगर थाना इलाके में 12 जुलाई की रात करीब 10:25 बजे आरोपियों ने पीड़ित हेमंत सोलंकी के ऊपर हमला कर दिया था। हेमंत अपने दोस्तों के साथ कार में सवार होकर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में सिंधू महल के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और अचानक हमला बोल दिया। युवकों के साथ ही थी मारपीट बदमाशों ने लाठी-डंडों से कार में जमकर तोड़फोड़ की और युवकों के साथ मारपीट की। पीड़ित हेमंत सोलंकी की रिपोर्ट पर देवनगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। जिन्हें बाद में कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने मामले में रेहान (19) पुत्र नैनू खान निवासी सिंधी बस्ती मसूरिया, फरदीन (23) पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, मोहम्मद याकूब (21) पुत्र यूनुस निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, सरफराज (19) पुत्र मोहम्मद असलम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी को गिरफ्तार किया था।

सीकर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के घर पहुंची पुलिस:हेल्पलाइन नंबर्स-पोर्टल की दी जानकारी; स्लम एरिया के लोगों को भी जागरूक किया

सीकर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के घर पर बुधवार को पुलिस पहुंची। पुलिस ने वहां जाकर उन्हें पुलिस के कांटेक्ट नंबर और पोर्टल सहित अन्य बातों की जानकारी दी। राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले के सभी पुलिस थाना एरिया में यह अभियान चलाया गया। ट्रैफिक DYSP पूनम के साथ शहर कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ ने शहर में रहने वाले अकेले दंपति-एकल बुजुर्ग के घर जाकर उन्हें पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 सहित अन्य नंबरों और पोर्टल की जानकारी दी। इसके अलावा स्लम एरिया में भी यह अभियान चलाया गया। जहां पर भी लोगों को इस बारे में जानकारी दी गई। परेशानी में कर सकते हैं कॉल शहर कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया- पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश सीकर में एकल दंपत्ति-एकल बुजुर्ग संकल्प अभियान चलाया गया। इसके तहत शहर में बुजुर्गों को घर जाकर पुलिस से तत्काल कांटेक्ट करने के लिए नंबर और अन्य पोर्टल्स की जानकारी उपलब्ध करवाई गई। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि वे अकेले नहीं हैं। पुलिस हर पल उनके साथ है। यदि किसी भी तरह की कोई परेशानी है तो वह पुलिस से कांटेक्ट कर सकते हैं। इसके अलावा स्लम एरिया में रहने वाले लोगों को भी इस बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उनसे अपील की गई कि यदि उन्हें एरिया में कुछ भी संदिग्ध लगता है तो इसकी जानकारी पुलिस को उपलब्ध करवाएं, जिससे समय रहते पुलिस कार्रवाई कर सके।

यूसीसी पर अब आमजन से मांगे सुझाव:क्यूआर स्केन करके घर बैठे दे सकते हैं महत्वपूर्ण सुझाव

राज्य सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून पर आम जनता, विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों से उनके सुझाव और विचार आमंत्रित किए हैं। इसके लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और क्यूआर कोड जारी किया गया है। ऐसे कर सकते हैं सुझाव साझा आमजन अपने विचार और सुझाव बेहद आसान तरीके से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। आमजन यूसीसी की आधिकारिक वेबसाइट ucc.rajasthan.gov.in पर जाकर अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। वहीं, क्यूआर कोड स्कैन करके भी आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचा जा सकता है। इसके बाद आमजन वहां दिए गए दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया के अनुसार अपने विचार और फीडबैक सबमिट कर सकेंगे। बता दें, दो दिन पहले कलेक्ट्रेट में यूसीसी प्रारूप समिति सदस्य और अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबड़ा की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई थी। इसमें आमजन से यूसीसी पर सुझाव मांगे गए थे] लेकिन यहां लोगों की संख्या बेहद कम रही थी।

एडीजे नवीन मीणा निलंबित:हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किए आदेश; चौहटन में है तैनात

राजस्थान हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीन मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है। वर्तमान में वे चौहटन (बाड़मेर) में एडीजे के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले नसीराबाद (अजमेर) में पदस्थापित थे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस मिलेगा और उनका मुख्यालय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ रहेगा।

गोगुंदा में जैन संतों का चातुर्मास प्रवेश, निकली शोभायात्रा:सूरत से भी आए श्रावक-श्राविकाएं, जिनेन्द्र मुनि -धर्म और तप के बिना जीवन अधूरा है

उदयपुर के गोगुंदा में बुधवार को जैन समाज के चातुर्मास का शुभारंभ संतों के मंगल प्रवेश के साथ श्रद्धा और उत्साह के माहौल में हुआ। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ गोगुंदा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भगवान महावीर के जयकारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। बाईपास चौराहे से निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष गौतम सिंघवी ने बताया कि शोभायात्रा बाईपास चौराहा से शुरू होकर बस स्टैंड, मुख्य बाजार, माणक चौक और ठाकुर देवरा मार्ग से होते हुए जैन स्थानक पहुंची। महिलाओं ने पारंपरिक बांधनी की साड़ियों में सिर पर मंगल कलश धारण किए, जबकि पुरुष और युवाओं ने सफेद वेशभूषा में धर्मध्वज लेकर भगवान महावीर के जयकारे लगाए। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर संतों का स्वागत किया गया। जैन स्थानक में आयोजित धर्मसभा में अतिथियों का मेवाड़ी पगड़ी, शॉल और माल्यार्पण से स्वागत किया गया। महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए और बालकों ने मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत की। बाहर से आए वक्ताओं ने गोगुंदा की धार्मिक परंपराओं की सराहना करते हुए इसे धर्मनगरी बताया। महाश्रमण पूज्य गुरुदेव जिनेन्द्र मुनि ‘काव्यतीर्थ’ ने प्रवचन में क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों का त्याग कर धर्म, संयम और तप के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म और तप के बिना जीवन अधूरा है। प्रवीण मुनि ने आत्मचिंतन और साधना का महत्व बताया। साध्वी डॉ. सुलक्षणप्रभाने धर्म और संयम पर प्रकाश डाला, जबकि साध्वी डॉ. राजश्रीजी ने संतों की भूमिका को आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला बताया। कार्यक्रम में राजस्थान सहित महाराष्ट्र, सूरत, उदयपुर, सेरा प्रांत, वाकल प्रांत, बगडुंदा और भूताला से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संघ अध्यक्ष नाथूलाल मेहता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से नियमित धार्मिक प्रवचन, ध्यान, स्वाध्याय और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इसी दिन से तेले तप की आराधना भी प्रारंभ होगी। मंगल प्रवेश के अवसर पर जैन समाज के साथ अन्य समाज के व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखकर आयोजन में सहभागिता निभाई। वीडियो : गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा