भीलवाड़ा में आज तीन घंटे बिजली बंद:सुबह 8 बजे से 12 बजे तक रहेगी कटौती, जानें कौन-कौन से क्षेत्र होंगे प्रभावित

भीलवाड़ा में में विद्युत रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के चलते शनिवार को कई क्षेत्रों में तीन से चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले अपने आवश्यक कार्य पूरे कर लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। चार घंटे तक इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद एवीएनएल के सहायक अभियंता नीरज शर्मा ने बताया कि शनिवार को 11 केवी राजपूत कॉलोनी फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक मदर टेरेसा स्कूल के सामने का क्षेत्र, गँवारिया बस्ती, पालड़ी रोड, शिव मंदिर, देवनारायण मंदिर, राम मंदिर, आलोक स्कूल, टेम्पो स्टैंड, ई सेक्टर, सुभाष नगर, बाबा रामदेव मंदिर, 5 सेक्टर, आरसी व्यास और शिवजी गार्डन सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन क्षेत्रों में तीन घंटे रहेगा पावर कट इसी प्रकार 11 केवी स्वागत फीडर पर भी मेंटेनेंस कार्य के कारण दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक अपोलो कम्पनी, स्वराज, डी.एस. सलज, राज सलज, सुदर्शन, सीमा सलज, सिल्वर फेब्रिक, एमबी टेक्स, साधना, समर्पण तथा आसपास के संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विभाग की अपील विद्युत विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित पावर कट से पहले अपने जरूरी कार्य निपटा लें। विभाग का कहना है कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

पति की हत्या करके बाथरूम में दफनाया, फर्श बनवाई:उसी पर नहाती रही, 45 दिन बाद खुलासा; बोली- मारता था, इसलिए मार डाला

आगरा में महिला ने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया। ऊपर से फर्श बनवा दी और उसी बाथरूम में रोजाना नहाती रही। 45 दिनों तक पुलिस और घरवालों को गुमराह किया। जांच के दौरान महिला पुलिस के साथ CCTV फुटेज देखती रही और रोने का नाटक करती रही।

महिला के जेठ को उसके व्यवहार से शक हो गया। उसने महिला से कहा कि अगर कोई परेशानी हो तो वह साथ देगा। इसके बाद महिला ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बाथरूम का फर्श तोड़ा, जहां से केवल कंकाल बरामद हुआ। महिला ने पुलिस को बताया कि पति शराब पीकर मारपीट करता था। इसलिए उसने खीर में 18 से ज्यादा नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने जेठ को फोन कर राजस्थान से बुलाया और दोनों बच्चों और सास को घर से भेज दिया। फिर शव को कमरे से खींचकर बाथरूम में ले जाकर गड्ढा खोदकर दफना दिया। इसके बाद जेठ को बताया कि पति उससे झगड़ा कर 5 हजार रुपए लेकर चला गया है। फिर वह खुद भी राजस्थान चली गई। आठ दिन बाद लौटकर उसने मजदूर बुलवाए और बाथरूम का फर्श बनवा दिया। सुरेंद्र शर्मा मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे। वे आगरा में पत्नी, बच्चों और मां के साथ रहते थे। 4 तस्वीरें देखिए… पति की हत्या करके बच्चों-सास को राजस्थान भेजा राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। उनकी शादी साल 2010 में रूबी से हुई थी। रूबी इटावा की रहने वाली है। उनकी दो बेटियां रिद्धी (13) और सिद्धी (9) हैं। सुरेंद्र के साथ उनकी मां कमला भी रहती थीं। उन्हें आंखों से कम दिखाई देता है। उनके पिता राधेश्याम शर्मा शिक्षक थे। उनकी कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। बड़े भाई अनिल शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र और रूबी के बीच अनबन रहती थी। 18 मई की सुबह 9-10 बजे रूबी का उनके पास फोन आया था। वह कह रही थी कि घर में पुलिस का कोई केस बन गया है, आप मम्मी और दोनों बच्चों को यहां से ले जाओ। मैंने उससे पूरी बात पूछी, लेकिन उसने कुछ बताया नहीं, बस तीनों को ले जाने के लिए कहा। रूबी ने यह भी कहा कि घर मत आना, मैंने तीनों को पास की दुकान पर बैठा दिया है, वहीं से ले जाना। मैं भरतपुर से आनन-फानन में आगरा पहुंचा और बच्चों और मां को लेकर आगरा आ गया। मैं तीनों को लेकर घर पहुंचने वाला था, तभी रूबी का फिर से फोन आया। तब उसने कहा कि सुरेंद्र जबरदस्ती ताला खुलवाकर पैसे लेकर और लड़ाई करके चले गए हैं। 5 हजार रुपये ले गए हैं। यह कह गए हैं कि 2–3 दिन में फोन करके बताएंगे कि वह कहां हैं।
पुलिस के साथ पति को खोजती रही, रोने का नाटक भी करती अनिल ने बताया-19 मई की शाम को रूबी ने फिर मुझे फोन किया। कहा कि यहां मेरा मन नहीं लग रहा, मुझे भी बच्चों के पास ले जाओ। 19 मई को मैं आगरा पहुंचा और रूबी को राजस्थान लेकर आया। रूबी और उसके दोनों बच्चे लगभग 7–8 दिन उसके घर पर रहे। 7-8 दिनों तक सुरेंद्र का पता नहीं चला तो 26 मई को मैंने भाई सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी दर्ज कराई। रूबी पूरे परिवार और पुलिस को गुमराह करती रही। वह पुलिस के साथ पति की खोजबीन करती थी और बीच-बीच में रोने भी लगती थी। इस पर मुझे रूबी पर शक होने लगा। शुक्रवार सुबह मैंने रूबी से कहा कि रोने से परेशानी दूर नहीं होगी। कोई बात है तो मुझे बता दो। तू फंस रही है तो मुझे बता दे… मैं तुझे बचा लूंगा… तेरे ऊपर आंच नहीं आने दूंगा। इस पर रूबी पिघल गई और पति को दफनाने का सच बता दिया। पुलिस ने फर्श तोड़ा तो लाश गल चुकी थी, सिर्फ कंकाल मिला
शुक्रवार दोपहर 12 बजे जेठ ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम पहुंची और 5 मजदूर बुलवाए। मजदूरों ने 20 मिनट में फर्श तोड़ा। इसके बाद गड्ढा खोदा। देखा तो लाश गल चुकी थी, सिर्फ कंकाल बचा था। इसलिए शुक्रवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शनिवार को कंकाल की फॉरेंसिक जांच होगी। इसके लिए 5 सदस्यीय टीम बनाई जाएगी। महिला बोली- मारता-पीटता था, इसलिए मार डाला
महिला रूबी ने पुलिस को बताया कि पति शराब पीते थे और उसे अक्सर मारते-पीटते रहते थे। इससे वह परेशान हो गई थी। इसी वजह से उसने उन्हें ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। 17 मई की रात को 18 से अधिक नींद की गोलियां खीर में मिलाकर खिलाईं।
उसने बताया कि 18 मई की सुबह पति बेड पर मृत मिले। यह देखकर वह घबरा गई। फिर जेठ के साथ बच्चों को भेज दिया। इसके बाद कमरे से शव को खींचते हुए बाथरूम में ले आई। फावड़े से गड्ढा खोदा, जिसमें करीब 40 मिनट लगे। इसके बाद उसने शव को दफना दिया।

एसीपी अमीषा सिंह ने बताया- 26 मई को सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जांच में पता चला कि पत्नी ने ही उसकी हत्या की थी। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। —————
यह खबर भी पढ़िए… आगरा में एक महिला ने अपने पति की हत्या की, फिर उसकी लाश घर के बाथरूम में ही दफना दी। किसी को इस बात का पता न चले, इसके लिए बाथरूम में लाश के ऊपर टाइल्स लगवा दीं। 45 दिन तक लोगों से कहती रही कि पति लापता है। शुक्रवार को जब पुलिस वेरिफिकेशन करने पहुंची, तो महिला घबरा गई और पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया।पूरी खबर पढ़ें

पाली सिटी डिस्पेंसरी को मिले नए प्रभारी:डॉक्टर रॉयमोन जोसेफ ने संभाला कार्यभार

पाली के नाडी मोहल्ला सिटी डिस्पेंसरी में डॉ. रॉयमोन जोसेफ ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी के रूप में कार्यभार शुक्रवार को ग्रहण किया। डॉ. जोसेफ के कार्यभार ग्रहण करने पर डिस्पेंसरी के स्टाफ और स्थानीय नागरिकों ने उनका स्वागत करते हुए सफल एवं जनसेवापूर्ण कार्यकाल की शुभकामनाएं दी। उनके आने से मरीजों को चिकित्सा सेवाओं का और बेहतर लाभ मिलेगा। कार्यभार संभालने के बाद डॉ. जोसेफ ने कहा कि डिस्पेंसरी में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बता दे कि डिस्पेंसरी में नियमित डॉक्टर लगाने की मांगवको लेकर पहले भी स्थानीय लोगों में विरोध प्रदर्शन किया था। तब तय किया गया था कि वीक के सभी दिन अलग अलग डॉक्टर अपनी सेवाएं यहां डिस्पेंसरी ने देंगे।

पाली के अक्षय राजपुरोहित का ICC दुबई में चयन:एशिया डेवलपमेंट ऑफिसर बने, परिवार में खुशी का माहौल

पाली जिले के शिवतलाव के रहने वाले एडवोकेट सुमेरसिंह राजपुरोहित के बेटे अक्षय राजपुरोहित का चयन विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था International Cricket Council (ICC) के दुबई स्थित मुख्यालय में एशिया डेवलपमेंट ऑफिसर (Asia Development Officer) के पद पर हुआ है। अक्षय इससे पहले Asian Football Confederation (AFC), मलेशिया में लॉ ऑफिसर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। खेल प्रशासन एवं खेल कानून के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें अब ICC में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। अक्षय विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था FIFA (FIFA) तथा All India Football Federation (AIFF) में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। खेल प्रशासन, विधिक मामलों और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों में उनके अनुभव ने उन्हें वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिलाई है। उनकी इस उपलब्धित पर परिवार में खुशी का माहौल है।

ब्यूटी पार्लर में 'टोटका' करना पड़ा भारी:मदन दिलावर खुद भूले 'नियम'; क्या है राजस्थान यूनिवर्सिटी में 'VC टैक्स'?

नमस्कार राजस्थान यूनिवर्सिटी में VC टैक्स की बड़ी चर्चा है। शिक्षामंत्रीजी ने सरकारी टीचर्स को खूब उपदेश दिए और खुद नियम भूल गए और धंधा अगर मंदा चले तो सोच-समझकर टोटका करना चाहिए। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. राजस्थान यूनिवर्सिटी में क्या है ‘VC टैक्स’? अगली क्रांति अगर हुई तो न हथियार से होगी और न व्यापार से। क्रांति का नया हथियार कला होगी। एक वक्त था जब विश्वविद्यालयों में अपनी राजनीति चमकाने के लिए युवा हाथ में जूता लेकर घूमते थे। हो-हल्ला, हुड़दंग, मारपीट और नारेबाजी कर अपनी ताकत दिखाया करते थे। जिसको पुलिस ने सड़क पर पटककर घसीट लिया, उसकी जीत पक्की। लेकिन अब कला का काल है। छात्रनेता कला यानी आर्ट का महत्व और मारक क्षमता समझते हैं। एक छात्रनेता राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग का झंडा उठाए हुए हैं। इसके लिए वे छात्रों के मुद्दों को कलात्मक तरीके से उठाते हैं। कभी यूनिवर्सिटी में आ रहे पेयजल को फ्लोटमीटर से मापते हैं। कभी चाय बनाकर अधिकारियों के केबिन तक कुल्हड़ ले जाते हैं। कभी लाइब्रेरी इंचार्ज का फ्रीज छात्रों के लिए उठा लाते हैं। इस बार छात्रों के बैक लगने और पुनर्मूल्यांकन के नाम पर मोटी फीस लिए जाने पर उन्होंने नाटक का सहारा लिया। नाटक में मुख्य पात्र निभाते हुए नया एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को बता रहे हैं कि फीस के नाम पर हो रही उगाही ही वाइस चांसलर टैक्स यानी वीसी टैक्स है। 2. शिक्षा मंत्रीजी ने ‘उन’ शिक्षकों को कहा निकम्मा टोंक में शिक्षा मंत्रीजी समाज के कार्यक्रम में पहुंचे थे। शिक्षा और संस्कार की बातें करने लगे। पहले तो बताया कि किस तरह सरकारी स्कूलों ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया और सरकारी स्कूलों के बच्चे किस तरह मैरिट में आए हैं। जनता समझ गई कि यह शिक्षा मंत्रीजी की ही लीला है, उन्हीं के कारण शिक्षा का उद्धार और कायाकल्प हुआ है। इसके बाद शिक्षामंत्रीजी बताने लगे कि किस भांति सरकारी अध्यापकों ने शिक्षा का बेड़ा गर्क कर रखा है। अध्यापक गुटखा खाते हैं, शराब पीते हैं। उनकी सूची बनाएंगे। एक-एक मास्टर की आदतों का पता लगाकर रिकॉर्ड रखेंगे ताकि वक्त आने पर उन्हें ‘दूरस्थ-दर्शन’ कराया जा सके। उन्हें निकम्मे मास्टर की परिभाषा देते हुए कहा कि जो मास्टर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं वे निकम्मे हैं। उन्होंने सिर्फ निकम्मा कहा। वे इसमें नालायक और नकारा भी जोड़ सकते थे। लेकिन एक साथ तीनों शब्दों पर किसी और पेटेंट है। सभा समाप्त हुई। पत्रकारों को भी थोड़ी बहुत मास्टरी आती है। उन्होंने मंत्रीजी की कुंडली निकाली ली। अखबार में खबर छाप दी- मंत्रीजी के खुद के पोते प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। 3. ब्यूटी पार्लर में ‘टोटका’ टोटका करने से अगर धंधा बढ़िया चलता तो फिर भारत दुनिया का सबसे अमीर देश होता और अमेरिका से पूछता- तू क्या है बे? यहां भले शिकंजी बनाते वक्त 80 रुपए पाव वाला नींबू महंगा लगे, लेकिन दुकान पर मिर्ची के साथ लटकाते वक्त यह सस्ता हो जाता है। यहां भले मिट्‌टी के घड़े का रेट 120 रुपए बताने वाले कुंभकार पर लूटने का इल्जाम लगाया जाए, लेकिन चौराहे पर रखते वक्त उस निवेश की याद नहीं आती। यहां हर चौक, चौराहे, सर्किल, फुटपाथ, नाले, जोहड़े, नदी, पहाड़ी, डूंगर, टीले पर कोई न कोई बाबा बैठकर ताबीज बनाता है। धर्म, आस्था और विश्वास की चाशनी में आदमी को लपेटकर कई ठेकेदार अपने चेले-चपेटियों के साथ करोड़ोंपति बन गए और टीवी पर बैठकर उपदेश देते हैं- सज्जनों, कोई उल्लेखनीय बात ध्यान में नहीं आई है। बात चूरू के सादुलपुर की है। ब्यूटी पार्लर का धंधा मंदा चल रहा था। पार्लर पर उसने कुछ लड़कियों को काम पर रखा था। मालिक ने सोचा कि शायद टोटका करने से बात बन जाए। टोटके को लेकर यह बात प्रसिद्ध है कि यह गुप्त रूप से किया जाना चाहिए, तभी फलित होता है। तो इसी नियम का पालन करते हुए मालिक ने लड़कियों के कैंपर से पानी निकाला और अपने कुर्ते की जेब से कुछ टोटकात्मक सामग्री निकाल कर पानी में मिला दी। लड़कियों को पहले से शक था। उन्होंने मालिक पर मोबाइल कैमरा सेट कर रखा था। यह काम भी लड़कियों ने गुप्त रूप से किया था। कैमरे में मालिक की करतूत सामने आ गई। फिर क्या था। लड़कियों ने चंडी का रूप धारण कर लिया। चप्पल उठाई और मालिक की ही हजामत बना दी। पत्रकारों ने गिनकर खबर लिखी- लड़कियों ने 6 मिनट में 43 चप्पलें मारी। इनपुट सहयोग- महावीर बैरवा (टोंक), नरेश भाटी (चूरू), विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

उदयपुर में तेज बारिश से सड़कें लबालब:लगातार एक घंटे तक हुई बरसात, शादी वाले परिवारों को हुई भारी परेशानी

उदयपुर शहर में शुक्रवार की रात को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। करीब एक घंटे तक चली बारिश से शहर की सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वैसे मानसून उदयपुर में आज सुबह एंट्र कर चुका था लेकिन मानसून की तेज बारिश रात में हुई। वहीं आज सुबह से रिमझिम बारिश चल रही है। रात साढ़े आठ बजे से बारिश की शुरूआत हुई और 9 बजे से झमाझम हुई। शहर में आज बड़ी संख्या में शादियां थी और उसमें बारिश से बड़ा खलल पड़ा। इधर, आज मानसून की एंट्री होने पर लोगों में खुशी थी लेकिन दिन भर उमस ने परेशान किया पर मानसून की बारिश नहीं हुई। रात करीब 9 बजे शुरू हुई बारिश ने अहसास करा दिया कि मानसून आ गया है। रात को शहर के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई।
न्यू आरटीओ रोड पर भरा पानी शहर के शोभागपुरा से न्यू आरटीओ जाने वाली रोड पर पूरी सड़क पर पानी ही पानी भर गया। यहीं स्थिति शहर के कई स्थानों पर देखने को मिली जहां जल भराव की समस्या है। शहर में आज कई शादियों के आयोजन थे और रिस्पेशन समारोह में बारिश ने खलल डाली और सारी तैयारियां चौपट हो गई। रात करीब 9 बजे इस कदर बारिश हुई कि शादियों में गाड़ी पार्क कर गार्डन के अंदर लोग नहीं जा सके और छाते भी तेज बारिश के आगे नहीं चले। बारिश रुकने के बाद लोग धीरे-धीरे शादी वाली जगह पहुंचे। शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई है जिले के ऋषभदेव कस्बे में तेज बारिश का दौर रात दस बजे तक चला। आठ दिन की देरी से हुई मानसून की एंट्री इससे पहले शुक्रवार सुबह उदयपुर में मानसून की एंट्री हुई। आमतौर पर उदयपुर में मानसून 18 से 25 जून के आस-पास प्रवेश करता है, लेकिन इस साल करीब 8 देरी से आया है। 2025 में मानसून की एंट्री 18 जून को हुई थी। इस साल 3 जुलाई को मानसून आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। उदयपुर में मानसून विदाई का समय 15 सितंबर के बाद निर्धारित है।

मंगेतर की हत्या की आरोपी सिया का दूसरा मोबाइल मिला:चेतन से कोडवर्ड में चैटिंग करती थी; दोनों 14 दिन येरवदा जेल में रहेंगे

पुणे की वडगांव अदालत ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान सिया और चेतन ने नार्को (पॉलीग्राफ) टेस्ट से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि एक दिन सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सिया की सहमति होने का बात कही थी। वडगांव कोर्ट के जज एएम विभूते ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए अब उनका नार्को टेस्ट नहीं होगा। सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने केतन को 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर मार डाला था। केतन और सिया की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी। चेतन-सिया की कोर्ट में पेशी की तस्वीरें… कोडवर्ड में चैट करते थे चेतन और सिया, एक और मोबाइल जब्त पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रचते समय बातचीत के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया बड़ा डेटा रिकवर कर लिया है और उसमें इस्तेमाल की गई सांकेतिक भाषा को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। दोनों की चैट में कोड वाली भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही बता सकते हैं। पुलिस ने शुक्रवार को सिया के घर से एक और मोबाइल जब्त किया है। जिसे छिपाकर रखा गया था। उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। मर्डर में तीसरे शख्स के शामिल होने का शक पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीड से एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है। दावा है कि तीसरा शख्स सिया या केतन में किसी एक का दोस्त है। दोनों ने उससे केतन के मर्डर की प्लानिंग शेयर की थी। हालांकि युवक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक को गवाह भी बना सकती है। प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया

पंजाब में जीजा को जिंदा जलाया, VIDEO सामने आया:बीच-बचाव करने आई भाभी भी जलकर मरी; पत्नी को लेने अमृतसर से मायके तरनतारन गया था

तरनतारन में अपनी पत्नी को मायके से ससुराल ले जाने आए पति को उसके ही साले ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसमें व्यक्ति की मौत हो गई। उसे बचाने आई भाभी भी आग की चपेट में आई, जिससे उसकी भी जान चली गई। इतना ही नहीं, इन दोनों को आग के हवाले करने वाला साला भी चपेट में आ गया, जिससे वह भी बुरी तरह झुलस गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। यह दुर्घटना तो पिछले महीने की है, लेकिन पूरे अग्निकांड का अब सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस सीसीटीवी में व्यक्ति के साथ कहासुनी, हाथापाई होती दिख रही है। इसके बाद आग लगने पर पीड़ित इधर-उधर भागते दिख रहे हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। 13 जून को हुई वारदात पुलिस के अनुसार, यह मामला तरनतारन के गांव संघा का है। यह वारदात 13 जून को हुई। मृतक की पहचान अमृतसर के गांव लोपोके के निवासी लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है। 13 जून को वह अपनी पत्नी संदीप कौर को मनाकर ससुराल लाने के लिए उसके मायके गांव संघा पहुंचा था। इनकी 9 महीने पहले शादी हुई थी। कुछ दिन बाद ही झगड़ के बाद पत्नी मायके चली आई थी और यहीं रह रही थी। ससुराल पहुंचने पर लवप्रीत सिंह की उसके ससुराल वालों से बहस हुई। पड़ोसी भी मौके पर जमा हो गए। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और लवप्रीत का साला साजन सिंह पेट्रोल की बोतल उठा लाया। उसने वह बोतल अपने जीजा लवप्रीत पर उढ़ेल दी। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा इसी दौरान बीच-बचाव करने साजन सिंह की भाभी गुरजीत कौर भी आ गईं, जिससे तेल उनके ऊपर भी गिर गया। इसके बाद गुस्से में साजन सिंह ने लाइटर लगा दिया, जिससे फौरन आग लग गई। थोड़ी देर में दोनों लवप्रीत सिंह और गुरजीत कौर जल गए। साजन सिंह भी आग की चपेट में आ गया, जिससे वह भी झुलस गया। मौके पर मौजूद लोग फौरन लवप्रीत और गुरजीत को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें डॉक्टर ने मृत करार दे दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने लवप्रीत और गुरजीत की हत्या के आरोप में साजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसे भी कुछ दिन अस्पताल में रहना पड़ा। उसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में क्या दिख रहा SHO बोले- आरोपी को जेल भेजा सदर थाने के SHO नवदीप सिंह ने बताया है कि साजन इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसने तेल डालकर अपने जीजा लवप्रीत को आग लगा दी, जिससे वह करीब 92 प्रतिशत तक झुलस गया था। इससे उसकी मौत हो गई। बीएनएस की धारा के तहत मामला दर्ज कर साजन को आरोपी बनाया है। उसे दो लोगों की हत्या के केस में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना में प्रेमी जोड़े की 4 साल की लव स्टोरी, शादीशुदा थे, होटल में गोली मारी
एक मुलाकात, फिर दोस्ती, उसके बाद बेइंतहा मोहब्बत और आखिर में होटल के कमरे में दो लाशें… तरनतारन की दो बच्चों की मां और फिरोजपुर के शादीशुदा युवक की प्रेम कहानी का अंत किसी फिल्मी क्लाइमैक्स से कम नहीं रहा। पढ़ें पूरी खबर…

तानों-वर्चस्व की जंग में गई डकैत जगन की जान:गैंग में दबदबा बनाने के लिए रची साजिश; जानिए 15 मिनट में कैसे हुआ मर्डर

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या महज आवेश में आकर किया गया अपराध नहीं था, बल्कि जेल के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और लगातार मिल रहे तानों का नतीजा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विष्णु जाट अपने गैंग के बीच खुद को बड़ा अपराधी साबित करना चाहता था। दूसरी ओर, 100 से ज्यादा मुकदमों वाला डकैत जगन गुर्जर, विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर लगातार तंज कसता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स (टिप्पणियों) से आहत होकर विष्णु ने जगन की हत्या का प्लान बनाया, फिर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस की पड़ताल में वारदात से लेकर सबूत मिटाने तक की पूरी कहानी अब सिलसिलेवार (मिनट-टू-मिनट) सामने आ गई है। जेल में इस तरह हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या जगन को ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे बंदी पुलिस सूत्रों के अनुसार, विष्णु जाट पहले से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। उसकी गैंग के कई सदस्य भी उसी जेल में बंद हैं। गैंग के साथी अक्सर उसका मजाक उड़ाते थे कि उसके खिलाफ केवल छोटे-मोटे चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और उसने अब तक कोई बड़ा अपराध नहीं किया है। दूसरी तरफ, मार्च 2026 में डकैत जगन गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। 100 से ज्यादा मुकदमों वाले जगन का जेल में अलग ही दबदबा था। बंदी उसे ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे। जांच में सामने आया है कि जगन अक्सर विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां करता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स से परेशान होकर विष्णु ने तय कर लिया कि यदि वह जगन जैसे बड़े अपराधी की हत्या कर देगा, तो जेल में उसका भी वर्चस्व स्थापित हो जाएगा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा- मैंने जगन की हत्या कर उसका ‘उद्धार’ किया है। पहले साथ रहे दोनों भाई, फिर अलग की गई सेल पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 29 मार्च 2026 को जगन के अजमेर जेल आने के बाद दोनों भाइयों को शुरुआत में एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में दोनों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस बीच दोनों के बीच विवाद होने के बाद 16 मई को जगन को अलग ब्लॉक में भेज दिया गया। इसके बाद 27 जून को विष्णु को जगन की सेल में शिफ्ट किया गया। इसके ठीक 2 दिन बाद 29 जून को उसने जगन की हत्या कर दी। ब्लॉक का CCTV चालू, लेकिन सेल का कैमरा खराब जांच में सामने आया कि जिस ब्लॉक में दोनों बंद थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में विष्णु का जगन की सेल में जाना, जेल प्रहरी की गश्त, कंपाउंडरों का इंजेक्शन लगाने आना और अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, जिस सेल में हत्या हुई, उसका कैमरा कई दिनों से खराब पड़ा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विष्णु को इसकी जानकारी नहीं थी। उसने वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि कुछ दिखाई न दे। जेल अधीक्षक बोले- टेक्निकल स्टाफ नहीं, कई कैमरे बार-बार खराब होते हैं जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- जेल में सीसीटीवी की देखरेख के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है। करीब 20 कैमरे समय-समय पर अचानक खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए 7-8 बार DOIT को मेल भी भेजा गया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई कैमरे अपने आप कुछ समय के लिए चालू हो जाते हैं और फिर बंद (नॉन-लाइव) हो जाते हैं। फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी विष्णु जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ की है। शनिवार (आज) को उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर आगे की जांच और रिमांड को लेकर कार्रवाई की जाएगी। ——- ये खबरें भी पढ़िए… 1- डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार, बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवान जेल से कड़ी सुरक्षा में उसे लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर 2- जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। पढ़ें पूरी खबर…

800 रुपए में पार्सल डिलीवरी, चाहे विस्फोटक हो या ड्रग्स:कैमरे पर रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर का अवैध सिस्टम, चेक तक नहीं करते कार्टन के अंदर क्या है?

राजस्थान रोडवेज की बसों में 900 से 1 हजार रुपए लेकर धड़ल्ले से अवैध पार्सल भेजे जा रहे हैं। ड्राइवर-कंडक्टर पार्सल तक चेक नहीं करते कि इसमें ड्रग्स या हथियार तो नहीं? पटाखे या अन्य विस्फोटक तो नहीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए संकट बन जाए। बड़े-बड़े बोरे और कार्टन तक यात्रियों के सामान के बीच या ड्राइवर के केबिन में रखकर भेजे जा रहे हैं। ये खतरनाक इसलिए है, क्योंकि कई बार इन्हीं पार्सलों के कारण यात्रियों को हादसे के वक्त बस से निकलने की जगह नहीं मिलती। इस खेल का खुलासा करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ग्राहक (कस्टमर) बनकर ड्राइवर से मिला। एक पार्सल में ईंट रखकर टनकपुर (उत्तराखंड) भेजने के लिए कहा। ड्राइवर ने पार्सल भेजने के 800 रुपए लिए। चेक तक नहीं किया कि पार्सल में कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भास्कर रिपोर्टर जयपुर-टनकपुर रूट की बस के ड्राइवर लोकेश यादव से मिला। ड्राइवर ने कहा- किराया सामान देखकर तय होगा। 900 से 1000 रुपए लगेंगे। ड्राइवर के दावे की सच्चाई जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खाली कार्टन लिया। उसमें केवल एक ईंट रखी और पैक कर दिया। ऊपर टनकपुर का पता लिख दिया गया, ताकि वह असली पार्सल जैसा लगे। इसके बाद टीम उसी रोडवेज बस के पास पहुंच गई। (रिपोर्टर ने ड्राइवर को 800 रुपए दे दिए।) चीफ मैनेजर को बुलाया तो ड्राइवर मौके से भाग गया रिपोर्टर ने सिंधी कैंप बस स्टैंड के चीफ मैनेजर राकेश राय को मौके पर बुलाया। चीफ मैनेजर के पहुंचते ही ड्राइवर वहां से निकल गया। बाद में उसे बुलाया गया। बस की जांच हुई तो वही कार्टन ड्राइवर के केबिन में रखा मिला। चीफ मैनेजर ने पूछा तो ड्राइवर ने माना कि पार्सल उसी ने रखा था। अपना बचाव करने के लिए ये भी बोला कि बाद में वह बिल लेकर आ जाता। चीफ मैनेजर राकेश राय ने कहा- पहले बिल होना चाहिए था। बिना बिल सामान नहीं ले जाया जा सकता। सामान ड्राइवर के केबिन में रखा गया था, जबकि वहां सामान रखने की अनुमति नहीं है। मामले की रिपोर्ट संबंधित आगार (सेक्शन) को भेज दी गई है। राजस्थान रोडवेज में लघु (छोटे) पार्सल सेवा के ये हैं नियम ——– ये खबरें भी पढ़िए… 1- राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। पढ़ें पूरी खबर… 2- जयपुर में बिना जांच बसों में रखे जा रहे पार्सल:यात्रियों की जान से खिलवाड़; दौसा अग्निकांड के बाद ग्राउंड पर भास्कर का रियलिटी चेक दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 30 जून की देर रात हुए बस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। भीषण हादसे के बाद यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…