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जयपुर में कांग्रेस नेताओं का भाजपा कार्यालय कूच:गहलोत-डोटासरा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल, पुलिस फोर्स तैनात

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जयपुर में कांग्रेस लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरी है। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय घेरने निकले हैं। पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखे हैं। कांग्रेस के घेराव में पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा,नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यालय के लिए कूच से पहले केंद्र सरकार का पुतला फूंका। कांग्रेस के भाजपा कार्यालय कूच की फोटोज… ये खबर भी पढ़ें… जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे सचिन बोले-राहुल और खड़गे आतंकवादी नहीं थे, उन्हें घसीटा गया:पेपर लीक हो रहे, बच्चे किसके पास जाकर रोएं?; सवाल पूछने पर जेल में डाल रहे पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

सांप के जहर से थमने लगी थीं सांसें:वेंटिलेटर पर रखकर युवक की जान बचाई, 24 घंटे बाद आया होश

बांसवाड़ा में जहरीले सांप के काटने से एक युवक की सांसें थमने लगी थी। ब्लड प्रेशर गिर गया था और हार्ट की धड़कन बिल्कुल कम हो गई थी। बेहोशी की हालत में उसे जिला हॉस्पिटल लाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू किया। 24 घंटे तक लगातार इलाज और एंटी स्नेक वेनम देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली। अब युवक पूरी तरह होश में है और उसकी हालत सामान्य है। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा मामला जानकारी के अनुसार, कुशलगढ़ निवासी प्रेमसिंह पुत्र लालसिंह को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे परिजन अचेत अवस्था में महात्मा गांधी हॉस्पिटल (एमजीएच) के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। सांप के जहर का असर इतना ज्यादा था कि उसकी सांसें उखड़ रही थीं, ब्लड प्रेशर और धड़कन खतरनाक स्तर तक गिर चुके थे। मरीज को सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। 2. बिना देरी वेंटिलेटर पर रखा, तुरंत शुरू किया इलाज मरीज की नाजुक हालत देखते ही ड्यूटी पर मौजूद एनेस्थीसिया, मेडिसिन और नर्सिंग स्टाफ ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने मरीज की सांस की नली में ट्यूब डालकर उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। साथ ही जीवनरक्षक दवाइयों के साथ एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की खुराक देना शुरू किया गया। इसके बाद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने लगातार 24 घंटे तक मरीज की हालत पर नजर बनाए रखी। 3. 24 घंटे बाद हालत सुधरी, अब पूरी तरह स्वस्थ बुधवार सुबह करीब 11 बजे मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ। उसका ब्लड प्रेशर और हार्ट की गति सामान्य हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक वेंटिलेटर हटाकर सांस की नली भी निकाल दी। फिलहाल प्रेमसिंह पूरी तरह होश में हैं, परिजनों से बातचीत कर रहे हैं और उनकी तबीयत सामान्य है। इस चुनौतीपूर्ण इलाज में एनेस्थीसिया टीम के डॉ. योगेश जोशी, डॉ. प्रमिला और डॉ. राजेन्द्रपाल शामिल रहे। मेडिसिन टीम में डॉ. दीपा कटारा और डॉ. पंकज ने जिम्मेदारी निभाई। वहीं नर्सिंग टीम में पूनम शर्मा, दीपक वैष्णव और अन्य सहयोगी स्टाफ ने लगातार मरीज की देखभाल कर इलाज को सफल बनाया।

नागौर मंडी में लगातार दूसरे दिन स्थिर रहे भाव:जीरा 21,500 रुपए पर कायम, मूंग-ग्वार और चना में भी नहीं हुआ बदलाव

नागौर कृषि उपज मंडी में बुधवार (22 जुलाई) को अधिकांश कृषि जिंसों के भाव मंगलवार की तुलना में लगभग स्थिर रहे। कारोबार के दौरान किसी भी प्रमुख जिंस में उल्लेखनीय तेजी या गिरावट दर्ज नहीं की गई। लगातार दूसरे दिन बाजार संतुलित रहने से किसानों और व्यापारियों ने भी सामान्य कारोबार किया। सबसे अधिक चर्चा जीरे की रही, जिसका अधिकतम भाव 21,500 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा। मूंग और ग्वार में नहीं आया बदलाव मंडी में मूंग का न्यूनतम भाव 5,500 रुपए और अधिकतम 7,600 रुपए प्रति क्विंटल रहा। मंगलवार की तरह बुधवार को भी मूंग के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। इसी तरह ग्वार 5,000 से 5,725 रुपए प्रति क्विंटल पर बिकता रहा और इसमें भी किसी प्रकार की तेजी या मंदी देखने को नहीं मिली। जीरे का अधिकतम भाव 21,500 जीरा, सौंफ और इसबगोल के भाव स्थिर मसाला फसलों में जीरे का न्यूनतम भाव 17,000 रुपए और अधिकतम 21,500 रुपए प्रति क्विंटल रहा, जो पिछले कारोबारी दिन के समान रहा। सौंफ 7,000 से 12,500 रुपए और इसबगोल 9,000 से 13,400 रुपए प्रति क्विंटल पर बिकता रहा। दोनों जिंसों के भाव भी मंगलवार के स्तर पर ही कायम रहे। अन्य जिंसों में भी नहीं दिखी हलचल असालिया 5,800 से 6,050 रुपए, दाणा मेथी 5,700 से 6,000 रुपए, सिद्धी सुवा 6,000 से 7,400 रुपए और तारामीरा 5,500 से 6,200 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहे। ज्वार के भाव 4,500 से 5,800 रुपए, काला तिल 9,000 से 11,000 रुपए और सफेद तिल 10,000 से 12,000 रुपए प्रति क्विंटल पर बने रहे। इन सभी जिंसों में भी पिछले दिन की तुलना में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया। चना और सरसों में भी भाव यथावत चना 5,000 से 5,600 रुपए प्रति क्विंटल पर बिका और इसमें भी तेजी-मंदी नहीं रही। वहीं 40 प्रतिशत तेल वाली सरसों (रायड़ा) का औसत भाव 7,600 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो मंगलवार के बराबर रहा। मानसून पर टिकी बाजार की नजर व्यापारियों का कहना है कि इन दिनों मंडी में आवक सामान्य है और अधिकांश खरीदार जरूरत के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। मानसून में आए ब्रेक और नई फसल की स्थिति पर बाजार की नजर बनी हुई है। यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होती है या आवक में बदलाव आता है तो भावों में हलचल देखने को मिल सकती है। फिलहाल बुधवार को नागौर मंडी में अधिकांश कृषि जिंसों के भाव मंगलवार के मुकाबले पूरी तरह स्थिर रहे और बाजार शांत माहौल में संचालित हुआ।

सोनम वांगचुक के समर्थन में पदयात्रा:2 दिन की भूख हड़ताल करेंगे युवा, बोले- मांगें सरकार तक पहुंचानी है

दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अब नागौर के युवा भी सड़क पर उतरेंगे। छात्र-युवा हितों और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर नागौर के युवाओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 23 और 24 जुलाई को दो दिवसीय शांतिपूर्ण पदयात्रा और भूख हड़ताल की सूचना दी है। युवाओं का कहना है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करते हुए छात्र-युवाओं की जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। पदयात्रा निकालेंगे कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन के अनुसार, 23 जुलाई (गुरुवार) सुबह 9 बजे शहर के वल्लभ चौक से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पदयात्रा निकाली जाएगी। आयोजकों का दावा है कि रैली में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे। पदयात्रा के बाद कलेक्ट्रेट परिसर के सामने धरना शुरू होगा और 23 व 24 जुलाई को दो दिवसीय स्वैच्छिक भूख हड़ताल की जाएगी। युवाओं का कहना है कि दिल्ली में चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन ने देशभर के युवाओं को प्रभावित किया है। इसी क्रम में नागौर के युवा भी उनके समर्थन में शांतिपूर्ण आंदोलन कर अपनी एकजुटता का संदेश देंगे। साथ ही NEET परीक्षा से जुड़े छात्र-युवाओं के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग की आंदोलन की सूचना में स्पष्ट किया गया है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अहिंसक और अनुशासित रहेगा। प्रदर्शन के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा तथा किसी भी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। प्रशासन से पदयात्रा और धरना-प्रदर्शन के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया है। आयोजकों ने ज्ञापन में कहा है कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। यदि छात्र-युवाओं की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आगे भी आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। ज्ञापन पर नागौर के कई युवाओं और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं।

EWS प्रतिनिधित्व व आयोग गठन की मांग:विप्र फाउंडेशन ने सीएम के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन, पंचायत-निकाय चुनावों में आरक्षण मांगा

हनुमानगढ़ में विप्र फाउंडेशन ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में प्रतिनिधित्व देने तथा राजस्थान में स्वतंत्र ईडब्ल्यूएस आयोग के गठन की मांग की। संगठन ने कहा कि संविधान में मिले अधिकारों का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष कालूराम शर्मा ने बताया कि संविधान के 103वें संशोधन के तहत ईडब्ल्यूएस वर्ग को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समान अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। हालांकि, संगठन का कहना है कि कई पात्र परिवार अब भी इन प्रावधानों और योजनाओं के वास्तविक लाभ से वंचित हैं। प्रमाण-पत्र और पात्रता प्रक्रिया में आ रही दिक्कतें ज्ञापन में कहा गया कि पात्रता निर्धारण, आय सीमा की व्याख्या, ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया और योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यावहारिक समस्याओं के कारण जरूरतमंद परिवारों को संवैधानिक अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई गई। स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व और आयोग गठन की मांग संगठन ने मांग की कि आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में संविधान की भावना के अनुरूप ईडब्ल्यूएस वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व और आरक्षण दिया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग भी स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में प्रभावी भागीदारी निभा सके। इसके साथ ही राजस्थान में स्वतंत्र एवं सशक्त ईडब्ल्यूएस आयोग के गठन की मांग भी रखी गई, जो इस वर्ग के हितों की रक्षा और अधिकारों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। मुख्यमंत्री से जल्द निर्णय का आग्रह विप्र फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया। संगठन का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लाखों परिवारों को संवैधानिक अधिकारों का वास्तविक लाभ मिलेगा और उन्हें न्याय एवं समान अवसर सुनिश्चित हो सकेंगे। ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपते समय युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सचिन कौशिक, डॉ. भारत भूषण शर्मा, हंसराज शर्मा, नरेश पुरोहित, गोपाल शर्मा, बलदेव सारस्वत, लोकेश शर्मा, वेद तिवाड़ी, महेश शर्मा, एलडी तावनिया, देवीलाल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

इंदौर में विजयवर्गीय के घर के सामने दंपती का प्रदर्शन:बोले- छात्रों को कीड़े और आंदोलन को प्रायोजित क्यों कहा; पुलिस जबरन उठा ले गई

इंदौर में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के सामने बुधवार को दंपती ने प्रदर्शन किया। वे संविधान की कॉपी लेकर गेट के सामने खड़े हो गए। उनका कहना था कि विजयवर्गीय के हाल ही में दिए बयानों से वे आहत हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शन की अनुमति के बारे में पूछा तो पति-पत्नी बहस करने लगे। अधिकारियों ने दंपती को समझाइश दी लेकिन उन्होंने मंत्री के बंगले से हटने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले दंपती की पहचान प्रहलाद पाण्डेय और संगीता पाण्डेय के रूप में हुई है। फिलहाल, पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। छात्रों को कीड़े और आंदोलन को प्रायोजित कहने से नाराज प्रहलाद पाण्डेय ने बताया- मंत्री विजयवर्गीय ने कहा है कि NEET घोटाला प्रदेश का विषय नहीं है। उन्होंने छात्र आंदोलन को प्रायोजित बताया और छात्रों के संदर्भ में कीड़े जैसे अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया। इससे युवाओं और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। इसी के कारण वे उनके घर के सामने प्रदर्शन करने आए हैं। देखिए, 4 तस्वीरें… पुलिस बोली- बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं कर सकते प्रहलाद पाण्डेय मीडिया से बातचीत कर रहे थे, इसी बीच परदेशीपुरा थाना प्रभारी आरडी कानवा मौके पर पहुंचे। वे पाण्डेय को मीडिया से बात करने से रोकते हुए समझाने लगे। कानवा ने कहा- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में नहीं, बल्कि भोपाल में हैं। बिना अनुमति उनके घर के बाहर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। काफी समझाइश के बाद भी जब दंपती नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने प्रहलाद पाण्डेय को जबरन उठाकर गाड़ी में बैठा लिया। फिर, उनकी पत्नी संगीता पाण्डेय को भी साथ लेकर थाने ले गए। सांसद लालवानी के घर पर भी कर चुके नारेबाजी टीआई आरडी कानवा ने बताया कि दंपती बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पहुंचे थे। माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें पूछताछ के लिए अभिरक्षा में लिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। इससे पहले पाण्डेय दंपती सोमवार को सांसद शंकर लालवानी के घर पर भी प्रदर्शन और नारेबाजी कर चुके हैं। वे केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। ये खबर भी पढ़ें… युवक बोला-लठ्ठ से वोट डलवाएंगे, मंत्री राकेश शुक्ला ने पीठ थपथपाई दतिया उपचुनाव के बीच एक वीडियो ने सियासी माहौल गरमा दिया है। मंत्री राकेश शुक्ला बड़ौनी में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में जनसंपर्क कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने कहा, “हम लठ्ठ से वोट डलवाएंगे।” इस पर मंत्री ने “अरे वाह” कहते हुए युवक की पीठ थपथपाई। पढ़ें पूरी खबर…

राजस्थानी भाषा की उपेक्षा पर बालकवि का विरोध:मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भेजी 'काळी पाती'

झालावाड़ के बालकवि मनीष कुमार सेन ने राजस्थानी भाषा की उपेक्षा के विरोध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल हरिभाऊ बागडे को ‘काळी पाती’ भेजी है। यह विरोध सरकारी विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा का स्वतंत्र विभाग स्थापित न होने और लोक भवन (राजभवन) द्वारा ‘शास्त्रीय मराठी भाषा अध्ययन केंद्र’ खोलने के निर्देशों के बाद सामने आया है। झालावाड़ जिले के ग्राम सरड़ा निवासी बालकवि मनीष कुमार सेन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को काले कागज पर सफेद स्याही से लिखी ‘काळी पाती’ भेजी। वहीं, महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे को संवैधानिक मर्यादा का पालन करते हुए सफेद कागज पर काली स्याही से विशेष पत्र भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया। बालकवि मनीष कुमार सेन ने बताया कि उन्होंने पहले भी अपनी मातृभाषा के सम्मान में पत्र भेजे हैं। पूर्व में राजस्थानी भाषा दिवस पर देश के प्रधानमंत्री को ‘पीली चिट्ठी’ भेजी गई थी, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा डाक से जवाब भेजकर मांग को यथोचित कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाने की आधिकारिक सूचना दी गई थी। इसके बाद गत राजस्थान दिवस पर उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘केसरिया पाती’ भेजकर उम्मीद जताई थी। हालांकि, हाल ही में राजभवन द्वारा राजस्थानी से पहले अन्य भाषाओं के केंद्र खोलने के निर्देशों से राजस्थानी भाषा प्रेमियों में निराशा है, जिसके चलते अब उन्हें काले कागज पर ‘काळी पाती’ लिखकर अपनी मातृभाषा के प्रति मौन विरोध दर्ज कराना पड़ रहा है।

अमरनाथ यात्रा पंजीकरण अब स्थानीय स्तर पर हो:सांसद लुम्बाराम ने लिखा पत्र, सिरोही में PNB को अधिकृत करने की मांग

जालोर-सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी ने सिरोही एवं जालोर जिलों में श्री अमरनाथ यात्रा पंजीकरण के लिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को अधिकृत करने हेतु एक पत्र लिखा है। यह पत्र जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मनदीप के. भंडारी और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को संबोधित किया गया है। सांसद चौधरी ने अपने पत्र में बताया कि राजस्थान के सिरोही और जालोर जिलों से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। वर्तमान में इन दोनों जिलों में यात्रा पंजीकरण के लिए कोई भी अधिकृत बैंक शाखा उपलब्ध नहीं है। इस कारण श्रद्धालुओं को पंजीकरण के लिए अन्य जिलों की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से समय, धन और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जनहित और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सांसद ने पंजाब नेशनल बैंक की सिरोही शाखा को श्री अमरनाथ यात्रा पंजीकरण के लिए अधिकृत शाखा घोषित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह शाखा सिरोही और जालोर दोनों जिलों के श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होगी और इससे हजारों यात्रियों को स्थानीय स्तर पर पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी।

दुकानदार से 98 हजार की साइबर ठगी:ठगों ने 35 मिनट में खाली किया अकाउंट, फोन रीसेट किया; पुलिस ने बचाए 76 हजार

कोटा में साइबर ठगी के एक मामले में साइबर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते से ट्रांसफर हुई 98 हजार 1 रुपए की रकम में से करीब 76 हजार रुपए होल्ड करवा दिए। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि पीड़ित को वापस मिल सकेगी। मोबाइल पर एक सिस्टम अपडेटिंग का मैसेज आने के बाद उड़ी रकम मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के कंसुआ निवासी शिवराज कहार से जुड़ा है, जो मोबाइल शॉप चलाता है। शिवराज के अनुसार, 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे उसके मोबाइल की स्क्रीन पर लगातार ‘सिस्टम अपडेटिंग’ का मैसेज दिखाई देने लगा। मोबाइल न तो बंद हो रहा था और न ही उसमें कोई दूसरा काम किया जा सकता था। उसे लगा कि फोन में सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है, इसलिए उसने मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया। जब वह अपनी दुकान पर पहुंचा और भुगतान करने की कोशिश की तो मोबाइल स्क्रीन पर 35 मिनट तक मोबाइल बंद न करें का संदेश दिखाई देने लगा। इसी दौरान उसके एसबीआई बैंक खाते से 98 हजार 1 रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में ट्रांसफर होने का मैसेज आया। कुछ देर बाद मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया और दोबारा चालू होने पर उसमें मौजूद सभी ऐप और डाटा गायब थे। फोन बिल्कुल नए मोबाइल की तरह रीसेट हो चुका था। पुलिस ने निकलवाई ठगी की रकम घटना के बाद शिवराज ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन और साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने बैंकिंग चैनल के माध्यम से तत्काल कार्रवाई शुरू की। साइबर थाना पुलिस ने ठगी गई राशि में से करीब 76 हजार रुपये होल्ड करवा दिए हैं। साइबर थाना अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस की तुरंत कार्रवाई के कारण पीड़ित की बड़ी रकम सुरक्षित हो सकी है, जिसे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके खाते में वापस जमा करा दिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाने के हेड कॉन्स्टेबल अटल तिवारी की अहम भूमिका रही। उनकी तत्परता और तकनीकी समन्वय के चलते बड़ी राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सका। शिवराज ने बताया कि यह रकम उसने मोबाइल एक्सेसरीज खरीदने के लिए जमा की थी। रकम वापस मिलने की उम्मीद से अब उसके परिवार के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।

गहलोत बोले-ओएमआरशीट घोटाले पर कब कार्रवाई करेगी सरकार:स्टूडेंट‌स पर लाठियां बरसाने वालों को कांग्रेस से सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भाजपा नेताओं पर पलटवार किया है। अशोक गहलोत ने कहा- भाजपा को कांग्रेस के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से इतनी बेचैनी क्यों है? युवाओं के भविष्य पर जवाब देने की बजाय भाजपा झूठे आंकड़े गढ़ रही है। गहलोत ने आगे कहा- छात्रों पर लाठियां बरसाने और ओएमआर (OMR) घोटाले को दबाने वाली सरकार के नेताओं को कांग्रेस से सवाल पूछने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा सरकार जवाब दे कि वह ओएमआर घोटाले की जांच कब करवाएगी? गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर लिखा- साल 2013-18 के भाजपा शासनकाल में 12 पेपर लीक हुए। तब न कोई कठोर कानून बना, न कोई बड़ी गिरफ्तारी हुई। तब भाजपा सरकार ने कार्रवाई न कर पेपर लीक माफिया को बढ़ावा देने का काम किया। हमने पेपरलीक के खिलाफ सख्त कानून बनाया : गहलोत गहलोत ने एक्स पर लिखा- हमारी कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के विरुद्ध देश का सबसे कठोर कानून बनाया। 2022 में एक्ट लाकर आजीवन कारावास ती सजा, संपत्ति जब्त और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान किया। आजीवन कारावास का प्रावधान करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बना। पेपर माफिया की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाया गहलोत ने लिखा- हमने बिना किसी को बख्शे कार्रवाई की। RPSC के पदस्थ सदस्य तक को गिरफ्तार करवाया, पेपर माफिया की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाया, दोषी कर्मचारियों को बर्खास्त किया और प्रभावित परीक्षाएं रद्द कर तुरंत पुनर्परीक्षा करवाई और युवाओं को नौकरी दी। इतनी सख्ती से आरोपियों पर केस दर्ज किए गए कि वे अभी भी जेल की सलाखों के पीछे हैं।