बीकानेर में आज लगाएंगे 11 हजार खेजड़ी के पौधे:22 ब्लॉक में एक साथ पौधारोपण, 363 महिलाओं ने बजाए नगाड़े
खेजड़ली उत्सव के तहत रविवार सुबह बीकानेर में पर्यावरण संरक्षण का बड़ा अभियान शुरू हुआ। सुजानदेसर स्थित काली माता मंदिर के पास भीनासर गोचर में एक साथ 11 हजार खेजड़ी के पौधे लगाए जा रहे हैं। इस महाअभियान में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आम लोगों ने हिस्सा लिया। अभियान की खास बात यह रही कि पद्मश्री सम्मानित पर्यावरणविद श्याम सुंदर पालीवाल, लक्ष्मण सिंह लापोड़िया और हिम्मतराम भांभू भी पौधारोपण में शामिल हुए। 22 ब्लॉक बनाकर किया जा रहा पौधारोपण यह आयोजन बीकानेर वैचारिक जागरण मंच की ओर से किया जा रहा है। मंच के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने बताया कि पौधारोपण के लिए पूरे क्षेत्र को 22 ब्लॉक में बांटा गया है। वहीं, हजारों लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए आयोजन स्थल पर चार प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संस्थाओं को अलग-अलग ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, जहां सामूहिक रूप से खेजड़ी के पौधे लगाए जा रहे हैं। 363 महिलाओं ने नगाड़ों की गूंज के बीच लगाया पौधा कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 363 महिलाओं की सहभागिता रही। महिलाओं ने पारंपरिक नगाड़ों और लोक वाद्ययंत्रों की मंगलध्वनि के बीच पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। आयोजन में संत समाज के प्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रही, जिन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। खेजड़ी संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल आयोजकों के अनुसार खेजड़ली उत्सव का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी है। मरुस्थलीय क्षेत्र में जीवनदायी माने जाने वाले खेजड़ी वृक्ष के संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि यह बीकानेर के अब तक के सबसे बड़े पर्यावरणीय अभियानों में से एक है। खेजड़ली आंदोलन के झलकियां देखें..

