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पिकअप की टक्कर से घायल युवक की मौत:पुलिस ने वाहन को किया जब्त, मौके से फरार ड्राइवर की तलाश

चूरू जिले के दूधवाखारा थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में घायल हुए बाइक सवार युवक की जयपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सहजूसर गांव के पास पिकअप की टक्कर से यह हादसा हुआ था। दूधवाखारा पुलिस ने मृतक के मामा की रिपोर्ट पर पिकअप ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रणवां की ढाणी निवासी यशपाल रणवां ने मामला दर्ज कराया। रिपोर्ट में बताया कि उनका भांजा प्रदीप कुमार (32) तीन जुलाई को गिनड़ी गांव से सहजूसर आ रहा था। इसी दौरान सहजूसर से गिनड़ी की ओर जा रही एक तेज रफ्तार पिकअप के ड्राइवर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए प्रदीप की बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार प्रदीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उन्हें तुरंत डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। वहां हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद युवक को जयपुर रेफर कर दिया गया था। जयपुर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान प्रदीप कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद युवक के शव को परिजनों को सौंप दिया। मामले की जांच कर रहे दूधवाखारा थाना के हेड कॉन्स्टेबल विजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने हादसे के बाद पिकअप को जब्त कर लिया है। हालांकि, ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस पिकअप के चेसिस नंबरों के आधार पर मालिक का पता लगाने में जुटी हुई है।

'सपनों को भी खत्म कर देता है नशा':पीएम श्री स्कूल में नशे के खिलाफ किया जागरूक, स्टूडेंट्स को गिनाए नुकसान

झालावाड़ में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और अपने भविष्य को संवारने के प्रति जागरूक करना था। इसका मुख्य विषय ‘‘ड्रग्स को कहें ना, अपने सपनों को कहें हाँ’’ रखा गया। कार्यशाला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार मीणा मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरोलिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य और सपने बेहद कीमती होते हैं। उन्होंने बताया कि नशा न केवल शरीर को नष्ट करता है, बल्कि व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता और उसके सपनों को भी खत्म कर देता है। उन्होंने छात्रों से किसी भी प्रकार के बहकावे में न आने और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने का आग्रह किया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार मीणा ने छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन और तस्करी से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा जिले में पदस्थापित सभी न्यायिक अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार के स्कूलों में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में ‘नशे को कहें ना, अपने सपनों को कहो हाँ’, ‘नशा कोई स्टाइल नहीं’, और ‘अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करें’ जैसे विषयों पर चर्चा कर बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। 11 से 18 जुलाई तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
इधर विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य योग्य दंपत्तियों में सीमित परिवार, मां एवं शिशु कल्याण, अनियोजित गर्भधारण की रोकथाम और बच्चों के जन्म में स्वस्थ अंतराल बनाए रखने के लिए व्यापक जन-जागरूकता पैदा करना है। उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार नागर ने बताया कि इस वर्ष आयोजित होने वाली विश्व जनसंख्या दिवस कार्यक्रम के लिए समस्त प्रचार-प्रसार गतिविधियां मुख्य रूप से ‘‘जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल’’ के मूल स्लोगन (थीम) पर आधारित होंगी।

पालना गृह में मिले नवजात के ब्लड-किडनी में इंफेक्शन:वजन महज 1.38 किलो; गंभीर हालत में नागौर से जोधपुर रेफर

डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी के राजकीय अस्पताल के पालना गृह में छोड़े गए 3-4 दिन के नवजात की हालत लगातार गंभीर बनी हुई है। जन्म के समय करीब 3 किलो वजन होना चाहिए, लेकिन इस बच्चे का वजन सिर्फ 1.380 किलोग्राम है। खून और किडनी में संक्रमण के चलते पहले उसे नागौर के जेएलएन अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर अब जोधपुर रेफर किया गया है। फिलहाल मेडिकल टीम बच्चे की जान बचाने के लिए लगातार इलाज और निगरानी में जुटी हुई है। पढ़िए… सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. पालना गृह में छोड़ा गया नवजात, तुरंत शुरू हुआ इलाज 5 जुलाई की शाम करीब पांच बजे एक अज्ञात महिला अपने 3-4 दिन के नवजात को कुचामन के राजकीय अस्पताल के पालना गृह में छोड़कर चली गई। पालना गृह की घंटी बजते ही अस्पताल प्रशासन और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को तुरंत अपने संरक्षण में लेकर प्राथमिक उपचार शुरू किया। बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण बाल कल्याण समिति के निर्देश पर सोमवार(6 जुलाई) को उसे नागौर के जेएलएन अस्पताल के एमसीएच विंग रेफर किया गया। 2. नागौर में रातभर चला इलाज, रिपोर्ट आने के बाद जोधपुर रेफर नागौर के एमसीएच विंग में चार डॉक्टरों की टीम पूरी रात बच्चे के इलाज में जुटी रही। शुरुआत में उसकी हालत में थोड़ा सुधार दिखाई दिया, लेकिन बाद में आई मेडिकल रिपोर्ट में उसके खून में गंभीर संक्रमण और किडनी पर संक्रमण की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए नवजात को जोधपुर रेफर कर दिया। 3. वजन सिर्फ 1.380 किलो, ऑक्सीजन के सहारे चल रहा इलाज डॉक्टरों के अनुसार सामान्य नवजात का वजन करीब तीन किलोग्राम होता है, लेकिन इस बच्चे का वजन सिर्फ 1.380 किलोग्राम है। कम वजन होने से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर है। उसे सांस लेने में दिक्कत होने के कारण लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। ब्लड रिपोर्ट में संक्रमण मिलने के बाद इलाज का तरीका बदला गया और विशेष दवाइयां शुरू की गईं। डॉक्टरों का कहना है कि कम वजन और संक्रमण के कारण बच्चे की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है। 4. पालना गृह में मिले नवजात का इलाज जारी, डॉक्टर लगातार निगरानी में अस्पताल प्रशासन ने पालना गृह में मिले नवजात को तुरंत संरक्षण में लेकर इलाज शुरू किया था। हालत गंभीर होने पर उसे पहले नागौर रेफर किया गया और वहां इलाज के दौरान स्थिति और बिगड़ने पर अब जोधपुर भेजा गया है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम बच्चे की जान बचाने के लिए लगातार निगरानी रख रही है और हर जरूरी इलाज किया जा रहा है। 5. दो साल में पालना गृह में मिले करीब आधा दर्जन नवजात बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया – पालना गृह में मिलने वाले, किसी माता द्वारा सरेंडर किए गए या लावारिस मिले नवजातों को तय कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले समिति के सामने पेश किया जाता है। इसके बाद उन्हें सुरक्षित देखभाल के लिए राजकीय शिशु गृह में रखा जाता है। समिति 60 दिन तक बच्चे के परिजनों के सामने आने का इंतजार करती है। यदि कोई दावा करता है तो पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद ही बच्चे को सुपुर्द किया जाता है। फिलहाल इस नवजात के मामले में सबसे बड़ी प्राथमिकता उसकी जान बचाना है।

मानसून सीजन में राजस्थान में जैसलमेर सबसे गर्म:पारा 44.5 डिग्री पहुंचा; धूलभरी आंधी और बादलों की आवाजाही जारी

जैसलमेर में मौसम विभाग ने आगामी 9 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, लेकिन इस सूची से केवल जैसलमेर को बाहर रखा गया है। सीमांत जिले में बादलों की आवाजाही के बीच केवल तेज अंधड़ चल रहा है और बारिश नहीं है। दिन के समय सूरज के तीखे तेवरों से अधिकतम तापमान 44.5 और न्यूनतम 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से लोग भीषण गर्मी व उमस से बेहाल हैं। प्रदेश में सबसे गर्म रहा जैसलमेर, उमस ने छुड़ाए पसीने जैसलमेर इस समय पूरे प्रदेश में सबसे गर्म जिला बना हुआ है। सीमांत क्षेत्र में आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन ये बादल बरसने के बजाय उमस को और बढ़ा रहे हैं। शाम होते ही धूलभरी हवाएं (अंधड़) जरूर चल रही हैं, जिससे विजिबिलिटी कम हो रही है, लेकिन सूखी हवाएं गर्मी से कोई खास राहत नहीं दे पा रही हैं।

मनोहरथाना क्षेत्र में टन-टोकरी बालाजी मार्ग पर मिला नवजात बालक:बाल कल्याण समिति ने लिया संरक्षण में, होगी नियमित जांच

जिले के मनोहरथाना क्षेत्र में टन-टोकरी बालाजी मार्ग पर एक नवजात बालक मिला। अज्ञात व्यक्ति द्वारा छोड़े गए इस बालक को मंगलवार को जिला बाल कल्याण समिति, झालावाड़ ने अपने संरक्षण में ले लिया। नवजात को अब गवर्नमेंट विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी में सुरक्षित रखा गया है, जहां उसकी नियमित देखभाल और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा और सदस्य गजेंद्र सेन मंगलवार को झालावाड़ के जनाना अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उप अधीक्षक राधेश्याम बैरवा की उपस्थिति में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और नवजात को समिति के संरक्षण में लिया। इसके बाद बालक को नियमानुसार गवर्नमेंट विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी में प्रवेश दिलाया गया। समिति अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा ने बताया कि नवजात बालक के संबंध में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संबंधित विभागों की जांच और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद जब बच्चे को कानूनी रूप से ‘लीगल फ्री’ घोषित किया जाएगा, तब केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण (सीएआरए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र एवं इच्छुक दंपती को विधिवत गोद दिया जाएगा। उन्होंने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानूनी प्रावधानों पर जोर दिया। बाल कल्याण समिति के सदस्य गजेंद्र सेन ने जानकारी दी कि नवजात बालक पूरी तरह स्वस्थ है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा और पोषण, चिकित्सा व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शिशु गृह में प्रशिक्षित कर्मचारियों की देखरेख में उसकी समुचित देखभाल की जाएगी ताकि उसे सुरक्षित एवं पारिवारिक वातावरण मिल सके। उल्लेखनीय है कि मनोहरथाना क्षेत्र के टन-टोकरी बालाजी मार्ग पर नवजात को छोड़े जाने की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की थी। बच्चे को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बाद बाल संरक्षण से जुड़े सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन करते हुए बाल कल्याण समिति ने उसे अपने संरक्षण में लिया। इस दौरान शिशु गृह समन्वयक दीपक गौतम, मेल नर्स शारिक बेग, एनआईसीयू इंचार्ज परमेश्वर गुप्ता, ड्यूटी डॉक्टर सहित जनाना अस्पताल का चिकित्सा एवं नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद रहा। समिति ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी परित्यक्त अथवा जरूरतमंद बच्चे की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस अथवा बाल संरक्षण विभाग को सूचित करें, ताकि समय पर उसकी सुरक्षा और उचित देखभाल की जा सके।

स्कूलों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान शुरू:न्यायिक अधिकारी बच्चों को 'नशे को कहें ना' का पाठ पढ़ाएंगे

बारां जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में मंगलवार से नशामुक्ति विषयक विशेष जागरूकता अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान का शुभारंभ जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सत्यनारायण टेलर ने शहर के मेलखेड़ी रोड स्थित मॉर्डन स्कूल से किया। उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी न्यायिक अधिकारी सरकारी और निजी विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करेंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें साइबर सुरक्षा, संवैधानिक अधिकारों और सुरक्षित भविष्य के प्रति भी जागरूक करना है। जीवन, परिवार और भविष्य को तबाह कर देता है नशा
मॉर्डन स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन, परिवार और भविष्य को तबाह कर देता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यार्थियों को शुरुआत से ही इसके दुष्प्रभावों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। स्टूडेंट्स को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई
न्यायाधीश टेलर ने बताया कि सभी न्यायिक अधिकारी विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को यह संदेश देंगे कि “नशा कभी भी कूल नहीं होता, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करें।”
उन्होंने विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए कहा, “हम नशे को नहीं चुनेंगे, हम आत्मसम्मान को चुनेंगे।” न्यायाधीश ने विद्यार्थियों से जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इस गंभीर मुद्दे के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान प्रत्येक विद्यालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी भी स्थापित की जाएगी, ताकि विद्यार्थी अपनी समस्याएं और सुझाव गोपनीय रूप से साझा कर सकें।

वासा में स्कूल के गेट पर छात्राओं ने लगाया ताला:टीचर्स की कमी को लेकर फूटा आक्रोश, टीसी लेने की चेतावनी

सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील के वासा गांव स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्राओं ने मंगलवार को स्कूल के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन किया। छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर स्कूल परिसर के बाहर बैठकर रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की। छात्राओं ने बताया कि स्कूल में कुल 203 छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन स्वीकृत 13 शिक्षकों के पदों में से केवल 4 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इस कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई विषयों की कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर भी असर पड़ रहा है। 203 छात्राओं पर मात्र 4 टीचर
धरने पर बैठी छात्राओं ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे स्कूल से स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) लेकर अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेने को मजबूर होंगी। स्कूल गेट पर तालाबंदी कर दिया धरना
प्रिंसिपल सोनू कंवर ने बताया कि जब वे स्कूल पहुंचीं, तो छात्राओं ने गेट पर तालाबंदी कर रखी थी और बाहर खड़ी थीं। छात्राओं ने स्पष्ट किया कि जब तक नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती, वे स्कूल में प्रवेश नहीं करेंगी और ताला नहीं खोलेंगी। प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पहले भी सूचित किया जा चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है।
छात्राओं के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। छात्राओं ने दोहराया कि जब तक शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

डूंगरपुर में रात में हल्की और सुबह तेज बारिश:आज बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी, चिखली में सर्वाधिक 35 एमएम बारिश रिकॉर्ड

डूंगरपुर शहर समेत जिले के कई हिस्सों में रात के समय हल्की बरसात हुई। मंगलवार सुबह से आसमान में बादलों का डेरा रहा। 9.30 बजे बाद घने काले बादल छा गए और फिर बरसात का दौर शुरू हो गया। रुक रुककर झमाझम बरसात हुई। बारिश की वजह से मौसम सुहावना ओर ठंडा हो गया। मौसम विभाग की ओर से डूंगरपुर जिले मे मंगलवार को बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रात को हल्की बरसात के बाद से सुबह आसमान में बादल छाए रहे। लेकिन दिन बढ़ने के साथ घने काले बादल छा गए। 9.50 बजे अचानक तेज बरसात का दौर शुरू हो गया। रुक रुक कर झमाझम और हल्की बरसात का दौर चल रहा है। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। डूंगरपुर जिले मंगलवार सुबह 8 बजे तक सबसे ज्यादा बारिश चिखली में 35 एमएम रिकॉर्ड की गई है, जबकि गलियाकोट में 29 एमएम, सागवाड़ा में 23 एमएम, निठाउवा में 13 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है़।

अधिवक्ता अपहरण मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार:1 जुलाई को किया था अपहरण, अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी

छोटीसादड़ी पुलिस ने अधिवक्ता अभिषेक सोलंकी के अपहरण और मारपीट मामले में दो और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी हरिओम तेली को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस अब शेष फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। थानाधिकारी प्रवीण टांक के नेतृत्व में गठित टीम ने 5 जुलाई को जसपाल तेली (22) पुत्र दिनेशचंद्र तेली और दिलीप लौहार (20) पुत्र राजू लौहार, दोनों निवासी खेरोट को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, नाइयों की गली, छोटीसादड़ी निवासी अधिवक्ता अभिषेक सोलंकी ने 2 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे बालाजी मंदिर से घर लौटते समय एक वैन में सवार लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। आरोपियों ने उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर गणेशपुरा, बड़ीसादड़ी, प्रतापगढ़ और खेरोट ले जाकर मारपीट की। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। बाद में मुख्य आरोपी हरिओम उन्हें प्रतापगढ़ थाना ले गया और उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए छोटीसादड़ी थाना पुलिस ने विशेष टीमें गठित की थीं। घटना के 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी हरिओम तेली को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब दो अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

निमज-केजड़ को जोड़ने वाली सड़क बारिश के कारण जर्जर:शिकायत के बाद भी समाधान नहीं, एसडीएम बोले- जल्द कार्रवाई कर मरम्मत की जाएगी

सराड़ा उपखंड से निमज-केजड़ को जोड़ने वाली सड़क बारिश के कारण जर्जर हो गई है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भर जाने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान, व्यापारी, मरीज और अन्य ग्रामीण सराड़ा कस्बे तक पहुंचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। विभागीय अनदेखी के कारण आमजन को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान जलभराव से हालात और गंभीर हो जाते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए इस मार्ग की तत्काल मरम्मत कर गहरे गड्ढों को भरा जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। इस संबंध में सराड़ा एसडीएम और सराड़ा तहसीलदार ने बताया- सड़क की खराब स्थिति की जानकारी प्राप्त हुई है। संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग से समन्वय कर जल्द से जल्द मरम्मत कार्य कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आमजन को राहत मिल सके।