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कार की बैक सीट पर मिला युवक का शव:10 दिन पहले ही छुट्टी पर घर आया था, एक दिन पहले दोस्तों के साथ निकला था

फलोदी शहर के बरकत कॉलोनी क्षेत्र में बुधवार सुबह एक कार में संदिग्ध युवक का शव मिला। मृतक की पहचान मोटाई, चाखू निवासी सुनील (35) पुत्र लखुराम बिश्नोई के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया सूचना मिलने पर फलोदी थाना प्रभारी नरेश कुमार निर्वाण मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने जोधपुर से एफएसएल और एमओबी (मोबाइल फोरेंसिक) टीम को बुलाया, जिसने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही है ताकि कार के यहां पहुंचने और घटना से संबंधित कोई सुराग मिल सके। 10 दिन पहले गांव आया था प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुनील महाराष्ट्र के नागपुर में एक गैस एजेंसी में काम करता था और करीब दस दिन पहले ही अपने गांव आया था। उसके दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा लगभग 12 साल का है। मंगलवार रात वह अपनी कार लेकर गांव के 4-5 साथियों के साथ घर से निकला था।

करंट की चपेट में आकर 20 फीट नीचे गिरा बंदर:रेस्क्यू टीम के आने से पहले दम तोड़ा; लोगों ने किया अंतिम संस्कार

पाली में मंगलवार शाम को शहर के भेरूघाट कुम्हारों का निचला बास में एक बंदर की करंट लगने से मौत हो गई। अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मोहल्ले के लोगों ने बंदर का अंतिम संस्कार किया। मंगलवार शाम को यहां एक बंदर एक मकान की छत से कूद रहा था। इस दौरान बिजली के तार की चपेट में आने से करंट लग गया। जिससे करीब 20 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। लोगों ने रेस्क्यू टीम को बुलाया लेकिन तब तक बंदर की मौत हो चुकी थी। ये देख मोहल्ले की कई महिलाओं की भावुक हो गई। इसके बाद बंदर को माला पहना कर उसे कपड़े में लपेटा गया। उसे मोहल्ले के लोग अंतिम संस्कार के लिए के गए। जहां गड्ढा खोदकर इसे दफनाया गया। लोगों ने कहा उन्होंने बंदर को बचाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके।

शिक्षिका के तबादले पर ग्रामीणों का प्रदर्शन:मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

हनुमानगढ़ के पक्कासारणा गांव में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल की एक महिला शिक्षिका के तबादले के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने सीडीईओ को ज्ञापन सौंपकर तबादला रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षिका का तबादला विवाद के मूल कारणों की जांच किए बिना कर दिया गया, जबकि मामले के दूसरे पक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि शिक्षिका ने पहले ही एक अन्य शिक्षक के खिलाफ शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों के अनुसार, विभाग ने शिकायत की निष्पक्ष जांच पूरी किए बिना ही शिक्षिका का तबादला महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, मुंडा कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए इस निर्णय की समीक्षा करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की कि तबादला आदेश निरस्त कर शिक्षिका को पुनः पक्कासारणा स्कूल में ही पदस्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में लंबे समय से दूसरे शिक्षक के कारण विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से एकतरफा कार्रवाई की समीक्षा करने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन को तेज करेंगे, जिसमें स्कूल पर ताला लगाने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। प्रदर्शन के दौरान रणवीर, रमेश, विजय माली, राजू, सोनू, साहबराम, विजय कुमार, करण, विनोद, दलीप कुमार, पंकज, पवन खीचड़, महेंद्र कुमार, हेमचंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

उदयपुर के 30 से ज्यादा इलाकों में कल बिजली गुल:मेंटेनेंस के चलते पावर सप्लाई बंद रहेगी, जानें कब से कब तक रहेगा शटडाउन

उदयपुर के 30 से ज्यादा इलाकों में बिजली निगम की ओर से 23 जुलाई को पावर कट रहेगा। अजमेर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता गिरीश मारीवाला ने बताया कि गुरुवार को सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक मेंटेनेंस के चलते बिजली बंद रहेगी। 30 से ज्यादा इलाके होंगे प्रभावित मालियों की होटल, कोका कोला फैक्ट्री, चिकलवास गांव, चिकलवास बस स्टैंड, पालड़ी रोड, रंगा स्वामी कॉलोनी, कृष्णा विहार, कॉर्पोरेट चैनल हाथीदरा, लियो का गुड़ा, राती तलाई, ग्रेटर कैलाश नगर, टीबी हॉस्पीटल चौराहा, उपली बड़ी, बड़ी तालाब, पालड़ी, कटारा, टाइगर हिल, तहसील पुलिस अन्वेषण भवन, स्वच्छ ऑफिस, अचार फैक्ट्री, अग्रवाल नमकीन क्षेत्र, पालड़ी रोड, वृन्दावन फार्म, नारायण सेवा संस्थान, एडवेंट कॉलेज मिराज फैक्ट्री, रॉयल रिट्रीट, बड़ी गांव, मोया चौराहा, आरके हाउस, आरा मशीन, बड़ी रोड, बीआरबी आर्ट्स, हवाला रोड आदि

'जेल में क्यों जाना पड़ा, इस पर चिंतन करें':जज बोले- यहां से जाने के बाद अच्छी छवि बनाने का प्रयास करें, कारागार का निरीक्षण किया

जालोर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर ने बुधवार को उप कारागृह सांचौर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बोले- यहां से जाने के बाद अच्छी छवि बनाने का प्रयास करें इस दौरान कारागार में मौजूद बंदियों से बातचीत की। कारागृह में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। सचिव ने बंदियों को उनके अधिकारों, निशुल्क विधिक सहायता की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बंदियों को कहा कि जाने अनजाने में जिस भी कारण से यहां आना पड़ा उस पर आत्मसात करें। यहां से बाहर जाने के बाद सकारात्मक सोच के साथ समाज में अच्छी छवि बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के साथ साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी जरूरी है, इसलिए अपने कर्तव्यों की पालना भी निष्ठा के साथ करे। जमानत, अपील की जानकारी ली इस दौरान उन्होंने बंदियों से उनके प्रकरणों में जमानत, अपील आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यदि किसी बंदी अपने प्रकरण में पैरवी के लिए निशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो कारागारके माध्यम से तालुका विधिक सेवा समिति में अपना आवेदन शीघ्र भिजवाए। इस मौके पर सचिव ने बंदियों के बैरकों, रसोई घर आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित उप कारापाल को निर्देश दिए कि बाहर से खरीद किया जाने वाला सामान उचित गुणवत्ता वाला खरीदा जावे। उन्होंने बंदियों को नियमानुसार मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

जयपुर में कांग्रेस नेताओं का भाजपा कार्यालय कूच:गहलोत-डोटासरा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल, पुलिस फोर्स तैनात

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जयपुर में कांग्रेस लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरी है। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय घेरने निकले हैं। पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखे हैं। कांग्रेस के घेराव में पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा,नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यालय के लिए कूच से पहले केंद्र सरकार का पुतला फूंका। कांग्रेस के भाजपा कार्यालय कूच की फोटोज… ये खबर भी पढ़ें… जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे सचिन बोले-राहुल और खड़गे आतंकवादी नहीं थे, उन्हें घसीटा गया:पेपर लीक हो रहे, बच्चे किसके पास जाकर रोएं?; सवाल पूछने पर जेल में डाल रहे पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

सांप के जहर से थमने लगी थीं सांसें:वेंटिलेटर पर रखकर युवक की जान बचाई, 24 घंटे बाद आया होश

बांसवाड़ा में जहरीले सांप के काटने से एक युवक की सांसें थमने लगी थी। ब्लड प्रेशर गिर गया था और हार्ट की धड़कन बिल्कुल कम हो गई थी। बेहोशी की हालत में उसे जिला हॉस्पिटल लाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू किया। 24 घंटे तक लगातार इलाज और एंटी स्नेक वेनम देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली। अब युवक पूरी तरह होश में है और उसकी हालत सामान्य है। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा मामला जानकारी के अनुसार, कुशलगढ़ निवासी प्रेमसिंह पुत्र लालसिंह को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे परिजन अचेत अवस्था में महात्मा गांधी हॉस्पिटल (एमजीएच) के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। सांप के जहर का असर इतना ज्यादा था कि उसकी सांसें उखड़ रही थीं, ब्लड प्रेशर और धड़कन खतरनाक स्तर तक गिर चुके थे। मरीज को सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। 2. बिना देरी वेंटिलेटर पर रखा, तुरंत शुरू किया इलाज मरीज की नाजुक हालत देखते ही ड्यूटी पर मौजूद एनेस्थीसिया, मेडिसिन और नर्सिंग स्टाफ ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने मरीज की सांस की नली में ट्यूब डालकर उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। साथ ही जीवनरक्षक दवाइयों के साथ एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की खुराक देना शुरू किया गया। इसके बाद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने लगातार 24 घंटे तक मरीज की हालत पर नजर बनाए रखी। 3. 24 घंटे बाद हालत सुधरी, अब पूरी तरह स्वस्थ बुधवार सुबह करीब 11 बजे मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ। उसका ब्लड प्रेशर और हार्ट की गति सामान्य हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक वेंटिलेटर हटाकर सांस की नली भी निकाल दी। फिलहाल प्रेमसिंह पूरी तरह होश में हैं, परिजनों से बातचीत कर रहे हैं और उनकी तबीयत सामान्य है। इस चुनौतीपूर्ण इलाज में एनेस्थीसिया टीम के डॉ. योगेश जोशी, डॉ. प्रमिला और डॉ. राजेन्द्रपाल शामिल रहे। मेडिसिन टीम में डॉ. दीपा कटारा और डॉ. पंकज ने जिम्मेदारी निभाई। वहीं नर्सिंग टीम में पूनम शर्मा, दीपक वैष्णव और अन्य सहयोगी स्टाफ ने लगातार मरीज की देखभाल कर इलाज को सफल बनाया।

नागौर मंडी में लगातार दूसरे दिन स्थिर रहे भाव:जीरा 21,500 रुपए पर कायम, मूंग-ग्वार और चना में भी नहीं हुआ बदलाव

नागौर कृषि उपज मंडी में बुधवार (22 जुलाई) को अधिकांश कृषि जिंसों के भाव मंगलवार की तुलना में लगभग स्थिर रहे। कारोबार के दौरान किसी भी प्रमुख जिंस में उल्लेखनीय तेजी या गिरावट दर्ज नहीं की गई। लगातार दूसरे दिन बाजार संतुलित रहने से किसानों और व्यापारियों ने भी सामान्य कारोबार किया। सबसे अधिक चर्चा जीरे की रही, जिसका अधिकतम भाव 21,500 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा। मूंग और ग्वार में नहीं आया बदलाव मंडी में मूंग का न्यूनतम भाव 5,500 रुपए और अधिकतम 7,600 रुपए प्रति क्विंटल रहा। मंगलवार की तरह बुधवार को भी मूंग के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। इसी तरह ग्वार 5,000 से 5,725 रुपए प्रति क्विंटल पर बिकता रहा और इसमें भी किसी प्रकार की तेजी या मंदी देखने को नहीं मिली। जीरे का अधिकतम भाव 21,500 जीरा, सौंफ और इसबगोल के भाव स्थिर मसाला फसलों में जीरे का न्यूनतम भाव 17,000 रुपए और अधिकतम 21,500 रुपए प्रति क्विंटल रहा, जो पिछले कारोबारी दिन के समान रहा। सौंफ 7,000 से 12,500 रुपए और इसबगोल 9,000 से 13,400 रुपए प्रति क्विंटल पर बिकता रहा। दोनों जिंसों के भाव भी मंगलवार के स्तर पर ही कायम रहे। अन्य जिंसों में भी नहीं दिखी हलचल असालिया 5,800 से 6,050 रुपए, दाणा मेथी 5,700 से 6,000 रुपए, सिद्धी सुवा 6,000 से 7,400 रुपए और तारामीरा 5,500 से 6,200 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहे। ज्वार के भाव 4,500 से 5,800 रुपए, काला तिल 9,000 से 11,000 रुपए और सफेद तिल 10,000 से 12,000 रुपए प्रति क्विंटल पर बने रहे। इन सभी जिंसों में भी पिछले दिन की तुलना में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया। चना और सरसों में भी भाव यथावत चना 5,000 से 5,600 रुपए प्रति क्विंटल पर बिका और इसमें भी तेजी-मंदी नहीं रही। वहीं 40 प्रतिशत तेल वाली सरसों (रायड़ा) का औसत भाव 7,600 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो मंगलवार के बराबर रहा। मानसून पर टिकी बाजार की नजर व्यापारियों का कहना है कि इन दिनों मंडी में आवक सामान्य है और अधिकांश खरीदार जरूरत के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। मानसून में आए ब्रेक और नई फसल की स्थिति पर बाजार की नजर बनी हुई है। यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होती है या आवक में बदलाव आता है तो भावों में हलचल देखने को मिल सकती है। फिलहाल बुधवार को नागौर मंडी में अधिकांश कृषि जिंसों के भाव मंगलवार के मुकाबले पूरी तरह स्थिर रहे और बाजार शांत माहौल में संचालित हुआ।

सोनम वांगचुक के समर्थन में पदयात्रा:2 दिन की भूख हड़ताल करेंगे युवा, बोले- मांगें सरकार तक पहुंचानी है

दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अब नागौर के युवा भी सड़क पर उतरेंगे। छात्र-युवा हितों और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर नागौर के युवाओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 23 और 24 जुलाई को दो दिवसीय शांतिपूर्ण पदयात्रा और भूख हड़ताल की सूचना दी है। युवाओं का कहना है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करते हुए छात्र-युवाओं की जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। पदयात्रा निकालेंगे कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन के अनुसार, 23 जुलाई (गुरुवार) सुबह 9 बजे शहर के वल्लभ चौक से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पदयात्रा निकाली जाएगी। आयोजकों का दावा है कि रैली में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे। पदयात्रा के बाद कलेक्ट्रेट परिसर के सामने धरना शुरू होगा और 23 व 24 जुलाई को दो दिवसीय स्वैच्छिक भूख हड़ताल की जाएगी। युवाओं का कहना है कि दिल्ली में चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन ने देशभर के युवाओं को प्रभावित किया है। इसी क्रम में नागौर के युवा भी उनके समर्थन में शांतिपूर्ण आंदोलन कर अपनी एकजुटता का संदेश देंगे। साथ ही NEET परीक्षा से जुड़े छात्र-युवाओं के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग की आंदोलन की सूचना में स्पष्ट किया गया है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अहिंसक और अनुशासित रहेगा। प्रदर्शन के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा तथा किसी भी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। प्रशासन से पदयात्रा और धरना-प्रदर्शन के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया है। आयोजकों ने ज्ञापन में कहा है कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। यदि छात्र-युवाओं की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आगे भी आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। ज्ञापन पर नागौर के कई युवाओं और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं।

EWS प्रतिनिधित्व व आयोग गठन की मांग:विप्र फाउंडेशन ने सीएम के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन, पंचायत-निकाय चुनावों में आरक्षण मांगा

हनुमानगढ़ में विप्र फाउंडेशन ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में प्रतिनिधित्व देने तथा राजस्थान में स्वतंत्र ईडब्ल्यूएस आयोग के गठन की मांग की। संगठन ने कहा कि संविधान में मिले अधिकारों का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष कालूराम शर्मा ने बताया कि संविधान के 103वें संशोधन के तहत ईडब्ल्यूएस वर्ग को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समान अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। हालांकि, संगठन का कहना है कि कई पात्र परिवार अब भी इन प्रावधानों और योजनाओं के वास्तविक लाभ से वंचित हैं। प्रमाण-पत्र और पात्रता प्रक्रिया में आ रही दिक्कतें ज्ञापन में कहा गया कि पात्रता निर्धारण, आय सीमा की व्याख्या, ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया और योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यावहारिक समस्याओं के कारण जरूरतमंद परिवारों को संवैधानिक अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई गई। स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व और आयोग गठन की मांग संगठन ने मांग की कि आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में संविधान की भावना के अनुरूप ईडब्ल्यूएस वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व और आरक्षण दिया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग भी स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में प्रभावी भागीदारी निभा सके। इसके साथ ही राजस्थान में स्वतंत्र एवं सशक्त ईडब्ल्यूएस आयोग के गठन की मांग भी रखी गई, जो इस वर्ग के हितों की रक्षा और अधिकारों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। मुख्यमंत्री से जल्द निर्णय का आग्रह विप्र फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया। संगठन का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लाखों परिवारों को संवैधानिक अधिकारों का वास्तविक लाभ मिलेगा और उन्हें न्याय एवं समान अवसर सुनिश्चित हो सकेंगे। ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपते समय युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सचिन कौशिक, डॉ. भारत भूषण शर्मा, हंसराज शर्मा, नरेश पुरोहित, गोपाल शर्मा, बलदेव सारस्वत, लोकेश शर्मा, वेद तिवाड़ी, महेश शर्मा, एलडी तावनिया, देवीलाल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।