जयपुर में बंद मकान में मिले बाप-बेटी के सड़े-गले शव:5 दिन पुरानी बताई जा रही बॉडी; 95 साल के बुजुर्ग रेलवे से थे रिटायर्ड

राजधानी जयपुर में एक बंद मकान में बाप-बेटी के सड़े-गले शव मिले हैं। दोनों शव करीब 5 दिन पुराने बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, शव पूरी तरह से डीकंपोज हो चुके थे और घर से आ रही तेज बदबू के कारण अंदर घुसना भी मुश्किल हो रहा था। यह मामला जगतपुरा स्थित आनंद विहार रेलवे कॉलोनी का है। रामनगरिया थानाधिकारी चंद्रभान ने बताया- स्थानीय लोगों को गुरुवार शाम को ही मकान से हल्की दुर्गंध आने लगी थी, लेकिन तब किसी ने इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार सुबह तक दुर्गंध बेहद तेज हो गई। इस बीच पड़ोसियों ने गौर किया कि रोजाना गेट के अंदर फेंके जाने वाले अखबार पिछले कई दिनों से वैसे ही पड़े हुए थे। साथ ही, घर में रहने वाली महिला, जो रोज सुबह अखबार उठाती थी और बाउंड्री पर लगे पौधों को पानी देती थी, वह भी कई दिनों से नजर नहीं आई थी। इन सब बातों से पड़ोसियों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। 95 साल के बुजुर्ग रेलवे से थे रिटायर्ड सूचना मिलने पर रामनगरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मकान अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने महावीर शर्मा के दोनों बेटों की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया। अंदर प्रवेश करने पर महावीर शर्मा (95) और उनकी 55 साल की बेटी के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले हैं। महावीर शर्मा रेलवे से रिटायर्ड हैं और उनके दोनों बेटे भी रेलवे कर्मचारी हैं। थानाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत करीब पांच दिन पहले होना प्रतीत हो रही है। शवों की हालत काफी खराब थी, जिससे माना जा रहा है कि मौत कई दिन पहले हुई थी। मौके पर एफएसएल (FSL) की टीम बुलवाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। मृतक महिला तलाकशुदा थी और लंबे समय से अपने पिता महावीर शर्मा के साथ इसी मकान में रह रही थी। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही दोनों की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

मुस्लिम जज को कत्लेआम की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा:हाईकोर्ट ने DGP से मांगा हलफनामा, 150 अकाउंट से भड़काऊ पोस्ट; 14 हत्यारों को सुनाई थी सजा

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में मॉब लिंचिंग केस में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली एडीजे तबस्सुम खान को कत्लेआम की धमकी देने के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने DGP और ACS से तीन दिन के भीतर हलफनामा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को सिर्फ इसलिए धमकाया नहीं जा सकता कि उसका फैसला किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। कोर्ट ने इसे न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश माना। आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने भी नाराजगी जताई। संगठन ने कहा कि न्यायिक आदेश को चुनौती अपीलीय अदालत में दी जानी चाहिए। जजों को धमकाना और बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है। दिल्ली से सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण दूसरे राज्यों से सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण देने वालों में दिल्ली के दक्ष चौधरी और बृजबिहारी सरकार (अनिकेत शास्त्री) के नाम सामने आए हैं। बृजबिहारी सरकार ने गो तस्करों और ‘जिहादियों’ को गोली मारने की धमकी देते हुए कहा था- हम पर जो भी कार्रवाई करनी है, कर लो। 13 दिन में आरोपियों की पहचान नहीं एसपी साईं कृष्णा ने बताया कि 13 दिन पहले केस दर्ज हुआ था, लेकिन अब तक आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। धमकी देने वाले दूसरे राज्यों के हैं। बाहरी राज्यों से सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीजे ने 12 जून को सुनाया था फैसला 12 जून को एडीजे तबस्सुम खान ने चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद हिंदू संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने वीडियो जारी कर कहा था- 10 दिन में हमारे सभी हिंदू भाई रिहा नहीं होते हैं, तो देश-प्रदेश में कत्लेआम होगा। एक अन्य वीडियो में महिला ने जज को धमकाते हुए कहा था- एक मुस्लिम जज बन गई और उसने अपनी औकात दिखा दी। जिहादी जज बन गई। हमारे 14 हिंदू भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई। तुम्हें इसका दंड तो भोगना पड़ेगा। पुलिस ने 2 अज्ञात पर केस दर्ज किया पुलिस ने वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर ने बताया कि उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी साईं कृष्णा एस. थोटा ने बताया कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली, धमकी देने वाली और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाली पोस्ट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जांच के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी। 150 अकाउंट से पोस्ट किए गए भड़काऊ वीडियो एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने वाले 150 अकाउंट चिह्नित किए गए हैं। ऐसी पोस्ट और लिंक हटवाए गए हैं। इन अकाउंट की जानकारी फेसबुक और इंस्टाग्राम से मांगी गई है। उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण देने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जज को धमकाने वालों की तस्वीरें देखिए… युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया फैसले के बाद वायरल वीडियो में एक युवक कहता है- हिंदू भाइयों देख लो, आज एक मुस्लिम जज बन गई है, तो हमारे 14 भाइयों को कारावास हो गया है। आगे वह कहता है- सोचो, जिस दिन मुस्लिम पीएम बन गया, तो तुम हिंदुओं का क्या हाल होगा। हालांकि, वीडियो अपलोड करने वाले की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। दूसरे वीडियो में कहा- तुम्हें इसका दंड तो भोगना पड़ेगा एक दूसरे वीडियो में वही युवक कहता है- तुम्हें शर्म नहीं आई, तुमने अपना मजहब दिखा दिया। मध्यप्रदेश में 14 लोगों को उम्रकैद सुना दी। मुसलमान होकर के तुमने (जज का नाम) अपना मजहब दिखा दिया। तुम्हारा जिहादी मजहब सिखाता है। इसके बाद वह कहता है- हिंदू भाइयों से कहना चाहता हूं कि नीम और भीम वाले जो संविधान की दुहाई देते हैं, संविधान नहीं है। कहां गया, चंद्रशेखर रावण, वह भी उसी मजहब का है, वह नहीं आएगा। महिला ने भी वीडियो जारी कर फैसले पर सवाल उठाए वहीं एक और वीडियो में एक महिला ने भी कोर्ट के फैसले पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वह कह रही है कि- एक मुस्लिम को जज बना दिया। उसने अपनी औकात दिखा दी। जिहादी ने हमारे 14 भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई दी। 4 साल पुराना मामला, मवेशी से भरी रोकी थी गाड़ी मामला 3 अगस्त 2022 का है, जब महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे एक ट्रक को सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास रोक लिया गया था। ट्रक में करीब 30 मवेशी थे। आरोप था कि ग्रामीणों और गो-रक्षकों की भीड़ ने ट्रक में सवार 3 लोगों को घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। हमले में घायल ट्रक ड्राइवर शेख लाला ने पुलिस को बताया था कि 50-60 लोग सड़क पर खड़े थे। उन्होंने ट्रक रुकवाया और बिना पूछताछ मारपीट शुरू कर दी। बाद में पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां नाजिर अहमद की मौत हो गई थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें भीड़ लाठी-डंडों से हमला करती और “मारो-मारो” चिल्लाती दिखाई दी थी। करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और रास्ता रोकने समेत कई धाराओं में दोषी पाया। ……………………………………… 14 हत्यारों को उम्रकैद, मुस्लिम-जज को मर्डर की धमकी, VIDEO मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में मॉब लिंचिंग केस में 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली मुस्लिम महिला जज तबस्सुम खान (एडीजे) को एक युवक ने कत्ल की धमकी दी है। युवक वीडियो में कह रहा है कि 10 दिन में हमारे सभी हिंदू भाई रिहा नहीं होते हैं, तो देश-प्रदेश में कत्लेआम होगा। पढ़ें पूरी खबर…

गुजरात-एमपी से जैश-ए-मोहम्मद के 8 आतंकी पकड़े गए:गुजरात में टेररिस्ट नेटवर्क फैलाने का काम कर रहे थे, पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे

गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा है। सभी को अलग अलग जिलों से पकड़ा गया है। इनमें से दो की उम्र 18 और 19 साल है। ये सभी गुजरात में JeM का एक एक्टिव नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहे थे, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया सके। एटीएस ने इनसे पूछताछ शुरू कर दी है। सूचना मिलने के बाद, एटीएस ने 5 अलग-अलग टीमें बनाकर एक बड़ा अभियान चलाया। एटीएस की टीमों ने गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी, पाटण और मध्य प्रदेश के देवास से 8 लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के ही रहने वाले हैं और एक पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर काम कर रहे थे। पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था: डीआईजी गुजरात के एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से काफी साहित्य और झंडे भी बरामद हुए। आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन से काफी जानकारियां मिली हैं। पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के हैंडलर के संपर्क में थे: डीआईजी डीआईजी सुनील जोशी ने आगे बताया कि सभी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के एक हैंडलर के संपर्क में थे। हैंडलर के इशारे पर ही गुजरात में मजबूत नेटवर्क खड़ा करने कोशिशों में लगे हुए थे। इन्हें एक शख्स के जरिए 3 लाख रुपए भी मिले थे। ये गुजरात में पाटण के एक मदरसे में रह रहे थे। मदरसे से साहित्य और कुछ पर्चे भी जब्त किए गए हैं। सदस्यों की भर्ती के लिए तंजीम नाम का संगठन बनाया था डीआईजी सुनील जोशी ने कहा- आरोपियों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के लिए गुजरात में एक तंजीम नाम का संगठन बनाया था। वर्तमान में, तंजीम में 8 सदस्य शामिल हो चुके थे और अपने क्षेत्र में अन्य सदस्यों को शामिल करने के लिए उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। जांच में यह भी पता चला है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी साहित्य का गुजराती में अनुवाद करके स्थानीय स्तर पर इसकी विचारधारा का प्रचार भी कर रहे थे। आतंकी मसूद अजहर ने 26 साल पहले बनाया JeM जैश ए मोहम्मद (JeM) पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन है। इसे आतंकी मसूद अजहर ने साल 2000 में बनाया था। इस पर भारत समेत कई देशों में आतंकी हमलों को अंजाम देने के आरोप हैं। जैश का मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में है। ये संगठन पाकिस्तान के कई इलाकों में ट्रेनिंग कैम्प और आतंकी नेटवर्क संचालित करता है। इसके मुखिया आतंकी मसूद अजहर को साल 1994 में जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के बाद बंधकों की रिहाई के बदले भारत सरकार ने उसे रिहा कर दिया था। 21 अप्रैल 2026: ISIS से जुड़े 2 आतंकी पकड़ाए, सोशल मीडिया से भर्ती कर नेटवर्क बना रहे थे गुजरात ATS ने एंटी-नेशनल साजिश रच रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ATS के मुताबिक, ये आरोपी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर देश में “गजवा-ए-हिंद” स्थापित करने की साजिश रच रहे थे। ANI के अनुसार, दोनों आरोपियों को 11 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पूरी खबर पढ़ें… —————————– ये खबर भी पढ़ें… गुजरात से 4 अलकायदा आतंकी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट गुजरात एटीएस ने बताया कि उसने अल-कायदा से जुड़े 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दो आतंकी गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से पकड़ा गया है। ये चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

राम मंदिर प्रकरण पर भाजपा पर बरसे मंत्री विक्रमादित्य:बोले- जिन भगवाधारियों ने प्रभु राम को नहीं छोड़ा; वे हिमाचल की जनता को कहां छोड़ेंगे

हिमाचल प्रदेश के PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राम मंदिर चोरी मामले में भारतीय जनता पार्टी पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन भगवाधारी भाजपा नेताओं ने प्रभु राम को नहीं छोड़ा, वह हिमाचल की जनता को कहां छोड़ेंगे। ये चूस चूस कर पूरा खून और पैसा दोनों निकाल देंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर भाजपा ने सारा धन लूट लिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई इनका तोता है, इसलिए इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए। वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने भी राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट (SC) के सिटिंग जज की निगरानी में कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार पर मामले को दबाने और दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। शिमला में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में राठौर ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और वहां चढ़ावे में कथित चोरी की घटना से 140 करोड़ भारतीयों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जानी चाहिए ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। UP सरकार द्वारा गठित SIT पर उठाए सवाल राठौर ने आरोप लगाया कि यह केवल 100 या 200 करोड़ रुपए का मामला नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपए के चढ़ावे से जुड़ा मामला हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी में सरकार के नामित अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले को दबाने और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर की सुरक्षा बेहद कड़ी है, जहां 400 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में यदि चोरी हुई है तो इसकी गहन जांच होना और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। जानबूझकर RTI के दायरे से ट्रस्ट को बाहर रखा कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का निर्माण चुनावी लाभ को ध्यान में रखकर जल्दबाजी में कराया गया, जिसके कारण निर्माण में खामियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट का संचालन ऐसे लोगों को सौंपा गया, जो सत्ताधारी दल के करीबी हैं, जबकि ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया। राठौर ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

यूआईटी ने जमीन से अतिक्रमण हटाया, ग्रामीणों ने किया विरोध:सचिव बोले- ओक्शन के बाद किया था कब्जा, स्टे की कॉपी पेश करें

सवाई माधोपुर के पास जमूलखेड़ा गांव में शुक्रवार को यूआईटी की टीम चारागाह जमीन का पजेशन लेने पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया और यूआईटी टीम के साथ गहमा-गहमी हुई। मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद होने से स्थिति नियंत्रण में रही। इसके बाद यूआईटी ने जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटा दिया। मामले में ग्रामीणों और यूआईटी ने अलग-अलग दावे किए हैं। चारागाह जमीन पर कार्रवाई का ग्रामीणों ने किया विरोध जमूलखेड़ा निवासी हीरालाल ने बताया कि रणथंभौर के आसपास की चारागाह जमीन को लेकर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद यूआईटी नगर सुधार और टाउनशिप प्लान के नाम पर चारागाह जमीन होटल और फार्म हाउस के लिए बेच रही है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में शुक्रवार को यूआईटी की टीम जमूलखेड़ा की चारागाह जमीन का पजेशन लेने पहुंची थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। पुलिस की मौजूदगी में हटाया अतिक्रमण ग्रामीणों के विरोध के दौरान यूआईटी टीम और ग्रामीणों के बीच गहमा-गहमी हुई। हालांकि मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद होने के कारण ज्यादा विवाद नहीं हुआ। इसके बाद यूआईटी की टीम ने जेसीबी की मदद से जमीन पर किया गया अतिक्रमण हटा दिया। यूआईटी सचिव ने क्या कहा यूआईटी सचिव गौरव बुडानिया ने बताया कि राज्य सरकार के आदेश के अनुसार यूआईटी क्षेत्र की चारागाह जमीन का स्वामित्व यूआईटी को दिया गया है। इसके बाद इस जमीन का ओक्शन किया गया था। उन्होंने कहा कि ओक्शन के बाद कुछ ग्रामीणों ने इस जमीन पर अतिक्रमण कर लिया था, जिसे हटाने के लिए टीम भेजी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की ओर से कोर्ट के किसी स्टे ऑर्डर की कॉपी नहीं दिखाई गई है। अगर स्टे है तो उसकी कॉपी पेश करनी चाहिए।

बड़े भाई ने छोटे भाई को पीट-पीटकर मार डाला:क्रिकेट बैट से सिर पर कई वार किए; पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था विवाद

बाड़मेर में बड़े भाई ने छोटे भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी। छोटा भाई रुपए के लेन-देन का हिसाब करने अपने बड़े भाई के घर गया था। दोनों भाइयों में किसी बात को बहस होने लगी। आवेश में आकर बड़े भाई ने घर में पड़े क्रिकेट बैट से छोटे भाई के सिर पर कई वार किए। इससे छोटे भाई की मौके पर ही मौत हो गई। घटना शिव थाना इलाके के पुषड़ गांव में गुरुवार शाम की है। मृतक सुरेश (25) पुत्र तोगाराम खेती करता था। पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बड़े भाई जेठाराम को डिटेन कर लिया। एफएसएल और एमओबी टीमों ने मौके से सबूत जुटाए। पैसे को लेकर दोनों भाइयों में हुआ था विवाद शिव थानाधिकारी मनोहर विश्नोई ने बताया- पुषड़ गांव निवासी तोगा राम का बड़ा बेटा जेठाराम गांव के बाहर बनी ढाणी में पिता और अपने परिवार के साथ रहता है। वहीं छोटा बेटा गांव में रहता था। दोनों भाई खेती करते थे। गुरुवार शाम सुरेश रुपए के लेन-देन को लेकर जेठा राम के घर गया था। वहां दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। पिता तोगाराम बड़े बेटे जेठाराम के साथ ही रहते हैं। घटना के समय पिता और जेठाराम की पत्नी घर पर ही थी, दोनों ने विवाद को शांत करवाने का प्रयास किया। जेठाराम ने क्रिकेट बैट से सुरेश के सिर पर वार कर दिया। जिससे सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों भाई तीन साल से अलग रह रहे थे दोनों भाई करीब 3 साल से अलग रह रहे थे। दोनों के घरों में करीब 5 किलोमीटर की दूरी है। हालांकि लेन-देन के विवाद को लेकर फिलहाल जांच जारी है। थानाधिकारी ने बताया- मृतक के पिता तोगाराम ने बड़े बेटे जेठाराम के खिलाफ शुक्रवार को रुपए के लेन-देन को लेकर छोटे बेटे सुरेश का मर्डर करने की रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

दिग्विजय करेंगे उज्जैन से अयोध्या तक 1000 KM पदयात्रा:राम मंदिर चंदे का हिसाब मांगेंगे; कोर्ट में केस करेंगे; सोशल मीडिया नहीं चलाएंगे

यूपी के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि तक करीब 1000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें कांग्रेस का प्रचार नहीं होगा और वे यात्रा के दौरान फेसबुक, एक्स (ट्विटर) समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपए का चंदा दिया था। उनके पास आज भी चंदे की रसीद और चेक की प्रति सुरक्षित है। वकीलों से चर्चा के बाद केस करेंगे दायर दिग्विजय ने कहा- 5 या 6 जुलाई को वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा के बाद अयोध्या जाकर कोर्ट में मुकदमा दायर करेंगे। राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे का पूरा हिसाब मांगेंगे। अगर जांच में वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। चंदा देने वालों को भी पदयात्रा का न्योता उन्होंने कहा कि पदयात्रा में उन सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। किसी भी राजनीतिक दल का व्यक्ति यदि चंदे में पारदर्शिता चाहता है तो वह यात्रा में शामिल हो सकता है। यात्रा के दौरान वे चंदा देने वालों की रसीद और चेक की प्रतियां भी साथ लेकर चलेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भगवान राम के नाम पर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया था। ऐसे में अगर उस धन के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। कोर्ट अदालत में वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो वे अपना चंदा वापस लेकर किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ या शंकराचार्य के न्यास को दान कर देंगे। महाकाल मंदिर में बने गेस्ट हाउस पर भी सवाल पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान आरएसएस और वीएचपी की आर्थिक पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र की कीमती जमीन पर आरएसएस से जुड़े ट्रस्ट ने गेस्ट हाउस बनाया। अब वहां 100 कमरों का होटल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वहां ठहरने वालों को वीआईपी दर्शन की सुविधा मिलती है और चंदे के उपयोग की भी जांच होनी चाहिए। सभी मंदिर ट्रस्टों का हिसाब होना चाहिए उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं में आर्थिक पारदर्शिता जरूरी है और राम मंदिर ट्रस्ट सहित सभी धार्मिक ट्रस्टों के चंदे का सार्वजनिक हिसाब होना चाहिए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अपने घर के बाहर एक तख्ती लगाएंगे, जिस पर लिखा होगा- मेरे घर में चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध है।
…………………………………. यह खबर भी पढ़ें दिग्विजय पर सवाल उठाने वाली निधि चतुर्वेदी को शो-कॉज नोटिस मध्यप्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के बाद संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश महासचिव एवं पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी निधि चतुर्वेदी और महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

जैसलमेर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, पटवारी लखबीर ट्रैप:उपनिवेशन पटवारी 50 हजार की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार, सरकारी आवास पर सर्च ऑपरेशन जारी

जैसलमेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए एसीबी ने नाचना उपनिवेशन विभाग के पटवारी लखबीर यादव को 50 हजार की रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों दबोचा है। पटवारी की गिरफ्तारी के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, एसीबी की टीम पटवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पटवारी के सरकारी आवास पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। शिकायत के बाद एसीबी ने बिछाया जाल प्राथमिक जानकारी के अनुसार, परिवादी ने एसीबी कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज करवाई थी कि उपनिवेशन पटवारी लखबीर यादव उसका एक सरकारी काम करने के एवज में लंबे समय से चक्कर कटवा रहा है और काम की एवज में मोटी घूस की मांग कर रहा है। एसीबी की टीम ने गोपनीय रूप से शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद आज योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। जैसे ही परिवादी ने पटवारी को रिश्वत की राशि थमाई, इशारा मिलते ही घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने दबिश देकर आरोपी पटवारी को रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली है। सरकारी आवास पर छानबीन जारी पटवारी लखबीर यादव को ट्रैप करने के तुरंत बाद एसीबी की टीम उसे लेकर उसके सरकारी आवास पर पहुंची। समाचार लिखे जाने तक आरोपी के सरकारी आवास पर एसीबी का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। टीम वहां मौजूद अलमारियों, बैंक खातों, जमीनों के दस्तावेजों और अन्य बेनामी संपत्तियों की गहनता से पड़ताल कर रही है। एसीबी के उच्च अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई अभी प्रारंभिक चरण में है। सर्च ऑपरेशन पूरा होने और दस्तावेजों की जांच के बाद ही रिश्वत की कुल राशि और आरोपी की अन्य संपत्तियों का पूरा खुलासा किया जा सकेगा। मामले की अग्रिम जांच जारी है। खबर अपडेट की जा रही है….

तारानगर बस स्टैंड पर युवकों में मारपीट, VIDEO:तारानगर पुलिस थाने से चंद कदमों की दूरी पर हुई वारदात, पुलिस में मामला दर्ज नहीं

चूरू जिले के तारानगर थाना क्षेत्र में मुख्य बस स्टैंड, नगरपालिका के सामने कुछ युवकों के बीच मारपीट हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पांच-छह युवक आपस में लात-घूंसे चला रहे हैं। यह मारपीट खुलेआम एक-दूसरे पर हमला करने में बदल गई। यह घटना तारानगर पुलिस थाने से चंद कदमों की दूरी पर हुई, जिस पर स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि पुलिस थाने के पास ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में तारानगर पुलिस थाने द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सीकर में 8 साल में सबसे लेट मानसून की एंट्री:पिछली बार सामान्य से ज्यादा हुई थी बरसात; इस बार भी अच्छी बारिश की उम्मीद

सीकर में मानूसन की एंट्री हो गई है। पिछले साल 2025 में मानसून ने 29 जून को दस्तक दी थी। इस बार मानसून की 4 दिन देरी से आया है। पिछले 8 साल में मानसून सबसे देरी से आया है। सामान्यत: सीकर जिले में मानसून की एंट्री जून के आखिरी सप्ताह में हो जाती है। इस बार जुलाई में एंट्री हुई है। मानसून भले ही देरी से आया लेकिन मौसम पहले ही बदलने लगा था। जिले के पूर्वी इलाके नीमकाथाना क्षेत्र में मानसूनी हवा की वजह से बारिश शुरू हो गई है। जून महीने में इस बार एक वेदर सिस्टम एक्टिव होने की वजह से 9 दिन बारिश हुई। इसे प्री-मानसून की बारिश माना गया है। जुलाई महीने में सीकर शहर में सामान्य बारिश होती है। इस बार भी सामान्य के आस-पास बारिश होने की संभावना है। 8 साल में सबसे लेट एंट्री सीकर में इस साल मानसून पिछले 8 सालों में सबसे लेट एंट्री कर रहा है। ग्रामीण कृषि सेवा परियोजना के नोडल ऑफिसर डॉ. नरेंद्र पारीक ने बताया कि पिछले साल मानसून ने सीकर में 3-4 जून को एंट्री की थी। पिछले साल के मुकाबले देरी से आया मानसून इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में देरी से आया है। 2025 में 3 जून को जिले में मानसून आ गया था। इस बार करीब एक महीना देरी से मानसून ने एंट्री ली है। पिछले 10 साल के आंकड़े देखे तो 2025 से लेकर 2019 तक जून में ही मानूसन आया है।