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जिला शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण:लाडनूं में व्यवस्थाएं संतोषजनक, लोडसर स्कूल की भी सराहना

डीडवाना के जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) रूपाराम पिण्डार ने 5वीं और 8वीं बोर्ड पूरक परीक्षा के तहत लाडनूं स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन केंद्रों पर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उन्हें संतोषजनक पाया। पिण्डार ने लाडनूं के जौहरी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल और पीएम श्रीमती केशर देवी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का दौरा किया। दोनों केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल लोडसर का भी सम्बलन किया। उन्होंने स्कूल में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के गृहकार्य की नियमित जांच और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता तथा निर्धारित मैन्यू के अनुसार व्यवस्था को सराहनीय बताया। उन्होंने विशेष रूप से विज्ञान एवं गणित विषय की अध्यापिका सुमित्रा के कार्य की प्रशंसा की, जिसे विद्यार्थियों के हित में प्रभावी बताया गया। कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका सुचित्रा के स्कूल प्रबंधन, शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन और सहकर्मियों के साथ बेहतर समन्वय की भी सराहना की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल स्टाफ को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सभी को इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य जारी रखने का आह्वान किया।

जमीनी विवाद में महिला पर कुल्हाड़ी से वार किया:अभद्रता कर मारपीट करते रहे आरोपी; नामजद मुकदमा दर्ज

जालोर के एक गांव में आरोपियों ने घर पर हमला कर महिला के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने महिला से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। घटना को लेकर परिजनों ने मारपीट और महिला के साथ अभद्रता का मुकदमा दर्ज करवाया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें आरोपी महिला के साथ मारपीट करते हुए और अभद्रता करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।

सचिन बोले-राहुल और खड़गे आतंकवादी नहीं थे, उन्हें घसीटा गया:पेपर लीक हो रहे, बच्चे किसके पास जाकर रोएं?; सवाल पूछने पर जेल में डाल रहे

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा – दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे बच्चों ने कोई अपराध नहीं किया था, उनकी बात भी नहीं सुनी गई। मारपीट से हाथ-पैर टूट गए, सैंकड़ों बच्चे अस्पतालों में भर्ती है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कोई आतंकवादी नहीं थे, फिर भी उन्हें सड़क पर घसीटा गया। अब सवाल पूछने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। देश में पेपर लीक हो रहे हैं, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है, ऐसे में वे आखिर किसके पास जाकर रोएं। पायलट ने ये बातें बुधवार को दौसा दौरे के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के भांडारेज इंटरचेंज पर बातचीत में कहीं। इससे पहले मीणा सीमला और मानपुर गांव में पहुंचकर कार्यकर्ताओं के निधन पर शोक जताया। ‘सरकार युवाओं के सपने तोड़ रही है’ सचिन पायलट ने कहा – पिछले दो दिनों में केंद्र सरकार का जो रवैया देखने को मिला है, उससे लगता है कि सरकार लाखों-करोड़ों युवाओं के सपनों को बर्बाद करने का काम कर रही है। घमंड और आक्रामक राजनीति का परिचय दे रही है। कांग्रेस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद और भविष्य की परीक्षाओं की व्यवस्था पर जवाब मांग रही है, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही। ‘राहुल-खड़गे आतंकवादी नहीं थे’ पायलट ने कहा -लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे प्रधानमंत्री आवास के सामने लोक कल्याण मार्ग पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। वे कोई आतंकवादी नहीं थे, फिर भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सड़क पर घसीटा गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला और दमन का परिचय है। ‘बच्चों पर मुकदमे वापस लिए जाएं’ पायलट ने कहा- प्रदर्शन कर रहे बच्चों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। सैकड़ों बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और कई वेंटिलेटर पर हैं। उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात देखकर कोई भी संवेदनशील व्यक्ति घर नहीं बैठ सकता। ‘धरना देना अधिकार, सरकार जिद छोड़े’ पायलट ने कहा कि धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जिसे कोई नहीं छीन सकता। अब सवाल पूछने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। सरकार को अपनी जिद छोड़कर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। ट्यूशन और कोचिंग माफिया की जेब में लोगों के खरबों रुपए जा रहे हैं, नौकरियां नहीं मिल रही हैं और पेपर लीक हो रहे हैं। सरकार अब संसद में चर्चा को तैयार हुई है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक कांग्रेस की मांग पूरी नहीं मानी जाएगी। — जयपुर में प्रदर्शन की ये खबर भी पढ़ें … जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे, पुलिस से धक्का-मुक्की; बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी जयपुर में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पूरी खबर पढ़िए

झालावाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस:लाडो योजना का शत-प्रतिशत भुगतान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, HPV टीकाकरण तेज करने के निर्देश

झालावाड़ में कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने स्वास्थ्य विभाग को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य गतिविधियों में कम से कम 95 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने, लाडो प्रोत्साहन योजना का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने और एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया। स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा, लाडो योजना पर जोर मिनी सचिवालय में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना के सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। शुभलक्ष्मी योजना की तीसरी किस्त का भुगतान कर एनओसी जिला मुख्यालय भेजने के भी निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर विशेष निर्देश बैठक में हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप, सुरक्षित प्रसव, गर्भावस्था का 12 सप्ताह से पहले पंजीकरण, चार एएनसी जांच और संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस (9, 18 और 27 तारीख) पर आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण जांच, इलाज और आवश्यक निदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा संस्थानों में आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने तथा जिन प्रसूताओं का नाम जनआधार में दर्ज नहीं है, उन्हें जोड़कर सत्यापन कराने को कहा गया। ग्रामीण शिविरों में आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य लाभार्थियों की जांच कर जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया। चिकित्सा विभाग को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य गतिविधियों में कम से कम 95 प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य दिया गया। एचपीवी टीकाकरण और प्रसूता हेल्प डेस्क का विस्तार जिले में एचपीवी टीकाकरण को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग के सहयोग से चार दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में जिला एचपीवी टीकाकरण में राज्य में चौथे स्थान पर है। बकानी, मनोहरथाना, खानपुर और भवानीमंडी ब्लॉक में कम उपलब्धि पर चिंता जताते हुए टीमवर्क के जरिए सुधार करने को कहा गया। जनाना अस्पताल में शुरू की गई ‘प्रसूता हेल्प डेस्क’ की तर्ज पर उप जिला अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आवश्यकता अनुसार यह सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए गए। दवा उपलब्धता और मौसमी बीमारियों पर फोकस कलेक्टर ने निःशुल्क दवा योजना के तहत आवश्यक दवाओं का पूरा स्टॉक बनाए रखने तथा अतिरिक्त दवाओं को जरूरत वाले जिलों में भेजने के निर्देश दिए। साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए पहले से कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं तथा जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में जिला व ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों और कार्यक्रम प्रबंधकों ने भी विभागीय गतिविधियों की समीक्षा प्रस्तुत की। 25 जुलाई को जिला विकास समन्वय समिति की बैठक झालावाड़-बारां सांसद दुष्यन्त सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक 25 जुलाई को सुबह 11 बजे जिला परिषद सभागार में आयोजित होगी। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भुदयाल मीणा ने बताया कि बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। 23 जुलाई को 22 विभागों के ग्रामीण-शहरी सेवा शिविर राज्य सरकार के निर्देशानुसार 23 जुलाई को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में फॉलोअप ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक चलेंगे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर कमल सिंह यादव ने बताया कि झालावाड़, असनावर, पिड़ावा, भवानीमंडी, गंगधार, अकलेरा, मनोहरथाना और खानपुर उपखंडों की चयनित ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। नगर परिषद झालावाड़ का शहरी शिविर अम्बेडकर भवन तथा अन्य नगरपालिकाओं के शिविर संबंधित कार्यालयों में आयोजित होंगे। 22 विभाग एक ही स्थान पर देंगे सेवाएं इन शिविरों में 22 विभागों की सहभागिता रहेगी, जहां आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी, पात्रता के अनुसार लाभ, आवेदन, शिकायत निस्तारण और अन्य सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा आमजन से अधिकाधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

ढाई साल के बच्चे के गले में फंसी सेफ्टी पिन:कोटा के डॉक्टर्स ने सर्जरी कर निकाली, मासूम की नाक में ब्लड जमा हो गया था

बूंदी जिले के नैनवां में एक ढाई साल के मासूम खेलते समय एक खुली सेफ्टी पिन निगल गया। पिन नाक और गले के जोड़ (एडिनॉइड) वाले बेहद संवेदनशील हिस्से में जाकर फंस गई। करीब 24 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझे मासूम को आखिरकार कोटा के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने बेहद जटिल एंडोस्कोपिक सर्जरी के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला। घटना 20 जुलाई (सोमवार) शाम की है। परिजन मासूम को तुरंत नैनवा अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बूंदी या कोटा ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन 21 जुलाई को बच्चे को बूंदी ले गए, लेकिन वहां जटिलता के कारण पिन नहीं निकाली जा सकी। नाक में काफी ब्लड जमा हो गया 21 जुलाई को दोपहर 2 बजे परिजन बच्चे को गंभीर हालत में कोटा एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉ. शेमेन्द्र कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चा जब कोटा लाया गया, तो उसकी स्थिति काफी नाजुक थी। पिन नाक के ठीक पीछे एडिनॉइड वाले हिस्से में फंसी हुई थी। यह वह जगह है जहां दिमाग और गले का मिलता। जब एंडोस्कोपी शुरू की, तो नाक के भीतर काफी खून जमा हुआ था, जिससे अंदर कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था। पिन पूरी तरह खुली हुई थी, जिससे बच्चे के गले या आसपास की रक्त वाहिकाओं में गंभीर घाव (ट्रॉमा) होने का पूरा खतरा था। हमने सबसे पहले सक्शन मशीन से खून को साफ किया और रास्ता बनाया। इसके बाद बेहद सावधानी के साथ शाम 6 बजे पिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है। डॉक्टर्स की अपील, नुकीली चीजों से बच्चों को रखें दूर घटना के बाद डॉ. शेमेन्द्र कुमार ने छोटे और बड़े बच्चों के माता-पिता के लिए एक सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहुंच से सेफ्टी पिन, सुई, मटर या मूंगफली का दाना, मोती, गेहूं, रबर के टुकड़े, चने जैसी चीजें हमेशा दूर रखें। छोटे बच्चों को खेल-खेल में मुंह या नाक में सामान डालने की आदत होती है, इसलिए खाते या खेलते समय उन पर कड़ी नजर रखें। बच्चा अचानक तेजी से खांसने लगे, सांस लेने में तकलीफ हो या गले में कुछ फंसने की शिकायत करे, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। एंडोस्कोपिक तकनीक से पिट्यूटरी ब्रेन ट्यूमर की सफल सर्जरी मेडिकल कॉलेज कोटा के न्यूरोसर्जरी विभाग ने मस्तिष्क सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए छबड़ा जिले के नयागांव निवासी 31 साल की लता बाई को नया जीवन दिया है। मरीज पिछले लगभग छह माह से लगातार सिरदर्द तथा पिछले दो माह से बाईं आंख से कम दिखाई देने की समस्या से परेशान थीं। स्थानीय स्तर पर उपचार कराने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज कोटा के न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती होने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सभी आवश्यक जांचें कराईं। एमआरआई सहित अन्य जांचों में पिट्यूटरी ग्रंथि में बड़ा ट्यूमर पाया गया। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. एस. एन. गौतम के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने एंडोस्कोपिक ट्रांसनेज़ल सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है। लंबे समय से चली आ रही सिरदर्द की समस्या में राहत मिली है।

एसपी ने पूंछरी में सुरक्षा का लिया जायजा:गुरु पूर्णिमा मेले से पहले व्यवस्थाएं परखीं, तैयारियां जांची

डीग जिले में 22 से 29 जुलाई तक आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा मेले की तैयारियों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. ने बुधवार को पूंछरी क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसपी ने पूंछरी परिक्रमा मार्ग, प्रमुख मंदिरों और अन्य दर्शनीय स्थलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। एसपी ने बताया कि मेले के दौरान 24 घंटे निर्बाध सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डीग जिले की सीमा में आने वाले पूरे परिक्रमा मार्ग और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। यह तैनाती दिन और रात, दो पारियों में की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।

फ्रांस में कृषि कानून का विरोध, पर्यावरण मंत्री का इस्तीफा:कीटनाशकों के इस्तेमाल की मंजूरी से मंत्री नाराज, बोलीं- यह मधुमक्खियों के लिए नुकसानहेद

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने यह फैसला उन्होंने विवादित कृषि बिल के विरोध में लिया है, जिसमें दो प्रतिबंधित कीटनाशकों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कीटनाशक मधुमक्खियों और दूसरे परागण करने वाले कीड़ों के लिए नुकसानदायक हैं। पर्यावरण मंत्री बनीं बारबू आज राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। फ्रांस की संसद ने मंगलवार को यह बिल पारित किया था। सरकार ने दावा किया कि वह ये कानून किसानों की मदद के लिए लाया जा रहा है। उसका कहना है कि किसानों को घटती कमाई और खेती की बढ़ती लागत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिल के दो प्रावधानों से सबसे ज्यादा विवाद 1. प्रतिबंधित कीटनाशकों एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन के इस्तेमाल की अस्थायी मंजूरी देना। इसका इस्तेमाल चुकंदर, सेब और चेरी की खेती में किया जा सकेगा। 2. अगले 10 वर्षों में किसानों के लिए पानी के भंडारण (वॉटर स्टोरेज) की अनुमति की सीमा दोगुनी करना। इन्हीं प्रावधानों को लेकर पर्यावरणविदों और सरकार के भीतर भी विरोध बढ़ गया। इसके विरोध में पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने पद छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनसे किए गए वादे के विपरीत इस प्रावधान को हटाने पर कोई चर्चा ही नहीं होने दी। बारबू ने सोशल मीडिया पर लिखा, पिछले नौ महीनों में मैंने जंगलों, साफ पानी, स्वच्छ हवा, उपजाऊ मिट्टी और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया। लेकिन विरोधी ताकतें इतनी मजबूत हो गई हैं कि मैं अपने मकसद पूरे नहीं कर पा रही। राजनीति मेरी दुनिया नहीं है और अगर राजनीति ऐसी ही होती है, तो यह कभी मेरी दुनिया नहीं बन सकती। वहीं, सरकार का कहना है कि नए प्रावधान लाने का फैसला उन किसानों की मदद के लिए लिया गया है, जो मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। पहले भी विवाद में रहा है यह कीटनाशक एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन रसायन नियोनिकोटिनॉइड नाम के कीटनाशकों के समूह में आते हैं। यूरोपीय संघ (EU) के नियमों के तहत इनका इस्तेमाल कुछ शर्तों के साथ किया जा सकता है, लेकिन फ्रांस में इन पर फिलहाल प्रतिबंध है। एसेटामिप्रिड पर फ्रांस ने 2018 में प्रतिबंध लगाया था, क्योंकि इसे मधुमक्खियों और दूसरे परागण करने वाले कीड़ों के लिए हानिकारक माना गया था। एक साल पहले भी इस रसायन पर बैन हटाने की कोशिशें हुई थीं लेकिन फ्रांस की सुप्रीम कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यह फैसला पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के अनुरूप नहीं है।

सलूंबर के 6 स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर:852 बच्चों को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताया, 'कोर्ट वाली दीदी पेटी' लगाई

सलूंबर में युवाओं को नशे की लत से बचाने और उज्जवल भविष्य को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जागरूकता अभियान चलाया। ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ के तहत ‘से नो टू ड्रग्स, से यस टू योर ड्रीम्स’ विषय पर केंद्रित इस अभियान में न्यायिक अधिकारियों ने स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर स्टूडेट्स को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताया। 852 स्टूडेंट्स को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताया इन शिविरों के दौरान स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बस्सी सिंघावत, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेरिया, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सराडा समेत निजी स्कूल के 852 स्टूडेंट्स को नशे के बुरे प्रभाव, मानसिक एवं शारीरिक नुकसान तथा सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। नशे जैसी बुराईयों से दूर रहने का संदेश कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय सिंह महावर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश पाटीदार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योतिपुरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट तन्मय जोशी तथा सराडा के न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्य कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, लक्ष्य निर्धारित करने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया। सुझाव पेटिका लगाई गई सचिव विनीत कुमार ने बताया-राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अभिनव पहल ‘कोर्ट वाली दीदी’ के तहत सभी विद्यालयों में शिकायत एवं सुझाव पेटियां स्थापित की गई हैं। इन पेटियों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी किसी भी समस्या या शिकायत को पूरी गोपनीयता के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचा सकेंगे, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। हेल्पलाइन नंबर के बारे में बताया इस अवसर पर स्टूडेंट्स को रालसा द्वारा प्रकाशित जागरूकता पुस्तिकाएं एवं पैम्फलेट वितरित किए गए। इन पुस्तिकाओं को विद्यालयों के व्हाट्सएप समूहों में भी साझा किया गया। विद्यार्थियों को नालसा टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे कानूनी एवं अन्य सहायता प्राप्त कर सकें। नशा मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प कार्यक्रम में चीफ एलएडीसी महेश कुमार जोशी, असिस्टेंट एलएडीसी संचित सुहालका,फाल्गुनी शर्मा,कनिष्ठ सहायक ऋषिकेश मीणा,विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं स्टाफ मौजूद रहे।जिलेभर में आयोजित इन छह शिविरों से करीब 852 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए,जिन्होंने नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।

छोटी सादड़ी में पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:प्रधानमंत्री का पुतला जलाया, पूर्व मंत्री आंजना ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

छोटीसादड़ी में बुधवार को कांग्रेस ने पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गांधी चौराहे पर किया गया। पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कथित पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और मामले पर संसद में चर्चा कराने की मांग की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उदयलाल आंजना ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आवश्यक है और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इस दौरान आंजना ने छोटीसादड़ी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस पर फर्जी केस दर्ज करने, अवैध वसूली करने और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया।

'एक स्वस्थ व्यक्ति बचा सकता है 8 लोगों की जान':अंगदान की शपथ मामले में झुंझुनूं सबसे आगे, नर्सिंग स्टूडेंट्स ने निकाली जागरूकता रैली

एक स्वस्थ व्यक्ति मारने के बाद भी अपने अंगों का दान करके 8 जरूरतमंद लोगों की जिंदगी बचा सकता है। झुंझुनूं जिला अंगदान की शपथ लेने के मामले में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर है। इसी प्रेरणा और उद्देश्य के साथ अंगदान ही महादान है के संकल्प को जन-जन तक पहुंचने के लिए झुंझुनूं में राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक जागरूकता रैली निकाली। राजकीय बीडीके अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई इस रैली का मुख्य उद्देश्य आमजन को अंगदान के प्रति जागरूक करना और समाज को जीवन बचाने का संदेश देना रहा, जिसमें युवाओं और चिकित्सा कर्मियों ने हिस्सा लिया। नारे लिखी पट्टियां लेकर चले ​रैली की शुरुआत राजकीय बीडीके अस्पताल परिसर से हुई। इसे बीडीके अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) एवं अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पीएमओ डॉ. भाम्बू ने कहा कि अंगदान-महादान कि मुहिम में युवाओं और आमजन द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाना अत्यंत अनुकरणीय और सराहनीय कदम है। यह झुंझुनूं जिलेभर के आमजन की उच्च जागरूकता का परिचायक है, जिससे अनेकों लोगों को नया जीवनदान मिला है। रैली बीडीके अस्पताल परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुँची। इसके बाद कलेक्ट्रेट से रोड नंबर 1 के रास्ते होते हुए पुनः बीडीके अस्पताल पहुंचकर संपन्न हुई। नर्सिंग विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और नारे लिखी पट्टियां लेकर शहरवासियों को अंगदान के महत्व के बारे में बताया। अस्पताल की ओपीडी में आए रोगियों और उनके परिजनों को भी इस महाअभियान से जुड़ने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया। ​एक स्वस्थ व्यक्ति बचा सकता है 8 लोगों की जान ​रैली के दौरान शहरवासियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि एक स्वस्थ व्यक्ति मरणोपरांत अपने अंगों का दान करके 8 जरूरतमंद लोगों की जिंदगी बचा सकता है। कार्यक्रम के दौरान यह भी सामने आया कि झुंझुनूं जिला अंगदान की शपथ लेने के मामले में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जो यहाँ के नागरिकों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। ये रहे मौजूद ​इस जन-जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में चिकित्सा विभाग और नर्सिंग कॉलेज के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. सिद्धार्थ शर्मा (RMO), डॉ. अभय सिंह (अंगदान नोडल अधिकारी एवं सहायक आचार्य सर्जरी), ​अंजना चौधरी (जीकॉन नोडल अधिकारी), ​प्यारेलाल (नर्सिंग अधीक्षक), मंजू कटारिया, सरिता सैनी, पूनम भास्कर और पूनम डांगी उपस्थित रहे।