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24 घंटे में कार्रवाई करने की मांग, सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

वैर| गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम कार्यवाहक उपखंड अधिकारी एवं प्रशिक्षु आईएएस आलोक सिंह को ज्ञापन सौंपकर सोशल मीडिया पर समाज के विरुद्ध कथित अभद्र टिप्पणियां, गाली-गलौज तथा समाज की महिलाओं और बेटियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ मीणा समाज के असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से गुर्जर समाज के नेताओं तथा समाज की बहन-बेटियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। ज्ञापन में जिन लोगों के नामों का उल्लेख किया गया, उनमें अजयराज मीना (पीलोदा), हंसराज मीना (पदमपुरा), अर्जुन महर (टोडाभीम), मनोज मीना (महवा) और मदन मोहन राजौर शामिल हैं। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उक्त लोग फेसबुक लाइव के माध्यम से एक विशेष समाज को निशाना बनाकर टिप्पणी कर रहे हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने और प्रदेश में शांति भंग होने की आशंका है। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई ​​है।

प्रभारी सचिव ने सेवा शिविरों का किया औचक निरीक्षण बोले- हर व्यक्ति को मौके पर मिले योजनाओं का लाभ

जिले के प्रभारी सचिव हरिमोहन मीणा ने गुरुवार को अंता में आयोजित शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया, आमजन से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का प्राथमिकता से समाधान किया जाए तथा अधिकतम प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने पट्टा वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान कार्ड, जन आधार, राजस्व प्रकरणों के निस्तारण, कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं सहित विभिन्न जनकल्याणकारी सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, इसलिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ काम करें। मीणा ने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और तय समय-सीमा में उनका समाधान किया जाए। साथ ही अधिक से अधिक पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद लाभ से वंचित न रहे। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोग पहुंचे और विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इस दौरान उपखंड अधिकारी हवाई सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभारी सचिव को शिविर की व्यवस्थाओं और अब तक किए गए कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया।

क्षतिग्रस्त स्कूल भवन में शिक्षण गतिविधियां न करें, छतों की सफाई करवाएं, नामांकन बढ़ाएं : कलेक्टर

कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति व मिड डे मील की समीक्षा बैठक में शिक्षा अधिकारियों से शिक्षण गतिविधियों को लेकर चर्चा की तथा समुचित निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के स्कूल भवनों की छतों की सफाई करवाएं तथा देखें कि क्षतिग्रस्त भवन आदि में शिक्षण गतिविधियां संचालित नहीं हों। इसी के साथ शिक्षण गतिविधियों पर फोकस करें व स्कूलों में नामांकन बढ़ाएं। कलेक्टर ने कहा कि गत सत्र के परीक्षा परिणाम का एनालिसिस करें तथा कमजोर परीक्षा परिणाम के कारणों का अध्ययन कर बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए प्रभावी रणनीति पर काम करें। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल में स्वीकृत सीटों पर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित हो। पीएमश्री स्कूलों की रैंकिंग का ब्लॉक स्तर से नियमित रिव्यू किया जाए तथा अपेक्षित प्रगति लाएं। विद्यार्थी उपस्थिति को बढ़ाएं व स्कूल स्तर पर किए जाने वाले असेसमेंट में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें। सभी सीबीईओ स्कूलों में करवाए गए सिविल कार्य का निरीक्षण करें तथा ब्लॉक निष्पादन की बैठक का समयबद्ध आयोजन करें। जिन स्कूलों में अटल टिंकरिंक लैब हैं, उनमें एटीएल वेबसाइट का समुचित उपयोग किया जाए। कलेक्टर सुराणा ने मिड-डे-मील व पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषाहार दिया जाए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षणों के माध्यम से जांच की जाए। बैठक में सीडीईओ संतोष महर्षि ने जिले की शिक्षण व्यवस्थाओं, जिला रैंकिंग, प्रबंधन व विभागीय गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान डीईओ माध्यमिक किशनलाल गहनोलिया, डीईओ प्रारंभिक ओमप्रकाश प्रजापत, साक्षरता अधिकारी राजेन्द्र गहलोत आदि उपस्थित थे।

10 और 13 जुलाई को जिले के विभिन्न वार्डो/ग्राम पंचायतों में लगेंगे शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविर

सवाई माधोपुर| सवाईमाधोपुर जिले के शहरी नागरिकों एवं ग्रामीणों को राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से 10 व 13 जुलाई को जिले के विभिन्न वार्डों में शहरी एवं ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर कानाराम ने बताया कि 10 जुलाई को नगर परिषद सवाई माधोपुर में वार्ड 49 से 54, नगर परिषद गंगापुर सिटी में वार्ड 55 से 60, नगर पालिका वजीरपुर में वार्ड 19 एवं 20, नगर पालिका बामनवास में वार्ड 17 तथा नगर पालिका खण्डार में वार्ड 1 से 25 के नागरिकों के लिए शहरी सेवा शिविरों का आयोजन होगा। 13 जुलाई को नगर परिषद सवाई माधोपुर एवं गंगापुर सिटी में वार्ड 55 से 60, नगर पालिका वजीरपुर में वार्ड 21 एवं 22, नगर पालिका बामनवास में वार्ड 18 तथा नगर पालिका खण्डार में वार्ड 1 से 25 के नागरिकों के लिए शहरी सेवा शिविरों का आयोजन होगा। इसी प्रकार 10 जुलाई को पंचायत समिति सवाई माधोपुर की ग्राम पंचायत कुण्डेरा, पांचोलास, चितारा तथा पंचायत समिति गंगापुर सिटी की ग्राम पंचायत उमरी के भारत निर्माण सेवा केन्द्र में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन होगा। 13 जुलाई को पंचायत समिति सवाई माधोपुर की ग्राम पंचायत ओलवाड़ा, खिजूरी, टोडरा एवं पंचायत समिति गंगापुर सिटी की ग्राम पंचायत जाट बड़ौदा के भारत निर्माण सेवा केन्द्र में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन होगा।

3 साल में सिर्फ 36 बुजुर्गों तक पहुंची कृषक सम्मान पेंशन, वजह- जानकारी और सत्यापन की अड़चन

लघु एवं सीमांत बुजुर्ग किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए संचालित वृद्धजन कृषक सम्मान पेंशन योजना का लाभ ब्यावर जिले में अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन साल में जिले के केवल 36 किसानों को ही योजना का लाभ मिल सका, जबकि पूरे राजस्थान में इसी अवधि में 1 लाख 81 हजार 672 किसानों को पेंशन स्वीकृत हुई। विभागीय जानकारी के अनुसार योजना के तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले लघु एवं सीमांत कृषक बुजुर्गों को प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। इसके बावजूद जिले में जानकारी के अभाव, दस्तावेजों की कमी और ऑनलाइन सत्यापन की लंबी प्रक्रिया के कारण कई पात्र बुजुर्ग योजना से वंचित रह रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों को आवेदन के लिए ई-मित्र केंद्रों पर जाना पड़ता है। आवेदन के दौरान किसी भी दस्तावेज में त्रुटि मिलने पर उन्हें बार-बार ई-मित्र और संबंधित विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बुजुर्गों के लिए यह प्रक्रिया आसान नहीं होने से आवेदन बीच में ही अटक जाते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी तथा लघु या सीमांत किसान होना अनिवार्य है। इसके अलावा बैंक खाते का आधार से लिंक होना जरूरी है। भूमि धारण प्रमाण-पत्र का ऑनलाइन सत्यापन तहसीलदार या नायब तहसीलदार स्तर से किया जाता है। कई मामलों में यह प्रक्रिया 30 दिन से अधिक समय तक लंबित रहने से भी पेंशन स्वीकृत होने में देरी हो जाती है। अन्य योजना के लाभ में पात्रता नहीं- विभाग : विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ ले रहा है तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होता। वहीं ऑनलाइन आवेदन में गलत दस्तावेज अपलोड करने या पात्रता संबंधी शर्तें पूरी नहीं होने पर आवेदन निरस्त हो जाता है।

वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से आमजन हो रहे हैं परेशान

खरवा में पिछले लंबे समय से मुख्य मार्गों, यहां तक कि बस स्टैंड चौराहे और आसपास, अस्थायी अतिक्रमण है। अव्यवस्थित रूप से सड़क के बीच खड़े दोपहिया और भारी वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से न केवल वाहनों को, बल्कि पैदल आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी हो रही है। इन्हीं जगहों पर सड़क किनारे सब्जी बेचने वाली महिलाओं पर भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इन्हीं मार्गों से एसडीएम से लेकर राजनीति से जुड़े लोग भी गुजरते हैं, मगर प्रशासन किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है। – नरेंद्र पाल पदावत

राजस्थान-पेपरलीक सरगना के पिता को 20 करोड़ का बजरी ठेका:4 साल से फरार है सुरेश ढाका; SOG ने आरोपी के घर, खान पर की छापेमारी

वरिष्ठ अध्यापक और सब इंस्पेक्टर भर्ती सहित पेपर लीक के 10 मामलों में फरार सुरेश ढाका को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) चार साल से तलाश रही है। इस बीच खान विभाग ने ढाका की फरारी के 14 महीने में ही पिता को 20 करोड़ रुपए का बजरी खनन का ठेका दे दिया। ब्यावर में इस ठेके पर दो महीने पहले खनन चालू हुआ और बजरी का बड़ा स्टॉक किया गया है। ढाका के घर दबिश देने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद शर्मा के नेतृत्व में एसओजी की टीम ने गुरुवार को खनन ठेके पर छापामारी की। SOG को खनन में पेपरलीक का पैसा लगा होने का शक एसओजी पड़ताल कर रही है कि खनन में ढाका परिवार के साथ और कौन-कौन शामिल हैं? आशंका है कि पर्दे के पीछे और लोग हो सकते हैं। अब एसओजी जांच कर रही है कि इसमें सुरेश ढाका का पेपर लीक का पैसा तो नहीं लगा है। वहीं, खनन लीज दिए जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के करीब दस गांव विरोध में उतर आए। 2024 में ठेका, दिसंबर 25 में खनन की मंजूरी 1 लाख के इनामी ढाका के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जयपुर में कोचिंग सेंटर के बहाने से पेपर लीक करने वाले सुरेश ढाका का नाम वर्ष 2022 में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में आया था। उदयपुर में सुखेर और बेकरिया में पेपर लीक गिरोह पकड़े जाने पर भूमिका सामने आई। वह तभी से फरार है। सरकार ने गोपालपुरा बाइपास पर संचालित कोचिंग सेंटर ध्वस्त कर दिया। इसके बाद एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। ढाका एसआई, जेईएन सहित भर्ती के दस मामले में आरोपी है। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी ने ढाका के खिलाफ 3 जुलाई 2026 को ही एमएचए से लुक आउट सर्कुलर जारी कराया है। कौन है पेपरलीक का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड सुरेश ढाका सांचौर के अचलपुर गांव का रहने वाला सुरेश ढाका सामान्य परिवार से ही था। सुरेश ने आठवीं तक की पढ़ाई गांव के ही स्कूल में की। इसके बाद जालोर में दसवीं और बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की। उसने बीए की पढ़ाई जोधपुर से की। वहां से उसने कम्प्यूटर साइंस में डिग्री भी ली। यूनिवर्सिटी में सुरेश के साथ पढ़ने वाले दोस्तों ने बताया कि उसके पास कई बार बस में किराया देने के लिए भी रुपए नहीं होते थे। कई बार दोस्त ही उसका किराया भरते थे और खाना खिलाते थे। मनी लॉड्रिंग में पकड़ा गया तो मुंबई से भाग कर आया ढाका के मामा महाराष्ट्र के पुणे में बिजनेस करते थे। मामा के साथ सुरेश भी मुंबई चला गया था। वहां जाकर ट्रेडिंग का बिजनेस शुरू कर दिया। सुरेश विदेशों से हवाला के जरिए रुपए मंगवाकर कंवर्ट करने का काम करता था। मुंबई में मनी लॉड्रिंग की जांच शुरू हुई तो सुरेश का नाम आया। मनी लॉड्रिंग में सुरेश ने काफी रुपए कमा लिए थे। वहां पकड़ा गया तो बाद में मुंबई से 2016 में भाग कर जयपुर आ गया। यूथ कांग्रेस की साइट्स हैक कर चुका 2019 में यूथ कांग्रेस की ऑनलाइन वोटिंग शुरू हुई थी। सुरेश ने यूथ कांग्रेस की वेबसाइट को हैक कर लिया। इसके बाद सुरेश ने यूथ कांग्रेस के कई नेताओं से संपर्क किया और वोट बढ़ाकर चुनाव जिताने के बदले 1 से 2 लाख रुपए मांगे। हालांकि, वेबसाइट हैक होने का खुलासा होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव रोक दिया था। जून में कर ली थी पेपर लीक की प्लानिंग सुरेश ढाका, सुरेश बिश्नोई और भूपेंद्र सारण ग्रेड सेकेंड पेपर लीक के लिए जून 2022 से ही प्लानिंग करने लगे थे। पेपर सॉल्व कराने के लिए टीचर्स और एमबीबीएस डॉक्टर को पकड़ा। इन्हें रुपए का लालच देकर सिर्फ पेपर सॉल्व कराने की डील की गई थी। सूत्रों का कहना है कि 10-10 लाख रुपए एडवांस में ही पेपर सॉल्व करने के लिए दिए गए थे। जीके के पेपर से

बनास नदी से अवैध बजरी परिवहन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, चालक फरार

बहरावंडा खुर्द | पुलिस ने बनास नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। कार्रवाई के दौरान चालक पुलिस को देखकर वाहन छोड़कर खेतों की ओर फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि तड़के गश्त के दौरान पादड़ा घाटा की ओर जाते समय एक आइशर 485 ट्रैक्टर-ट्रॉली संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी। पुलिस टीम को देखकर चालक ट्रैक्टर को वापस मोड़कर बनास नदी की ओर भागने लगा। पीछा करने पर ट्रैक्टर नदी किनारे कीचड़ में फंस गया, जिसके बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रॉली की जांच की तो उसमें करीब 10 टन बनास नदी की बजरी भरी मिली। दरअसल चालक ट्रॉली में रेत भरकर और उस पर हरे रंग की मेटी डालकर ले जा रहा था,पुलिस ने जब ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी तो अवैध बजरी का खुलासा हुआ। पुलिस को चालक से बजरी के खनन एवं परिवहन का कोई वैध अनुज्ञापत्र नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने बजरी सहित ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। जब्ती की कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से कराई गई। जब्त ट्रैक्टर का पंजीयन नंबर RJ 25 RD 0544 बताया गया है, जबकि ट्रॉली बिना नंबर की है। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ाएं सृजन का आधार होती हैं : सागर

भास्कर न्यूज | बारां समाज की व्यवस्थाओं से पीड़ित होकर व्यक्ति कलम उठाता है। यही पीड़ाएं सृजन का आधार बनती हैं। समाज की विसंगतियों से सुधार की उम्मीद पैदा होती है। इसी से कबीर जैसे रचनाकार जन्म लेते हैं। पीड़ित व्यक्ति के हृदय में कवि जन्म लेता है। कवि पीड़ा के निराकरण की दिशा में लिखता है। इससे कविता बनती है। कविता समाज को सही दिशाबोध देती है। यह बात रामावतार सागर ने ओम साहू की तीसरी पुस्तक ‘आजादी के बाद’ के विमोचन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि ‘आजादी के बाद’ गजल संग्रह में भी उन्हीं पीड़ाओं का वर्णन है। इसमें समाज की विसंगतियों पर चोट और समाधान के प्रयास भी दिए गए हैं। साहित्य रसिक समिति सारस ने ‘आजादी के बाद’ गजल संग्रह का विमोचन समारोह आयोजित किया। जिसकी अध्यक्षता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रद्युम्न वर्मा ने की। मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय कोटा के हिंदी विभाग के आचार्य रामावतार सागर थे। विशिष्ट अतिथि साहित्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश जलजला, अभिभाषक परिषद अध्यक्ष ओम भारद्वाज थे। संचालन श्याम अंकुर ने किया। समारोह की शुरूआत पूजा-अर्चना से हुई। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया। नाथूलाल निर्भय ने काव्य वंदना प्रस्तुत की। पुरोधा कवि के रूप में दुष्यंत कुमार की गजल का वाचन बृजभूषण चतुर्वेदी ब्रजेश ने किया। अतिथियों का स्वागत अंकित शर्मा, कृष्णकांत शर्मा, योगेश गुर्जर, राजेश नागर, संपतराम मेहरा ने किया। कृति और कृतिकार का परिचय मयंक सोलंकी ने दिया। उन्होंने बताया कि ‘वक्त के साथ’ और ‘मुझे मत मारो’ के बाद ओम साहू की तीसरी कृति ‘आजादी के बाद’ गजल संग्रह के रूप में आई है। यह कृति राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर की पांडुलिपि प्रकाशन योजना के तहत साहित्यगार जयपुर से प्रकाशित हुई है। साहित्य लिखना और पढ़ना जरूरी जगदीश जलजला ने कहा कि हृदय का हाहाकार कवि के चिंतन पटल पर अंकित होता है। साहित्यिक भाषा में समाज के सामने आता है। समाज को दिशा देता है। मूल्यों को बनाए रखने के लिए साहित्य लिखना जरूरी है। साहित्य पढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि साहित्य में विविध विधाओं को समाहित करने का गुण होता है। ओम भारद्वाज ने कहा कि कवि विविध विषयों पर अपने विचार लेखनी से उठाता है। समाज का मार्गदर्शन करता है। प्रद्युम्न वर्मा ने कहा कि कवि अपनी लेखनी से समाज को दिशाबोध देता है। यह भागीरथी कार्य है। उन्होंने कहा कि व्यंग्यकार ओम साहू की कृति में राष्ट्र वंदना, समाज की विसंगतियों पर व्यंग्य की भाषा भी मिलेगी। इसके बाद काव्य गोष्ठी हुई। शिव जोशी वरुणेश, हरि अग्रवाल, भैरवलाल भास्कर, मयंक सोलंकी, बद्रीलाल दिव्य, शकुंतला कुंतल, पीयूष परिंदा, सोनू सुरीला, नाथूलाल निर्भय, अश्विनी त्रिपाठी ने काव्य पाठ किया। समारोह में कोटा और बारां के साहित्यकार, साहू परिवार के सदस्य, मंगलम विहार के लोग आदि मौजूद थे।

शिविर में राजस्व विभाग ने बंटबारा, सीमाज्ञान व नामांतरण खोले

गदरेटा | कसेमलीफाटक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किया गया। जिसमें ग्राम पंचायत प्रशासक अजुद्धीबाई, एडीएम जब्बर सिंह, एसडीएम सुनील झिंगोनिया, नायब तहसीलदार मोहनलाल पंकज, प्रगति प्रसार अधिकारी दीपक मीणा, समाज कल्याण विभाग मामराज सहित अलग-अलग विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। शिविर में ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं जमीन में नाम शुद्धि का एक परिवाद आया। राजस्व विभाग ने शिविर के दौरान ही नाम शुद्धि कर दी। ग्राम पंचायत ने आबादी भूमि के पट्टे की जानकारी दी। वीबीजीरामजी योजना की जानकारी दी। पशुपालन विभाग ने पशु बीमा पॉलिसी बनाई। सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग ने पेंशन सत्यापन किया। पालनहार योजना के कार्ड बनाए। राजस्व विभाग ने बंटबारा, सीमाज्ञान, नामांतरण खोले। फार्मर आईडी बनाई। कृषि विभाग ने तार बंधी, पाइप लाइन, कृषि यंत्र के आवेदन लिए।