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EWS के लिए पंचायत-निकाय चुनाव में आरक्षण की मांग:अलग आयोग बनाने पर भी दिया जोर, अधिकारों को लेकर विप्र फाउंडेशन के किया प्रदर्शन

झुंझुनूं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के संवैधानिक अधिकारों और उनके सही तरीके से लागू करने की मांग को लेकर विप्र फाउंडेशन (जिला इकाई) ने प्रदर्शन किया। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम मांग-पत्र सौंपा। इसमें EWS वर्ग को अन्य आरक्षित वर्गों की तरह सभी सुविधाएं और अधिकार देने के साथ दो प्रमुख मांगें रखी गईं। 103वें संविधान संशोधन का दिया हवाला विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि संविधान के 103वें संशोधन के तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा, रोजगार और समान अवसर देने के लिए 10 प्रतिशत EWS आरक्षण का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर आज भी इस वर्ग के लोगों को इसका पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार से जल्द जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है। पंचायत और निकाय चुनाव में आरक्षण की मांग फाउंडेशन ने मांग की कि आने वाले पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में EWS वर्ग के लिए सीटें आरक्षित की जाएं। इससे राजनीति और लोकतंत्र में इस वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। EWS आयोग बनाने की मांग मांग-पत्र में राज्य स्तर पर एक स्वतंत्र और मजबूत EWS आयोग बनाने की मांग भी की गई है। फाउंडेशन का कहना है कि यह आयोग आय सीमा, पात्रता, प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के सही तरीके से लागू होने की निगरानी करेगा। विप्र फाउंडेशन के जिला संयोजक उमाशंकर महमिया और संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया ने सरकार से आग्रह किया कि EWS वर्ग के हितों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए इन मांगों पर जल्द विचार कर जरूरी कार्रवाई की जाए। मांग-पत्र सौंपने के दौरान कमलकांत शर्मा, नीरज शर्मा, राजदीप महर्षि, संजय शर्मा, ममता शर्मा, एडवोकेट अंजू शर्मा, पूनम शर्मा, विद्या पुरोहित, आशा शरण, उषा शर्मा सहित विप्र फाउंडेशन के कई पदाधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे।

राजस्थान के 8 जिलों में डेंगू-मलेरिया का खतरा:स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाई रिस्क एरिया माना; मच्छरों को पनपने से रोकने का आदेश

देश में इस साल कमजोर मानसून रहने का अनुमान है। कम बारिश, नमी और गर्मी को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मौसमी बीमारियां ज्यादा होने की आशंका जताई है। मंत्रालय ने पिछले दिनों देश के सभी राज्यों को पत्र लिखकर मौसमी बीमारियों (डेंगू-मलेरिया) के ज्यादा बढ़ने की आशंका जताते हुए इसके बचाव की तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हर राज्य में हाई रिस्क जिलों की लिस्ट तैयार की है, जिसमें विशेष मॉनिटरिंग की जरूरत बताई है। जयपुर सहित राजस्थान के 8 जिलों को हाई रिस्क एरिया में शामिल किया है। मंत्रालय ने पिछले तीन साल की रिपोर्ट देखते हुए उन जिलों को हाई रिस्क एरिया में माना है, जहां डेंगू-मलेरिया के 500 या उससे ज्यादा केस मिले हैं। मच्छरों को पनपने से रोकने के करने होंगे उपाय मंत्रालय ने हाई रिस्क एरिया में शामिल जिलों में मच्छरों को पैदा होने (पनपने) से रोकने के लिए हर सप्ताह ड्राइंग-डे एक्टिविटी करने के आदेश दिए हैं। इसमें आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ उन एरिया में एंटीलार्वा एक्टिविटी की जाएंगी, जहां मच्छरों के पनपने की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। यूपी में सबसे ज्यादा जिले उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 23 जिले स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिह्नित किए हैं, जिनमें डेंगू-मलेरिया फैलने की सबसे ज्यादा आशंका जताई है। महाराष्ट्र के 15, पश्चिम बंगाल के 13, बिहार व पंजाब के 9-9, हरियाणा के 8, दिल्ली के 7, मध्य प्रदेश, गुजरात व उत्तराखंड के 4-4 और छत्तीसगढ़ का 1 जिला शामिल है। रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाने के निर्देश मंत्रालय ने सभी राज्यों को इस तरह की बीमारियों को कंट्रोल करने के साथ-साथ ही ट्रेसिंग और प्राथमिक ट्रीटमेंट के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। पर्याप्त मात्रा में ब्लड और ब्लड कॉम्पोनेंट के साथ-साथ दवाइयों का स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं।

अलवर में 72 घंटे बाद खुले श्रीजगन्नाथजी मंदिर के पट:भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु; आज रूपबास रवाना होंगे सीतारामजी

अलवर के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में मंगलवार को 72 घंटे बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए। पट खुलते ही मंदिर परिसर जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास से गूंज उठा। महिलाओं ने श्रीकृष्ण की वेशभूषा धारण कर हाथों में बांसुरी लेकर भजनों पर मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया। अखंड संकीर्तन समाप्त दोपहर करीब पौने 12 बजे परंपरा के अनुसार भगवान श्री सीताराम जी का ध्वजारोहण किया गया। पूर्व महापौर घनश्याम गुर्जर ने मंदिर शिखर पर ध्वजा चढ़ाई। इसके साथ ही 72 घंटे से चल रहे अखंड संकीर्तन का विधिवत समापन हुआ। जलाभिषेक के बाद नए पोशाक पहनाई मंदिर के महंत पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीजगन्नाथ जी का 11 पवित्र नदियों के जल से अभिषेक कर नए वस्त्र धारण कराए गए हैं। मंदिर की रसोइयां भी मंगलवार से फिर शुरू हो गई हैं। शाम को भगवान श्री सीताराम जी सजे-धजे रथ में सवार होकर सुभाष चौक स्थित जगन्नाथ मंदिर से रूपबास के लिए रवाना होंगे, जहां भगवान जगन्नाथ के विवाह समारोह की तैयारियों का अवलोकन करेंगे। बुधवार शाम को करेंगे नगर भ्रमण इसके बाद बुधवार शाम भगवान श्रीजगन्नाथ जी इंद्रविमान पर सवार होकर शाही लवाजमे के साथ बारात के रूप में नगर भ्रमण करेंगे। करीब छह किलोमीटर लंबी यह भव्य यात्रा लगभग 14 घंटे में पूरी होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रभु के दर्शन करेंगे। महंत पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि अलवर को राजस्थान का सिंहद्वार माना जाता है। यहां ऐसी धार्मिक मान्यता है कि जब भी भगवान श्रीजगन्नाथ रथयात्रा पर निकलते हैं, तब वर्षा अवश्य होती है और प्रभु अपने भक्तों के साथ-साथ तपते अलवर को भी शीतलता प्रदान करते हैं।

सरकारी स्कूल के टीचर ने छात्रा से की छेड़छाड़:कमर पर हाथ रखकर गलत हरकत की; महिलाओं ने चप्पल से पीटा

उदयपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में दसवीं क्लास की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची टीचर के पास कॉपी चेक कराने गई थी। इस दौरान टीचर ने बच्ची की कमर पर हाथ रखा और गलत हरकत करने लगा। घटना के बाद बच्ची डर गई और 3 दिन बाद परिजनों को टीचर की करतूत के बारे में बताया। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने स्कूल जाकर टीचर को चप्पल से मारा। इसके बाद थाने में रिपोर्ट में दर्ज करवाई। वहीं विभाग ने भी तुरंत एक्शन लेते हुए टीचर को स्कूल से हटा दिया। बच्ची ने घर जाकर परिजनों को टीचर की करतूत के बारे में बताया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण स्कूल गए और टीचर को पीटा। टीचर को स्कूल से निकाल भी दिया गया है। कॉपी चेक करने के बहाने गलत हरकत की जानकारी अनुसार- घटना शुक्रवार की है। शनिवार और रविवार का अवकाश था। बच्ची भी घटना के बाद से डरी-सहमी हो गई थी। सोमवार को स्कूल भी गई लेकिन डर लगा रहा। ऐसे में स्कूल से घर आने के बाद अपने परिजनों को आपबीती बताई। बच्ची ने बताया कि टीचर के कॉपी चेक करवाने गई थी। तब टीचर ने कमर पर हाथ रखा और हाथ भी पकड़ा। स्कूल जाकर ग्रामीणों ने टीचर को पीटा स्कूल की छुट्‌टी हो जाने के कारण परिजन और ग्रामीण आज सुबह पहुंचे। क्लास रूम से बाहर टीचर को बुलाकर महिलाओं समेत अन्य लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की। एक महिला ने उसे चप्पल से भी मारा। टीचर अंदर भागने लगा तो लोग उसके पीछे भागे और पकड़ा। हंगामे की सूचना पर पुलिस और स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे। टीचर को स्कूल से हटाया स्कूल प्रिंसिपल ने बताया कि शुक्रवार को बच्ची ने मुझे टीचर की शिकायत की थी। तत्काल मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने टीचर को स्कूल से हटा दिया है। परिजनों ने भी टीचर के खिलाफ थाने में रिपोर्ट देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है

रिटायर्ड-ASI ने परिवार के साथ मिलकर युवक की हत्या की:घर से उठाकर ले गए, लाठी-सरिए से पीटा; अपने नाम कराना चाहते थे करोड़ों की जमीन

भरतपुर में रिटायर्ड ASI ने परिवार के साथ मिलकर युवक की लाठी-डंडों और सरिए से पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोप है कि ASI का परिवार युवक की करोड़ों रुपए की जमीन अपने नाम करवाना चाहता था। जब युवक ने जमीन देने से मना कर दिया तो उसे जबरन अपने घर ले गए। वहां रिटायर्ड ASI सहित परिवार के 6 लोगों ने मिलकर बेरहमी से उसे पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना उद्योग नगर थाना इलाके के तुहिया गांव में सोमवार शाम करीब 4 बजे की है। घटना के बाद आरोपी फरार हैं। घर से जबरन अपने साथ ले गए तुहिया निवासी नकुल सिंह ने उद्योग नगर थाने में भतीजे सुशील कुमार (30) की हत्या का मामला दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में नकुल सिंह ने बताया- भतीजा सुशील खेती करता था। उसके माता-पिता का काफी समय पहले निधन हो चुका था। सुशील के नाम हाईवे किनारे करोड़ों रुपए की जमीन थी। पड़ोसी गजेंद्र सिंह (रिटायर्ड ASI) उस जमीन पर कब्जा करना चाहता था, लेकिन सुशील जमीन देने से साफ मना कर देता था। नकुल सिंह के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे सुशील घर में सो रहा था। तभी गजेंद्र सिंह, पत्नी मिथलेश, बेटा योगेश, उसकी पत्नी ममता, दूसरा बेटा जयदेव और उसकी पत्नी संगीता वहां पहुंचे। उन्होंने सुशील को उठाया। इसके बाद सभी लोग सुशील को जबरन अपने घर ले गए। वहां उन्होंने सुशील पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया। लाठी-डंडों और सरिए से बेरहमी से पीटा आरोप है कि जब सुशील ने जमीन देने से इनकार कर दिया तो गजेंद्र सिंह ने अपने परिवार के साथ मिलकर उस पर लाठी-डंडों और सरिए से हमला कर दिया। मारपीट में सुशील गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद गजेंद्र के परिवार के लोग ही उसे गंभीर हालत में भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात में ही आरोपी पक्ष ने सुशील के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। इसके बाद परिजनों को घटना की सूचना दी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस उद्योग नगर थाना अधिकारी राजेश कसाना ने बताया- नकुल सिंह की शिकायत पर उसके भतीजे सुशील की हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। बता दें कि गजेंद्र सिंह करीब 4 साल पहले पुलिस में ASI के पद से रिटायर हुआ था। उसका बेटा जयदेव प्राइवेट नौकरी करता है। वहीं योगेश प्राइवेट स्कूल में गाड़ी चलाता है।

दोस्तों के साथ सिलीसेढ़ गए युवक की डूबने से मौत:दोस्त नहाने उतरे तो खुद बाहर बैठा था, साथी नहाकर वापस आए तो नहीं मिला

अलवर के सिलीसेढ़ बांध के निचले हिस्से में भरे पानी में सोमवार शाम को पानी में डूबने से दिवाकरी निवासी 32 साल के युवक सुरेश जाटव की मौत हो गई। जो अपने दोस्तों के साथ घूमने निकला था। दोस्त पानी में नहाने उतरे थे, लेकिन युवक सूखी जगह पर बैठा रहा। दोस्त पानी से बाहर आए तो देखा बाहर बैठा साथी नहीं था। उसके कपड़े बाहर रखे थे। अब मंगलवार सुबह से SDRF, सिविल डिफेंस ने सर्च शुरू किया। दोपहर करीब ढाई बजे उसका शव पानी में मिला है। दोस्तों के नहाकर बाहर आने पर मिले कपड़े जानकारी के अनुसार, दिवकारी निवासी सुरेश जाटव (32) अपने 5 दोस्तों के साथ सोमवार शाम सिलीसेढ़ घूमने गया था। सिलीसेढ़ के निचले हिस्से में बने पानी के भराव में 5 दोस्त पानी में उतरकर नहा रहे थे, जबकि रवि कुमार ऊपर सूखी जगह पर बैठा हुआ था। जब पांचों दोस्त नहाकर बाहर निकले तो उन्हें किनारे पर रवि के कपड़े रखे मिले, लेकिन रवि वहां नजर नहीं आया। काफी देर खोजबीन करने के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो दोस्तों ने उसके पानी में डूबने की आशंका जताई। तुरंत पुलिस को सूचना दी। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी देर रात हादसे की जानकारी मिलते ही अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह 6 बजे इसके बाद सिविल डिफेंस और SDRF की टीम को भी बुलाया गया। करीब 7 घंटे की मशक्कत के बाद शव पानी में नीचे फंसा मिला है। शव का निकालकर अलवर जिला अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है।

चित्तौड़गढ़ में चलती ट्रेन से गिरा युवक:जयपुर-भोपाल ट्रेन से घर लौट रहा था, टॉयलेट जाने के बाद गेट पर खड़ा था

चित्तौड़गढ़ के गंगरार में कोर्ट के पीछे रेलवे ट्रैक के नीचे मंगलवार सुबह एक युवक का शव मिला। सूचना मिलते ही गंगरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कुछ देर बाद युवक की पहचान मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के रहने वाले राहुल मीणा पुत्र दुलाराम मीणा के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि सोमवार देर रात राहुल अपनी मां और चचेरे भाई के साथ जयपुर-भोपाल ट्रेन से घर लौट रहा था। रात करीब ढाई बजे वह टॉयलेट जाने के लिए अपनी सीट से उठा था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। आशंका है कि टॉयलेट से लौटने के बाद वह ट्रेन के गेट पर खड़ा था और इसी दौरान चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। परिजनों ने काफी देर तक उसे ट्रेन में तलाशा, लेकिन जब वह नहीं मिला तो वे चंदेरिया स्टेशन पर उतर गए और स्टेशन मास्टर को पूरी जानकारी दी। इसके बाद रेलवे और पुलिस की टीमों ने तलाश शुरू की, लेकिन रात में उसका कोई पता नहीं चल सका। सुबह गंगरार में शव मिलने के बाद पूरी घटना साफ हो गई। जीआरपी से जुड़ी कड़ी, सुबह हुई पहचान गंगरार थानाधिकारी तुलसीराम ने बताया कि सुबह किसी राहगीर ने सूचना दी थी कि कोर्ट के पीछे रेलवे ट्रैक के अंडरपास के पास एक शव पड़ा है। सूचना मिलते ही वे, एएसआई शैतान सिंह, कांस्टेबल विक्रांत सिंह और सूचना अधिकारी प्रदीप मौके पर पहुंचे। युवक के सिर पर गंभीर चोट थी और खून भी बहा हुआ था। पुलिस ने आसपास के लोगों को बुलाकर पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई उसे पहचान नहीं पाया। इसके बाद युवक की फोटो अलग-अलग जगह भेजी गई। इसी दौरान जीआरपी से संपर्क हुआ। तुलसीराम ने बताया कि जीआरपी ने जानकारी दी कि रात में एक 15-16 साल का लड़का ने चन्देरिया स्टेशन मास्टर के पास पहुंचा था। उसने बताया था कि वह किशनगढ़ से रतलाम जा रहा था और उसके साथ सफर कर रहा युवक ट्रेन के गेट पर खड़ा था, जहां से वह नीचे गिर गया। रात में उसकी तलाश भी की गई, लेकिन सही जगह का पता नहीं चल सका। बाद में शव मिलने की सूचना पर जीआरपी के सब इंस्पेक्टर सोमेंद्र कसोटिया, सांवर रावत मौके पर पहुंचे। इस दौरान गंगरार पुलिस ने FSL और MOB टीम को भी बुलाया। चूंकि मामला ट्रेन से गिरने का था, इसलिए आगे की कार्रवाई के लिए शव जीआरपी को सौंप दिया गया। रातभर तलाश चलती रही, सुबह शव मिलने पर परिजनों ने की पहचान GRP के सब इंस्पेक्टर सोमेंद्र कसोटिया ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे भीलवाड़ा आरपीएफ से सूचना मिली थी कि जयपुर-भोपाल ट्रेन से एक युवक गिर गया है। सूचना मिलने के बाद टीम ने परिजनों के साथ रात में तलाश की, लेकिन युवक नहीं मिला। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे गंगरार थाना पुलिस से सूचना मिली कि कोर्ट के पीछे पुलिया के पास एक शव पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने उसकी पहचान राहुल मीणा के रूप में की। कसोटिया ने बताया कि राहुल झाबुआ जिले का रहने वाला था और मजदूरी का काम करता था। वह अपनी मां और चचेरे भाई के साथ जनरल कोच में सफर कर रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि टॉयलेट जाने के बाद वह ट्रेन के गेट पर खड़ा था और उसी दौरान चलती ट्रेन से गिर गया। परिजनों ने चंदेरिया स्टेशन मास्टर को सूचना दी। उन्होंने भीलवाड़ा RPF को सूचना दी, जहां से हमें सूचना मिली। फिर देर रात से हम परिजनों के साथ ही तलाश कर रहे थे। GRP पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। जीआरपी पूरे मामले की आगे जांच कर रही है।

हथियार दिखाकर खुद को डॉन-माफिया बताते, हाथ जोड़कर मांगी माफी:5 थानों की पुलिस ने 5 रीलबाजों को पकड़ा; पुलिस के सामने बदले तेवर

भीलवाड़ा में सोशल मीडिया पर बंदूक-तलवार के साथ रील बनाकर खुद को डॉन और बदमाश दिखाने वाले 5 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पांच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ऐसे युवकों को पकड़ा, जो हथियारों का प्रदर्शन कर लोगों में डर फैलाने और बदमाशों जैसी छवि बनाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पहले देखें … ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर रील बनाई, फिर पुलिस ने पकड़ा जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और तकनीकी सर्विलांस की मदद से कार्रवाई की। पांच थाना क्षेत्रों में ऐसे 5 युवकों को गिरफ्तार किया गया, जो हथियारों के साथ फोटो और रील पोस्ट कर खुद को डॉन, माफिया और बदमाश की तरह पेश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में इन युवकों का रवैया पूरी तरह बदल गया। सोशल मीडिया पर रौब दिखाने वाले युवक आम लोगों से माफी मांगते नजर आए। एसपी बोले- बदमाशी का दिखावा करने वालों पर नजर एसपी सागर ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार दिखाकर रौब जमाने, बदमाशों का महिमामंडन करने और लोगों में डर फैलाने वाले युवकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है, ताकि युवाओं में गलत संदेश न जाए और कानून-व्यवस्था बनी रहे। पांच थानों में एक साथ कार्रवाई बनेड़ा थाना पुलिस ने सरदारपुरा निवासी बलराम उर्फ बल्लू जाट को गिरफ्तार किया। उसने बंदूक के साथ फोटो पोस्ट कर ‘307’ गैंग से जुड़े संदेश शेयर किए थे। सदर थाना पुलिस ने चौपड़ा का खेड़ा निवासी सुरेश कालबेलिया को पकड़ा, जिसने बंदूक और तलवार के साथ वीडियो बनाकर खुद को माफिया जैसा दिखाने की कोशिश की थी। आसींद थाना पुलिस ने बगता का खेड़ा निवासी रामलाल उर्फ रॉकी को बंदूक के साथ रील बनाने पर गिरफ्तार किया। शाहपुरा थाना पुलिस ने उदयभान गेट निवासी राज उर्फ लकी और कारोई थाना पुलिस ने कोठारिया निवासी कुलदीप सिंह को हथियारों का प्रदर्शन करने के मामले में गिरफ्तार किया। ऐसे वीडियो डालेंगे तो होगी कार्रवाई पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना, बदमाशों का महिमामंडन करना या लोगों में डर फैलाने वाले वीडियो और पोस्ट शेयर करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाई को बचाने डिग्गी में कूदा बड़ा भाई,दोनों की मौत:रेस्क्यू करने के लिए ग्रामीण उतरे; पाइप ठीक करते समय पैर फिसला था

श्रीगंगानगर में खेत में पाइप ठीक करते समय पानी की डिग्गी में गिरे छोटे भाई को बचाने के लिए बड़ा भाई भी कूद गया। दोनों गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने काफी देर तक रेस्क्यू किया, लेकिन दोनों को नहीं बचाया जा सका। हादसे में दोनों सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसा रायसिंहनगर क्षेत्र के 56 एनपी गांव में मंगलवार को सुबह हुआ। पाइप ठीक करते समय छोटा भाई डिग्गी में गिरा, बचाने कूदा बड़ा भाई जानकारी के अनुसार, 45 एनपी के रहने वाले राजदीप सिंह (20) और गुरजीत सिंह (24) खेत में पाइप ठीक कर रहे थे। इसी दौरान राजदीप का पैर फिसल गया और वह डिग्गी में गिर गया। उसे बचाने के लिए बड़ा भाई गुरजीत भी तुरंत डिग्गी में कूद गया, लेकिन दोनों डूब गए। ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू, दोनों भाइयों को नहीं बचाया जा सका घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर दोनों भाइयों को बचाने के लिए रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। हादसे में दोनों सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोर पहुंचे, शव डिग्गी से निकाले घटना की सूचना मिलते ही रायसिंहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गोताखोरों को भी बुलाया। उनकी मदद से दोनों भाइयों के शव डिग्गी से बाहर निकाले गए। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

राजस्थान- एक बीमारी के कारण हो रही प्रसूताओं की मौत:डॉक्टर बोले- अचानक हो जाती है खून की कमी; जानिए क्यों हो रही ये समस्या

राजस्थान में सिजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की तबीयत खराब होने और मौत होने के मामले सामने लगातार सामने आ रहे है। वहीं कुछ महिलाओं में डिलीवरी के बाद लगातार खून में कमी हो रही है और उसका असर उनकी किडनी पर पड़ रहा है। डॉक्टर्स के अनुसार- इन सभी का कारण HELLP (हेल्प) सिंड्रोम बीमारी है। प्रसूताओं में इसकी पहले स्क्रीनिंग नहीं हो सके तो तबीयत बिगड़ने पर सिजेरियन डिलीवरी ही इसका इलाज है। बताया जा रहा है कि जोधपुर में हाल ही रेफर होकर आईं प्रसूता या​ ​जिनका इलाज चल रहा है, उनमें ये सिंड्रोम सबसे कॉमन पाया गया है। इसमें अचानक खून की कमी होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, किडनी पर असर और फिर ब्लड प्लेटलेट्स कम हो जाता है। जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत इन्हीं कारण से हुई। वह 25 दिन से वेंटिलेटर पर थी। इसके अलावा एक महिला को पाली जिले से उम्मेद हॉस्पिटल में रेफर किया गया था। उसका अचानक बीपी बढ़ गया और जब उसे यहां लाया गया तो उसकी डिलीवरी करनी पड़ी। ये प्रसूताएं अलग-अलग सेंटर से आईं। डिलीवरी से पहले या फिर बाद में इनमें एक ही चीज कॉमन दिखी। अचानक बीपी बढ़ी, एक दिन वेंटिलेटर पर रखना पड़ा पाली जिसे से एक महिला को उम्मेद हॉस्पिटल में रेफर किया गया था। महिला के ब्लीडिंग ज्यादा होने लगी और लीवर में सूजन थी। इस कारण उसे एक बार वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। आगे जानिए क्यों आ रही ये समस्या… प्रसूताएं इसलिए हो रहीं सिंड्रोम की शिकार डॉक्टर्स के अनुसार- हाल ही जो रेफर होकर केस आए हैं, उनमें जानकारी सामने आई कि कई महिलाओं में एंटीनेटल चेकअप (एएनसी) नहीं थी। यानी गर्भावस्था के दौरान महीने, 15 दिन और फिर सात दिन में होने वाली स्क्रीनिंग प्रॉपर नहीं हो रही। ऐसे में गर्भावस्था के दो-तीन महीने बाद जब उनकी जांच हो रही है तो पता चल रहा है कि वे इस सिंड्रोम का शिकार हो रही हैं। एएनसी जांच से हो सकती समस्या दूर दरअसल, जब महिला में प्रेग्नेंसी की शुरुआत होती है तो उसमें सबसे जरूरी होती है एंटीनेटल चेकअप (एएनसी) यानी गर्भावस्था के दौरान होने वाली देखभाल। इसमें महिलाओं में ब्लड की कमी से लेकर, उनके ब्लड प्रेशर और बाकी जांच की जाती है। ताकि पता लगाया जा सके कि गर्भावस्था के दौरान कोई बड़ी समस्या तो नहीं होगी। प्रसूताओं में ब्लड प्रेशर की मॉनिटरिंग जरूरी डॉक्टर्स के अनुसार- प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर की लगातार जांच होनी चाहिए, जो सबसे ज्यादा जरूरी है। ब्लड प्रेशर के भी कंडीशनल और पैरामीटर अलग हैं। इस सिंड्रोम की वजह से ब्लड प्रेशर सबसे सीवियर कंडीशन पर पहुंच जाता है। इससे किडनी, लीवर, ब्रेन सहित दूसरों अंगों पर भी असर होता है। इसके बाद एक ही ऑप्शन रहता है कि प्रसूता की किसी भी हाल में डिलीवरी करवानी होती है। खून और प्लेटलेट्स की कमी, किडनी पर इफेक्ट डॉक्टर्स के अनुसार- इस HELLP सिंड्रोम के चलते शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) टूटने लगती हैं और खून की कमी होने लगती है। इसकी वजह से ब्लड प्लेट्लेट्स और प्लाज्मा में भी कमी आने लगती है। इस बीमारी की कंडीशन में जब भी डिलीवरी होती है तो ब्लीडिंग ज्यादा होने लगती है। खून का थक्का जमने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में खून का फ्लो नहीं बनने पर किडनी इफेक्ट होती है। डॉक्टर्स के अनुसार- इस स्थिति में कई बार लगातार ब्लीडिंग होने लगती है। कई बार लगातार प्रयास के बाद भी उसे रोक नहीं पाते हैं। ऐसे में बच्चेदानी तक निकालनी पड़ जाती है।

ये खबर भी पढ़िए- उम्मेद हॉस्पिटल में भर्ती दो प्रसूताओं की स्थिति में सुधार:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ गई थी तबीयत; एक मरीज वेंटिलेटर पर जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की ​तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। (पढ़िए पूरी खबर) डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो बच्चेदानी निकाली,अब मौत:महिला की किडनी डैमेज हुई; जोधपुर में 25 दिन से वेंटिलेटर पर थी कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)