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40 दिन से नर्सिंग कर्मियों का धरना

बाड़मेर | बाड़मेर में नर्सिंग कर्मचारी सेवा बहाली और नई भर्ती प्रक्रिया में मेरिट व बोनस अंक को आधार बनाने की मांग को लेकर 40 दिनों से धरने पर हैं। कर्मचारियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई से मुलाकात की। ज्ञापन सौंपा। संयोजक जसवंत सिंह योद्धा ने कहा कि प्रदेशभर में निविदा और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए हटाए गए नर्सिंग कर्मचारियों की तुरंत सेवा बहाली हो। कोविड काल में लंबे समय तक अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों को रोजगार से बाहर किया गया।

जयपुर की घटना, 10 हजार चांदी के सिक्के भी चोरी:हवेली की नींव से 45 किलो चांदी, सोने से भरे 15 कलश निकले; ठेकेदार-मजदूरों ने गायब किए

परकोटे की एक पुश्तैनी हवेली की तोड़ाई के दौरान खजाना मिलने का दावा सामने आया है। हवेली मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 स्वर्ण कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मालिक को बताए बिना आपस में बांट लिए। परिवादी का दावा है कि उसके पास दो वीडियो हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर मिली संपत्ति का जिक्र करते दिखाई दे रहे हैं। इन्हें पेन ड्राइव में रखकर पुलिस को सौंपा गया है। मामला त्रिपोलिया बाजार के विद्याधर का रास्ता स्थित पुश्तैनी हवेली का है। परिवार ने पुरानी हवेली तोड़कर नया निर्माण कराने के लिए डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से ठेका दिया था। तोड़ाई का काम महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। परिवादी बापू नगर निवासी राहुल सेठी का कहना है कि ठेकेदार को पहले ही साफ कह दिया था कि दीवारों, नींव या मलबे से कोई कीमती वस्तु मिले तो परिवार को सौंपना होगा। परिवादी के अनुसार, करीब छह माह पहले तोड़ाई के दौरान यह संपत्ति मिली। हाल में इसकी जानकारी मिलने पर 15 जुलाई को माणकचौक थाने में मामला दर्ज कराया गया। मजदूर ने मालिक को बताया तो खुला राज रिपोर्ट में आरोप है कि ठेकेदार ने अपने सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा के साथ मिलकर संपत्ति खुर्दबुर्द कर दी। परिवादी ने पुलिस को दो वीडियो सौंपे हैं। इनमें एक अनुज का और दूसरा महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू व उसके सहयोगी जगदीश का है। दावा है कि वीडियो में मिली संपत्ति का जिक्र किया गया है। हवेली को तोड़ने वाले मजदूरों में से ही एक ने मालिक को सारा राज बताया।

गोठड़ा में नौ दिवसीय श्रीराम कथा आज से

कस्बे के सांवरियानाथ मंदिर परिसर में शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ होगा। 18 से 26 जुलाई तक होने वाली कथा को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। आयोजन समिति के अनुसार रामेश्वर पीठाधीश्वर बालयोगी महंत बाबा बालकदास महाराज प्रतिदिन दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक श्रीराम कथा का वाचन करेंगे। कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, धर्म, कर्तव्य, करुणा और लोक-कल्याण के संदेशों का वर्णन किया जाएगा। सांवरियानाथ महिला मंडल और ग्रामवासियों की ओर से इस धार्मिक कार्यक्रम के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा संबंधी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है।

प्रसूता मृत्यु पर प्रमुख शासन सचिव के बयान का एएनएम-एलएचवी संघ ने किया विरोध

प्रसूता मृत्यु के मामले में प्रमुख शासन सचिव के बयान का एलएचवी-एएनएम संघ ऑफ राजस्थान ने विरोध जताया है। संघ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नफीसा बानो ने इसे आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान धरातल पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल गिराते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की बैठक में नफीसा बानो ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली एएनएम और एलएचवी विपरीत परिस्थितियों में भी सेवाएं दे रही हैं। उन्हें ही जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया जा रहा है। यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से स्वास्थ्य कर्मियों में रोष है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी कार्यशैली और बयानों में सुधार नहीं किया तो प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। साथ ही प्रसूता मृत्यु के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराने की भी मांग की। ।

हाईवे पर सफर महंगा:5 टोल प्लाजा पर आज से नई दरें, 5 से 20 रुपए तक बढ़े, रात 12 बजे से होगी लागू

संभाग में शनिवार रात से हाईवे पर सफर करना महंगा होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई (उदयपुर) ने 5 प्रमुख टोल प्लाजा पर टैक्स बढ़ा दिया है। इनमें एनएच-14, एनएच-76, एनएच-58 (विस्तार), एनएच-158 (विस्तार) व एनएच-48 (पुराना एनएच-8) शामिल हैं। नई दरें रात 12 बजे से लागू होंगी। टोल टैक्स में 5 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। मासिक पास में 20 से 30 रु. का इजाफा किया गया है। इससे निजी व व्यावसायिक, दोनों तरह के वाहनों का खर्च बढ़ेगा। लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 20 किमी के दायरे में रहने वाले लोगों को राहत मिली टोल के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को राहत दी गई है। उनके गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए 2026-27 का मासिक पास 360 रुपए का होगा। पात्र गैर-व्यावसायिक वाहनों का वार्षिक पास 3075 रुपए का बनेगा। इन टोल पर बढ़ी दरें (नोट: व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग नई दरें लागू होंगी।)

एक पेड़, ,एक जिंदगी के लिए महाभियान शुरू, पौधे लगाए

टोंक| पर्यावरण का महाभियान ‘एक पेड़, एक जिंदगी’ के तहत दैनिक भास्कर की ओर से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांधी नगर की हरे कृष्णा कॉलोनी स्थित विवेकानंद खेल मैदान में पौधारोपण हुआ। इस मौके पर पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा के लिए भी संकल्प लिया गया। 21 पौधे लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रतिदिन इस अभियान के तहत पौधारोपण किया जाएगा। इस मौके पर शिक्षाविद रमेशकाला, सुमन काला, इंदिरा देवी, लोकेश धाकड़, जोधराज सिंह, आलोक, जितेश, लक्षिता, अवनी, कोमल आदि मौजूद रहे। उन्होंने भास्कर के अभियान की सराहना की। इस मौके पर चंपा, मोगरा, अनार, आम, जामुन, नीम, सीताफल, पपीता, तुलसी आदि के पौधे लगाए गए।

साइबर ठगी 400 गुना बढ़ी:2018 में 3 केस, अब तक 1229, जबकि 10 लाख से ज्यादा के केस ही दर्ज किए

राजधानी में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2018 में साइबर थाने में केवल 3 मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके बाद 8 साल में 1229 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। यानी केसों का बोझ 400 गुना तक पहुंच गया, लेकिन साइबर थाना अब भी पुराने संसाधनों के कही भरोसे है। चार कमरों के थाने में तैनात अधिकांश पुलिसकर्मी साइबर अपराध की जांच के केवल 2-3 दिन के शॉर्ट टर्म कोर्स किए हैं। एक भी स्थायी तकनीकी विशेषज्ञ नहीं है। जबकि साइबर ठग रोज नई तकनीक ला रहे हैं। ठगी की रकम कई बैंक खातों, म्यूल अकाउंट और डिजिटल वॉलेट से कुछ ही मिनटों में अलग-अलग राज्यों या देशों तक पहुंच रही है। वीपीएन और फर्जी आईपी एड्रेस से अपराधी की लोकेशन और क्रिप्टोकरेंसी से रकम को ट्रैक करना तक मुश्किल है। ऐसे में डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञ, नेटवर्क एनालिस्ट, आईपी ट्रैकिंग एक्सपर्ट, मोबाइल-लैपटॉप डेटा रिकवरी विशेषज्ञ, बैंकिंग ट्रांजेक्शन एनालिस्ट, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन एनालिस्ट और सोशल मीडिया इंटेलिजेंस टीम की जरूरत है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने हाल ही दो प्रोग्रामर और एक सहायक प्रोग्रामर को अस्थायी रूप से लगाया है। 5 लाख से ज्यादा की ठगी पर केस, 10 लाख से ज्यादा के ही दर्ज कर रहे नियमों के अनुसार 5 लाख रुपए से अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामलों की जांच साइबर थाने को करनी चाहिए। लेकिन स्टाफ और संसाधनों की कमी के कारण जयपुर साइबर थाना 10 लाख रुपए से अधिक की ठगी के मामलों को ही जांच के लिए ले रहा है। ऐसे में सवाल यह भी है कि 10 लाख रुपए से कम ठगी वाले पीड़ित कहां जाएं? वहीं 5 लाख रुपए से कम साइबर ठगी के केस संबंधित थानों में दर्ज किए जाते हैं। ऐसे मामलों की तकनीकी जांच और अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंच भी प्रभावित होने की आशंका रहती है। लॉकअप में वॉशरूम नहीं, रात में आरोपियों को विधायकपुरी थाने भेजना पड़ता है

बेगू का बास के युवक की आबूधाबी में संदिग्ध हालत में मौत, 3 माह बाद मिला शव, परिजन हुए आक्रोशित

गांव बेगू का बास के युवक की आबू धाबी में तीन माह पूर्व हुई मौत के बाद शुक्रवार को शव गांव लाए। प्रत्येक ग्रामीण राकेश कुमार (24) की मौत को लेकर स्तब्ध था। शव तीन माह बाद पहुंचने पर ग्रामीणों ने विदेश मंत्रालय के प्रति आक्रोश जताया। परिजन व ग्रामीण बोले कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और विदेश मंत्रालय समय रहते सहयोग करते तो शव पहले पहुंच सकता था। मौत के कारणों व पीड़ित परिवार को मुआवजा मिल सकता था। अशोक ने बताया कि उसके ताऊ का बेटा राकेश पुत्र दलीप चंद मेघवाल आबू धाबी की एसीसी कंपनी में 28 अगस्त, 2025 को लेबर के रूप में काम करने गया था। तीन माह पूर्व तक उससे परिजनों की फोन पर बातचीत होती थी, बाद में फोन बंद आने लगा तो चिंता बढ़ गई। कंपनी में पता करने पर जानकारी नहीं मिली तो दुबई में कार्यरत रिश्तेदार को भेजकर पता कराया तो 18 मई को जानकारी मिली कि राकेश की 22 अप्रैल को ही मौत हो गई थी। परिजनों ने कंपनी में बार-बार संपर्क किया और विदेश मंत्रालय एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया, परंतु तीन माह तक यथासंभव सहयोग नहीं मिला। सांसद राहुल कस्वां से मिलने पर उन्होंने भी आश्वासन दिया, परंतु समय पर कार्रवाई नहीं हुई। बाद में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल व कैबीनेट मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलकर गुहार की गई, तो उन्होंने विदेश मंत्रालय में फोन किया, तब जाकर डेडबॉडी मिल सकी। परिवार में वही कमाने वाला था। मृतक के पिता ईंट भट्‌ठे पर काम करते हैं। दो भाई-बहनों वह छोटा और अविवाहित था। इधर, प्रशासक विनोद कुमार मीणा, परिजनों व ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच व पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। आबू धाबी में साथ काम करने वाला रतनगढ़ निवासी कपिल रैगर जब राकेश की डेडबॉडी लेकर घर पहुंचा तो सारी बात बताई। कपिल ने बताया कि वह और राकेश एक ही कंपनी में काम करते थे और साथ ही रहते थे। राकेश लगातार एक-दो दिन तक कमरे पर नहीं लौटा तो उन्होंने कंपनी अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इस पर अधिकारियों का जवाब बहुत ही असंवेदनशील था। बाद में राकेश की मृत्यु की सूचना मिली और उसने कई बार कंपनी से मौत का कारण जानने का प्रयास किया, लेकिन जानकारी देने से इनकार कर दिया।

डिस्कॉम एईएन ने पदभार संभाला

किशनगंज| बिजली निगम कार्यालय सीसवाली से स्थानांतरण होकर एईएन राधेश्याम मीणा द्वारा शुक्रवार को किशनगंज कार्यालय मैं पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उनका कर्मचारियों ने तिलक माल्यार्पण कर मीणा का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व में कार्यरत एईएन सतपाल मीणा द्वारा नवनियुक्त एईएन राधेश्याम मीणा को सभी औपचारिकताएं पूरी पदभार संभलाया लाया गया। साथ ही पूर्व के एईएन सतपाल मीणा का स्थानांतरण होने पर बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा साफा बंधन तिलक एवं माल्यार्पण कर विदाई दी गई। जानकारी अनुसार तकरीबन 12 वर्ष पूर्व कस्बे के बिजली निगम कार्यालय में जेईएन के पद पर रहकर अपनी सेवा सेवाएं दे चुके हैं।

2.44 करोड़ का बीज निगम घूसकांड:चार्जशीट पेश होने से पहले भास्कर में; 4 नए आरोपी बनाए, संगठित गिरोह चला रहा था निदेशक जुगल किशोर

प्रदेश में राज्य बीज निगम के बहुचर्चित 2.44 करोड़ रुपए के रिश्वत कांड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। एसीबी इस माह के अंत तक चार्जशीट पेश करने की तैयारी में है। जांच पूरी हो चुकी है और अभियोजन संबंधी औपचारिकताएं अंतिम दौर में हैं। चालान पेश होने के बाद एसीबी जांच का दूसरा चरण शुरू करेगी, जिसमें अब तक सामने आए चार अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। एसीबी की जांच में सामने आया कि बीज निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक जुगल किशोर के संरक्षण में संगठित गिरोह की तरह काम हो रहा था, जिसमें अलग-अलग तरह से वसूली हो रही थी। मामले में सुनील सेतिया छापे की कार्रवाई के बाद फैक्ट्री संचालक या संबंधित लोगों से संपर्क करता था और जुगल किशोर सहित अन्य अधिकारियों से संपर्क कराने व मामले में मदद करने की बात कहता था। गिरोह में लाइजनर का काम करने वाले अन्य लोग भी हैं। एसीबी ने 7 जून को राजस्थान राज्य बीज निगम में करोड़ों रुपए के रिश्वत नेटवर्क का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान तत्कालीन प्रबंध निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई, उनके करीबी स्वतंत्र बिश्नोई, फलौदी विधायक के तत्कालीन निजी सहायक गणपत बिश्नोई, किरण कपाड़िया, सुनील सेतिया और सतपाल के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जांच के दौरान मुख्य आरोपियों को पहले पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इसके बाद अदालत से दो दिन का अतिरिक्त रिमांड लेकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। पूछताछ, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर एसीबी ने रिश्वत के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपए के लेन-देन का पूरा सिस्टम संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने जुगल किशोर के ठिकानों और बस के जरिए भेजी जा रही नकदी सहित करीब 2.44 करोड़ रुपए बरामद किए थे। 60 लाख की कहानी अब भी अधूरी… जांच में एसीबी के सामने यह तथ्य आया कि रिश्वत के सौदे में करीब 60 लाख रुपए गणपत बिश्नोई के हिस्से में गए थे। हालांकि पूछताछ और तलाशी के बावजूद यह राशि बरामद नहीं हो सकी। एसीबी को संदेह है कि रकम को अलग-अलग लोगों के माध्यम से ठिकाने लगाया गया। सूत्रों के अनुसार चालान पेश होने के बाद एसीबी चार अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाएगी। इनमें बीज निगम के तत्कालीन निदेशक के लिए कथित रूप से लाइजनिंग करने वाला एक व्यक्ति, जोधपुर निवासी रोशनी, तथा जांच के दौरान सामने आए दो अन्य लोग शामिल हैं। एसीबी का मानना है कि इनसे पूछताछ के बाद 60 लाख रुपए के लेन-देन और पूरे नेटवर्क की नई कड़ियां सामने आ सकती हैं।