बाइक और किराना दुकान से अवैध अंग्रेजी शराब जब्त:दो सगे भाई गिरफ्तार, नाकाबंदी में कुंआ थाना पुलिस ने पकड़ी तस्करी

डूंगरपुर के कुंआ थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बाइक और किराना दुकान से अंग्रेजी शराब व बीयर जब्त की है। नाकाबंदी के दौरान बाइक से तीन कार्टन शराब-बीयर मिलने के बाद सूचना के आधार पर किराना दुकान पर दबिश दी गई, जहां से भी अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। नाकाबंदी में बाइक से मिली शराब कुंआ थाना प्रभारी रघुवीर सिंह ने बताया कि 4 जुलाई को बेडुवा पुल के पास नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान आनंदपुरी की ओर से आ रहे एक बाइक सवार ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान नोलियावाड़ा निवासी मनोज पुत्र मोतीलाल कलाल के रूप में हुई। तीन कार्टन अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद बाइक की तलाशी लेने पर आगे रखे कट्टे से अंग्रेजी शराब और बीयर के तीन कार्टन बरामद हुए। शराब रखने का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिलने पर पुलिस ने शराब और बाइक जब्त कर ली। सूचना पर किराना दुकान में दबिश इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि साकोदरा में सड़क किनारे स्थित एक किराए की किराना दुकान पर अवैध शराब का भंडारण किया गया है। पुलिस ने दुकान पर दबिश देकर तलाशी ली, जिसमें अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद हुई। यह दुकान नोलियावाड़ा निवासी हितेश पुत्र मोतीलाल कलाल संचालित कर रहा था। दोनों भाइयों पर आबकारी अधिनियम में केस पुलिस ने मौके से शराब जब्त कर मनोज और हितेश, दोनों सगे भाइयों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध शराब के परिवहन, भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर ने चित्तौड़गढ़ में 507 स्टूडेंट्स को किया सम्मानित:कलेक्टर डॉ. मंजू बोलीं- मेहनत से मिलती है सफलता

कई बार अच्छे अंक आने के बाद भी बच्चों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब आगे क्या करें। कौन-सा करियर चुनें, यूपीएससी की तैयारी कैसे करें, कोचिंग जरूरी है या नहीं, पढ़ाई का दबाव कैसे संभालें और खुद पर भरोसा कैसे बनाए रखें। रविवार को चित्तौड़गढ़ में ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब दैनिक भास्कर स्टूडेंट अचीवर्स अवॉर्ड-2026 के दौरान होनहार स्टूडेंट्स ने अपने मन के सवाल सीधे जिले की कलेक्टर और 2016 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. मंजू के सामने रख दिए। कलेक्टर ने भी बिना किसी औपचारिकता के बच्चों से खुलकर बात की और अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने कहा कि अच्छे अंक आपकी मेहनत का सबूत हैं, लेकिन आगे की मंजिल सिर्फ नंबरों से नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, सही दिशा और आत्मविश्वास से मिलती है। 507 होनहार स्टूडेंट्स का सम्मान दैनिक भास्कर स्टूडेंट अचीवर्स अवॉर्ड-2026 में सीबीएसई और राजस्थान बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले जिले के 507 स्टूडेंट्स को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि कलेक्टर डॉ. मंजू ने सभी स्टूडेंट्स को सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उस लक्ष्य के लिए रोज मेहनत करना। अगर मेहनत ईमानदारी से होगी तो सफलता देर-सवेर जरूर मिलेगी। उन्होंने बच्चों से कहा कि अपनी तुलना किसी दूसरे से करने के बजाय खुद को हर दिन बेहतर बनाने की कोशिश करें। यूपीएससी की तैयारी पर बोले- कोचिंग से ज्यादा जरूरी नियमित पढ़ाई संवाद के दौरान छात्रा डिंपल तेली ने यूपीएससी की तैयारी को लेकर सवाल पूछा। इस पर कलेक्टर ने कहा कि कोचिंग सफलता की गारंटी नहीं होती। अगर पढ़ाई नियमित हो, सिलेबस की अच्छी समझ हो, शॉर्ट नोट्स बनाकर रिवीजन किया जाए और रोज अखबार पढ़ने की आदत हो तो बिना कोचिंग के भी सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह मत सोचिए कि रोज कितने घंटे पढ़ना है। यह सोचिए कि आज आपने कितना सीखा और कितना समझा। वहीं निखिल दहिया और वंशिका शर्मा के सवाल पर उन्होंने कहा कि थोड़ा टेंशन हर छात्र के लिए जरूरी होता है, क्योंकि वही आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। लेकिन अगर वही तनाव बन जाए तो पढ़ाई पर असर पड़ता है। इसलिए खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखना भी जरूरी है। अपनी कहानी सुनाकर बताया- गांव से निकलकर भी बड़े सपने पूरे होते हैं बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए डॉ. मंजू ने अपनी जिंदगी का सफर भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका बचपन झुंझुनूं जिले के एक छोटे से गांव में बीता। पांचवीं तक गांव में पढ़ाई की और छठी में जाकर पहली बार अंग्रेजी सीखी। 10वीं में 83.5 प्रतिशत और 12वीं में 88 प्रतिशत अंक आए। पूरी स्कूली पढ़ाई हिंदी माध्यम से हुई। इसके बाद दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की। पीएमटी पहले प्रयास में नहीं निकली, लेकिन दूसरे प्रयास में सफलता मिली। बाद में यूपीएससी की तैयारी की और देशभर में 59वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनीं। उन्होंने कहा कि अगर एक गांव की हिंदी मीडियम की छात्रा आईएएस बन सकती है तो आज के बच्चों के पास उससे कहीं ज्यादा अवसर हैं। जरूरत सिर्फ मेहनत और विश्वास की है। पेरेंट्स से भी कहा- बच्चों को दबाव नहीं, भरोसा दीजिए डॉ. मंजू ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों पर अपने अधूरे सपनों का बोझ न डालें। उन्हें अच्छे संस्कार दें, सही माहौल दें और उनकी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने का मौका दें। दूसरे बच्चों से तुलना करके उन पर दबाव बनाना सही नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने कभी उन पर किसी खास करियर का दबाव नहीं बनाया। इसी वजह से वे बिना डर के अपने लक्ष्य तक पहुंच सकीं। उन्होंने सोशल मीडिया और नशे जैसी बढ़ती चुनौतियों से बच्चों को बचाने की जरूरत भी बताई। इतना ही नहीं, उन्होंने स्टूडेंट्स को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि अगर कभी पढ़ाई या करियर को लेकर कोई परेशानी हो तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। शिक्षा अधिकारियों ने भी बढ़ाया हौसला कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार दशोरा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शंभूलाल सोमानी, मुख्य प्रायोजक आरएनटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ. वसीम खान, श्रीसांवलियाजी मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव, विजन ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन ओमप्रकाश अग्रवाल, बिरला सीमेंट के एचआर हेड हेमंत श्रीवास्तव, आदित्य सीमेंट के लाइजनिंग हेड दीपक भट्ट, जेके सीमेंट के राहुल सिंह सहित कई अतिथि मौजूद रहे। दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ राकेश पटवारी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि भीलवाड़ा चित्तौड़गढ़ सैटेलाइट यूनिट हेड मुकेश शर्मा ने आभार व्यक्त किया। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार दशोरा ने कहा कि यह आयोजन मेधावी स्टूडेंट्स को सम्मान देने के साथ उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला मंच भी है। आयोजन में ओम शिव संस्थान मंगलवाड़, भाटिया एंड कंपनी, एमपी बिरला ग्रुप, आदित्य सीमेंट, जेके सीमेंट, श्रीसांवलियाजी मंदिर मंडल, विजन ग्रुप ऑफ कॉलेज, प्रेरणा पब्लिक स्कूल, सरस डेयरी, श्री बालाजी इवेंट, संस्कार द स्कूल, श्रीकेसरियाजी जैन गुरुकुल स्कूल सहित कई संस्थानों का सहयोग रहा।

विवाहिता को बेहोश कर 4 तोला सोना, 50 हजार लूटे:सिरोही में दिनदहाड़े घर में लूट, वारदात के बाद मौके से फरार हुए 3 बदमाश

सिरोही जिले के पालड़ी एम थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर दिनदहाड़े तीन बदमाश एक मकान में घुस गए। घर में अकेली सो रही विवाहिता के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे बांध दिया और लोहे की रॉड से सिर पर वार कर बेहोश कर दिया। बदमाश अलमारी की तिजोरी से करीब चार तोला सोने के जेवर और 50 हजार रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। घायल महिला का ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घर में अकेली थी महिला, बदमाशों ने बनाया निशाना जानकारी के अनुसार, मोरली रोड निवासी जोरावर सिंह पुत्र रावत सिंह राजपूत के घर में उनकी बहू अकेली सो रही थी। परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे। दोपहर करीब 3:30 बजे तीन युवक घर में घुस गए। महिला को अकेला देखकर उन्होंने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, हाथ पकड़कर मुंह बांध दिया और विरोध करने पर लोहे की रॉड से सिर पर वार कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। अलमारी खंगाली, सोने के जेवर और नकदी लेकर फरार महिला के बेहोश होने के बाद बदमाशों ने घर की अलमारियां और बक्से खंगाल दिए। उन्होंने सामान बिखेरते हुए तिजोरी में रखे करीब चार तोला सोने के जेवरात और 50 हजार रुपए नकद निकाल लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। होश आने पर पड़ोसियों को दी आवाज कुछ देर बाद महिला को होश आया तो उसने किसी तरह खुद को बंधनमुक्त किया और आसपास के लोगों को आवाज लगाई। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। परिजनों के अनुसार, महिला अभी भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। रिपोर्ट दर्ज होना बाकी, पुलिस को दी गई सूचना परिजनों ने बताया कि महिला की तबीयत में सुधार होने के बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी। हालांकि घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस वारदात से जुड़े तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है और बदमाशों की तलाश में जुटी है।

मृत मां को जीवित बताकर बैंक से 6.30 लाख हड़पे:गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर बेटे ने बनाया प्लान, बैंक को धोखा देकर पेंशन के रुपए उठाए

जयपुर में मृत मां को जीवित बताकर बेटे ने एसबीआई बैंक से पेंशन के 6.30 लाख रुपए हड़प लिए। आरोप है कि महिला के बेटे लालचंद ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर यह साजिश रची और बैंक को गुमराह कर लगातार पेंशन की राशि उठाई। मामले का खुलासा होने के बाद बैंक की शिकायत पर पुलिस ने बैंक मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी सहित तीन लोगों को अरेस्ट कर लिया है। जालसाजी की पूरा प्लान बैंक मैनेजर को शामिल कर गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर बेटे ने बनाया था। जवाहर नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को रविवार दोपहर को कोर्ट में पेश कर जेसी भेज दिया। जालसाजी में शामिल गिरफ्तार आरोपियों के नाम बैंक मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी (56) पुत्र निसार अहमद कुरैशी निवासी शास्त्री नगर भट्टाबस्ती, लालचन्द (45) निवासी गौतम नगर बजाज नगर और खुशबु दीक्षित उर्फ नेहा (42) निवासी वाटिका सांगानेर सदर हाल मां करणी नगर है। गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर बनाया प्लान डीसीपी (ईस्ट) रंजिता शर्मा ने बताया- तत्कालीन एसबीआई बैंक के वर्कर सिराज अहमद की मिलीभगत से आरोपी लालचंद ने अपनी गर्लफ्रेंड खुशबू दीक्षित के साथ मिलकर गबन का प्लान बनाया। लालचंद की मां शांति देवी की मौत हो चुकी थी, उसके बाद भी शांति देवी को जीवित बताकर साजिश के तहत पेंशन के 6.30 लाख रुपए का गबन किया। पुलिस ने जांच के बाद धोखाधड़ी में शामिल बैंक मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी, लालचंद और उसकी गर्लफ्रेंड खुशबु दीक्षित उर्फ नेहा को अरेस्ट कर जेसी भेज दिया। बैंक प्रबंधक ने कराया था मामला दर्ज 9 जनवरी को राजपार्क एसबीआई ब्रांच के तपिश श्रीवास्तव ने FIR दर्ज करवाई। शिकायत में बताया- शांति देवी का बैंक का सेविंग/पेंशन अकाउंट है। उस बैंक अकाउंट में शांति देवी की रकम जमा है। उसकी और उसके मृत पति राम किशोर की नगर निगम जयपुर से पेंशन इसी खाते में आती है। शांति देवी का 2 मई 2021 को देहांत हो चुका है, जबकि उसके बैंक अकाउंट में उसके देहांत के बाद भी निरंतर रकम निकालने के संव्यवहार हो रहे है। नगर निगम जयपुर से मिले मृत्यु प्रमाण पत्र से शांति देवी की मौत की पुष्टि हो गई। मौत के बाद उसके रिश्तेदार एटीएम कार्ड के जरिए से निरंतर रकम निकाल रहे है। शांति देवी की पेंशन जारी रहने के लिए झूठा जीवित प्रमाण पत्र भी दिया गया। बैंक वर्कर से मिलीभगत कर पेंशन के 6.30 लाख रुपए अवैध रुपए से निकाल लिए।

132 साल बाद ओल्ड-कैंपस में लगी जसवंत सिंह-द्वितीय की प्रतिमा:पूर्व प्रेसिडेंट ने भामाशाहों के साथ मिलकर चलाया अभियान; कल होगा अनावरण

जोधपुर के ओल्ड कैंपस में 132 साल बाद महाराजा जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा लगाई गई है। इस प्रतिमा का अनावरण सोमवार को होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। इस प्रतिमा के लिए पूर्व प्रेसिडेंट अरविंद सिंह भाटी ने भामाशाहों के साथ मिलकर अभियान चलाया। चार भामाशाहों की मदद से प्रतिमा भी तैयार हुई और अब इसके अनावरण का कार्यक्रम हो रहा है। इस कार्यक्रम में सिक्किम राज्यपाल ओम माथुर, राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, विधायक बाबू सिंह राठौड़ और राजेंद्र राठौड़ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। 1893 में हुई थी स्थापना, पहला हायर एजुकेशन कॉलेज था साल 1893 में जसवंत कॉलेज की स्थाना की गई थी। ये उस समय का जोधपुर का पहला कॉलेज था, जो इलाहबाद यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड था। 1962 में ये जोधपुर यूनिवर्सिटी में आया और 1992 में इसका नाम जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के तौर पर हुआ। पूर्व प्रेसिडेंट अरविंद सिंह ने बताया कि कॉलेज के फाउंडर तक की प्रतिमा कॉलेज में नहीं थी। ऐसे में एक संकल्प के तौर पर आगे आए। उन्होंने बताया कि जब लोगों को इसके बारे में बताया तो चार भामाशाह ने इसकी पूरी जिम्मेदारी उठाई। प्रतिमा से लेकर इस कार्यक्रम तक का जिम्मा उठाया। जयपुर में तैयार हुई पंच धातु की प्रतिमा पूर्व प्रेसिडेंट अरविंद सिंह ने बताया- जयपुर से महाराज जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा को तैयार किया गया है। पंच धातु से बनी ये प्रतिमा 8:50 फीट की हाइट है। इसके साथ ही इसका वजन 350-400 तक है। उन्होंने बताया- साल 2024 में यूनिवर्सिटी से परमिशन मिली थी। लेकिन, आर्थिक सहयोग के लिए मना कर दिया था। इसके बाद 25 जनवरी 2025 में इसका भूमि पूजन हुआ। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी थी कि उनकी पुणयतिथि या जयंती पर याद करे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर हम लोगों ने जिम्मा उठाया और मेरे लिए ये ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

रुपए लेन-देन को लेकर 2-पक्षों में झगड़ा, एक की मौत:घर के बाहर किया हमला; मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे परिजन

रुपए लेन-देन को लेकर दो पक्षों में हुए झगड़े में एक युवक की मौत हो गई। गुस्साए परिजन और समाज के लोग हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। साथ ही खातेदारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने, संविदा पर बेटे को नौकरी देने और पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा देने की मांग भी की है। मामला बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना इलाके अरनियाली गांव में शनिवार की रात को हुआ। हालांकि फिलहाल पुलिस धरने पर बैठे परिजनों से समझाइश कर रही है। पुलिस के अनुसार- कप्लेश पुत्र रमेश कुमार निवासी अरणियाली ने रिपोर्ट दी है। बताया कि पारस पुत्र राणाराम निवासी अरणियाली ने बीच रास्ते में रास्ता रोककर उन पर हमला करने की कोशिश की। लेकिन कल्पेश और उसके पिता रमेश (40) पुत्र पुखराज वहां से बचकर निकल गए। इसके बाद पारस और उसकी पत्नी घर पर आए। पिता घर के बाहर खड़े थे। इस दौरान पिता पर हमला कर दिया। बेहोशी की हालत में पिता को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धोरीमन्ना थानाधिकारी दीपसिंह ने बताया- बेटे की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया है। फिलहाल परिजनों से समझाइश की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

स्मार्ट-ग्लास पहनकर AR तकनीक से मरीज के घुटने की सर्जरी:बिना प्लेट और स्क्रू निकाले जयपुर के डॉक्टर ने किया 72 साल की महिला का ऑपरेशन

जयपुर के निजी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक तकनीक AR (एग्युमेंटेड रियलिटी) की मदद से एक मरीज के घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई। 72 साल की बुजुर्ग महिला मरीज को करीब 5 साल पहले घुटने के जोड़ के ऊपर फ्रैक्चर के इलाज के दौरान प्लेट और स्क्रू लगाए गए थे, जिन्हें बिना निकाले ही ये सर्जरी की गई। नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विजय शर्मा ने बताया- बुजुर्ग महिला मरीज के घुटने के जोड़ के ऊपर करीब 5 साल पहले फ्रैक्चर को जोड़ने के लिए प्लेट और स्क्रू लगाए थे। बाद में इस घुटने में ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण गंभीर दर्द, टेढ़ापन और चलने-फिरने में कठिनाई होने लगी। इससे मरीज की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे मामलों में पारंपरिक तरीके से घुटने का प्रत्यारोपण करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने बताया- AR तकनीक की मदद से पहले लगी प्लेट और स्क्रू को हटाए बिना ही घुटने का सफल प्रत्यारोपण किया गया। सर्जरी के मात्र 10 घंटे बाद ही मरीज चलने-फिरने लगी, जो इस तकनीक की सटीकता और प्रभावशीलता को दर्शाता है। विशेष प्रकार के स्मार्ट ग्लास पहनकर ऑपरेशन डॉ. विजयशर्मा के अनुसार- AR तकनीक में सर्जन विशेष प्रकार के स्मार्ट ग्लास पहनकर ऑपरेशन करते हैं। सर्जरी के दौरान घुटने की लाइव 3D एनाटॉमिकल मैपिंग से इम्प्लांट की पिन-पॉइंट सटीक पॉजिशनिंग की जाती है। रियल-टाइम विजुअल गाइडेंस मिलने से सर्जरी अधिक सुरक्षित और सटीक बनती है। उन्होंने बताया- इस तकनीक में सर्जरी से पहले CT स्कैन की आवश्यकता नहीं होती। यह तकनीक न केवल पारंपरिक रोबोटिक सिस्टम की तुलना में अधिक उन्नत, सरल और किफायती है, बल्कि कई जटिल मामलों में उससे भी अधिक सटीक परिणाम प्रदान देती है। इस सर्जरी में डॉ. विजय शर्मा के साथ डॉ. मनीष गुप्ता और एनेस्थीसिया टीम का सहयोग रहा।

खंडहर कमरे में युवक ने किया सुसाइड:कृषि उपज मंडी में फंदे पर लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

सिरोही के स्वरूपगंज थाना क्षेत्र की इंदिरा कॉलोनी स्थित कृषि उपज मंडी के एक खंडहर कमरे में रविवार को एक युवक का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को नीचे उतरवाकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मृतक की पहचान इंदिरा कॉलोनी निवासी रमेश कुमार पुत्र कन्हैयालाल के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर सुसाइड के कारणों की जांच शुरू कर दी है। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस पुलिस को सूचना मिली थी कि कृषि उपज मंडी के खंडहर में बने एक कमरे के लोहे के दरवाजे से एक युवक का शव लटका हुआ है। सूचना मिलते ही सरूपगंज थाने के सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मण राम मीणा और हेड कांस्टेबल शंकर लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। स्थानीय लोगों की मदद से नीचे उतारा शव पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को नीचे उतरवाया। बाद में मृतक की पहचान इंदिरा कॉलोनी निवासी रमेश कुमार पुत्र कन्हैयालाल के रूप में हुई। इसके बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करवाया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सुसाइड के कारणों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि फिलहाल सुसाइड के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इटली में नौकरी के नाम पर 14 लाख रुपए हड़पे:सीकर के युवक को जॉब-ग्रीन कार्ड का दिया झांसा; पड़ोसी महिला ने भाई के साथ मिलकर ठगा

सीकर जिले में युवक से इटली में नौकरी लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपए हड़प लिए। युवक को इटली बुला लिया, लेकिन कोई नौकरी नहीं मिली। युवक अपनी पड़ोस में रहने वाली महिला के जरिए एजेंट के संपर्क में आया था। युवक ने रामगढ़ सेठान थाना पुलिस में मामले की शिकायत दी है। पुलिस जांच कर रही है। रामगढ़ सेठान के वार्ड नंबर 5 निवासी मुरारीलाल सैनी ने शिकायत में बताया- पड़ोसी दिनेश कुमार की पत्नी कंचन ने मुझे कहा कि उसका भाई विकास सीकर में रहता है। वह लोगों को इटली में रोजगार दिलाने और वहां का ग्रीन कार्ड दिलाने का काम करता है। कंचन ने कहा- दिनेश को भी विकास ने ही नौकरी करने के लिए इटली भेजा है। जहां विकास की अच्छी कंपनी में नौकरी लगी और 1 साल के लिए ग्रीन कार्ड भी मिला। वहां दिनेश को हर महीने डेढ़ लाख रुपए मिल रहे हैं। इसके बाद कंचन ने अपने भाई विकास से मुरारीलाल को मिलवाया। मुरारीलाल को इटली में नौकरी लगवाने के बदले 14 लाख रुपए मांगे। हर महीने 60 हजार रुपए और ग्रीन कार्ड का किया दावा मुरारीलाल ने बताया- विकास ने मुझे कहा कि वहां आपको अच्छी नौकरी मिलेगी। शुरुआत में हर महीने 60 हजार रुपए मिलेंगे। इसके बाद जब इटली का ग्रीन कार्ड मिल जाएगा तो हर महीने डेढ़ लाख रुपए मिलेंगे। इसके बाद मुरारीलाल ने विकास को 14 लाख रुपए दे दिए। बाद में सिमरन कौर नाम की महिला ने मुरारीलाल को अपॉइंटमेंट लेटर भेजा। इटली जाने के बाद मुरारीलाल को वहां कोई काम नहीं मिला। जब मुरारीलाल ने विकास से संपर्क किया तो वह आश्वासन देता रहा कि जल्द काम और ग्रीन कार्ड मिल जाएगा। वहां खाना भी मुरारीलाल ने घर से पैसे मंगवाकर खाया। आखिर में घर से पैसे मंगवाकर मुरारीलाल वापस भारत आ गया। मुरारीलाल की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

ब्यूटी पेजेंट के फिनाले के लिए मॉडल्स ने की रैंपवॉक:देशभर से जयपुर आईं गर्ल्स; सवाल-जवाब के अंदाज से जजेज को किया इम्प्रेस

जयपुर में मॉडल्स और ब्यूटी क्वीन बनने का सपना संजोए युवतियों ने रैंप पर वॉक की। अजमेर रोड स्थित डी सूरा क्लब में आयोजित मिस अर्थ इंडिया-2026 और मिस डिवाइन ब्यूटी-2026 के नेशनल ऑडिशन में देश के अलग-अलग राज्यों से आई प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, कम्युनिकेशन स्किल्स से जजों का दिल जीतने की कोशिश की। पूरे दिन चले ऑडिशन में हर प्रतिभागी ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से पहली पहचान साबित की। एलीट प्रोडक्शन हाउस के साथ साझेदारी में आयोजित नेशनल ऑडिशन में रैंप वॉक के साथ प्रतिभागियों के व्यक्तित्व, सोच, संवाद कौशल और मंच पर खुद को प्रस्तुत करने की क्षमता को परखा गया। पहले देखिए मॉडल्स के फोटोज… सिर्फ खूबसूरती नहीं, टैलेंट भी बना चयन का आधार शॉर्ट्स और स्मार्ट टॉप ड्रेस कोड के साथ मंच पर पहुंचीं प्रतिभागियों ने कॉन्फिडेंस, बॉडी लैंग्वेज और प्रेजेंस दिखाई। ऑडिशन के दौरान प्रतिभागियों ने रैंप वॉक के साथ आत्मविश्वास से सवालों के जवाब दिए। कई प्रतिभागियों ने सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर सोच और परिपक्व दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया। जूरी ने प्रतिभागियों की कम्युनिकेशन स्किल्स, स्टेज प्रेजेंस, ग्रूमिंग, व्यक्तित्व और ओवरऑल प्रेजेंटेशन के आधार पर उनका मूल्यांकन किया। यह 26वां सीजन, 5 सितंबर को होगा फिनाले आयोजक दीपक अग्रवाल ने बताया- वर्ष 2000 से लगातार आयोजित हो रहे मिस अर्थ इंडिया का यह 26वां सीजन है। इस मंच ने पिछले वर्षों में अनेक भारतीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा- नेशनल ऑडिशन के आधार पर चयनित प्रतिभागी अब 5 सितंबर को जयपुर में आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लेंगी। ये रहे जज ऑडिशन में मिस अर्थ इंडिया 2023 प्रियन सेन, इंटरनेशनल लग्जरी फैशन काउंसिल के एम्बेसडर साकेत मिश्रा और आदित्य कश्यप ने जूरी सदस्य के रूप में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। जजों ने प्रत्येक प्रतिभागी की आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, संचार कौशल, स्टेज कमांड और प्रोफेशनल अप्रोच को ध्यान में रखते हुए अंक दिए।