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राज्यसभा में खड़गे बोले- प्रधान इस्तीफा दें, फिर चर्चा करेंगे:राहुल समेत कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे; हंगामे के बीच दोनों सदन कल तक स्थगित

संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। हंगामे के बीच लोकसभा-राज्यसभा को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, वे सदन में नीट पेपर लीक मामले में चर्चा तभी चाहते हैं जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे दें। सदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की पेशकश कर रही है। लेकिन विपक्ष मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी पार्टियां 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक का विरोध कर रही हैं। संसद में विपक्ष के प्रदर्शन की 2 फोटोज… मानसून सत्र के तीसरे दिन के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

गुरुग्राम मेदांता हॉस्पिटल में भी प्रोटेस्ट, यहां वांगचुक भर्ती:थ्री लेयर सिक्योरिटी को चकमा देकर घुसे 2 नेता, पुलिस पहुंची तो बैनर उठाकर भागे

लद्दाख के मुद्दों और छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े 7 बजे दिल्ली पुलिस की टीमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से यहां लेकर पहुंचीं। अस्पताल में थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मगर, पुलिस की चकमा देकर समाजवादी पार्टी के दो नेता अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए है। दोनों हाथों में बैनर और तख्ती लिए है। इनमें एक कामेश्वर उर्फ किशन दीक्षित है, जिसने 2022 में प्रधानमंत्री मोदी के खास प्रत्याशी नीलकंठ तिवारी के खिलाफ साउथ वाराणसी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में तिवारी की जीत हुई थी। इसकी सूचना मिलते ही गुरुग्राम सदर पुलिस एक्टिव हुई और तुरंत ही कई टीमें अस्पताल पहुंची। मगर, इससे पहले ही प्रोटेस्ट कर रहे दोनों सपा नेता अपने बैनर लेकर वहां से खिसक लिए। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल की सिक्योरिटी को और टाइट कर दिया। बिना आईडी और कारण बताए किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। उधर, मेदांता सूत्रों के मुताबिक, सफदरजंग अस्पताल से वांगचुक की मेडिकल हिस्ट्री मिलने के बाद मेदांता के डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू कर दिया है। फिलहाल उन्हें ड्रिप के जरिए लिक्विड डाइट दी जा रही है। उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, अभी तक इससे रिलेटेड हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने वांगचुक से बातचीत की पहल की है। मंगलवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ICU-8 में भर्ती वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। बुधवार दोपहर को दिल्ली पुलिस एक बड़े अधिकारी भी हॉस्पिटल में पहुंचे। बताया गया है कि विपक्षी सांसदों का डेलिगेशन भी वांगचुक से मिलने आ सकता है। मेदांता हॉस्पिटल के बाहर की तस्वीरें… अब जानिए थ्री लेयर सिक्योरिटी में क्या… गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं को किया हाउस अरेस्ट सोनम वांगचुक के गुरुग्राम शिफ्ट होने का असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखने लगा है। वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन या उनसे मुलाकात की आशंका को देखते हुए पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर समेत 10 से अधिक वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। पुलिस ने इन सभी नेताओं को लिखित नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेदांता हॉस्पिटल की ओर मार्च या प्रदर्शन नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा, “आज पूरे देश में तानाशाही का माहौल है। जंतर-मंतर पर लाखों की संख्या में युवा शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन पर लाठीचार्ज कराया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला है। सरकार छात्रों की आवाज से डर रही है, इसलिए पुलिस का सहारा लेकर उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है।”

मूमल के कमरे में आए राणा महेंद्र, छड़ी छोड़कर लौटे:राजकुमारी के साथ ऐसा कौन दिखा कि उनका दिल टूट गया? एपिसोड-3

कल आपने पढ़ा किस तरह राणा महेंद्र ने मूमल के जादुई महल की पहेलियों को बूझ कर राजकुमारी का दिल जीत लिया था। पढ़िए आगे की कहानी- वो रात बातों और वादों में बीत गई। मूमल और महेंद्र अब एक-दूसरे के प्रेम में बंध चुके थे। दोनों की मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया, लेकिन एक बड़ी समस्या थी- महेंद्र अमरकोट के राजा थे और उनके इस प्रेम के बारे में किसी को पता नहीं था। ऐसे में उन्हें मूमल से रातों-रात मिलकर सुबह अपने राज्य लौटना होता था। अमरकोट और लौद्रवा (जैसलमेर) के बीच मीलों (लगभग 300 Km) का फासला था, जिसे एक रात में तय करना लगभग नामुमकिन था। यहां काम आया महेंद्र का वफादार ऊंट,’चीतल’। चीतल कोई साधारण ऊंट नहीं था, वह हवा से बातें करता था। महेंद्र हर रात अमरकोट से निकलते, मीलों का सफर तय कर लौद्रवा पहुंचते, रात भर मूमल के साथ समय बिताते और सुबह होने से पहले नदी को पार कर वापस अमरकोट पहुंच जाते। यह सिलसिला सालों चला और दोनों का एक दूसरे के लिए प्रेम गहरा होता रहा।
लंबा इंतजार और फिर एक खेल नियति ने इस प्रेम कहानी के लिए शायद कुछ और ही तय किया था। अमरकोट में राणा के परिवार को उनकी लौद्रवा यात्राओं और उसकी वजह का पता चल गया। जिसके चलते वे राणा को अक्सर किसी न किसी बहाने से यात्रा करने से रोकने लगे। यहां तक कि उन्होंने चीतल के पैर भी तुड़वा दिए। ऐसे में महेंद्र और मूमल की मुलाकातों का अंतराल बढ़ता गया। इस बार का इंतजार हर बार से लंबा हो गया था। अरसा बीत गया और महेंद्र मिलने नहीं आए थे। मूमल इस बात को लेकर बहुत परेशान थी। रोज की तरह उस दिन भी वह उनका इंतजार करते-करते थक गई थी और बेहद उदास थी। उसकी छोटी बहन सूमल उसका ध्यान बंटाने की कोशिश कर रही थी- जीजी,आज फिर राणा जी की राह देख रही हो? वो आ जाएंगे, सूमल ने मूमल को समझाया। मूमल मुस्कुरा दी। सूमल राणा का भेष धारण कर मूमल का मन बहलाने लगी। राणा के भेस में मूमल से बातें करते-करते वो उसके पास ही बिस्तर पर सो गई। राणा के इंतजार में मूमल की भी आंख लग गई। मिलन का उत्साह फिर आंखों का धोखा तमाम अड़चनों को पार कर उसी रात राणा महेंद्र किसी तरह से मूमल के महल पहुंचे। मिलन के उत्साह में वे मूमल के कक्ष तक पहुंचे ही थे कि उन्होंने देखा मूमल किसी ‘पुरुष’ की बाहों में सो रही है। यह देख महेंद्र को गहरा धक्का लगा और उनका दिल टूट गया। जिस मूमल के लिए उन्होंने मरुधरा की तपती रेत को नाप दिया उसने धोखा दिया? क्रोध और ग्लानि में भरकर महेंद्र ने अपनी छड़ी (कोड़ा) मूमल के बिस्तर के पास छोड़ दी और बिना कुछ कहे वहां से चले गए। सुबह जब मूमल की नींद खुली तो उसने पास में महेंद्र की छड़ी देखी और चौंक गई। वह सोच में पड़ गई कि राणा जी आए थे पर वे बिना मिले क्यों चले गए? अचानक उसकी नज़र सोई हुई सूमल (राणा के भेष में) पर पड़ी। उसे तुरंत समझ आ गया कि राणा को गलतफहमी हुई है। घबराहट में उसने सूमल को झकझोर कर जगाया सूमल, उठो ! राणा जी मुझे गलत समझकर चले गए ! मूमल हताश हो गई और अपनी इस भूल को लेकर अब बेहद बेचैन थी…. क्या मूमल राणा महेंद्र की गलतफहमी दूर कर सकी? क्या दोनों एक बार फिर एक हो सके? जानिए एपिसोड 4 में…. (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। सोर्स : राजस्थानी साहित्य, लोक कथाएं व स्थानीय लोगों से बातचीत )
…. यहां पढ़िए… महेंद्र-मूमल की प्रेम कहानी के 2 एपिसोड 1. रेगिस्तान में काक नदी के किनारे था मूमल का महल:अमरकोट के राजा और जैसलमेर की राजकुमारी का प्रेम; 4 एपिसोड में मूमल-महेंद्र की कहानी जैसलमेर के लौद्रवा की राजकुमारी मूमल और अमरकोट (वर्तमान पाकिस्तान) के राणा महेंद्र की प्रेम कहानी सदियों पुरानी है। इस कहानी को जानने के लिए दैनिक भास्कर जैसलमेर से 14 किलोमीटर दूर लौद्रवा गांव पहुंचा। पूरा एपिसोड पढ़िए… 2. कांच का पानी और शीशों का खेल:हजारों राजकुमार नाकाम, फिर अमरकोट के राणा ने कैसे पार की मूमल की खतरनाक पहेलियां? मूमल-महेंद्र प्रेम-कहानी एपिसोड-2 मूमल इंतजार में थी उस राजकुमार के जो उसकी खूबसूरती से ज्यादा उसकी पहेलियों की गहराई को समझ सके। लौद्रवा का महल उसी का स्वागत करेगा जो बिना डरे काक महल की पहेलियों को सुलझा पाएगा। पूरा एपिसोड पढ़िए…

भीलवाड़ा के आसींद में 5.90 इंच बारिश, नदी उफान पर:टोंक के हॉस्पिटल में पानी भरा; अजमेर-उदयपुर समेत कई जिलों भी तेज बरसात

राजस्थान में फिर से एक्टिव हुए मानसून के असर से अजमेर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, जैसलमेर समेत कई जिलों में बारिश हुई। उदयपुर में सीजन की सबसे तेज बारिश हुई। अजमेर में बारिश के कारण सड़कों पर नदियों की तरह पानी बहने लगा। भीलवाड़ा के आसींद में सुबह 7 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक 150 मिमी (5.90 इंच) बारिश हुई। आसींद क्षेत्र से गुजरने वाली नेखाड़ी नदी उफान पर आ गई। बोजुंदा रोड पर नदी पर बनी पुलिया करीब 1 फीट पानी में डूब गई। लगातार बारिश के बीच आसींद-बोजुंदा रोड पर हाथीभाटा और केसरपुर के बीच बारिश से बने गड्ढे में प्राइवेट स्कूल की बस फंस गई, जिसे ट्रैक्टर की मदद से निकाला गया। बदनोर क्षेत्र में आसपहाड़ स्थित झरना पूरे वेग से बहने लगा। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में भी बरसात हुई। यहां जयपुर-दिल्ली हाईवे की अलग-अलग सर्विस लेन में जलजमाव हो गया है। हिल स्टेशन माउंट आबू में रिमझिम बारिश के बीच सुबह से कोहरा छाया। टोंक के देवली में तेज बारिश के बाद सरकारी हॉस्पिटल में पानी जमा हो गया। बीते 24 घंटे में हुई तेज बरसात के कारण हाड़ौती क्षेत्र की परवन, कालीसिंध समेत दूसरी नदियां उफान पर हैं। कालीसिंध डैम का भी एक गेट खोला गया है। कोटा में बिजली गिरने से एक युवक की भी मौत हुई है। राजस्थान में अगले 3 दिन तेज बारिश का अलर्ट है। मानसून के बड़े अपडेट्स हॉस्पिटल में पानी भरा, एक्टिवा नाले में गिरी: अजमेर में एक घंटे की तेज बारिश के कारण शहर की सड़कों पर नदी जैसा बहाव नजर आया। शहर के सुभाष नगर इलाके में एक एक्टिवा नाले में गिर गई। हालांकि, हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। वहीं, टोंक के देवली में हॉस्पिटल में पानी भरने से मरीजों को परेशानी हुई। उदयपुर में तेज बारिश, कोटा में एक मौत: बुधवार सुबह उदयपुर, कोटपूतली-बहरोड़ सहित कई जिलों तेज बरसात हुई। लेकसिटी में करीब एक घंटे तक हुई बारिश के कारण मौसम बदल गया। एक्सपर्ट के अनुसार आज की बारिश इस मानसून सीजन की सबसे तेज बारिश थी। कोटा में मंगलवार देर रात बिजली गिरने से एक 23 साल के युवक की मौत हो गई। नदियां उफान पर: बारां, झालावाड़, कोटा में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। झालावाड़ के मनोहरथाना में परवन नदी का जलस्तर 3 फीट बढ़ने से यहां एक छोटा पुल और मंदिर का हिस्सा डूब गया। मध्य प्रदेश में हो रही बारिश के बाद कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बांध का एक गेट करीब 0.10 मीटर खोलकर 426 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 5 इंच से ज्यादा बरसात: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश कोटा के सुल्तानपुर में 101MM और बारां के छीपाबड़ौद में 130MM हुई है। इसके अलावा हनुमानगढ़, बूंदी, अलवर, करौली, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार दौसा, झालावाड़, टोंक, नागौर, उदयपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भरतपुर समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… …. अलवर में सुबह से रिमझिम बारिश:पहाड़ से नीचे उतरे बादल; 27 जुलाई तक बरसात और बिजली गिरने का यलो अलर्ट जोधपुर- बाजरा-मूंग की फसलें खराब,रेत में दबे सैकड़ों बीघा खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे मानसून की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

हिमाचल में भारी बारिश, शिमला में गिरा पेड़:6 जिलों में फ्लैश-फ्लड की चेतावनी; आनी, बंजार और निरमंड के शिक्षण संस्थानों में छुट्टी

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में रात 12 बजे से भारी बारिश जारी है। शिमला के ओल्ड बैरियर क्षेत्र में बारिश के बाद एक पेड़ गिरकर मकान की छत पर जा गिरा। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। शिमला में 66.5 मिमी और कुफरी में 74.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों में जलभराव तथा फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। कुल्लू जिले में मूसलाधार बारिश के बाद डीसी कुल्लू ने आनी, बंजार और निरमंड सब डिवीजन के सभी शिक्षण संस्थानों में आज (22 जुलाई) छुट्टी घोषित की है। शिमला शहर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भी सुबह 7 बजे तक भारी बारिश हुई। कांगड़ा-मंडी में आज ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई इलाकों में आज भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी है। प्रदेश के अन्य जिलों में फिलहाल किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। IMD के अनुसार, कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा। इसके बाद 27 जुलाई तक प्रदेश के कुछेक हिस्सों में ही हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को लगातार हो रही बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। मानसून सीजन में नॉर्मल से 14% कम बारिश हालांकि मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। एक जून से 21 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य तौर पर 266.4 मिलीमीटर वर्षा होती है, जबकि इस वर्ष केवल 230.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। जिला स्तर पर बिलासपुर में 27 प्रतिशत, हमीरपुर में 42 प्रतिशत, मंडी में 30 प्रतिशत, सिरमौर में 4 प्रतिशत और ऊना में 3 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं चंबा में 6 प्रतिशत, कांगड़ा में 19 प्रतिशत और लाहौल-स्पीति में 42 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बारिश से तापमान में भारी गिरावट दूसरी ओर, पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण प्रदेशभर में तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, कांगड़ा में तापमान 7.1 डिग्री की गिरावट के बाद 25.9 डिग्री और भुंतर में 5.7 डिग्री कम होकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रह गया।