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नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख की ठगी, गिरफ्तार:फर्जी नियुक्ति-पत्र बांटे; जमानत पर बाहर आते ही पुलिस ने फिर पकड़ा

जालोर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में शिवगंज (सिरोही) पुलिस ने तखतगढ़ निवासी राकेश जीनगर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने डीएलबी की 2018 की एलडीसी भर्ती में पुराने रिकॉर्ड के आधार पर स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर सितंबर 2024 से जून 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में शिकायतकर्ता से 24.37 लाख रुपए वसूल लिए। इसके बाद 11 मार्च 2025 को जालोर नगर परिषद ले जाकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया और फर्जी जॉइनिंग का नाटक भी कराया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, आरोपी को गिरफ्तार कर जालोर नगर परिषद में दस्तावेजों की जांच कराई, जहां नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए। पढ़िए… सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
नगर निकायों में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने के मामले में शिवगंज (सिरोही) पुलिस ने तखतगढ़ (पाली) निवासी राकेश जीनगर को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ 3 जनवरी 2026 को शिवगंज थाने में 24 लाख 37 हजार 583 रुपए की ठगी का मामला दर्ज हुआ था। आरोपी को इससे पहले जालोर पुलिस भी गिरफ्तार कर चुकी है। 2. पुराने रिकॉर्ड का झांसा देकर रुपए लिए, फर्जी जॉइनिंग भी कराई
शिवगंज निवासी निर्मल कुमार ने पुलिस को बताया – राकेश जीनगर ने अपने साथियों के साथ मिलकर डीएलबी की 2018 की एलडीसी भर्ती के पुराने रिकॉर्ड के आधार पर स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने जयपुर के अधिकारियों से पहचान और विभाग में सीधी पहुंच होने का दावा कर भरोसा जीता। इसके बाद दस्तावेज लेकर रिकॉर्ड तैयार करने, फाइल आगे बढ़ाने और नियुक्ति पत्र जारी कराने के नाम पर सितंबर 2024 से जून 2025 के बीच नकद, बैंक ट्रांसफर और फोन-पे के जरिए कुल 24.37 लाख रुपए ले लिए। 11 मार्च 2025 को वह शिकायतकर्ता को जालोर नगर परिषद लेकर गया, वहां ढाई लाख रुपए नकद लेने के बाद एक नियुक्ति पत्र दिया और शहरी आजीविका मिशन कार्यालय में रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाकर फर्जी जॉइनिंग तक करा दी, ताकि उसे नौकरी लगने का विश्वास हो जाए। 3. नौकरी नहीं मिली तो खुला राज, जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी निकले
जब काफी समय बाद भी नौकरी की पुष्टि नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने अपने रुपए वापस मांगे। आरोप है कि राकेश जीनगर टालमटोल करता रहा और धमकियां देने लगा। इसके बाद मामला दर्ज कराया गया। जांच के दौरान सोमवार (6 जुलाई) को शिवगंज पुलिस आरोपी को जालोर नगर परिषद लेकर पहुंची और उसके दिए गए नियुक्ति पत्रों की जांच कराई। नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि नियुक्ति पत्र विभाग की ओर से जारी नहीं किए गए थे और पूरी तरह फर्जी हैं। 4. जमानत पर बाहर आने के बाद फिर पकड़ा गया आरोपी
जालोर पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी 3 जुलाई को जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद शिवगंज पुलिस ने इस मामले में जांच तेज की और शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस उसे नगर परिषद ले गई, जहां दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है। 5. कई और युवकों से भी ठगी, किसी ने प्लॉट बेचा तो किसी ने गहने गिरवी रखे
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने कई अन्य युवकों से भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए लिए। शिकायतकर्ता निर्मल कुमार ने 24.37 लाख रुपए जुटाने के लिए अपना प्लॉट बेच दिया, बाद में केसीसी और गोल्ड लोन भी लेना पड़ा। आहोर थाना क्षेत्र के रणछोड़ और मुकेश ने जमीन गिरवी रखकर 3-3 लाख रुपए दिए। तखतगढ़ के पारसमल ने दादी के गहने गिरवी रखकर 5.5 लाख रुपए दिए, जबकि लालाराम ने जमीन बेचकर लाखों रुपए दिए। पारसमल और लालाराम ने तखतगढ़ थाने में अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं, जिनमें आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है। — यह खबर भी पढ़े… लाखों में सरकारी नौकरी बांटने वाला ठग कोर्ट में पेश:हंसते हुए आया, 3 दिन के रिमांड पर भेजा; पैसे लेकर दिए थे फर्जी नियुक्ति पत्र जालोर में 4 साल से बांट रहा था फर्जी नौकरियां:अब तक 30 पीड़ितों को ठगा, 200 लोगों से करोड़ों रुपए वसूले फर्जी सरकारी नौकरियां बांटने वाला पकड़ा:जयपुर नगर निगम की फर्जी मेल से भेजता था जॉइनिंग लेटर

ससुराल में घर-जमाई की पीट-पीटकर हत्या, पत्नी डिटेन:घरेलू विवाद के बाद बच्चों के साथ मिलकर मारा, गंभीर हालत में हॉस्पिटल लेकर गए

बीकानेर में पत्नी ने बच्चों के साथ मिलकर पति की पीट पीटकर हत्या कर दी। युवक ससुराल में ही रहता था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को डिटेन किया है। फिलहाल मौत के कारणों की जांच की जा रही है। घटना लूणकरणसर थाना क्षेत्र के हंसेरा गांव में सोमवार रात करीब 9 बजे हुई। घर में विवाद हुआ, मारपीट का आरोप
लूणकरणसर SHO गणेश विश्नोई के अनुसार, मूलाराम (50) पुत्र हिराराम, श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के कुन्तासर गांव का रहने वाला था। वह पिछले कुछ समय से हंसेरा गांव में अपने ससुराल में घर-जमाई के रूप में रह रहा था। सोमवार रात करीब 9 बजे घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान मूलाराम के साथ मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी पक्ष ही अस्पताल लेकर पहुंचा
मारपीट के बाद घायल मूलाराम को आरोपी पक्ष ही हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर लूणकरणसर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवा दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। पत्नी डिटेन, पुलिस कर रही पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया मृतक की पत्नी विद्या देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है और मामले की जांच कर रही है। मृतक के हाथ-पैरों पर चोटों के निशन मिले हैं। वारदात में आरोपी महिला की भूमिका भी सामने आई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों के आने, उनके बयान दर्ज होने और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।

खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज में ईरानी हमले:3 टैंकरों पर मिसाइल दागी; कहा- जहाजों ने तय रूट छोड़ा, ऐसे में सुरक्षा की गारंटी नहीं

पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में फिर हमले शुरू कर दिए हैं। सरकारी मीडिया IRIB ने दावा किया कि होर्मुज में कतर के तेल टैंकर अल-रकायत को निशाना बनाया गया। साथ ही यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक ओमान तट के पास दो और जहाजों पर हमले हुए हैं। ईरान ने कहा कि होर्मुज से कमर्शियल जहाज हमारे बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे हैं। इसके बिना हम सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते हैं। ईरान ने कहा कि अभी होर्मुज में हालात वैसे नहीं हुए हैं, जैसे अमेरिकी हमलों से पहले थे। इधर, अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा मंगलवार को शियाओं के धार्मिक शहर कोम पहुंची। जनाजे में लाखों लोगों ने लाल कपड़ा चढ़ाया। यह इस्लामिक परंपरा में बदले या खून की मांग का प्रतीक माना जाता है। लाखों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। खामेनेई ने शुरुआती इस्लामी शिक्षा यहीं हासिल की थी। खामेनेई के ताबूत पर उनकी काली पगड़ी रखी गई है। इस्लामी परंपरा में ऐसी पगड़ी सिर्फ बड़े धार्मिक विद्वान पहनते हैं। ताबूत पर ईरान का राष्ट्रीय झंडा भी ओढ़ाया गया है, क्योंकि वे देश के सर्वोच्च नेता थे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा में जनसैलाब: तेहरान में निकली अंतिम यात्रा में लाखों लोग जुटे। भारी भीड़ के कारण ताबूत लेकर चल रहा वाहन कई जगह धीमा पड़ा और आजादी स्ट्रीट पर कुछ देर के लिए रुकना भी पड़ा। 2. खामेनेई का पार्थिव शरीर कोम पहुंचा: तेहरान में अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक रस्मों के लिए कोम ले जाया गया। गुरुवार को उनके गृह नगर मशहद में दफन किया जाएगा। 3. ईरान में खामेनेई के बदले की मांग तेज: अंतिम यात्रा में लाल झंडे और ‘या लथारत अल-खामेनेई’ के नारे गूंजे। समर्थकों ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने की मांग दोहराई। 4. ईरानी नेताओं की दो टूक चेतावनी: राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अंतिम यात्रा को खामेनेई के रास्ते पर चलने का संकल्प बताया। सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि हत्या करने वालों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा। 5. इजराइल-ईरान के बीच बयानबाजी तेज: नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ पूरे ईरान की आवाज नहीं है। वहीं इराक के शिया नेता अम्मार अल-हकीम ने लोगों से अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। खामेनेई की अंतिम यात्रा मंगलवार को कोम पहुंची, 3 तस्वीरें मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

मंत्री के तोते पर MLA भतीजा 'फिदा':SDM के लेटर में नहीं सुधरी 'स्थिति'; खंभे वाली 'नायाब' सड़क

नमस्कार सुजानगढ़ वाले SDM साहब अपनी हिंदी को लेकर मशहूर हो गए। मंत्री चाचा के तोते पर विधायक भतीजे का दिल आ गया और झुंझुनूं में सड़क का नायाब नमूना देखने को मिला। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. SDM साहब के लेटर की ‘स्थिति’ सुजानगढ़ के SDM साहब का गोले वाला लेटर तो आपने देख ही लिया होगा। बुरा हो ऐसे चेक करने वालों का जो सरकारी आदेश को भी इतना गौर से देखते हैं और मीन-मेष निकालते हैं। बात की गहराई में जाना चाहिए, वर्तनी में क्या रखा है? बात इतनी सी है कि बालाजी के मंदिर में कैमरानुमा ऐसी कोई चीज लेकर नहीं जा सकते जिससे अंदर संभावित मारपीट को रिकॉर्ड किया जा सके। हाल की घटना से प्रेरित होकर मंदिर पदाधिकारियों ने यह फैसला किया और सुजानगढ़ के SDM साहब ने आदेश जारी कर दिया। हो न हो, आदेश की कॉपी किसी छिद्रान्वेषी के हाथ लग गई। उसने लेटर को गौर से पढ़ा और जगह-जगह गोले लगा दिए। फिर आदेश की कॉपी को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। कॉपी वायरल हो गई। कॉपी में गोले लगाने वाले से भी एक मिस्टेक हुई। उसने ‘स्थिति’ पर भी गोला लगा दिया। जबकि स्थिति बिल्कुल ठीक लिखा था। हो सकता है कि स्थिति पर गोला लगाने के पीछे उसका मकसद उस ‘स्थिति’ से था जो पूरे पत्र में झलक रही थी। खैर, सोशल मीडिया पर भद्द पिटी तो फौरन नया आदेश जारी कर दिया गया। जहां-जहां गोले लगे थे उन सब शब्दों को ठीक कर दिया गया। इस बीच ठीक करने वाले की नजर ‘स्थिति’ पर गई। स्थिति पर गोला लगे देख उसने सोचा कि गलत लिखा है। नए आदेश में उसने स्थिति को ‘स्थिती’ लिख दिया। हिंदी दिवस आने में 2 महीने बाकी हैं। हिंदी मातृभाषा है। लेकिन सरकारी कार्यालयों में इसकी ‘स्थिति’ क्या है, आप भी समझते होंगे। 2. मंत्रीजी का तोता 2013 में कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन जस्टिस आर.एम. लोढ़ा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था- CBI पिंजरे में बंद ऐसा तोता है जो अपने मालिक की बोली बोलता है। यह वाक्य कहावत बन गया। CBI का तो पता नहीं लेकिन मंत्रीजी का तोता आजाद है। वह कंधों पर बैठकर जनसुनवाई देखने का अभ्यस्त हो चुका है। तोते को मालिक पर भरोसा हो जाए तो उसे पिंजरे की जरूरत नहीं। कुछ बातें तोता मंत्रीजी से सीखता है तो कुछ बातें मंत्रीजी तोते से सीखते हैं। मंत्रीजी को लेकर विरोधी तीखी बयानबाजी करते हैं। तोते को तीखी मिर्ची पसंद है। तोते की तरह मंत्रीजी भी तीखापन पचा जाते हैं। तोते को रटने की आदत होती है। कुछ बातें मंत्रीजी बार-बार दोहराते हैं। हो सकता है कि बोलने का इल्म सीखने के बाद तोते से अहम जानकारियां निकलें। हालांकि मंत्रीजी नहीं चाहते कि उनका प्यारा तोता उड़ जाए। लेकिन उन्होंने खाद-बीज का घपला करने वालों के तोते उड़ा रखे हैं। मंत्रीजी की महत्वकांक्षाएं ऊंची रहीं, गाहे-बगाहे वे व्यक्त भी करते रहे। लेकिन पार्टी-संगठन उनके लिए सबसे ऊपर है। तो कह सकते हैं कि महत्वकांक्षा के मर्ज को वे तोते की तरह पाल रहे हैं। बाकी उनका पालतू तोता है बड़ा भाग्यवान। मंत्रीजी से फुरसत मिलती है तो विधायक भतीजे का प्यार बरसने लगता है। 3. चलते-चलते.. पाकीजा में कैफी आजमी साहब ने बहुत खूबसूरत गीत लिखा। गीत था- चलते चलते यूं ही कोई मिल गया था। अगर आजमी साहब झुंझुनूं की सड़कों पर चलते तो उन्हें चलते-चलते खंभा जरूर मिल जाता। शहर के चूरू बाइपास पर सड़क के बीचों बीच खंभा है। सड़क के बीच खंभा देख आजमी साहब आनंद बख्शी की तरह लिखने लगते- चलते चलते यूं ही रुक जाता हूं मैं। सड़क के साइड में तो खंभा हर जगह होता है। बात तो तब है जब खंभा सड़क के बीचों बीच हो। चलने वाले का सिर जब तक खंभे से न टकराए, तब तक कैसे पता चलेगा कि गांव में बिजली भी है। वैसे खंभे को लेकर जनप्रतिनिधि व्यंजना में बात करते हैं। कहते हैं कि मेरा कार्यकाल तो 6 महीने पहले ही खत्म हो चुका। मैं तो निवर्तमान हूं। उनकी बात सुनकर लगता है कि अब तक स्कूल में काल गलत पढ़ाए गए। भूत-भविष्य तो ठीक है, लेकिन वर्तमान में निवर्तमान भी होता है। लोगों का कहना है कि बार-बार उन्होंने गुहार लगाई। लेकिन ठेकेदार नक्शे से टस से मस नहीं हुआ। यकीनन वह भी उस स्कूल से पास-आउट होगा जिसमें बोर्ड पर ध्येय वाक्य लिखा जाता था- राह में कोई बाधा आए, रुकना नहीं। किसी की कोई गलती नहीं। खंभा ही जिद्दी है जो इतनी मजम्मत के बाद भी बेशर्मी से खड़ा है। सड़क भी कुछ कम नहीं। बनते वक्त ही उसे कहना चाहिए था- जरा सा झूम लूं मैं, जरा सा घूम लूं मैं। खैर, गांव में सेल्फी पॉइंट की कमी थी, अब प्रदर्शन के बहाने लोग उस कमी को पूरा कर रहे हैं। इनपुट सहयोग- सुनील स्वामी (सुजानगढ़, चूरू), इम्तियाज भाटी (झुंझुनूं), राघवेंद्र गुर्जर (दौसा)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया:ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल अस्त्र मिसाइल की भी डील; मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान

पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच डिफेंस और बिजनेस से जुड़े कई अहम समझौते हुए। इसमें सबसे अहम ब्रह्मोस डील है। डील को लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से चर्चा चल रही थी। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है। इसके अलावा भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में मदद करेगा। पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे का मंगलवार को दूसरा दिन है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया गया। पीएम शाम को जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। वे बुधवार को इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर 1000 साल से ज्यादा पुराना है। मोदी की इंडोनेशिया दौरे से जुड़ी 5 तस्वीरें… पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

तेलंगाना में पति को ड्रिप में टॉयलेट क्लीनर डालकर मारा:पत्नी नर्स, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर था; छत से धक्का भी दिया था, लेकिन बच गया

तेलंगाना में एक नर्स ने प्रेमी के साथ मिलकर 35 साल के पति की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, महिला ने 30 जून को पति को छत से धक्का देकर मारने की कोशिश की थी। जब वह बच गया तो अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी नस में लगी ड्रिप में टॉयलेट क्लीनर इंजेक्ट कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला 32 साल की संध्या, उसके प्रेमी अनिल और उसके दोस्त वेंकट साई को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह हत्या पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी, जिसकी वजह संध्या का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर था। यह पूरी घटना निजामाबाद जिले के मोपाल मंडल के न्यालाकल गांव की है। इसकी खबर सोमवार को सामने आई। पहले छत से धक्का दिया, लेकिन प्रशांत बच गया था पुलिस के मुताबिक, प्रशांत हाल ही में खाड़ी देश से लौटा था। वह किस देश में था, यह जानकारी नहीं मिली। वापस आने पर उसे संध्या के अफेयर के बारे में पता चला तो उनमें झगड़े होने लगे। 30 जून को तीनों आरोपियों ने प्रशांत को पहले खूब शराब पिलाई। फिर मारपीट कर घर की छत से नीचे धक्का दे दिया। हालांकि, गंभीर चोटों के बावजूद प्रशांत की जान बच गई। आरोपियों ने उन्हें यह कहकर अस्पताल पहुंचाया कि वह नशे की हालत में खुद गिर गए थे। इलाज के दौरान टॉयलेट क्लीनर लगाया जांच में सामने आया कि संध्या एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम कर चुकी है। पुलिस का आरोप है कि उसने अपने मेडिकल नॉलेज का इस्तेमाल करते हुए इलाज के दौरान पति की ड्रिप में टॉयलेट क्लीनर और एनेस्थीसिया इंजेक्ट कर दिया। मां को हुआ शक, शिकायत के बाद खुला मामला प्रशांत की मौत के बाद उनकी मां को घटना पर संदेह हुआ। उन्होंने 1 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें साजिश का खुलासा हुआ। असली राज तब खुला जब शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस की पूछताछ में संध्या ने सच कबूल कर लिया। पुलिस ने पत्नी संध्या और उसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में वेंकट साई ने भी पहली हत्या की कोशिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस ने संध्या, अनिल और वेंकट साई को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… पति की हत्या करके बाथरूम में दफनाया, फर्श बनवाया: उसी पर नहाती रही, 45 दिन बाद खुलासा; बोली- पीटता था, इसलिए मार डाला आगरा में महिला ने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया। ऊपर से फर्श बनवा दिया और उसी बाथरूम में रोज नहाती रही। 45 दिनों तक पुलिस और घरवालों को गुमराह किया। जांच के दौरान महिला पुलिस के साथ CCTV फुटेज देखती रही और रोने का नाटक करती रही। पढ़ें पूरी खबर…

जालोर में नदी में पलटी जीप,चित्तौड़गढ़ में 3 की मौत:पाली सहित कई जिलों में 2 इंच से ज्यादा बारिश; राजस्थान में अतिभारी बरसात की चेतावनी

राजस्थान में झमाझम बारिश का दौर जारी है। आज भी 7 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जैसलमेर को छोड़कर अन्य जिलों में यलो अलर्ट है। कोटा में मंगलवार सुबह तेज बारिश हुई। वहीं, जालोर, पाली में नदी-नाले उफान पर हैं। सोमवार को जोधपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर में सोमवार को 3 इंच तक पानी बरसा। जोधपुर में तेज बारिश के बाद हाईवे पर पानी भर गया। चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। जालोर में नदी में जीप पलट गई। मौसम विभाग ने राज्य में 9 जुलाई तक भारी से अतिभारी बारिश का दौर जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम और मानसून ट्रफ के दक्षिण-पश्चिम से होकर गुजरने के कारण राजस्थान में अच्छी बारिश हो रहा है। राजस्थान के मौसम की PHOTOS… गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स मंदिर के बाहर नदी की तरह पानी, बिजली गिरी: जालोर, चित्तौड़गढ़, पाली सहित कई जिलों में लगातार बारिश से परेशानी बढ़ी रही है। चित्तौड़गढ़ तेज बारिश के बीच बिजली गिरने से एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। पाली जिले में बेडा नदी उफान पर है। जालोर के सुंधा माता मंदिर के सामने पानी नदी के वेग में बह रहा है। पाली-जोधपुर में झमाझम बरसात: पिछले 24 घंटे में पाली के देसुरी में 82MM, मारवाड़ जं. में 25, रोहट में 28, रानी में 25 मिमी बारिश हुई। वहीं, जोधपुर के झंवर में 53, लूणी में 44, कुड़ी भगतासनी में 23, शेखला में 18 एमएम पानी बरसा। सीकर, झुंझुनूं, प्रतापगढ़ राजसमंद में भी दो इंच तक बरसात रिकॉर्ड हुई। इनके अलावा दौसा, सिरोही, बांसवाड़ा, उदयपुर, अलवर समेत अन्य कई जिलों में भी हल्की बारिश हुई। कोटा-उदयपुर संभाग में ऑरेंज अलर्ट: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम आगे बढ़कर दक्षिण-पूर्वी झारखंड तक आ गया है और लगातार पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके चलते राजस्थान के कोटा, उदयपुर, जोधपुर संभाग के एरिया में 9 जुलाई तक भारी से अतिभारी बारिश देखने को मिल सकती है। दिन में तेज गर्मी-उमस: पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, गंगानगर, चूरू में तेज गर्मी, उमस रही। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, लेकिन यहां शाम होने के बाद मौसम में बदलाव हुआ और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत दी।

सरकारी स्कूलों में पर्ची का खेल, कहां गए 503 करोड़?:राजस्थान में बच्चों की जान खतरे में, मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़ा

राजस्थान के 20 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग की मरम्मत के लिए जारी 503 करोड़ के बजट में हुए करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा आपने पार्ट-1 में पढ़ा (लिंक सबसे आखिरी में)। आज पार्ट-2 में पढ़िए- जिम्मेदारों की कौनसी लापरवाहियों के चलते ये हुआ। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि अफसरों ने ज्यादातर स्कूलों का फिजिकल सर्वे ही नहीं किया। बगैर किसी आकलन के सभी स्कूलों में लगभग एक जैसे काम कराने के जनरल शेड्यूल (निर्माण लागात की रेट सूची) बनाए गए। कई स्कूलों के मुखिया को जी-शेड्यूल की कॉपी नहीं दी गई, जिसके चलते ठेकेदारों ने मनमाने तरीके से काम किए। अधिकारियों ने बिना उस काम को मौके पर चेक किए ही NOC जारी कर दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ठेकेदारों को पर्चियों पर लिखकर बताए अलग काम दौसा जिले के अतिरिक्त जिला समन्वयक समग्र शिक्षा (ADPC) कार्यालय ने 4 दिसंबर 2025 को 1010 स्कूलों में एक ही टेंडर में प्रति स्कूल 1 लाख 96 हजार रुपए के हिसाब से कुल 19 करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपए के स्कूल वाइज टेंडर निकाले थे। कई ठेकेदारों को बल्क में ये काम मिले थे। पड़ताल में सामने आया कि स्कूलों में क्या काम होगा, इसे सार्वजनिक ही नहीं किया गया। समसा के इंजीनियर (JEN) विजय सिंह से जी-शेड्यूल की जानकारी मांगी तो उन्होंने एक पीडीएफ भेजी। उस पीडीएफ में 26 तरह के काम दर्शाए गए। चौंकाने वाली बात ये है कि जर्जर हो चुके ज्यादातर स्कूलों में ऐसे कार्यों की जरूरत तक नहीं थी। बिना स्कूल की जरूरत या उसका सर्वे किए जी-शेड्यूल तय किए गए। पड़ताल में सामने आया कि दौसा जिले में ठेकेदारों को पर्चियों पर काम लिखकर दिए गए। भास्कर के पास इस बदले गए जी शेड्यूल की हेंड रिटन पर्ची हैं, जो ठेकेदारों को भेजी गई थी। एजुकेशन का काम देखने वाले अफसरों को बिल्डिंग सुधारने का जिम्मा डीडवाना-कुचामन जिले में बिल्डिंगों की मरम्मत का जिम्मा ऐसे विभाग और अफसरों को दिया गया, जिनका इनसे संबंध नहीं है। शिक्षा विभाग में बिल्डिंग निर्माण के लिए अलग से विभाग बना हुआ है- समग्र शिक्षा अभियान (समसा)। प्रदेश के कई जिलों में काम इसी एजेंसी को सौंपा गया। कुछ जिलों में पंचायत समितियों को भी नोडल एजेंसी बनाया गया। डीडवाना-कुचामन में दो ब्लॉक कुचामन और मौलासर के लिए टेंडर सीबीईओ स्तर से निकाले गए थे। सीबीईओ का काम शिक्षा और स्कूल संचालनों को देखना होता है। मौलासर सीबीईओ ने 154 स्कूलों में तो कुचामन सीबीईओ ने 229 स्कूलों के लिए प्रत्येक स्कूल में एक लाख 96 हजार रुपए के रिपेयर खर्च के हिसाब से टेंडर किए थे। कलेक्टर ने बनाया था एजेंसी कुचामन सीबीईओ बीएल खोखर ने बताया कि हमें तो तत्कालीन जिला कलेक्टर डॉक्टर महेंद्र खगड़ावत ने ही कार्यकारी एजेंसी बनाया था, इसके आदेश जारी हुए थे। हमने ये टेंडर किए और काम करवाए। 229 स्कूलों में से हमने 225 स्कूलों में काम पूरे करवाए हैं, तीन बिल्डिंग ज्यादा डैमेज थी और एक नई थी तो उनमे काम नहीं करवाया गया। मौलासर सीबीईओ रामचंद्र ने बताया कि 154 में से हमने 225 स्कूलों में काम पूरे करवाए हैं। जिला कलेक्टर को इसके लिए मना भी किया था। अब उन्होंने हमें क्यों कार्यकारी एजेंसी बनाया, ये तो वहीं बता सकते हैं। टेंडर 116 स्कूल का, काम हुआ 39 स्कूलों में अजमेर जिले में समसा एडीपीसी के अतिरिक्त इन सभी ब्लॉक में संबंधित पंचायत समिति कार्यालयों को भी कार्यकारी एजेंसी बनाया गया था। उन्होंने भी पंचायत समिति वार टेंडर किए। लेकिन कई पंचायत समितियों में आधे स्कूलों में काम नहीं हुआ। सरकारी आंकड़ों में दावा है….
सिंगल फर्मों को भी ठेके जारी अजमेर की पीसांगन पंचायत समिति में कई काम ऐसे मिले, जहां टेंडर में सिर्फ एक ही फर्म ने भाग लिया और उसे मामूली रेट पर ठेके दे दिए गए। गोविंदगढ़ और पिचौलिया पंचायतों में करीब 29.14 लाख रुपए के काम एक ही फर्म, मैसर्स एमडीआर कंस्ट्रक्शंस एंड सप्लायर्स को दिए गए। संचालक का कहना है कि कई स्कूलों ने काम कराने से मना कर दिया, इसलिए सभी काम पूरे नहीं हो सके। काम का पेमेंट हो गया है। पीसांगन पंचायत समिति ने मैसर्स भड़ाना कंस्ट्रक्शन को 74.81 लाख रुपए और मैसर्स टीकमचंद कुमावत कॉन्ट्रेक्टर को 28.69 लाख रुपए के कार्य जारी किए। टीकमचंद कुमावत ने बताया कि उन्हें केवल मोजेक टाइल्स लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कई स्कूलों ने काम नहीं कराया। काम का पेमेंट हो गया। 4 लेवल पर बरती एक से एक बड़ी लापरवाही? 1. जल्दबाजी में सभी स्कूलों के एक जैसे जी-शेड्यूल : जिला कलेक्टर ने समसा और पंचायत समितियों को कार्यकारी एजेंसियां बनाया था। ऐसे में इन डिपार्टमेंट के टेक्निकल ऑफिसर्स को सभी स्कूलों का सर्वे कर जी- शेड्यूल एस्टीमेट बनाने थे। यानी स्कूल की बिल्डिंग मजबूत करने के लिए कहां-कहां मरम्मत की जरूरत है। इसके बाद ही टेंडर जारी करने थे। बिना स्कूल की जरूरत जाने और भौतिक सत्यापन किए बगैर ही एक जैसे जी-शेड्यूल बना दिए गए। 2. जल्दबाजी में टेंडर : समसा और पंचायत समितियों को वर्क ऑर्डर जारी करने थे। जल्दबाजी में टेंडर जारी किए। इसके चलते कई जगहों पर सिंगल फर्मों की बिड मिली और उन्हें टेंडर जारी कर दिए गए। 3. मॉनिटरिंग में कमी : फर्म को स्कूल में जी-शेड्यूल अनुसार अपना काम पूरा करना था। स्कूल हेड और स्थानीय सरपंच से उसे वेरिफाई करवाना था। कई स्कूलों में इन लोगों को जी शेड्यूल ही नहीं दिखाए गए। इससे मॉनिटरिंग नहीं हुई। जहां स्कूल हेड ने सवाल जवाब किए उन्हें मौखिक ही काम बता दिए गए। 4. इंस्पेक्शन की कमी : कॉन्ट्रेक्टर फर्मों को लोकल लेवल के तीन अलग-अलग डिपार्टमेंट के टेक्निकल अधिकारियों (एईएन) से काम को वेरिफाई करवाकर बिल पर साइन करवाने थे। इसके बाद संबंधित एसडीएम की तरफ से भी बिल वेरिफाई होना था। अगर ये अधिकारी मौके पर जाते तो अधूरे काम पर कहीं तो आपत्ति दर्ज होती। फर्मों को नोटिस जारी होते। लेकिन जाहिर है अधिकतर जगहों पर ये काम कागजों में ही पूरा कर दिया गया, यही वजह है कि 31 मार्च 2026 से पहले-पहले बिल पास हो गए। जिम्मेदार अफसरों से सवाल-जवाब सवाल : जल्दबाजी में जी-शेड्यूल बनाए गए, कई स्कूलों में जिस काम की जरूरत नहीं थी वो भी जी-शेड्यूल में दिखाए? जवाब : सभी कार्यों का एस्टीमेट बनाने से लेकर, टेंडर करना और कार्य पूरा होने के बाद भुगतान तक की प्रक्रिया पिछले साल 31 मार्च तक पूरी की जानी थी। हमें महज 90 दिन मिल पाए थे, ऐसे में समसा को जितने कार्यों के लिए एजेंसी बनाया गया था, उसमे से अधिकांश कार्य पूरे करवा दिए हैं। समय कम होने से कुछ काम रह भी गए हैं। इसमें प्रत्येक स्कूल वार उस स्कूल की जरुरत के हिसाब से ही जी शेड्यूल तैयार करना था और इन दो लाख रुपए से बिल्डिंग को रिपेयर करना था। सवाल : जी-शेड्यूल में जो तय हुआ था, उसके अनुसार काम नहीं हुए, वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी किसकी थी? जवाब : नहीं, जी शेड्यूल के अनुसार ही काम हुआ होगा, उसी के अनुसार बिल बना होगा। जिसमें कुछ क्वांटिटी में कई बार सेविंग रह जाती है और कुछ क्वांटिटी में एक्सेस भी हो जाता है। तो जो एक्सेस है, उसकी पावर के हिसाब से संबंधित अधिकारी ने अप्रूवल देकर काम करवाया होगा। फिर उसका वेरिफिकेशन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की एजेंसी ने किया गया होगा। तो ऐसा भी नहीं है कि जी-शेड्यूल के बराबर काम नहीं हुआ। सवाल : डीडवाना-कुचामन जिले में ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) को ही टेंडर की जिम्मेदारी सौंप दी गई? जवाब : इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं हैं। हालांकि सीबीईओ लेवल को ये टेंडर करने का अधिकार नहीं हैं और न ही पावर है। …. पार्ट-1 की खबर यहां पढ़ें सरकारी स्कूलों में 503 करोड़ के फंड में फर्जीवाड़ा : छतों की दरारों में रंग भरकर छोड़ा, 5 जिलों 20 स्कूलों में पहुंचा रिपोर्टर, सामने आया सच झालावाड़ के पिपलोदी में स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी। सबक लेते हुए सरकार ने 503 करोड़ का बजट जारी किया। लेकिन जिम्मेदारों की नाक के नीचे ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ, जिसने हजारों मासूमों की जिंदगी को फिर से खतरे में डाल दिया है…(CLICK कर पूरा पढ़ें)

बंगाल गैंगरेप मर्डर- मुख्य आरोपी समेत 3 गिरफ्तार:बारूईपुर में जिंदा बच्ची तालाब में फेंकी थी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दावा- फेफड़ों-पेट में पानी मिला

बंगाल पुलिस ने सोमवार को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल की लड़की के रेप और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान आनंद सरदार के तौर पर हुई है। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर उसे शहर के बाजार इलाके से पकड़ा। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या तीन हो गई है। मामले की जांच के लिए 6 लोगों की SIT बनाई गई है। मासूम 4 जुलाई को लापता हुई थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि मासूम सहेली के लिए गिफ्ट खरीदने निकली थी। जब बच्ची घर नहीं लौटी तो परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बाद में रविवार को उसकी लाश सूर्यपुर हाट इलाके के तालाब में मिली थी। उसके सिर पर चोट के निशान थे। पोस्टमॉर्टम में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने रेप के बाद उसे जिंदा ही तालाब में फेंका था। उसके फेफड़ो और पेट में पानी मिला। डूबने और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। रेप-मर्डर केस से जुड़ी 2 तस्वीरें…. एक आरोपी को भीड़ ने पीटकर मार डाला था इससे पहले रविवार को लड़की का शव मिलने के तुरंत बाद, भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिस पर लड़की के रेप और मर्डर में शामिल होने का शक था। इसकी पहचान इंद्रजीत तांती के रूप में हुई थी। पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच भी की, जिसमें लड़की को चार लोग ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस इन चारों की पहचान पुख्ता करने में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम में लड़की के प्राइवेट पार्ट्स पर चोट के निशान और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर खरोंच और काटने के निशान मिले हैं। लड़की के सिर पर या तो किसी भारी चीज से वार किया गया था या उसे किसी सख्त सतह पर पटका गया था। जांच में यह भी पता चला कि सिर की चोट से बहुत ज्यादा खून बहने और डूबने के कारण उसकी मौत हुई। बारुईपुर रेप-मर्डर पर सियासत जारी: ममता के घर पर भारी सुरक्षा तैनात घटना पर राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसे भाजपा ने रूटीन सुरक्षा बताया है। NCW ने एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सोमवार को बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से एक हफ़्ते के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने एक बयान में कहा कि ATR में न केवल इस भयानक अपराध की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ की हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र होना चाहिए, जिसमें अपराध में शामिल होने के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, केंद्रीय बलों के जवानों पर हमला किया गया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई। भास्कर नॉलेज… ————————- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में बच्ची से रेप-हत्या, आरोपी को गोली मारी:पुलिस का दावा- भागने की कोशिश कर रहा था; अस्पताल में भर्ती बारुईपुर जैसा ही एक मामला 22 जून को नई दिल्ली में सामने आया था। जहां 11 साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने के लिए पैर में गोली मारी। पीड़ित बच्ची गुब्बारा बेचती थी। वह फुटपाथ पर सो रही थी। आरोप है कि टैक्सी ड्राइवर बबलू ने उसे अगवा किया। उसका रेप किया और हत्या कर लाश महरौली के जंगल में फेंक दी। पढ़ें पूरी खबर…

4-माह की मासूम से दुष्कर्म,सजा सुनाते जज की आंखें नम:फैसले में कविता लिखी- अरे शर्म करो मर्द, समझो उस लड़की का दर्द

चार माह की मासूम से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जिला विशेष न्यायालय (पॉक्सो) के न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने आरोपी को आजीवन जेल की सजा सुनाई है। आरोपी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सोमवार को सजा सुनाते हुए जज की आंखें नम हो गई। उन्होंने फैसले में क्या यही है मर्द की पहचान….शर्म करो मर्द कविता की पंक्तियां भी लिखीं। कोर्ट ने पीड़ित के पुनर्वास के लिए 15 लाख की प्रतिकर राशि एफडी के रूप में बालिग होने तक जमा कराने तथा उस पर मिलने वाला मासिक ब्याज पीड़ित की माता को देने के आदेश दिए हैं। सबसे पहले जानिए- क्या है मामला 14 मार्च 2025 को पीड़िता के माता-पिता फैक्ट्री में मजदूरी पर गए थे और चार माह की बालिका कमरे में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी कमरे में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद लोगों ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सरकारी एडवोकेट नरपत चौधरी ने सुनवाई में कई सबूत कोर्ट को दिए। कोर्ट ने मूलतः बिहार और वर्तमान में जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र निवासी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। ऐसे अपराधी के लिए ‘पशुवत’ शब्द का प्रयोग भी उचित नहीं- जज न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने 66 पेज के जजमेंट में कहा कि यह घटना समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक और अंतर्मन को झकझोर देने वाली है। उन्होंने लिखा कि- जिस देश में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है, वहां इस प्रकार की घटना अत्यंत पीड़ादायक है। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधी के लिए ‘पशुवत’ शब्द का प्रयोग भी उचित नहीं है, क्योंकि पशु भी अपने स्वाभाविक नियमों के विपरीत ऐसा अमानवीय कृत्य नहीं करते। जज ने फैसले में कवियत्री हीना जैन की पंक्तियां लिखीं… महिला जज ने भी सजा सुनाते हुए कविता लिखी थी तीन महीने पहले टोंक में मूक-बधिर युवती से रेप करने वाले को महिला जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही 1.25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। स्पेशल जज (अनुसूचित जाति-जनजाति) आरती माहेश्वरी ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कविता भी लिखी थी।