दुकानदार से 98 हजार की साइबर ठगी:ठगों ने 35 मिनट में खाली किया अकाउंट, फोन रीसेट किया; पुलिस ने बचाए 76 हजार
कोटा में साइबर ठगी के एक मामले में साइबर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते से ट्रांसफर हुई 98 हजार 1 रुपए की रकम में से करीब 76 हजार रुपए होल्ड करवा दिए। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि पीड़ित को वापस मिल सकेगी। मोबाइल पर एक सिस्टम अपडेटिंग का मैसेज आने के बाद उड़ी रकम मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के कंसुआ निवासी शिवराज कहार से जुड़ा है, जो मोबाइल शॉप चलाता है। शिवराज के अनुसार, 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे उसके मोबाइल की स्क्रीन पर लगातार ‘सिस्टम अपडेटिंग’ का मैसेज दिखाई देने लगा। मोबाइल न तो बंद हो रहा था और न ही उसमें कोई दूसरा काम किया जा सकता था। उसे लगा कि फोन में सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है, इसलिए उसने मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया। जब वह अपनी दुकान पर पहुंचा और भुगतान करने की कोशिश की तो मोबाइल स्क्रीन पर 35 मिनट तक मोबाइल बंद न करें का संदेश दिखाई देने लगा। इसी दौरान उसके एसबीआई बैंक खाते से 98 हजार 1 रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में ट्रांसफर होने का मैसेज आया। कुछ देर बाद मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया और दोबारा चालू होने पर उसमें मौजूद सभी ऐप और डाटा गायब थे। फोन बिल्कुल नए मोबाइल की तरह रीसेट हो चुका था। पुलिस ने निकलवाई ठगी की रकम घटना के बाद शिवराज ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन और साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने बैंकिंग चैनल के माध्यम से तत्काल कार्रवाई शुरू की। साइबर थाना पुलिस ने ठगी गई राशि में से करीब 76 हजार रुपये होल्ड करवा दिए हैं। साइबर थाना अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस की तुरंत कार्रवाई के कारण पीड़ित की बड़ी रकम सुरक्षित हो सकी है, जिसे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके खाते में वापस जमा करा दिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाने के हेड कॉन्स्टेबल अटल तिवारी की अहम भूमिका रही। उनकी तत्परता और तकनीकी समन्वय के चलते बड़ी राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सका। शिवराज ने बताया कि यह रकम उसने मोबाइल एक्सेसरीज खरीदने के लिए जमा की थी। रकम वापस मिलने की उम्मीद से अब उसके परिवार के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।

