मोहर्रम पर निकाला पांच ताजियों का सामूहिक जुलूस:देर शाम कर्बला में सैराब, युवाओं ने विभिन्न पारंपरिक करतबों का किया प्रदर्शन
डीडवाना में इस्लाम धर्म के पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का पर्व परंपरागत रीति-रिवाजों और अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर से पांच ताजियों का सामूहिक जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। मातमी धुनों और ढोल-ताशों के साथ ताजियों का यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। मुख्य बाजार और सदर बाजार में ताजियों के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं बची। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां दुकानों व मकानों की छतों से ताजियों का दीदार करती दिखीं। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए सिंघी तलाई स्थित कर्बला पहुंचा। यहां परंपरा के अनुसार सभी ताजियों को सैराब किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआएं मांगीं। इससे पहले, सैयदों की हताई पर एक मुख्य जलसे का आयोजन किया गया। इसमें शहर के सभी ताजियों और अखाड़ों ने भाग लिया। अकीदतमंदों ने अपनी मन्नतों के अनुसार ताजियों पर सेहरे चढ़ाए। बुजुर्गों और युवाओं ने तलवारों से हैदौस तथा लाठियों के विभिन्न पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया। मोहर्रम के दौरान पूरे शहर में श्रद्धा, अनुशासन और आपसी सौहार्द का माहौल बना रहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके कारण यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

