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भाजपा SC मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष बोले-मेरा खून भी कांग्रेस के खिलाफ:'डॉ. अंबेडकर को किया था अपमानित'; जालोर में जिला स्तरीय सम्मेलन

जालोर में बीजेपी के एससी मोर्चा का जिला सम्मेलन शुक्रवार को हुआ। इस दौरान एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद मेघवाल ने कहा- मेरा खून भी कांग्रेस का विरोधी है। कांग्रेस ने बाबा साहब को अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मेघवाल ने संबोधन में कहा- अनुसूचित जाति का कोई घोर विरोधी है तो वो कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस ने डॉ भीमराव अंबेडकर का किस तरह विरोध किया इसका प्रमाण यह था कि भारत की संसद में उनका चित्र तक नहीं लगाया था। यह काम अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। भाजपा के सहयोग में हमें दिन रात मेहनत करनी है, मै जन्म से ही कांग्रेस का विरोधी रहा हूं। कांग्रेस चोर है, डाकू है, लूटेरी है। कांग्रेस देशद्रोही पार्टी है और मेरा तो खून ही कांग्रेस के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उनका लाभ लेने और आम गरीब तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। गर्ग बोले- एससी को वोटबैंक मानती रही कांग्रेस जोगेश्वर गर्ग ने कहा- एक समय था जब अनुसूचित जाति के मोहल्ले में कोई नहीं जाता था। क्योंकि कांग्रेस सोचती थी कि एससी हमारा वोट बैंक हैं और भाजपा को ये वोट नहीं देते। भाजपा की सरकारों ने एससी को महत्व देना शुरू किया। कांग्रेस अपनी सरकार में एससी के 4 मंत्री बनाती थी, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के समय में 7 और नरेंद्र मोदी की सरकार में 12 मंत्री एससी समाज से बने। कांग्रेस ने एससी और एसटी के साथ छलावा किया। दिया कुछ नहीं, भ्रम फैलाया कि आरक्षण हमने दिया लेकिन कांग्रेस ने आरक्षण नहीं दिया। बाबा साहब कांग्रेसी नहीं थे। डॉ भीमराव अंबेडकर को अपमानित करने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी और भाजपा ने अम्बेडकर को सम्मानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सांसद लुंबाराम ने भी किया संबोधित सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कहा- डॉ अंबेडकर ने जो संविधान बनाया उसे लागू करने में काफी समय लग गया था। निचले स्तर पर पंचायत चुनाव तक पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत ने एससी और एसटी तक लागू किया। आहोर विधायक छगनसिंह ने कहा- डॉ भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो जितना ज्यादा पिएगा उतना बड़ा होगा। शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूलें खुलीं। भैरोंसिंह के समय से लेकर वसुंधरा राजे ने प्रदेश में स्कूल खोलने का काम किया। एससी मोर्चा जालोर के जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि 2014 से पहले जो सरकार रही उन्होंने कभी बाबा साहब अंबेडकर का सम्मान नहीं किया। इससे पूर्व एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष निहालचंद के मंच पर पहुंचने पर एससी मोर्चा, भाजपा मंडल व पदाधिकारियों द्वारा माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान कई कार्यकर्ता ने कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा जॉइन की। इस दौरान अध्यक्ष भाजपा रवि सोलंकी,दिनेश महावार, सुरेश सोलंकी, परमवीर सिंह, गणपतसिंह बगेड़िया, जितेंद्र सरगरा, मोहन चिवड़ा, रमेश मेघवाल, ठाकराराम व मगनाराम चौधरी समेत बड़ी संख्या में एससी मोर्चा व भाजपा के पदाधिकारि व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बस में आग लगने की घटना पर मॉक ड्रिल:बचाव कार्यों का अभ्यास किया, कलेक्टर-एसपी ने लिया जायजा

कोटपूतली जिले के मोलाहेड़ा क्षेत्र में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा विभाग ने एक संयुक्त मॉक ड्रिल की। इसका उद्देश्य किसी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित और प्रभावी राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था। यह ड्रिल वाहन में आग लगने की एक काल्पनिक घटना पर आधारित थी। मॉक ड्रिल के दौरान, सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार कार्रवाई शुरू की। इसमें आग पर नियंत्रण, प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी, यातायात प्रबंधन, वाहन में फंसे लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, घायलों को प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाना शामिल था। बस के गैस टैंकर से टकराने की घटना का दृश्य बनाया इस मॉक ड्रिल में एक यात्री बस के गैस टैंकर से टकराने और फिर बिजली के पोल से टकराकर नीचे गिरने का काल्पनिक परिदृश्य बनाया गया था। इस स्थिति में लगभग 10 लोग घायल हुए, जिन्हें समय रहते निकालकर जिला अस्पताल बीडीएम पहुंचाया गया। इस अभ्यास में कोई वास्तविक जनहानि नहीं हुई। संसाधनों और विभाग की तैयारियां देखी इस अभ्यास के दौरान जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता और जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया और संबंधित विभागों की तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा समन्वित कार्यप्रणाली का जायजा लिया। जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने आपात स्थितियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि सड़क पर किसी भी वाहन में आग लगने या अन्य आपात स्थिति में सबसे पहले घटनास्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर अनावश्यक भीड़ को दूर रखा जाए। साथ ही, तत्काल पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा विभाग को सूचना दी जाए। उन्होंने वाहन चालकों को वाहनों का नियमित तकनीकी निरीक्षण कराने, अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) अनिवार्य रूप से रखने और ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित परिवहन के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय संयम बनाए रखते हुए संबंधित विभागों के निर्देशों का पालन करना चाहिए, जिससे जनहानि और संपत्ति की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

पीड़ित देता रहा सबूत, पुलिस ने लगा दी एफआर:नौकर ने घर से चुराया सोना; लोन कंपनी में गिरवी रखा, हमला करने का भी आरोप

जयपुर में घर से नौकर ने ज्वेलरी चोरी कर ली। इसके बाद लोन कंपनी में गोल्ड गिरवी रख दिया। पीड़ित ने इसके सबूत पेश करने के बाद भी पुलिस पर FR का आरोप लगाया है। पिछले तीन साल से मुहाना थाने के चक्कर लगाने के बाद भी पीड़ित को न्याय नहीं मिला। पीड़ित ने FR खुलवाने के लिए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। मुहाना इलाके में रहने वाले पीड़ित राधेश्याम ने शुक्रवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए यह आरोप लगाया। पीड़ित राधेश्याम का आरोप है कि साल 2023 में मेरे नौकर ने घर से सोने के गहने चोरी किए थे। चुराए गहने गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रख लाखों रुपए उठा लिए। कार के डेशबोर्ड में मिली लोन कंपनी की एक पर्ची से नौकर के गहने गिरवी रखने का पता चला। वहीं घर में रखे गहने संभालने पर गायब मिले। इस बारे में मालूम चलने पर माफी मांगने के बहाने नौकर घर आया। पूजा करते समय पीछे से हमला कर दिया। इससे मेरे सिर में चोट आने पर हॉस्पिटल में एडमिट करवाने पर 32 टांके आए। अरेस्ट कर भेजा जेल, गोल्ड नहीं हुआ रिकवर पीड़ित का आरोप है कि मुहाना थाना पुलिस ने हमला करने के मामले में आरोपी नौकर को अरेस्ट कर जेसी भेज दिया। इलाज के बाद पीड़ित ने चुराए गोल्ड रिकवर की पुलिस से गुहार लगाई। नौकर ने चुराए गोल्ड को लोन कंपनी में गिरवी रखने के सबूत भी दिए। गोल्ड खरीद की पर्ची, फोटो और गिरवी रखने की पर्ची आदि पुलिस को दिए। गोल्ड चेन की 10 साल पुरानी फोटो को पुलिस ने मानने से इनकार कर मामले में FR लगा दी। पीड़ित की ओर से अब FR खुलवाने के लिए प्रोटेस्ट की फाइल लगाई गई है। पीड़ित ने पुलिस उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

अधिवक्ता अपहरण कांड का 24 घंटे में खुलासा,मुख्य आरोपी गिरफ्तार:पत्नी और अधिवक्ता के संबंधों के शक में रची थी साजिश, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र में अधिवक्ता अभिषेक सोलंकी के अपहरण के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी हरिओम साहू (तेली) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, अधिवक्ता अभिषेक सोलंकी (43) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 जुलाई 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे बालाजी मंदिर से घर लौटते समय यादव मोहल्ला क्षेत्र में वैन सवार कुछ लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। आरोप है कि उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर मारपीट की गई और बड़ीसादड़ी, प्रतापगढ़ तथा खेरोट ले जाकर एक खेत में चमड़े की बेल्ट से पीटा गया। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। अभिषेक सोलंकी के बीच संबंध होने का संदेह जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिओम पुत्र दिनेशचंद तेली, निवासी खेरोट को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को अपनी पत्नी और अधिवक्ता अभिषेक सोलंकी के बीच संबंध होने का संदेह था। पुलिस के अनुसार, पत्नी के साथ चल रहे वैवाहिक विवाद और न्यायालयीन प्रकरण के चलते आरोपी अधिवक्ता के मोबाइल से कथित सबूत हासिल करना चाहता था। इसी उद्देश्य से उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। पुलिस का आरोप है कि मोबाइल का पासवर्ड नहीं बताने पर अधिवक्ता के साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें प्रतापगढ़ थाने के पास छोड़ दिया गया। पुलिस ने बताया- हरिओम की पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना और भरण-पोषण का मामला कोर्ट में दायर कर रखा है। मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

नशे के खिलाफ पुलिस का एक्शन, डेढ़-महीने में 19 तस्कर-पकड़े:11 लाख का अवैध नशा बरामद, एनडीपीएस एक्ट में 94 मामले दर्ज

दौसा में अवैध नशे की तस्करी के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। डेढ़ माह में 19 तस्करों को गिरफ्तार किया है। विशेष अभियान में एनडीपीएस एक्ट के तहत 15 मामले दर्ज किए हैं। इसके साथ ही इन तस्करों के कब्जे से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ, नकदी और वाहन जब्त किए गए है। बरामद मादक पदार्थों की कीमत 10.50 लाख रुपए एसपी पीयूष दीक्षित के अनुसार अभियान के दौरान 1 किलो 132 ग्राम गांजा, 38.46 ग्राम स्मैक, 1 किलो 475 ग्राम डोडा पोस्त, 382 ट्रामाडोल टैबलेट, 5 बाइक और नशे की बिक्री से प्राप्त एक लाख 6030 रुपए जब्त किए गए। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10.50 लाख रुपए बताई गई है। स्मैक के साथ 3 गिरफ्तार बालाजी थाना पुलिस ने 19.38 ग्राम अवैध स्मैक के साथ दो पुरुष और एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विशेष अभियान के तहत गश्त के दौरान मीन भगवान मंदिर के पीछे हेलीपैड के पास कार्रवाई कर आरोपियों को दबोचा गया। इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 94 प्रकरण दर्ज, 100 आरोपी गिरफ्तार एसपी में बताया- वर्ष 2026 में अब तक जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 94 प्रकरण दर्ज कर 100 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान 100 अफीम के पौधे (कुल वजन 692 ग्राम), 30 किलो 699 ग्राम गांजा, 50 किलो गांजे के पौधे, 191 ग्राम स्मैक तथा 2 किलो 200 ग्राम डोडा चूरा जब्त किया गया है। पुलिस ने 29 अन्य व्यक्तियों को भी चिन्हित किया है, जिनके विरुद्ध जल्द कार्रवाई की जाएगी। विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश के निर्देशन में एसपी, एएसपी शंकर लाल मीणा एवं विनोद कुमार सीपा के निर्देशन में लालसोट, सलेमपुर, कोतवाली, बालाजी, बांदीकुई, महवा, मंडावरी और सदर थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी ने कहा- नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

'तीन बेगम' 13 जुलाई को OTT पर होगी रिलीज:केसी बोकाड़िया बोले- धमकियों को फिल्म की मार्केटिंग नहीं बनाऊंगा; जमीन मिले तो अजमेर में बनाऊंगा फिल्मसिटी

अजमेर में फिल्म निर्माता-निर्देशक के.सी. बोकाड़िया ने कहा- फिल्म को लेकर धमकियां मिली। पत्नी और बेटी को भी आपत्तिजनक फोन आए। इससे परिवार कुछ समय के लिए परेशान जरूर हुआ। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को तूल देकर फिल्म का प्रचार नहीं करना चाहता। अजमेर में शुक्रवार को आए फिल्म निर्माता-निर्देशक के.सी. बोकाड़िया ने फिल्म ‘तीन बेगम’ को लेकर यह कहा। एक होटल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया- थिएटर मालिकों की 90 दिन तक OTT पर रिलीज नहीं करने की शर्त के कारण फिल्म को सिनेमाघरों से हटाने का फैसला लिया गया। अब यह फिल्म 13 जुलाई को दूरदर्शन के नए OTT प्लेटफॉर्म पर देशभर के दर्शकों के लिए मुफ्त उपलब्ध होगी। बोकाड़िया ने कहा- यदि अजमेर के पास सम्मानपूर्वक 10 बीघा जमीन मिल जाए तो मैं यहां 100 करोड़ रुपए का निवेश कर फिल्म स्टूडियो बनाने के लिए तैयार हूं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 90 दिन के नियम के कारण थिएटर से हटाई फिल्म बोकाड़िया ने कहा- ‘तीन बेगम’ सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद दो सप्ताह तक चली, लेकिन थिएटर मालिकों की उस शर्त से मैं सहमत नहीं था। इसमें 90 दिन तक फिल्म को किसी OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं किया जा सकता। मैं चाहता था कि फिल्म देश की हर महिला और हर परिवार तक जल्द पहुंचे। यदि 90 दिन इंतजार करते तो फिल्म का मौजूदा माहौल और चर्चा खत्म हो जाती, इसलिए मैंने थिएटर से फिल्म हटाने का निर्णय लिया। 13 जुलाई को दूरदर्शन के OTT पर होगी मुफ्त रिलीज बोकाड़िया ने कहा- 13 जुलाई को फिल्म दूरदर्शन के नए OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। इसके लिए दर्शकों को किसी तरह का सब्सक्रिप्शन या शुल्क नहीं देना होगा। उनका कहना है कि फिल्म हर वर्ग तक पहुंचे, यही मेरी प्राथमिकता है। धमकियों को प्रचार का माध्यम नहीं बनाऊंगा फिल्म को लेकर मिल रही धमकियों पर बोकाड़िया ने कहा- मेरी पत्नी और बेटी को भी आपत्तिजनक फोन आए, जिससे परिवार कुछ समय के लिए परेशान जरूर हुआ। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को तूल देकर फिल्म का प्रचार नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि फिल्म को हाईकोर्ट ने देखने के बाद अपनी प्रक्रिया के अनुसार मंजूरी दी है। फिल्म किसी समाज के खिलाफ नहीं फिल्म की कहानी और उसके सामाजिक संदेश पर बोकाड़िया ने कहा- ‘तीन बेगम’ किसी धर्म या समाज के विरोध में नहीं है। यह वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरित कहानी है। इसमें उन्होंने अपनी भावनाओं को पर्दे पर उतारा है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म को दर्शकों, खासकर महिलाओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है और इसे IMDB पर 10 में से 8.6 की रेटिंग मिली है। राजस्थान में फिल्म स्टूडियो बनाने की इच्छा बोकाड़िया ने कहा- मेरी इच्छा अपने प्रदेश में फिल्म सिटी या आधुनिक स्टूडियो विकसित करने की है। उन्होंने कहा कि यदि अजमेर के पास सम्मानजनक तरीके से 10 बीघा जमीन उपलब्ध कराई जाए तो मैं यहां करीब 100 करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए तैयार हूं। इससे फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रेमिका की हत्या के दोषी को उम्रकैद,25 हजार रुपए जुर्माना:शव ठिकाने लगाने वाले को 5 साल की सजा, मामला दो साल पुराना

प्रतापगढ़ की सेशन कोर्ट ने प्रेमिका की हत्या के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, शव को ठिकाने लगाने में सहयोग करने वाले सह-आरोपी को पांच वर्ष के कारावास की सजा दी गई। अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप मीणा पर 25 हजार रुपए और सह-आरोपी अनिल मीणा पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। लोक अभियोजक तरुण दास बैरागी ने बताया- मामला 22 फरवरी 2024 का है। कोतवाली थाना पुलिस को प्रतापगढ़ बाईपास रोड पर एक युवती का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें प्रथम दृष्टया हत्या का मामला सामने आया। कुलदीप मीणा को हिरासत में लिया जांच के दौरान पीपलफूट के लंबा डबरा निवासी कुलदीप मीणा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि प्रेमिका द्वारा शादी के लिए लगातार दबाव बनाने पर उसने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद कुलदीप ने अपने मित्र अनिल मीणा की मदद से शव को मोटरसाइकिल पर प्रतापगढ़ बाईपास स्थित सुनसान इलाके में ले जाकर फेंक दिया। पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। 16 गवाहों के बयान और 49 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 गवाहों के बयान और 49 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर सेशन जज आशा कुमारी ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और सह-आरोपी को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

पीड़ित प्रतिकर स्कीम में 20.55 लाख रुपए मंजूर:5 पीड़ितों को मिला मुआवजा, आत्म-सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहन

बूंदी में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 20 लाख 55 हजार रुपए की अवार्ड राशि पारित की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) संदीप कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पीड़ित प्रतिकर स्कीम से संबंधित 8 लंबित प्रार्थना-पत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें से कुल 5 प्रार्थना-पत्रों को स्वीकार करते हुए यह अवार्ड राशि स्वीकृत की गई। प्राधिकरण के सचिव मुकेश परनामी ने बताया कि इस स्कीम का उद्देश्य अपराध के कारण शारीरिक या मानसिक क्षति से ग्रस्त हुए पीड़ितों को समाज में पुनर्वास और आत्म-सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत ऐसे पीड़ितों और उनके आश्रितों को प्रतिकर राशि प्रदान की जाती है। इस बैठक में न्यायाधीश मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण क्र.सं. 01 बूंदी पंकज नरूका, न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय बूंदी वीरेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बूंदी अंकुर गुप्ता, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, अध्यक्ष अभिभाषक परिषद बूंदी नारायण सिंह गौड़ और लोक अभियोजक बूंदी भूपेंद्र सहाय सक्सेना सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

घर में घुसकर जानलेवा हमला किया, आरोपी को आजीवन कारावास:साथियों को भी 7-7 साल की सजा; 8 साल बाद आया कोर्ट का फैसला

घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले में पाली की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी शिवलाल उर्फ शिवराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी भीकाराम और वीरमाराम को 7-7 साल की सजा सुनाई। मामले में कोर्ट के विशिष्ठ लोक अभियोजक लादूराम मेवाड़ा ने बताया- पाली के सदर थाना क्षेत्र के भालेलाव गांव निवासी दल्लाराम पुत्र कालूराम ने थाने में 8 मार्च 2018 को रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि 8 मार्च 2018 की शाम करीब 6 बजे वह साइकिल पर जा रहा था। पानी की टंकी के पास उसे शिवलाल उर्फ शिवराज ने रोका और झगड़ा करने लगा, ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया और वह घर आ गया। करीब 10 मिनट बाद शिवलाल, भीकाराम, वीरमाराम निवासी भालेलाव उसके घर में जबरदस्ती घुसे और उस पर जानलेवा हमला किया। बीच-बचाव में आए परिवार के अन्य लोगों से भी मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। 4 जुलाई 2018 को कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। 7 जनवरी 2020 को आरोप सुनाए गए। मामले में अब जज राकेश गोरा ने 3 जुलाई को फैसला सुनाया। इसमें भालेलाव गांव निवासी शिवलाल उर्फ शिवराज(38) पुत्र वीरमाराम को आजीवन कारावास और 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही भालेलाव गांव के ही अभियुक्त भीकाराम(65) पुत्र मंगलाराम और वीरमाराम(38) पुत्र भीकाराम को 7-7 साल के साधाराण कारावास और 10 हजार रुपए जुर्मान की सजा सुनाई।

कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने 5 मनचले युवकों को पकड़ा:महिलाओं-छात्राओं से अभद्रता करने और शोर-शराबा करने पर कार्रवाई

झालावाड़ में जिला पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने शुक्रवार को पांच मनचले युवकों को गिरफ्तार किया है। इन युवकों पर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं से अभद्रता करने और शोर-शराबा कर शांति भंग करने का आरोप है। यह कार्रवाई महिला सुरक्षा और मनचलों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शहर के पार्क, कॉलेज, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार निगरानी रख रही है। इसी अभियान के तहत, चांदखेड़ी कॉलोनी क्षेत्र के पास पांच युवक सार्वजनिक स्थान पर अनावश्यक रूप से शोर-शराबा करते पाए गए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस ने उन्हें शांति भंग के आरोप में हिरासत में लेकर कोतवाली थाना पुलिस को सौंप दिया। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान दीपेन्द्र सिंह, रविन्द्र सिंह, राहुल मीणा, पप्पू मीणा और शान खटीक के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ के तहत नियमित रूप से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, पार्कों और मुख्य बाजारों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गश्त करती है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ एवं अभद्रता जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। पुलिस ने बताया कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों की टीम शहर में लगातार गश्त कर रही है। सार्वजनिक स्थानों पर मनचलों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।