40 साल से वीरान श्मशान में हरियाली की नई शुरुआत:गांव के लोगों ने मिलकर लगाए 151 पौधे, विकास कामों ने बदल दी पूरी तस्वीर
कभी वीरान और उपेक्षित रहने वाली गोपालनगर की श्मशान भूमि अब धीरे-धीरे नई पहचान बना रही है। यहां सिर्फ अंतिम संस्कार की व्यवस्था ही नहीं सुधर रही, बल्कि इसे हरियाली और बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की भी कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में रविवार को मोक्षधाम सेवा समिति की ओर से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह “आक्या” ने पहला पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने मिलकर 151 पौधे लगाए। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं था, बल्कि मोक्षधाम को ऐसा स्थान बनाना था जहां साफ-सफाई, हरियाली और बेहतर व्यवस्थाएं एक साथ दिखाई दें। कार्यक्रम में सभी लोगों ने पौधों की देखभाल करने और पूरे परिसर को हरा-भरा बनाने का संकल्प भी लिया। गांव के सहयोग से साकार हो रहा सपना कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि इस मोक्षधाम को सुंदर और व्यवस्थित बनाने का सपना स्वर्गीय विनोद कुमार जैन ने देखा था। आज गांव के लोगों, मोक्षधाम सेवा समिति और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से वह सपना धीरे-धीरे पूरा होता नजर आ रहा है। ग्रामवासियों ने छोटे-छोटे आर्थिक सहयोग और जनभागीदारी से इस अभियान को आगे बढ़ाया। मंडल प्रवक्ता सत्यनारायण वैष्णव ने बताया कि पौधारोपण अभियान में नवयुवक मंडल, मोक्षधाम सेवा समिति और पूरे गांव ने मिलकर काम किया। उनका कहना था कि जब समाज किसी अच्छे काम के लिए एकजुट होता है तो उसका परिणाम भी लंबे समय तक दिखाई देता है। इसलिए अब पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी की जाएगी, ताकि आने वाले समय में पूरा परिसर हरियाली से भर सके। 40 साल बाद बदली मोक्षधाम की तस्वीर सत्यनारायण वैष्णव ने बताया कि करीब 35 से 40 साल तक यह श्मशान भूमि लगभग वीरान रही। धीरे-धीरे यहां विकास काम शुरू हुए और आज इसकी तस्वीर काफी बदल चुकी है। विधायक चंद्रभान सिंह “आक्या” के सहयोग से यहां बाउंड्री वॉल, खुला बरामदा, तीन शेड और बोरवेल जैसी कई सुविधाएं तैयार हुई हैं। अभी भी कुछ विकास काम बाकी हैं, जिन्हें आगे पूरा करने की योजना है। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष भंवर सिंह खरड़ी बावड़ी, मोक्षधाम सेवा समिति के अध्यक्ष रतन गेंदर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि और समिति सदस्य मौजूद रहे। सभी ने कहा कि मोक्षधाम का विकास सिर्फ निर्माण कामों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे स्वच्छ, सुंदर और हराभरा बनाए रखने के लिए भी लगातार प्रयास किए जाएंगे।

