जल संसाधन विभाग कार्यालय की नीलामी के आदेश:उदयपुर कोर्ट ने 19.53 लाख बकाया पर दिया फैसला, 14-16 जुलाई को होगी नीलामी

उदयपुर स्थित कमर्शियल कोर्ट ने करीब 19.53 लाख रुपए की डिक्री राशि, ब्याज और वाद व्यय का भुगतान नहीं होने पर जल संसाधन विभाग के खंड द्वितीय, पुनर्वास कॉलोनी, सागवाड़ा स्थित कार्यालय भवन की सार्वजनिक नीलामी के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई एससीएल इंफ्राबिल्ड लिमिटेड द्वारा दायर वसूली प्रकरण में की जा रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि नीलामी से पहले विभाग पूरी बकाया राशि और नीलामी संबंधी खर्च जमा करा देता है तो नीलामी की कार्रवाई रोक दी जाएगी। 14 से 16 जुलाई तक होगी सार्वजनिक नीलामी कोर्ट के आदेशानुसार कार्यालय भवन की सार्वजनिक नीलामी 14, 15 और 16 जुलाई को प्रतिदिन दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। डिक्रीधारक के पक्ष में बकाया राशि की वसूली के लिए विभाग की संपत्ति नीलाम की जाएगी।

सफल बोलीदाता के लिए तय की गईं शर्तें कोर्ट ने नीलामी की विस्तृत शर्तें भी निर्धारित की हैं। सफल बोलीदाता को नीलामी के तुरंत बाद कुल बोली राशि का 25 प्रतिशत जमा कराना होगा, जबकि शेष राशि निर्धारित अवधि में जमा करनी होगी। समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में संपत्ति की दोबारा नीलामी की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी। सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा होंगे आदेश कोर्ट ने नीलामी आदेश की प्रतियां जल संसाधन विभाग के सागवाड़ा कार्यालय सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इच्छुक खरीदार तय तिथि और समय पर नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकें। लोडेश्वर बांध परियोजना से जुड़ा है मामला जल संसाधन विभाग के एईएन मोहित पाटीदार ने बताया कि वर्ष 2013 में लोडेश्वर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के लिए टेंडर जारी किए गए थे। कार्य का ठेका एससीएल इंफ्राबिल्ड लिमिटेड को मिला था, लेकिन कंपनी ने बीच में काम रोक दिया। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा। अब कमर्शियल कोर्ट ने विभाग को कंपनी की बकाया राशि, उस पर देय ब्याज और वाद व्यय का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। भुगतान नहीं होने पर कार्यालय भवन की नीलामी की कार्रवाई की जा रही है।

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