SI भर्ती-2021 पेपर लीक मामला- कोचिंग संचालक समेत दो गिरफ्तार:2 अभ्यर्थियों को सॉल्व पेपर देकर बनवाया था सब-इंस्पेक्टर; 35 लाख में हुई थी डील

राजस्थान की उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में SOG ने तत्कालीन एमएडी फाउंडेशन कोचिंग, शाहपुरा के संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलीभगत कर दो अभ्यर्थियों को परीक्षा से सॉल्व पेपर दिया था, जिसके बाद दोनों अभ्यर्थी अंतिम चयन सूची में सब-इंस्पेक्टर बन गए। दोनों को 4 जुलाई तक रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान दोनों से पेपर लीक सिंडिकेट, पैसों के लेन-देन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस पेपर लीक प्रकरण में अब तक 149 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ के आधार पर आगे भी नए खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अभ्यर्थियों को सॉल्व पेपर देकर चयन करवाया था अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि दिनेश किलका पुत्र मन्नाराम किलका निवासी प्रेमपुरा, डांसरोली (सीकर) को 29 जून को गिरफ्तार कर लिया गया था। वह परीक्षा के दौरान शाहपुरा स्थित एमएडी फाउंडेशन कोचिंग का संचालक था। उसकी निशानदेही पर राकेश कुमार को 30 जून को पकड़ा। दोनों ने अभ्यर्थी अविनाश पलसानिया से 20 लाख रुपए और परमेश चौधरी से 16 लाख रुपए लेकर परीक्षा से पहले ही सॉल्व पेपर उपलब्ध कराया और पढ़ाया था। इसके बाद अभ्यर्थियों का चयन उप निरीक्षक पद पर हो गया। अंतिम मेरिट सूची में अविनाश पलसानिया की 86वीं रैंक और परमेश चौधरी की 180वीं रैंक रही थी। अभ्यर्थियों के गिरफ्तार होने पर भाग गया था कोचिंग संचालक एसओजी ने इस मामले में दोनों अभ्यर्थी अविनाश पलसानिया को 31 अगस्त 2024 और परमेश चौधरी को 23 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद से ही मुख्य आरोपी दिनेश किलका फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर एसओजी के पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लगातार तलाश के बाद एसओजी ने 29 जून 2026 को दिनेश किलका को गिरफ्तार कर लिया। 35 लाख रुपए में खरीदा था सॉल्व पेपर पूछताछ में दिनेश किलका ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसने परीक्षा से पहले लीक हुआ सॉल्व पेपर सीकर निवासी राकेश कुमार से प्राप्त किया था। इसके लिए उसने राकेश कुमार को 35 लाख रुपए दिए थे। दिनेश की निशानदेही पर एसओजी ने 30 जून को राकेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। अरुण शर्मा के जरिए पहुंचा था पेपर जांच में सामने आया कि राकेश कुमार ने यह सॉल्व पेपर लीक गिरोह के सदस्य अरुण शर्मा पुत्र सांवरमल शर्मा निवासी विजय कॉलोनी, श्रीमाधोपुर (सीकर) से उसके हैंडलरों के माध्यम से प्राप्त किया था। अरुण शर्मा को एसओजी पहले ही 11 जुलाई 2024 को गिरफ्तार कर चुकी है।

'भरत तिवारी की पिस्टल पर पाकिस्तानी मोहर':पूर्व सांसद नागमणि का दावा-उसका जैश-ए-मोहम्मद से संबंध, घर में तहखाना; मां बोली-जांच हो नहीं तो फांसी मिले

बीजेपी के पूर्व सांसद नागमणि कुशवाहा ने भरत तिवारी की तुलना पाकिस्तान के आतंकवादी से की है। इतना ही नहीं, उन्होंने भरत तिवारी का समर्थन करने वालों को भी पाकिस्तानी एजेंट बता दिया। नागमणि कुशवाहा ने कहा, “मुझे सूचना मिली की भरत के पास से बरामद पिस्टल पर पाकिस्तान की मोहर लगी थी। उसका संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से था। भरत तिवारी के घर में तहखाना भी मिला है और जो लोग उसके समर्थन में आंदोलन कर रहे हैं, वे पाकिस्तानी एजेंट बनकर तिवारी के मैटर को हाईलाइट कर रहे हैं।” वहीं, भरत तिवारी की मां ने कहा है, “पिस्तौल पाकिस्तानी नहीं है। हमें बदनाम किया जा रहा है। हमारे घर में कोई तहखाना नहीं है। अगर विश्वास नहीं है, तो आकर जांच कर लें। पिस्टल और तहखाने की की जांच कराई जाए। अगर कोई तहखाना नहीं मिला है तो उन्हें फांसी की सजा दी जाए। इसको लेकर मैं केस करूंगी। मेरा बेटा गरीबों का मसीहा था और वो समाज के लिए मर गया। 1400 करोड़ का घोटाला हुआ है। वो ही पाकिस्तान के होंगे। DSP को नौकरी मिली है, क्योंकि सब ने पैसा खाया है। मैं दिल्ली जाकर न्याय लूंगी। हाईकोर्ट में केस करुंगी। राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री के पास जाऊंगी।” कुत्ते-बिल्ली से की थी भरत तिवारी की तुलना एक यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान जब भरत तिवारी एनकाउंटर पर नागमणि कुशवाहा से राय पूछी गई, तो उन्होंने कहा, “आप लोग भरत तिवारी जैसे कुत्तों और बिल्लियों का नाम क्यों लेते हैं? वह एक अपराधी था और पुलिस की कानूनी कार्रवाई के दौरान मारा गया। इस पर और बहस करने की कोई जरूरत नहीं है।” 14 बार पार्टी बदलने का रिकॉर्ड नागमणि कुशवाहा समाजवादी नेता और शोषितों की आवाज माने जाने वाले ‘बिहार के लेनिन’ शहीद जगदेव प्रसाद के बेटे हैं। नागमणि उन गिने चुने व्यक्तियों में हैं, जो चारों विधायी सदनों लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा, वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। नागमणि का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। अपने करियर के दौरान उन्होंने अब तक कुल 14 बार पार्टियां बदलीं हैं, वह RJD, JDU, कांग्रेस, RLSP और BJP सहित लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं। अगस्त 2025 में वह अपनी पुरानी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में फिर से शामिल हो गए और फिलहाल बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के करीबी रणनीतिकारों में गिने जाते हैं।

डंपर और दीवार के बीच फंसे ठेकेदार की मौत:हादसे से पहले मजदूरों का पेमेंट कर बोले थे- 'आज तक का हिसाब हो गया, अब कल का कल देखेंगे'

उदयपुर में मकान बनवा रहे एक ठेकेदार की मौत हो गई। वह बजरी से भरे मिनी डंपर के पीछे खड़े होकर रिवर्स करवा रहे थे। ड्राइवर डंपर पीछे कर रहा था। इस बीच ठेकेदार एक घर की दीवार और डंपर के बीच फंस गए। लहूलुहान हालत में उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन मौत हो गई। हादसे से कुछ देर पहले ही उन्होंने मजदूरों का पूरा पेमेंट भी किया था। उन्हें कहा था कि ‘आज तक का हिसाब हो गया। अब कल का कल देखेंगे।’ हादसा हिरणमगरी पुलिस थाना इलाके में मंगलवार शाम का है। बजरी से भरे डंपर को करवा रहे थे रिवर्स हादसे में ठेकेदार सलूंबर जिले के सेमारी ब्लॉक के जनकावड़ा निवासी मुकेश (35) पुत्र रूपा मीणा की मौत हुई है। वे सेक्टर तीन स्थित भोपामगरी आजाद नगर इलाके में करीब तीन से चार मकान बनाने का काम कर रहे थे। मंगलवार शाम को एक मकान के निर्माण के लिए बजरी से भरे मिनी डंपर को खाली करवा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- महात्मा गांधी राजकीय स्कूल के पास ड्राइवर डंपर को रिवर्स कर रहा था। पीछे एक घर था, उसकी दीवार के न टकरा जाए। ऐसे में ठेकेदार आवाज देकर गाड़ी पीछे लेने के लिए बोल रहे थे। दीवार और डंपर के बीच फंसे प्रत्यक्षदर्शी हीरालाल पालीवाल ने बताया कि एक मिनट में सब कुछ खत्म हो गया। उस घर के पास ही एक पोल था। पोल से बचने की कोशिश की लेकिन डंपर पीछे घर की दीवार तक आ गया और ठेकेदार को चपेट में ले लिया। ठेकेदार डंपर और दीवार के बीच पिचक गया। उनका सिर डंपर और दीवार के बीच था और खून ही खून बह गया। चीख-पुकार के बीच ठेकेदार को निकालकर लहूलुहान हालत में कार से हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने डंपर को जब्त कर थाने में खड़ा करवाया। करीब 3 से 4 मकान बनवा रहे थे ठेकेदार निवर्तमान पार्षद चंद्रपकाश सुहालका, पूर्व पार्षद लवदेव बागड़ी भी हॉस्पिटल पहुंचे। पार्षद ने बताया कि कांट्रेक्टर मुकेश मिलनासार और व्यवहारिक आदमी थे। मोहल्ले में रहने वाले सभी उसे अच्छे से जानते है और सभी को उसकी मौत का सदमा लगा। उसने यहां कई मकान के कांट्रेक्ट लिए थे और अभी भी करीब तीन से चार मकान बन रहे है। कुछ मिनटों पहले आज तक का हिसाब किया पूर्व पार्षद लवदेव बागड़ी ने बताया कि घटना स्थल के करीब 100 मीटर पास ही सोमवार को छत भराई का काम ठेकेदार ने करवाया था। हादसे से कुछ ही मिनट पहले वहां की लेबर का चबूतरी पर बैठकर हिसाब किया। सबको बोला कि आज तक का हिसाब पूरा कर दिया गया है। अब कल का कल से देखेंगे। इसके कुछ देर बाद ही हादसा हो गया।

भारत-PAK की 117 प्रमुख हस्तियों ने मोदी-शहबाज को पत्र लिखा:बोले- दुश्मनी खत्म करें, बातचीत और रिश्ते फिर शुरू हों

भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को सुधारने के लिए दोनों देशों की 117 हस्तियों ने पीएम मोदी और पाक पीएम शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि टकराव नहीं, बातचीत का रास्ता चुनिए, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और विकास का माहौल बन सके। इन 117 हस्तियों में पूर्व अधिकारी, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 61 लोगों और पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने चिट्ठी पर साइन किए हैं। मोदी-शरीफ को लिखी चिट्ठी क्यों लिखा गया यह पत्र? यह पहल ऐसे समय में की गई है जब हाल के महीनों में भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बना हुआ है। इनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं। भारत और पाकिस्तान से 11 मांगों के बारे में वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं 1. दोनों देशों के बीच संवाद दोबारा शुरू हो
अभी की स्थिति: 25 दिसंबर 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाहौर जाकर नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। इसके बाद 2 जनवरी 2016 के पठानकोट आतंकी हमले के बाद द्विपक्षीय वार्ता बंद है। 2. जम्मू-कश्मीर समेत सभी विवादित मुद्दों पर बातचीत हो
अभी की स्थिति: 5 अगस्त 2019 को भारत ने अनुच्छेद 370 हटाया। इसके बाद पाकिस्तान ने द्विपक्षीय बातचीत और कूटनीतिक रिश्तों को सीमित कर दिया। 3. सैन्य तनाव कम हो
अभी की स्थिति: 25 फरवरी 2021 को दोनों देशों ने LoC पर 2003 के सीजफायर समझौते का फिर से पालन करने पर सहमति जताई। इसके बावजूद हालिया आतंकी घटनाओं के बाद सीमाओं पर तनाव बना हुआ है। 4. लोगों के बीच संपर्क बढ़े
अभी की स्थिति: 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों ने नागरिकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए। 5. सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंध बेहतर हों
अभी की स्थिति: 18 सितंबर 2016 (उरी हमले) के बाद कलाकारों के आदान-प्रदान और अधिकांश सांस्कृतिक कार्यक्रम लगभग बंद हो गए। विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग भी बहुत सीमित है। 6. क्रिकेट और अन्य खेलों की द्विपक्षीय सीरीज शुरू हो
अभी की स्थिति: भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी। इसके बाद दोनों टीमें सिर्फ ICC और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में मिली हैं। दूसरे खेलों में भी यही स्थिति है। 7. दोनों देशों के बीच हवाई सेवा शुरू हो
अभी की स्थिति: 24 अप्रैल 2025 के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। तब से सीधी उड़ानें बंद हैं। 8. वीजा प्रक्रिया आसान हो
अभी की स्थिति: 24 अप्रैल 2025 के बाद अधिकांश वीजा सेवाएं निलंबित कर दी गईं और कई नागरिकों को वापस लौटना पड़ा। 9. हाई कमिश्नर दोबारा नियुक्त हों
अभी की स्थिति: अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने अपना हाई कमिश्नर वापस बुला लिया। भारत ने भी अपना हाई कमिश्नर वापस बुला लिया था। तब से दोनों देशों में पूर्णकालिक हाई कमिश्नर नहीं हैं। 10. बस सेवा, करतारपुर कॉरिडोर और अटारी-वाघा बॉर्डर फिर खोला जाए
अभी की स्थिति: समझौता एक्सप्रेस और थार एक्सप्रेस अगस्त 2019 से बंद हैं। दिल्ली-लाहौर बस सेवा भी बंद है। अटारी-वाघा बॉर्डर से सामान्य नागरिक आवाजाही अप्रैल 2025 से प्रभावित है। करतारपुर कॉरिडोर, जो 9 नवंबर 2019 को खुला था, हालिया तनाव के कारण कई बार प्रभावित रहा है। 11. कारोबार फिर शुरू हो
अभी की स्थिति: 9 अगस्त 2019 को पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार निलंबित कर दिया। तब से भारत ने पाकिस्तान से इंपोर्ट (सामान खरीदना) ना के बराबर कर दिया। भाजपा ने कहा- भारत सरकार को किसी लेटर की जरूरत नहीं जम्मू-कश्मीर भाजपा के नेता रविंदर रैना ने भारत-पाकिस्तान वार्ता की मांग को लेकर लिखे गए लेटर पर प्रतिक्रिया दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को किसी लेटर की जरूरत नहीं है। भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। रैना ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से लाहौर गए थे, लेकिन उसके बाद कारगिल में घुसपैठ हुई और फिर संसद पर आतंकी हमला हुआ। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शामिल हुए थे और बाद में मोदी खुद भी लाहौर गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग भारत-पाकिस्तान वार्ता के लिए लेटर लिख रहे हैं, क्या वे इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि पाकिस्तान भविष्य में कोई दुस्साहस या आतंकी कार्रवाई नहीं करेगा।

…………… भारत-पाक तनाव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… क्या भारत-पाकिस्तान में फिर दोस्ती होने वाली है: 4 देशों में बैकचैनल मीटिंग्स पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की रेगुलर प्रेस ब्रीफिंग चल रही थी। एक पत्रकार ने प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से पूछा- क्या भारत और पाकिस्तान के बीच बैकचैनल बातचीत हो रही है? अंद्राबी बोले- अगर मैं टिप्पणी करूंगा, तो वो बैकचैनल नहीं रहेगा। इधर भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के नंबर-2 नेता दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए। पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम. एम. नरवणे भी बोले- सीमा के दोनों तरफ आम लोग रहते हैं, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… पाकिस्तान बोला- हमारा पानी रोका तो हाथ काट देंगे: सिंधु जल संधि अब भी लागू, भारत इसे एकतरफा खत्म नहीं कर सकता पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर एक बार फिर भारत को धमकी दी है। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की तो हम उन हाथों को काट देंगे। उन्होंने दावा किया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकना चाहता है। पूरी खबर पढ़ें…

सड़क किनारे रखी चारपाई पर चढ़ी कार, महिला की मौत:बेटा घायल; परिजन बोले- टक्कर के बाद पुलिस ने ड्राइवर को भगाया

सीकरी के नगर रोड पेट्रोल पंप के पास मंगलवार देर रात तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे सो रहे गाड़िया लोहारों को कुचल दिया। हादसे में चारपाई पर सो रहह बुजुर्ग महिला की मौत हो गई और उनका बेटा घायल हो गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने पुलिस पर कार चला रहे व्यक्ति को भगाने का आरोप लगाया। टक्कर से महिला की मौके पर ही मौत जानकारी अनुसार- गाड़िया लोहार परिवार के राजेश (30) और उनकी मां महमू (60) रोज की तरह अपनी झोपड़ी के बाहर चारपाई बिछाकर सो रहे थे। देर रात करीब 12 बजे नगर रोड की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार वैगन कार चारपाई पर चढ़ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। घायल युवक की हालत नाजुक घटना की सूचना पर सीकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लहूलुहान हालत में घायल युवक को स्थानीय हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद अलवर रेफर किया गया। फिलहाल युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों का पुलिस पर फूटा गुस्सा हादसे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतका के परिजनों और गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि टक्कर के बाद ड्राइवर को पकड़ लिया था। मौके पर पहुंची सीकरी थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई करने के बजाय कार को जब्त कर चालक को मौके से भगा दिया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों के आरोपों और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

राजस्थान में वॉट्सएप पर मिलेंगी 27 सरकारी सुविधाएं:घर बैठे बिजली-पानी के बिल जमा करा सकेंगे; एक नंबर पर Hi भेजना होगा

राजस्थान में वॉट्सएप पर 27 सरकारी सुविधाएं मिलेंगी। घर बैठे-बैठे ही आप बिजली-पानी का बिल जमा करा सकेंगे। EWS सर्टिफिकेट समेत कई दस्तावेजों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आपको एक नंबर पर Hi भेजना होगा। इस पहल से लोगों को सरकारी कार्यालयों और ई-मित्र केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस के उद्घाटन अवसर पर इस ई-मित्र वॉट्सएप सेवा की शुरुआत की है। इसके जरिए प्रदेश के लोग वॉट्सएप नंबर 94610-62705 पर Hi भेजकर 27 सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। कैसे करना होगा आवेदन…
अब जानिए कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी… सीएम बोले- 85 पैसे पर कौन पंजा मारता था, सब जानते हैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली से भेजे गए एक रुपए में से लाभार्थी तक केवल 15 पैसे ही पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे नहीं पता कि उस 85 पैसे पर कौन पंजा मारता था, लेकिन 85 पैसे पर पंजा मारा जाता था, यह सब जानते हैं। सोचिए, उस समय की सरकार कितनी लाचार थी। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद डिजिटल माध्यम से होने वाले लेनदेन और तकनीक आधारित व्यवस्था को मजबूत किया गया। इससे योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने लगा और बीच में होने वाली गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगी है। कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन से पहले राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य की करीब 82 प्रतिशत सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध है और 26 हजार से ज्यादा सेवाएं डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंच रही हैं। तकनीक ने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुशासन को नई मजबूती दी है। डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर चर्चा दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित प्रशासन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, ई-सेवाओं और पुलिसिंग में एआई के उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। देशभर के अधिकारी, विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे।

तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से मासूम घायल:सड़क क्रॉस करने के दौरान तेज रफ्तार बाइक ने चपेट में लिया, सीसीटीवी में कैद हुआ हादसा

भीलवाड़ा के आकोला गांव ने तेज रफ्तार बाइक सवार युवकों ने सड़क क्रॉस कर अपनी मां के पास जा रहे एक मासूम को टक्कर मार दी।हादसे में मासूम बुरी तरह घायल हो गया,जिसे इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीसीटीवी में कैद हुआ हादसा मंगलवार की ये घटना बताई जा रही है,आज इसका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने है।जिसमें नजर आ रहा है कि बच्चा अपनी मां के साथ सड़क पर जा रहा है, मां के सिर पर कोई गठरी रखी है, मां जब थोड़ा आगे निकल जाती है तो बच्चे को पास्ट बुलाने के लिए रुकती है, बच्चा मां के पास दौड़कर आने लगता है तभी तेज रफ्तार बाइक उसे टक्कर मार देती है जिससे बच्चा करीब तीन से चार फी दूर जाकर गिरता है और घायल हो जाता है। रोड क्रॉस करने के दौरान तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर मामला भीलवाड़ा के कोटड़ी थाना क्षेत्र के अकोला गांव का है। यहां मंगलवार शाम को एक तेज रफ्तार बाइक ने 6 साल के मासूम कार्तिक को अपनी चपेट में ले लिया।बाइक की चपेट में आने से मासूम बुरी तरह घायल हो गया।गंभीर हालत में इसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है।टक्कर के बाद मासूम करीब 3 से 4 फीट उछलकर दूर जाकर गिरता है और गंभीर रूप से घायल हो जाता है। बाइक सवारों की तलाश शुरू आज इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने है जिस में नजर आ रहा है कि बच्चा अपनी मां के साथ गली से निकल रहा है, मां उससे कुछ कदम आगे चल रही है और पीछे बच्चा अपनी मस्ती में आ रहा है। मां बच्चे बच्चे को अपने साथ लेने के लिए रुकती है बच्चे को अपनी तरफ बुलाती है।बच्चा मां के पास आने लगता है,इसी दौरान अचानक एक तेज रफ्तार बाइक निकलती है और इसे अपनी चपेट में ले लेती है। मदद करने आया बाइक सवार हादसे के बाद मां दौड़ कर बच्चे के पास पहुंचती है। बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो जाते हैं, बाइक सवार युवक कुछ आगे जाकर रुकते है बाइक चलाने वाला युवक मां और घायल बच्चे के पास आता है और उसे अपनी गोद में उठाकर, अपनी गोद में उठाकर इलाज के लिए ले जाता है। फिलहाल इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। घायल बच्चे का भीलवाड़ा के प्राइवेट अस्पताल में इलाज जारी है।

टोंक में बारिश होने की संभावना, उमस से मिली राहत:तापमान में गिरावट दर्ज, पिछले 24 घंटे में 4.65 एम एम बारिश रिकॉर्ड

टोंक में बुधवार सुबह से ही घने बादल छाए हुए है। ऐसे में बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम ठंडा होने से हवाओं में ठंडक घुल गई है। तेज गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम ठंडा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उधर, इससे पहले जिले में बीते 24 घंटे में औसत 4.65 एम एम बारिश हुई है। आज भी बारिश होने के आसार बने हुए है। वहीं, बीसलपुर बांध में पानी की आवक बांध का जल स्तर बढ़ाने के हिसाब से नहीं हो रही है। इसके चलते जुलाई आने के बाद भी बांध का जलस्तर आशानुरूप नहीं बढ़ रहा है। गर्मी और उमस से मिली थोड़ी राहत इस बदले मौसम के चलते अधिकतम तापमान में गिरावट के आसार बने हुए है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 24 घंटे में तीन डिग्री सेल्सियस गिरने के आसार बने हुए हैं। न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री गिरा है। इसके चलते लोगों को तेज गर्मी और उमस से काफी हद तक राहत मिली है। हालांकि बीच बीच में हवा का दौर कम पड़ने से उमस से भी लोगों की परेशानी बढ़ी है। खरीफ की फसल को बोहने में लगे किसान आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार है तो वहीं न्यूनतम तापमान भी 24 घंटे में दो डिग्री सेल्सियस गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस रहा है। मौसम सुहावना बना हुआ है। किसान खरीफ की फसल को बोहने में लगे हुए है। आज बारिश की संभावना ​मौसम विभाग और स्थानीय अनुमानों के अनुसार, बादलों की सघनता को देखते हुए जिले के कई हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश भी हो सकती है।

किस्त को लेकर फाइनेंस कर्मचारी से मारपीट, बेहोश हुआ:बीदासर में कहासुनी के बाद 6-7 लोगों ने मिलकर पीटा

चूरू जिले के बीदासर थाना क्षेत्र में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। किस्त लेने गए कर्मचारी को कथित तौर पर 6-7 लोगों ने मिलकर पीटा, जिससे वह बेहोश हो गया। इस संबंध में बीदासर थाने में मामला दर्ज किया गया है। एएसआई जयवीर पूनियां ने बताया कि लिखमीसर निवासी जितेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। जितेंद्र सिंह बीदासर स्थित एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं। वह वार्ड 9 निवासी नानूराम बाजीगर की पत्नी के नाम पर लिए गए ऋण की किस्त लेने उनके घर गए थे।
जितेंद्र सिंह को घर पर कोई नहीं मिला। वापस लौटते समय बीदासर बस स्टैंड के पास उनकी मुलाकात नानूराम बाजीगर से हो गई। किस्त की बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि नानूराम और उसके साथ 6-7 अन्य लोगों ने मिलकर जितेंद्र सिंह के साथ मारपीट की। मारपीट से हुआ बेहोश, हालत गंभीर होने पर किया रेफर
मारपीट के कारण जितेंद्र सिंह बेहोश हो गए। उन्हें इलाज के लिए बीदासर के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें सुजानगढ़ रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने जितेंद्र सिंह की रिपोर्ट पर नानूराम बाजीगर सहित 6-7 अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच गंभीरता के साथ शुरू कर दी गई है।

34हजार करोड़ की योजना, 300किमी से ज्यादा लंबी पाइपलाइनें बिछेगी:राज्यसभा सांसद पुनिया ने यमुना जल समझौते को बताया ऐतिहासिक

राज्यसभा सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया बुधवार को डूंगरपुर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यमुना जल समझौते को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की सराहना की, वहीं विपक्ष पर निशाना साधा।
सर्किट हाउस पहुंचने पर पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या और सुरेश फलोजिया सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। पुनिया ने कहा कि इस योजना की शुरुआत वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र, राजस्थान और हरियाणा में कई बार कांग्रेस की सरकारें रहने के बावजूद इस महत्वाकांक्षी योजना पर कोई काम नहीं हुआ और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। पुनिया ने बताया कि यह 34 हजार करोड़ रुपए की एक बड़ी योजना है, जिसके तहत 300 किलोमीटर से ज्यादा लंबी पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी। इसके माध्यम से शेखावाटी क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी, जहां पाइप के जरिए यमुना का पानी पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना से राजस्थान के तीन जिलों को शुरुआत में पेयजल और भविष्य में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। इस फैसले से राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा के भी कुछ क्षेत्रों को लाभ होगा। दक्षिणी राजस्थान को भी मिलेगी पेयजल और सिंचाई की सुविधा
​माही बांध के पानी को जालोर ले जाने के विरोध पर राज्यसभा सांसद सतीश पुनिया ने कहा कि प्रदेश में जल संकट और विभिन्न सिंचाई परियोजनाए चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी को पानी की समुचित सहूलियत मिले, इसके लिए निरंतर कार्य कर रही है। ​पानी पर सभी का अधिकार है
​सतीश पुनिया ने कहा कि पानी एक ऐसी संपदा है जो सभी के लिए है। इसका किस प्रकार सही वितरण हो और आमजन को कैसे सहूलियत दी जाए, इस पर सरकार सभी पक्षों की बात सुनकर ही कोई फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की उपयोगिता और व्यवहारिकता को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा और किसी भी क्षेत्र या नागरिक के हितों की अनदेखी नहीं होगी। जो भी कदम जनहित में और सकारात्मक होंगे, सरकार उसी दिशा में काम करेगी। कडाना बांध में जा रहे अतिरिक्त पानी को डूंगरपुर लाने की मांग पर पुनिया ने कहा कि ERCP (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक काम हुआ है, जिससे पूर्वी राजस्थान को बहुत बड़ा फायदा होने जा रहा है। इसके साथ ही यमुना जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र की पानी की प्यास बुझाई जा सकेगी। ​सुदूर दक्षिण में भी पहुंचेगा विकास और पानी
​सांसद पुनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दक्षिणी राजस्थान से जुड़ी देवास परियोजना को भी तेज गति प्रदान की गई है और उस पर भी काफी तेजी से बातचीत और काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सांचौर में गुजरात से नर्मदा नदी के जरिए पानी नहीं आता, तो आज वहां की तस्वीर नहीं बदलती। आज वहां के किसान नर्मदा के पानी से भरपूर फायदा उठा रहे हैं। ​”सरकार इन सभी पक्षों को अपने ध्यान में रख रही है कि सुदूर दक्षिण (जैसे डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र) के लोगो को भी पेयजल से लेकर सिंचाई तक की तमाम जरूरी सुविधाएं बेहतर तरीके से मिल सकें।”