टोंक में बारिश होने की संभावना, उमस से मिली राहत:तापमान में गिरावट दर्ज, पिछले 24 घंटे में 4.65 एम एम बारिश रिकॉर्ड

टोंक में बुधवार सुबह से ही घने बादल छाए हुए है। ऐसे में बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम ठंडा होने से हवाओं में ठंडक घुल गई है। तेज गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम ठंडा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उधर, इससे पहले जिले में बीते 24 घंटे में औसत 4.65 एम एम बारिश हुई है। आज भी बारिश होने के आसार बने हुए है। वहीं, बीसलपुर बांध में पानी की आवक बांध का जल स्तर बढ़ाने के हिसाब से नहीं हो रही है। इसके चलते जुलाई आने के बाद भी बांध का जलस्तर आशानुरूप नहीं बढ़ रहा है। गर्मी और उमस से मिली थोड़ी राहत इस बदले मौसम के चलते अधिकतम तापमान में गिरावट के आसार बने हुए है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 24 घंटे में तीन डिग्री सेल्सियस गिरने के आसार बने हुए हैं। न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री गिरा है। इसके चलते लोगों को तेज गर्मी और उमस से काफी हद तक राहत मिली है। हालांकि बीच बीच में हवा का दौर कम पड़ने से उमस से भी लोगों की परेशानी बढ़ी है। खरीफ की फसल को बोहने में लगे किसान आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार है तो वहीं न्यूनतम तापमान भी 24 घंटे में दो डिग्री सेल्सियस गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस रहा है। मौसम सुहावना बना हुआ है। किसान खरीफ की फसल को बोहने में लगे हुए है। आज बारिश की संभावना ​मौसम विभाग और स्थानीय अनुमानों के अनुसार, बादलों की सघनता को देखते हुए जिले के कई हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश भी हो सकती है।

किस्त को लेकर फाइनेंस कर्मचारी से मारपीट, बेहोश हुआ:बीदासर में कहासुनी के बाद 6-7 लोगों ने मिलकर पीटा

चूरू जिले के बीदासर थाना क्षेत्र में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। किस्त लेने गए कर्मचारी को कथित तौर पर 6-7 लोगों ने मिलकर पीटा, जिससे वह बेहोश हो गया। इस संबंध में बीदासर थाने में मामला दर्ज किया गया है। एएसआई जयवीर पूनियां ने बताया कि लिखमीसर निवासी जितेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। जितेंद्र सिंह बीदासर स्थित एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं। वह वार्ड 9 निवासी नानूराम बाजीगर की पत्नी के नाम पर लिए गए ऋण की किस्त लेने उनके घर गए थे।
जितेंद्र सिंह को घर पर कोई नहीं मिला। वापस लौटते समय बीदासर बस स्टैंड के पास उनकी मुलाकात नानूराम बाजीगर से हो गई। किस्त की बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि नानूराम और उसके साथ 6-7 अन्य लोगों ने मिलकर जितेंद्र सिंह के साथ मारपीट की। मारपीट से हुआ बेहोश, हालत गंभीर होने पर किया रेफर
मारपीट के कारण जितेंद्र सिंह बेहोश हो गए। उन्हें इलाज के लिए बीदासर के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें सुजानगढ़ रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने जितेंद्र सिंह की रिपोर्ट पर नानूराम बाजीगर सहित 6-7 अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच गंभीरता के साथ शुरू कर दी गई है।

34हजार करोड़ की योजना, 300किमी से ज्यादा लंबी पाइपलाइनें बिछेगी:राज्यसभा सांसद पुनिया ने यमुना जल समझौते को बताया ऐतिहासिक

राज्यसभा सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया बुधवार को डूंगरपुर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यमुना जल समझौते को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की सराहना की, वहीं विपक्ष पर निशाना साधा।
सर्किट हाउस पहुंचने पर पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या और सुरेश फलोजिया सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। पुनिया ने कहा कि इस योजना की शुरुआत वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र, राजस्थान और हरियाणा में कई बार कांग्रेस की सरकारें रहने के बावजूद इस महत्वाकांक्षी योजना पर कोई काम नहीं हुआ और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। पुनिया ने बताया कि यह 34 हजार करोड़ रुपए की एक बड़ी योजना है, जिसके तहत 300 किलोमीटर से ज्यादा लंबी पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी। इसके माध्यम से शेखावाटी क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी, जहां पाइप के जरिए यमुना का पानी पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना से राजस्थान के तीन जिलों को शुरुआत में पेयजल और भविष्य में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। इस फैसले से राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा के भी कुछ क्षेत्रों को लाभ होगा। दक्षिणी राजस्थान को भी मिलेगी पेयजल और सिंचाई की सुविधा
​माही बांध के पानी को जालोर ले जाने के विरोध पर राज्यसभा सांसद सतीश पुनिया ने कहा कि प्रदेश में जल संकट और विभिन्न सिंचाई परियोजनाए चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी को पानी की समुचित सहूलियत मिले, इसके लिए निरंतर कार्य कर रही है। ​पानी पर सभी का अधिकार है
​सतीश पुनिया ने कहा कि पानी एक ऐसी संपदा है जो सभी के लिए है। इसका किस प्रकार सही वितरण हो और आमजन को कैसे सहूलियत दी जाए, इस पर सरकार सभी पक्षों की बात सुनकर ही कोई फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की उपयोगिता और व्यवहारिकता को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा और किसी भी क्षेत्र या नागरिक के हितों की अनदेखी नहीं होगी। जो भी कदम जनहित में और सकारात्मक होंगे, सरकार उसी दिशा में काम करेगी। कडाना बांध में जा रहे अतिरिक्त पानी को डूंगरपुर लाने की मांग पर पुनिया ने कहा कि ERCP (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक काम हुआ है, जिससे पूर्वी राजस्थान को बहुत बड़ा फायदा होने जा रहा है। इसके साथ ही यमुना जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र की पानी की प्यास बुझाई जा सकेगी। ​सुदूर दक्षिण में भी पहुंचेगा विकास और पानी
​सांसद पुनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दक्षिणी राजस्थान से जुड़ी देवास परियोजना को भी तेज गति प्रदान की गई है और उस पर भी काफी तेजी से बातचीत और काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सांचौर में गुजरात से नर्मदा नदी के जरिए पानी नहीं आता, तो आज वहां की तस्वीर नहीं बदलती। आज वहां के किसान नर्मदा के पानी से भरपूर फायदा उठा रहे हैं। ​”सरकार इन सभी पक्षों को अपने ध्यान में रख रही है कि सुदूर दक्षिण (जैसे डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र) के लोगो को भी पेयजल से लेकर सिंचाई तक की तमाम जरूरी सुविधाएं बेहतर तरीके से मिल सकें।”

छत के रास्ते घर में घुसकर चुराए 50हजार और डॉक्यूमेंट:CCTV फुटेज के जरिए 2 आरोपियों को दबोचा, 3560 रुपए बरामद

हनुमानगढ़ जिले में संगरिया थाना पुलिस ने घर में घुसकर नकदी और दस्तावेज चोरी करने के मामले का खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई नकदी में से 3560 रुपए भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में वार्ड नंबर 2, संगरिया निवासी मनेंद्र सिंह उर्फ मनीन्द्र सिंह और वार्ड नंबर 1, इंद्रगढ़ निवासी लखविंद्र सिंह उर्फ लखा शामिल है। मामले में आगे की जांच जारी है। छत के रास्ते मकान में घुसे थे
गौरतलब है कि 26 जून को संगरिया निवासी विष्णु कुमार ने संगरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि 23 जून की रात मनेंद्र सिंह और लखविंद्र सिंह उसके मकान की दीवार के सहारे छत पर चढ़कर घर में घुस गए थे। 50 हजार कैश, डॉक्यूमेंट हुए थे चोरी
आरोपियों ने कमरे में रखे करीब 50 हजार रुपए नकद, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए थे। इस संबंध में संगरिया थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले में जांच अधिकारी एएसआई महेंद्र सिंह और उनकी टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी एवं मानवीय सूचनाएं जुटाकर संदिग्धों की पहचान की। चोरी की गई राशि में से 3560 रुपए बरामद
पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर चोरी की गई राशि में से 3560 रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस अन्य चोरीशुदा सामान और शेष नकदी की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों से अन्य आपराधिक घटनाओं में उनकी संलिप्तता के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई में जांच अधिकारी महेंद्र सिंह के अलावा हेड कॉन्स्टेबल भागचंद, कॉन्स्टेबल देशराज और संदीप की विशेष भूमिका रही।

राजसमंद में नशे के खिलाफ चलेगा जनआंदोलन:SP बोले- स्कूल से लेकर पेट्रोल पंप और पंचायत भवन करेंगे अवेयर

राजसमंद में नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जिला पुलिस ने पहल शुरू कर दी है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पुलिस अधीक्षक हेमंत कालाल की अध्यक्षता में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में नशे की रोकथाम, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। एसपी बोले- सभी विभाग मिलकर करें काम बैठक में एसपी हेमंत कालाल ने कहा – नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन का रूप देना जरूरी है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा और समाज के हर वर्ग तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाना होगा। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। स्कूलों में होंगी कार्यशालाएं एसपी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पीईईओ की कार्यशाला आयोजित कर विद्यालय स्तर पर नशा मुक्ति गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जाए। साथ ही सभी सरकारी विद्यालयों में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाए। सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे संदेश बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर नशा मुक्ति से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके तहत पेट्रोल पंप, उचित मूल्य की दुकानें, सरकारी कार्यालय, ग्राम पंचायत भवन और टोल बूथ सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता सामग्री लगाई जाएगी। बैठक में एडीएम नरेश बुनकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक, एसडीएम बृजेश गुप्ता, एएनटीएफ उदयपुर से पुलिस निरीक्षक कंवरपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मानसून की दस्तक के साथ बढ़ा 'साइलेंट किलर' का खतरा:खेत-खलिहानों में रहें सावधान, झाड़-फूंक से बचें, बीडीके अस्पताल में इस साल अब तक 33 केस दर्ज

मानसून की आहट के साथ ही जिले में एक अदृश्य खतरा तेजी से पैर पसार रहा है। बारिश की पहली फुहारों के साथ ही खेतों, ढाणियों और घरों के आसपास सांपों की आवाजाही बढ़ गई है। अपने बिलों से बाहर निकल रहे ये सांप अब इंसानी बस्तियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। बीडीके अस्पताल के आंकड़े भी इस बढ़ते खतरे की गवाही दे रहे हैं, जहां इस वर्ष जनवरी 2026 से मई 2026 अब तक 33 लोग सर्पदंश का शिकार होकर इलाज के लिए पहुंच चुके हैं। ​क्यों बढ़ रहा है खतरा ​विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की बारिश के दौरान जमीन में पानी भरने से सांपों के बिल भर जाते हैं, जिसके चलते वे सुरक्षित स्थानों और भोजन की तलाश में बाहर निकलते हैं। इस समय खेतों में बुवाई का काम भी जोर-शोर से चल रहा है, जिससे किसानों का खेतों में आना-जाना बढ़ गया है। इसके अलावा, घरों के पास जमा कबाड़, लकड़ी के ढेर और उगी झाड़ियां सांपों के लिए आदर्श छिपने की जगह बन जाती हैं। ​लगातार बढ़ रहे है मामले
​बीडीके अस्पताल में दर्ज किए गए सर्पदंश के मामलों पर नजर डालें तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है। पिछले वर्षों की तुलना में यह समस्या लगातार विकराल हो रही है। ​2021: 37 मामले ​2022: 52 मामले ​2023: 48 मामले ​2024: 80 मामले ​2025: 100 मामले ​2026 (जनवरी से मई ): 33 मामले
​झाड़-फूंक हो सकती है जानलेवा ​बीडीके अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठना बहुत बड़ी भूल है। उन्होंने कहा, लोग अक्सर समय गवां देते हैं और जब स्थिति बिगड़ जाती है, तब अस्पताल आते हैं। घाव पर चीरा लगाना, जहर चूसना या अंग को कसकर बांधना जैसी चीजें स्थिति को और खतरनाक बना सकती हैं। ​डॉ. भाम्बू ने बताया कि बीडीके अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हैं। अस्पताल में ‘पॉलीवैलेंट एंटी स्नेक वेनम’ (एएसवी) का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आईसीयू सहित आपातकालीन इकाई में प्रशिक्षित स्टाफ चौबीसों घंटे मरीजों की सेवा में तैनात है। उन्होंने बताया कि समय पर इलाज मिलने से मरीजों को बचाया जा सकता है। ​कैसे करें बचाव और प्राथमिक उपचार ​बीडीके अस्पताल के डॉ. राहुल चौधरी ने बताया कि ​घबराएं नहीं, मरीज को शांत रखें और तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। प्रभावित अंग को ज्यादा न हिलने दें। घाव को साबुन और साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं और साफ ड्रेसिंग करें। अंगूठी, घड़ी, कड़ा या जूते जैसी कसी हुई चीजों को तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन आने पर ये रक्त संचार में बाधा डाल सकती हैं। ​ बिना देरी किए मरीज को तुरंत उस अस्पताल ले जाएं जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो। ​कैसे पहचानें जहरीला सांप विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सांप जहरीला है, तो मरीज को उल्टी, पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ, धुंधला दिखाई देना, पलकों का झुकना, मांसपेशियों में कमजोरी, चक्कर आना, बेहोशी या मसूड़ों से खून आने जैसे लक्षण हो सकते हैं। ​सावधानी ही बचाव है ​रात के समय घर से बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का उपयोग करें। ​घरों के आसपास सफाई रखें और कबाड़ या लकड़ी के ढेर न लगने दें। ​खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें और पैरों में जूते या गद्देदार चप्पल पहनें। ​झाड़ियों में हाथ डालने से बचें।

ट्रांसफार्मर में आग से घरों में फैला करंट, 5 घायल:लाइनमैन ने नहीं उठाया फोन,ग्रामीणों ने विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप; मुआवजे की मांग

सलूंबर जिले के धारोद-भागपुर गांव में मंगलवार देर रात बिजली बहाल होते ही बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब 12 बजे से बंद बिजली रात करीब 10 बजे बहाल हुई। बिजली आते ही अचानक ट्रांसफार्मर में आग लग गई। इसके बाद करीब 10 से 15 घरों में तेज करंट फैल गया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। करंट की चपेट में आने से 4 महिलाओं समेत 5 जने घायल हो गए।। परिजनों ने सभी घायलों को तुरंत सलूंबर हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, घरों की वायरिंग के जरिए लोहे के सामान में करंट फैल गया। जिसकी चपेट में आने से महिलाएं घायल हो गईं। घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों राजेन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद लाइनमैन राजेश को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन अटेंड ही नहीं किया। विभाग के अन्य अधिकारियों को भी सूचना दी गई। इसके ​बावजूद कोई मौके पर नहीं पहुंचा। काफी देर तक लोग घरों में करंट की वजह से डर के माहौल में रहे। ग्रामीणों ने उठाई अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग घटना के बाद गांव में बिजली विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, बिजली विभाग के जेईएन संदीप मीणा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मैं मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। मामले की जांच कराई जाएगी। क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत की जा रही है। घायलों की जानकारी ली गई। हालत खतरे से बाहर है।

कोटा में नायरा कंपनी ने पेट्रोल-डीजल के दाम घटाएं:सरकारी कंपनियों के बराबर पहुंची रेट, जाने; जानिए- अब किस रेट में मिलेगा तेल

प्राइवेट पेट्रोलियम कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की दरें घटा दी हैं। कंपनी ने पेट्रोल में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। नई रेट बुधवार सुबह से प्रदेशभर में लागू कर दी गई हैं। अब कोटा जिले में प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 117-118 से घटकर 111-112 के बीच हो गई है जबकि डीजल की कीमत 100+ से घटकर 97-98 रुपए पर आ गई है। कोटा में नायरा के 10 पेट्रोल पंप कोटा में नायरा के 10 फ्यूल पंप हैं। कोटा-बूंदी में मिलाकर 37 पेट्रोल पंप है। ऐसे में कीमतों में कटौती का असर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऑपरेटिंग लागत में कमी जैसे कारण माने जा रहे हैं। सरकारी कंपनियों के बराबर आई दर नायरा पंपों पर पहले पेट्रोल-डीजल सरकारी कंपनियों से महंगे दामों में मिल रहा था। अब प्राइवेट कंपनी ने पेट्रोल-डीजल के दाम घटाएं हैं, जो सरकारी कंपनियों के बराबर पहुंच गए हैं। कोटा शहर में सरकारी कंपनियों के करीब 47 पेट्रोल पंप है। जहां पेट्रोल की कीमत 112. 21 रुपए प्रति लीटर व डीजल 97.36 रूपए प्रति लीटर है। ये खबर भी पढ़िए- कोटा में पेट्रोल 112.21 रुपए पहुंचा:डीजल पर 2.72 रुपए बढ़ाए,11 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम; जानिए नए रेट तेल कंपनियों ने आज 25 मई को फिर से पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद कोटा में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 112.21 रुपए व डीजल की कीमत 97.36 रूपए हो गई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.83 रूपए, डीजल के दाम 2.72 रूपए और प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2.83 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए हैं। खबर पढ़े

ड्रग तस्करों की 2.48 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज की:झालावाड़ पुलिस ने ऑपरेशन 'दिव्य प्रहार-2.0' के तहत की कार्रवाई

झालावाड़ में पुलिस ने 3 ड्रग तस्करों और उनके सहयोगियों की करीब ढाई करोड़ की प्रोपर्टियां फ्रीज की है। अब आरोपी इन संपत्तियों का उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे। पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग तस्कर नरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, गोपाल सिंह और उनके सहयोगियों की कथित अवैध कमाई से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया है। फ्रीज की गई संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 2 करोड़ 48 लाख 22 हजार 306 रुपए आंका गया है। नशा तस्करों पर जारी रहेगी कार्रवाई
एसपी अमित कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जनवरी 2026 में शुरू किए गए ऑपरेशन ‘दिव्य प्रहार-2.0’ के तहत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य केवल मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर, उनकी अवैध तस्करी से अर्जित संपत्तियों पर भी प्रभावी कार्रवाई करना है। इसका लक्ष्य नशा माफियाओं के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त कर समाज में उनके प्रभाव को समाप्त करना है। गोपनीय डेटाबेस तैयार कर की कार्रवाई
कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय की एमओबी (MOB) शाखा ने नरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, गोपाल सिंह और उनके सहयोगियों की कथित अवैध चल-अचल संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया। यह जानकारी थाना सुनेल और मिश्रोली पुलिस के साथ साझा की गई। संबंधित थाना अधिकारियों ने इस जानकारी के आधार पर जांच कर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की। जांच के दौरान, दोनों थाना क्षेत्रों में आरोपियों और उनके सहयोगियों के नाम पर मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित आय से खरीदी गई संपत्तियों की पहचान की गई। इसके बाद, संबंधित दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। राजस्व विभाग ने किया सहयोग
इस अभियान में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राजस्व विभाग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने भी सहयोग दिया। राजस्व विभाग ने पुलिस द्वारा चिन्हित संपत्तियों का रिकॉर्ड से मिलान कराया, जबकि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने उनके वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन कर मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराई। पुलिस के अनुसार नरेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह और गोपाल सिंह के खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी के कई प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और अपराध में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

जसवंतपुरा तहसीलदार के खिलाफ ACB में FIR:पिंडवाड़ा में ईओ रहते बिजली पोल खरीद में गड़बड़ी, 18.83 लाख के गबन का आरोप

जसवंतपुरा तहसीलदार नीरज कुमारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि पिंडवाड़ा नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी (ईओ) रहते हुए उन्होंने एमएस ट्यूबलर पोल की खरीद में नियमों की अनदेखी कर सरकारी खजाने को 18 लाख 83 हजार 700 रुपए का नुकसान पहुंचाया। एसीबी ने इस मामले में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष सीमा भाटिया समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पाली निवासी की शिकायत पर शुरू हुई जांच एसीबी थाना जयपुर में 30 जून को एफआईआर दर्ज की गई। मामले की शुरुआत पाली जिले के सुमेरपुर निवासी राजेन्द्र कुमार जैन की शिकायत से हुई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी मुख्यालय ने प्राथमिक जांच कराई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर सक्षम प्राधिकारी से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत अनुमति ली गई। अनुमति मिलने के बाद नियमित एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई। 13,102 रुपए के पोल 59,800 रुपए में खरीदे एसीबी जांच के अनुसार पिंडवाड़ा नगर पालिका ने आमली रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 7.5 मीटर के 35 एमएस ट्यूबलर पोल खरीदे। प्रत्येक पोल के लिए 59,800 रुपए का भुगतान किया गया। जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता से बीएसआर दरें मंगवाई गईं। वर्ष 2022 की बीएसआर के अनुसार 7.5 मीटर एमएस ट्यूबलर पोल की कीमत 10 प्रतिशत अंतर सहित केवल 13,102 रुपए प्रति पोल थी। इस तरह प्रत्येक पोल पर 46,698 रुपए अधिक भुगतान किया गया। 35 पोलों की खरीद में कुल 18 लाख 83 हजार 700 रुपए का अतिरिक्त भुगतान कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। एसीबी का आरोप है कि पोल सरकारी स्वीकृत दर और बाजार मूल्य की तुलना में करीब साढ़े चार गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए। जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं एसीबी की जांच में सामने आया कि राजस्थान राज्य सार्वजनिक खरीद (SPPP) पोर्टल पर निविदा की सूचना अपलोड नहीं की गई। राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2012 और नियम-2013 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। खरीद से पहले आवश्यक तकनीकी स्वीकृति नहीं ली गई। जेम पोर्टल से खरीद के लिए अनिवार्य उपापन समिति का गठन भी नहीं किया गया। प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति होने के बावजूद पूरी खरीद प्रक्रिया निर्धारित नियमों के विपरीत संचालित की गई। प्रस्ताव से मंजूरी तक सभी की भूमिका जांच के दायरे में एसीबी के अनुसार तत्कालीन भंडार प्रभारी ने करीब 22 लाख रुपए के ट्यूबलर पोल खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया। इसके बाद लेखा शाखा ने संबंधित बजट मद का उल्लेख किया। फाइल तत्कालीन ईओ नीरज कुमारी के माध्यम से तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष सीमा भाटिया के पास भेजी गई, जिन्होंने प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी। बाद में कार्यादेश को भी मंजूरी दे दी गई। एसीबी का आरोप है कि पूरी खरीद प्रक्रिया नियमों के विपरीत होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने इसे स्वीकृति दी, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।