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असनावर में करोड़ों के लेन-देन के बाद व्यापारी फरार:कृषि मंडी में करता था व्यापार, धोखाधड़ी का मामला दर्ज

झालावाड़ जिले के असनावर कस्बे में एक व्यापारी के कथित तौर पर करोड़ों रुपए के लेन-देन के बाद फरार होने का मामला सामने आया है। इस घटना से प्रभावित कई लोग अब पुलिस थाने पहुंच रहे हैं, जहां उन्होंने व्यापारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी की कुल राशि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। असनावर थानाधिकारी नंदकिशोर वर्मा ने बताया कि सोमवार शाम को करीब 8 लोग थाने पहुंचे थे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर असनावर निवासी व्यापारी आशीष अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि व्यापारी ने उनसे लाखों-करोड़ों रुपए का कृषि जिंस खरीदा था, जिसका भुगतान लंबे समय से बकाया है। कुछ लोगों से नकद उधार भी लिया गया था, जिसे लौटाया नहीं गया। व्यापारियों में मचा हड़कंप
पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी वर्मा ने बताया कि धोखाधड़ी की सही राशि जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। इस घटना के बाद असनावर सहित झालरापाटन और अकलेरा के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि उनके कृषि माल के भुगतान और उधार दिए गए पैसों को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी व्यापारी कृषि मंडी में कृषि जिंसों की खरीद-बिक्री का व्यापार करता था। उसके अन्य व्यापारिक गतिविधियों में भी शामिल होने की जानकारी मिली है। फिलहाल पुलिस फरार व्यापारी की तलाश कर रही है।

गोद लेने के विवाद में भाइयों में मारपीट:लाठी-भाटा चलने से 5 लोग घायल, प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर

धौलपुर जिले के सैपऊ थाना क्षेत्र के रजौरा कला गांव में मंगलवार को पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गोद लेने के विवाद को लेकर तीन सगे भाइयों के बीच लाठी-भाटा चला, जिसमें एक पक्ष के रामकुमार चौहान और उनके भांजे राघवेंद्र सहित कुल पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल धौलपुर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार परिवार के एक अविवाहित भाई द्वारा अपने भांजे को गोद लेने के मुद्दे पर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार को इसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और पत्थर चले, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना में रामकुमार चौहान, राघवेंद्र, पदम सिंह, गोपाल और महावीर घायल हुए हैं। पदम सिंह, गोपाल और महावीर आपस में सगे भाई हैं, जबकि राघवेंद्र उनका भांजा है। बताया गया है कि राघवेंद्र बीच-बचाव करने पहुंचा था, लेकिन वह भी मारपीट की चपेट में आकर घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सैपऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और प्राप्त शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चीन का नया 'मिसाइल मैसेज':परमाणु पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल दागी, हिंद-प्रशांत में बढ़ा तनाव, भारत के लिए क्या मायने

चीन ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का प्रशांत महासागर में परीक्षण कर अपनी रणनीतिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ प्रशांत क्षेत्र का मामला नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता का संकेत है, जिसका सीधा असर भारत की सुरक्षा रणनीति पर भी पड़ सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षण में संभवतः चीन की नई पीढ़ी की JL-3 पनडुब्बी आधारित बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है और इसकी मारक क्षमता इतनी है कि चीन के समुद्री क्षेत्र से भी हजारों किलोमीटर दूर लक्ष्य साधे जा सकते हैं। चीन इसे नियमित सैन्य अभ्यास बता रहा है, लेकिन क्षेत्रीय देशों का कहना है कि इससे हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। भारत के लिए चिंता भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता चीन की बढ़ती समुद्री मौजूदगी है। बीते कुछ वर्षों में चीनी नौसेना की पनडुब्बियां हिंद महासागर में कई बार देखी गई हैं। जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और श्रीलंका के हम्बनटोटा पोर्ट पर चीन की सक्रियता पहले से नई दिल्ली के लिए रणनीतिक चुनौती है। यदि चीन अधिक आधुनिक और कम शोर वाली परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करता है, तो हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी सैन्य पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं। हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी लगातार बढ़ रही अब तक चीन का फोकस दक्षिण चीन सागर और ताइवान तक माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी परमाणु पनडुब्बियां हिंद महासागर में भी नियमित रूप से देखी गई हैं। चीन का जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक पहुंच और श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह पर प्रभाव भारत के लिए पहले से रणनीतिक चुनौती हैं। यदि चीन की नई पनडुब्बियां स्टेल्थ और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस हो जाती हैं, तो वे हिंद महासागर से भी भारत के अधिकांश हिस्सों को निशाना बना सकती हैं। भारत के परमाणु प्रतिरोधक संतुलन पर असर भारत की परमाणु नीति क्रेडिबल मिनिमम डेटेरेंस और नो फर्स्ट यूज पर आधारित है। चीन यदि समुद्र आधारित परमाणु क्षमता तेजी से बढ़ाता है तो भारत को भी अधिक परमाणु पनडुब्बियां, लंबी दूरी की K-4 और K-5 मिसाइलें और समुद्री निगरानी नेटवर्क तेजी से मजबूत करना होगा। दो मोर्चों पर चुनौती भारत पहले से उत्तरी सीमा पर चीन और पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान का सामना कर रहा है। यदि चीन समुद्री मोर्चे पर भी अपनी क्षमता बढ़ाता है तो भारत को भूमि, वायु और समुद्र—तीनों मोर्चों पर सैन्य संसाधन बढ़ाने पड़ सकते हैं। अंडमान-निकोबार की रणनीतिक अहमियत बढ़ेगी भारत का अंडमान एवं निकोबार कमांड मलक्का स्ट्रेट की निगरानी करता है। चीन की पनडुब्बी गतिविधियां बढ़ने पर भारत को समुद्री निगरानी बढ़ाने के अलावा पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), ड्रोन एवं P-8I निगरानी विमान की क्षमताओं को और मजबूत करना पड़ेगा। QUAD और इंडो-पैसिफिक साझेदारी मजबूत होगी चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच QUAD सहयोग और मजबूत हो सकता है। समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों की आवृत्ति बढ़ सकती है। चीन लगातार क्यों बढ़ा रहा है सैन्य ताकत? विशेषज्ञों के अनुसार चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है, अमेरिका को प्रशांत क्षेत्र में चुनौती देना चाहता है, अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर रहा है और हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही चीन भविष्य में समुद्र आधारित परमाणु शक्ति के जरिए वैश्विक रणनीतिक संतुलन बदलना चाहता है। भारत क्या कर रहा है? भारत पहले से अपनी समुद्री शक्ति बढ़ाने पर काम कर रहा है। इस दिशा में भारत जो कदम उठा रहा है उनमें INS अरिहंत और अरिघात जैसी परमाणु पनडुब्बियों का विकास, K-15 और K-4 बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, P-8I समुद्री निगरानी विमान, अंडमान-निकोबार कमांड का विस्तार और QUAD के तहत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास (मालाबार) शामिल हैं।

तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर:2 युवक और 1 महिला घायल, दिदावली के पास हुआ हादसा

डीग-कामां रोड पर गांव दिदावली के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार 2 युवक और 1 महिला घायल हो गए।
घायलों में कामां तहसील के गांव ऊदाका निवासी साद (18), असपाल (20) और संजीदा (35) शमिल है। उन्हें 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल डीग में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों ने बताया कि वे डीग में पानी की मोटर वापस करने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर गिर गए और साद करीब 300 मीटर तक ट्रक के साथ घिसटता चला गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर ट्रक ड्राइवर वाहन को सड़क से नीचे उतारकर मौके से फरार हो गया।
हादसे में बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जबकि ट्रक भी सड़क से नीचे उतरकर पलटने की स्थिति में पहुंच गया था। सूचना मिलने पर डीग कोतवाली के एएसआई राजवीर सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है। फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। तीनों घायलों का डीग जिला अस्पताल में इलाज जारी है।

सूरत में 7 इंच बारिश से कई इलाके डूबे:करंट लगने से तीन की मौत, दक्षिण गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट

सूरत और आसपास के जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ के हालात बन गए हैं। पिछले 24 घंटों में जिले में 7 इंच बारिश दर्ज की गई है। सूरत के कई इलाके में जलभराव की हालात हैं और फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आगामी 24 घंटों के दौरान सूरत और दक्षिण गुजरात में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 9 जुलाई से बारिश में कमी आएगी। मनपा के आंकड़ों के मुताबिक, सेंट्रल जोन में सबसे ज्यादा 105 मिमी बारिश दर्ज की गई। करंट लगने से तीन और बिजली गिरने से एक की मौत सूरत के कापोद्रा में सोमवार को बिजली गिरने से एक महिला और करंट लगने से एक लड़की की मौत हो गई। करंट लगने की घटना रांदेर इलाके में हुई। बिजली का तार गिरने से आजम नाम का किशोर करंट की चपेट आ गया। उसे बचाने के लिए दौड़े एक सलमान शेख (35) को भी करंट लग गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। भारी बारिश के कारण शहर के कोट विस्तार, रांदेर, कतारगाम समेत कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। शाम के पीक आवर्स में हजारों लोग ट्रैफिक में फंस गए। विजिबिलिटी घटकर महज 500 मीटर रह गई थी। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर मोपेड, बाइक और कार पानी में बंद हो गईं। वाहन चालकों को अपने वाहनों को धक्का मारकर बाहर निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा। कई इलाकों में बड़े पेड़ों के गिरने की घटनाएं हुईं। जिले में 1077 हेल्पलाइन नंबर जारी दक्षिण गुजरात में भारी बारिश के अलर्ट के चलते प्रशासन ने नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपदा या परेशानी की सूचना तुरंत जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर दें और अफवाहों से दूर रहें। मौसम विभाग से हर तीन घंटे मिलने वाले मौसम अपडेट के आधार पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सूरत-मुंबई रेल लाइन डूबने से 19 ट्रेनें रद्द, एक लाख यात्री परेशान सूरत के वसई-विरार क्षेत्र में कुछ ही घंटों में करीब 300 मिमी बारिश होने से सफाले, केलवे रोड, वसई रोड और नालासोपारा स्टेशनों के बीच रेल पटरियां जलमग्न हो गईं। इसके चलते मुंबई की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। वहीं मुंबई-पुणे घाट सेक्शन में भूस्खलन और चट्टानें गिरने से मध्य रेलवे की सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। जलभराव के कारण मुंबई से सूरत के बीच करीब एक लाख यात्री प्रभावित हुए। इनमें अकेले सूरत रेलवे स्टेशन पर लगभग 30 हजार यात्रियों को ट्रेनों के रद्द, विलंबित या बीच रास्ते में समाप्त किए जाने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुंबई की ओर जाने वाली 17 लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। रेलवे ने राहत के तौर पर भिलाड, संजान, वापी, वलसाड और नवसारी से मुंबई तथा सूरत की ओर यात्रियों को भेजने के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की। वंदे भारत एक्सप्रेस को वापी, तेजस को बिलिमोरा और डबल डेकर को सूरत स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट किया गया। ————————

राठौड़ बोले- हमें साइलेंट नहीं, वोकल फॉर लोकल कर रखा:अजमेर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा- आरपीएससी में चयन प्रक्रिया चल रही

अजमेर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- साइलेंट कहां कर रखा है? कल जोधपुर में बोल रहे थे, आज अजमेर में बोल रहे हैं, कल जयपुर में बोलेंगे। साइलेंट नहीं कर रखा। हमें तो वोकल कर रखा है, ‘वोकल फॉर लोकल’ हैं हम। अजमेर के मेडिकल कॉलेज सभागार में मंगलवार को राठौड़ ने पार्टी में खुद को साइलेंट किए जाने के सवाल पर चुटीले अंदाज में यह जवाब दिया। भाजपा युवा मोर्चा की ओर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती स्मरण पक्ष के तहत ‘छात्र-युवा सम्मेलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। आरपीएससी में चयन प्रक्रिया चल रही… आरपीएससी अध्यक्ष और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर पूछे गए सवाल पर राजेंद्र राठौड़ ने कहा- चयन प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सभी तथ्यों से अवगत हैं। उन्होंने कहा- हाल ही आरपीएससी में जिन सदस्यों की नियुक्ति हुई है, उनके बायोडाटा और योग्यता को देखने पर स्पष्ट होता है कि वे विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षाविद हैं और उनकी ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आरपीएससी की पवित्रता बनाए रखने के लिए वर्तमान सरकार ने अभूतपूर्व काम किया है। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प राजेंद्र राठौड़ ने कहा- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश और देश में युवा मोर्चा विचार, संकल्प और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को लेकर अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में युवाओं ने साल 2047 तक भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। बीजेपी में सबसे बड़ा पद कार्यकर्ता का अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने कहा- मैंने हमेशा एक साधारण और जमीनी कार्यकर्ता के रूप में काम किया है और आगे भी उसी भूमिका में काम करता रहूंगा। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा- भाजपा में सबसे बड़ा पद कार्यकर्ता का होता है। युवाओं को शॉर्टकट की राजनीति से बचकर सिद्धांतों के साथ संगठन में काम करना चाहिए। पार्टी हर कार्यकर्ता के काम को देखती है और उचित समय पर योग्य लोगों को अवसर मिलता है। राजनीतिक नियुक्तियों पर यह बोले राठौड़ धनबल और बाहुबल के प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर राजेंद्र राठौड़ ने कहा- यह भाजपा की संस्कृति नहीं है। भाजपा में धनबल या बाहुबल नहीं, बल्कि संगठन बल और विचार बल चलता है। लगातार मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को ही आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर उन्होंने कहा- कुछ नियुक्तियां हो चुकी हैं। बाकी नियुक्तियां मुख्यमंत्री के विवेकाधिकार का विषय हैं, इसलिए वही इस पर बेहतर बता सकते हैं। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर गौरा, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाणा सहित अन्य भाजपा नेता शामिल हुए।

पेड़ से लटका मिला कॉलेज स्टूडेंट का शव:छोटे भाई के साथ नाना के घर रहकर कर रहा था पढ़ाई

डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवक का शव महुए के पेड़ से लटका हुआ मिला है। छात्र 5 जुलाई से अपने नाना के घर से लापता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसआई गजराज सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान वीरवाड़ा गांव निवासी राहुल कटारा (18) के रूप में हुई है। राहुल अपने छोटे भाई विश्वास के साथ झोंथरी फला कंथार में अपने नाना के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की थी और कॉलेज में दाखिला भी ले चुका था। घर से 500 मीटर पेड़ से लटका मिला शव
राहुल 5 जुलाई की शाम को अचानक अपने नाना के घर से चला गया था। वह अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
मंगलवार सुबह राहुल का छोटा भाई विश्वास घर से करीब 500 मीटर दूर महुए के पेड़ पर राहुल का शव लटका हुआ देखकर चौंक गया। उसने तुरंत परिवार और आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौरासी थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर अस्पताल के मुर्दाघर पहुंचाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सलूंबर में मानसून तैयारियों की समीक्षा,कंट्रोल रूम बनेंगे:बिजली विभाग की फॉल्ट टीम रहेगी 24 घंटे सक्रिय, स्कूल भवनों की होगी सुरक्षा जांच

सलूंबर जिला प्रशासन मानसून की सक्रियता को देखते हुए अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद ने वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी उपखंड अधिकारी और विभागीय अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर उपखंड स्तर पर बनेगा कंट्रोल रूम
कलेक्टर ने हर उपखंड अधिकारी को निर्देश दिए। उन्हें तहसीलदार, पटवारी, सरपंच, जनप्रतिनिधियों और विद्यालय प्रतिनिधियों के साथ बैठक करनी होगी। क्षेत्रवार तैयारियों की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजनी होगी। असुरक्षित भवनों, स्कूलों और अन्य जोखिम वाले स्थलों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। हर उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर उसकी जानकारी आमजन तक पहुंचानी होगी। जयसमंद में SDRF सर्वे की भी हुई समीक्षा
बैठक में जयसमंद क्षेत्र में एसडीआरएफ के सर्वे की समीक्षा हुई। सर्वे में सामने आई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। सराड़ा प्रशासन को पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के इंतजाम समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया।
बिजली विभाग को फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। झुके हुए बिजली के तारों और विद्युत आपूर्ति की समस्याओं का तत्काल समाधान करना होगा। स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों से बचाव के निर्देश
वहीं जिला कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया, डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। एंटी वेनम दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। नियमित फॉगिंग कराने और सर्पदंश के प्रति लोगों को जागरूक करने को भी कहा गया। स्कूल भवनों की सुरक्षा जांच के भी निर्देश
शिक्षा विभाग को स्कूल भवनों और छतों की सुरक्षा जांच कराने के निर्देश दिए गए। ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत शुरुआती बारिश में व्यापक पौधारोपण करने को भी कहा गया। इसके अलावा ग्रामीण सेवा शिविरों, फ्लैगशिप योजनाओं और पंच गौरव कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा हुई। पिछड़ रहे विभागों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में जिले के सभी उपखंड अधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा एसडीआरएफ के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

अब मौके पर ही होगी मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच:गांव-गांव जाएगी मोबाइल लैब, सुरक्षित खाद्य सामग्री के प्रति किया जाएगा जागरूक

हनुमानगढ़ में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत 8 से 10 जुलाई तक एमएफटीएल जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचेगी, जहां मौके पर ही खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। विभाग ने आमजन से इस सुविधा का लाभ उठाने और विशेष रूप से दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच कराने की अपील की है। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि यह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस लैब निर्धारित रूट प्लान के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रही है। यह मौके पर ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर प्राथमिक रिपोर्ट प्रदान करती है। इसका उद्देश्य संभावित मिलावट की पहचान करने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री के प्रति जागरूक करना भी है। दूध, घी, पनीर, मावा, मिठाइयों की होगी जांच
डॉ. शर्मा के अनुसार एमएफटीएल वाहन 8 जुलाई को फतेहगढ़, 9 जुलाई को माणकसर और 10 जुलाई को बंशीर क्षेत्र में पहुंचेगा। इन स्थानों पर दूध, घी, पनीर, मावा, मिठाइयों सहित अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच की जाएगी। विभाग की टीम जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की खरीद, भंडारण और उपयोग से संबंधित आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी आमजन को उपलब्ध कराएगी। सीएमएचओ ने बताया कि बरसात के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब होने की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए उपभोक्ताओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एमएफटीएल के गांव में पहुंचने पर अपने दूध एवं दुग्ध उत्पादों सहित अन्य खाद्य सामग्री की जांच अवश्य कराएं। विभाग का लक्ष्य खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मिलावटखोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, ताकि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

रजई खुर्द गांव में करंट से युवक की मौत:खेत में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हादसा

धौलपुर जिले के बसई डांग थाना क्षेत्र के रजई खुर्द गांव में सोमवार देर रात एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। युवक खेत की रखवाली कर रहा था, तभी वह टूटकर गिरी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया।
मृतक की पहचान रजई खुर्द निवासी 45 वर्षीय राम लखन पुत्र विशंभर के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजन गंभीर हालत में राम लखन को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, राम लखन रात में अपने खेत की रखवाली कर रहा था। इसी दौरान वह शौच के लिए खेत से बाहर निकला। रास्ते में पहले से टूटकर गिरी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से उसे करंट लग गया।
करंट लगने से उसके शरीर में आग लग गई। ग्रामीणों ने युवक के शरीर को जलता हुआ देखा, जिसके बाद उन्हें करंट लगने की जानकारी मिली और तत्काल परिजनों को सूचित किया गया।
घटना की सूचना मिलने पर वन विहार चौकी प्रभारी जयदेव सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।