108 पवित्र कलशों से भगवान श्री जगन्नाथ का दिव्य स्नान:अब अनवसरा काल में करेंगे विश्राम; मंदिर शिखर पर चढ़ाया ध्वज
प्रतापनगर (घरौंदा) स्थित श्री राधारमण खाटूश्याम मंदिर परिसर के श्री जगन्नाथ मंदिर में आज भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु, श्री बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा जी का पावन स्नान यात्रा महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के दिव्य जल, चंदन, औषधीय द्रव्यों तथा विभिन्न तीर्थों के पवित्र जल से महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिव्य स्नान के उपरांत भगवान को ज्वर हो जाता है, जिसके कारण वे अनवसरा (विश्राम काल) में चले जाते हैं। इस अवधि में भगवान भक्तों को दर्शन नहीं देते तथा आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ करते हैं। ध्वज की पूजा-अर्चना कर मंदिर शिखर पर फहराया इस अवसर पर श्री जगन्नाथ दर्शन चैरिटेबल ट्रस्ट, पुरी के कोर कमेटी सदस्य श्री ओमप्रकाश राजपुरोहित द्वारा श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी से लाया गया भगवान का पवित्र ध्वज, जिसे ‘पतित पावन बाना’ कहा जाता है, की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और उसे श्री जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर विधिवत फहराया गया। श्री जगन्नाथ सेवक समिति के मुख्य सेवक श्री देबज्योति राय ने बताया कि परंपरा के अनुसार 30 जून से 15 जुलाई 2026 तक श्री जगन्नाथ मंदिर भक्तों के दर्शनार्थ बंद रहेगा। इसके पश्चात 15 जुलाई को भगवान नेत्रोत्सव दर्शन के माध्यम से पुनः भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं 16 जुलाई 2026 को सायं 5:00 बजे भगवान श्री जगन्नाथ अपने बड़े भाई श्री बलभद्र एवं बहन माता सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर आरूढ़ होकर श्री गोविन्द देवजी मंदिर परिसर से चतुर्थ जयपुर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। भगवान को अर्पित करेंगे आयुर्वेदिक काढ़ा इस वर्ष भगवान के स्वास्थ्य लाभ हेतु आरोहण आयुर्वेद के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य डॉ. के. वी. नरसिम्हा राजू को विशेष रूप से नियुक्त किया गया है। वे भगवान के लिए पारंपरिक आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार करेंगे, जिसे प्रतिदिन भगवान को अर्पित किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इसी उपचार के पश्चात भगवान पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। स्नान यात्रा महोत्सव में ओमप्रकाश राजपुरोहित, श्री एम.एम. पालीवाल, अधीर कुमार बाग, श्री बिनोद राय, अभिनव सेन, श्रीमती ज्योति सागर राय, मनोज तोमर, लक्ष्मणजी और श्रीमती संगीता बाग सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु, समाजसेवी एवं भक्तगण उपस्थित रहे तथा भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। अंत में श्री जगन्नाथ सेवक समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से 16 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली भव्य जयपुर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में सपरिवार सम्मिलित होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के दिव्य दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया।

