शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी,32-साल बाद शुरू होगा काम:295 किमी लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी, चूरू में बनेगा डैम; 33 हजार करोड़ से ज्यादा होगा खर्च

शेखावाटी के तीन जिलों (सीकर, चूरू और झुंझुनूं) तक यमुना का पानी लाने का रास्ता साफ हो गया है। नई दिल्ली में सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MOA) हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील, सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने एमओए पर हस्ताक्षर किए। एमओए के बाद अब यमुना का पानी राजस्थान लाने के लिए काम आगे बढ़ेगा। कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा। शेखावाटी के तीन जिलों के गांवों और शहरों में यमुना का पानी पाइपलाइन के जरिए लाया जाएगा। यह पानी पीने के काम आएगा। इसके लिए 295 किमी लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी और चूरू में डैम बनेगा। सीएम भजनलाल बोले- दशकों का इंतजार खत्म होगा एमओए पर साइन के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- आज ऐतिहासिक दिन है, दशकों का इंतजार खत्म हो रहा है। शेखावाटी के तीन जिलों को यमुना का पानी पहुंचाने के लिए एमओए एक ऐतिहासिक कदम है। हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा- हरियाणा इस प्रोजेक्ट के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। पाइपलाइन के जरिए लाया जाएगा पानी हरियाणा से पाइपलाइन के जरिए पानी लाया जाएगा। इस पाइपलाइन का 95 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा में आएगा। जल संसाधन विभाग अब जमीन अधिग्रहण का काम हाथ में लेगा। जमीन अधिगग्रहण का काम हरियाणा और राजस्थान सरकार मिलकार पूरा करेंगे। पाइपलाइन के लिए जिन लोगों से जमीन ली जाएगी, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। 32 साल बाद अब काम आगे बढ़ेगा यमुना का पानी शेखावाटी के तीन जिलों तक पहुंचाने के लिए साल 1994 में राजस्थान और ह​रियाणा के बीच यमुना जल समझौता हो चुका था। जो कागजों तक ही रहा और इस पर सहमति नहीं बन पाने से काम आगे नहीं बढ़ सका। 2001 में भी हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से राजस्थान को पानी मिलना तय हुआ था, लेकिन इस पर काम आगे नहीं बढ़ा। साल 2024 में यमुना जल समझौते पर काम फिर शुरू हुआ। फरवरी 2024 में एमओयू,अब एमओए शेखावाट तक यमुना का पानी पहुंचाने के लिए 17 फरवरी 2024 को केंद्र, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ। इसके बाद डीपीआर पर काम शुरू हुआ। डीपीआर बनने के बाद अब एमओए हुआ है। एमओए के बाद अब प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ेगा। चूरू के ​हंसियावास में बनेगा बड़ा वाटर रिजर्वेयर राजस्थान के हिस्से का पानी हथिनीकुंड बैराज से लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड पाइपलाइन से चूरू जिले के हंसियावास तक पहुंचाया जाएगा। हंसियावास में बड़ा वाटर रिजर्वेयर बनाया जाएगा, जहां यमुना का पानी स्टोर कर 3 जिलों में भेजा जाएगा। यमुना के पानी के प्रोजेक्ट में अंडरग्राउंड पाइपलाइनें, पानी स्टोरेज के लिए डैम और वाटर मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के राजस्थान हरियाणा यमुना वाटर एसपीवी का गठन किया जाएगा। कब-कब, क्या-क्या हुआ… राजेंद्र राठौड़ बोले- 1971 क्यूसेक पानी मिलेगा पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने समझौते को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया- यमुना जल समझौता के तहत 1971 क्यूसेक पानी मिलेगा। सालभर का औसतन प्रवाह 577 मिलियन क्यूबिक मीटर रहेगा। यह पानी हथिनीकुंड बैराज से निकलकर 295 किमी दूर चूरू के हासियावास में बनने वाले डैम में पहुंचेगा। राजेंद्र राठौड़ ने कहा- पाइपलाइन कहां-कहां से गुजरेगी, इस पर दोनों राज्यों के बीच सैद्धांतिक सहमति हो गई है। भैरोंसिंह शेखावत के समय जब फैसला हुआ था, तब 1119 एमसीएम पानी प्रतिवर्ष के लिए आवंटित हुआ था। पांच राज्यों की सहमति से अपर यमुना बोर्ड बना, लेकिन नतीजा नहीं निकला था।

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