इलाज के दौरान महिला की मौत, अस्पताल में हंगामा:शीशे तोड़े, कर्मचारियों से धक्कामुक्की; परिवार बोला- मौत के बाद हंस रहा था स्टाफ

जोधपुर में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने गुस्से में अस्पताल के गेट का शीशा भी तोड़ दिया और वे हॉस्पिटल स्टाफ से धक्कामुक्की करने लगे। सूचना मिलने पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो उसने कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद आक्रोशित परिजनों को शांत करवाया। यह मामला लिंक रोड स्थित कमला नेहरू अस्पताल का है। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल का स्टाफ किसी बात को लेकर हंस रहा था। हमारे परिवार में मौत हो गई है और अस्पताल का स्टाफ संवेदनहीनता दिखाते हुए हंस रहा था। पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। अब देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… परिवार का आरोप- गलत खून चढ़ाने की वजह से जान गई देवनगर थानाधिकारी सोमकरण ने बताया- प्रतापनगर की रहने वाली नजमा (40) को 21 जून को डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर आए थे। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद महिला को गलत खून चढ़ा दिया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर उसे मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां 26 जून को उसे भर्ती कराया गया था। सोमवार (28 जून) की सुबह इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि कमला नेहरू अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और गलत खून चढ़ाने की वजह से ही नजमा की जान गई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। रिएक्शन होना एक हादसा है, इलाज में कोई कोताही नहीं बरती दूसरी ओर, कमला नेहरू अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. राम गोयल ने कहा- महिला का अस्पताल में बेहतर से बेहतर इलाज किया गया था। महिला के शरीर में खून की कमी थी और उसे शुगर (मधुमेह) की भी समस्या थी। डॉ. गोयल के अनुसार, महिला को पहले 2 यूनिट खून चढ़ाया गया था, जिसके बाद एक यूनिट और खून चढ़ाया गया। इसी दौरान अचानक ब्लड रिएक्शन हो गया। यह एक तरह का अनपेक्षित हादसा है, इसमें अस्पताल प्रशासन की ओर से लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है।

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