मंडावर की फ्लोराइड समस्या पर शोध पहुंचा अमेरिका:MBBS छात्र कार्तिक लड्डा की रिसर्च को मिला वैश्विक मंच, टॉप 30 में शामिल
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र कार्तिक लड्डा ने अपनी शोध क्षमता के दम पर जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। मंडावर कस्बे की पेयजल गुणवत्ता और उसमें मौजूद फ्लोराइड की समस्या पर आधारित उनका शोध पत्र अमेरिका में आयोजित होने वाले वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिकल स्टूडेंट्स रिसर्च के लिए चयनित हुआ है। 11 और 12 जुलाई को होने वाले इस सम्मेलन में कार्तिक ऑनलाइन माध्यम से अपने शोध के निष्कर्ष दुनिया भर के विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के सामने प्रस्तुत करेंगे। दुनियाभर के 30 शोध पत्रों में मिली जगह इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए विश्वभर से केवल 30 शोध पत्रों का चयन किया गया है। इनमें भारत से कार्तिक लड्डा का शोध पत्र भी शामिल है। इस उपलब्धि से मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों, शिक्षकों और जिलेवासियों में खुशी का माहौल है। 350 परिवारों और 1002 लोगों पर किया अध्ययन यह शोध वर्ष 2025 में शुरू किया गया था। अध्ययन के दौरान मंडावर कस्बे के 350 परिवारों के 1002 सदस्यों को शामिल किया गया। करीब छह माह तक चले सर्वेक्षण और अध्ययन में क्षेत्र की जल गुणवत्ता तथा उससे जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों का गहन विश्लेषण किया गया। फ्लोराइड युक्त पानी से स्वास्थ्य जोखिम उजागर शोध के दौरान सामने आया कि मंडावर क्षेत्र के अधिकांश परिवार भूजल का उपयोग करते हैं। लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से लोगों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है। शोध में फ्लोराइड की समस्या को कम करने के लिए कुछ सरल घरेलू उपाय भी सुझाए गए हैं। विशेषज्ञ मार्गदर्शन में हुआ शोध कार्य कार्तिक लड्डा ने यह शोध सामुदायिक चिकित्सा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शकीला मुल्ला के मार्गदर्शन में किया। मेडिकल कॉलेज झालावाड़ के डीन डॉ. संजय पोरवाल ने इसे कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को दिए जा रहे प्रोत्साहन का परिणाम बताया। सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता का संदेश यह शोध केवल मंडावर क्षेत्र की जल समस्या को उजागर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल, जनस्वास्थ्य और फ्लोराइड के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे भविष्य में जल गुणवत्ता सुधार और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

