अब मौके पर ही होगी मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच:गांव-गांव जाएगी मोबाइल लैब, सुरक्षित खाद्य सामग्री के प्रति किया जाएगा जागरूक
हनुमानगढ़ में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत 8 से 10 जुलाई तक एमएफटीएल जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचेगी, जहां मौके पर ही खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। विभाग ने आमजन से इस सुविधा का लाभ उठाने और विशेष रूप से दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच कराने की अपील की है। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि यह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस लैब निर्धारित रूट प्लान के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रही है। यह मौके पर ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर प्राथमिक रिपोर्ट प्रदान करती है। इसका उद्देश्य संभावित मिलावट की पहचान करने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री के प्रति जागरूक करना भी है। दूध, घी, पनीर, मावा, मिठाइयों की होगी जांच
डॉ. शर्मा के अनुसार एमएफटीएल वाहन 8 जुलाई को फतेहगढ़, 9 जुलाई को माणकसर और 10 जुलाई को बंशीर क्षेत्र में पहुंचेगा। इन स्थानों पर दूध, घी, पनीर, मावा, मिठाइयों सहित अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच की जाएगी। विभाग की टीम जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की खरीद, भंडारण और उपयोग से संबंधित आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी आमजन को उपलब्ध कराएगी। सीएमएचओ ने बताया कि बरसात के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब होने की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए उपभोक्ताओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एमएफटीएल के गांव में पहुंचने पर अपने दूध एवं दुग्ध उत्पादों सहित अन्य खाद्य सामग्री की जांच अवश्य कराएं। विभाग का लक्ष्य खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मिलावटखोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, ताकि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

