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राजस्थान-पेपरलीक सरगना के पिता को 20 करोड़ का बजरी ठेका:4 साल से फरार है सुरेश ढाका; SOG ने आरोपी के घर, खान पर की छापेमारी

वरिष्ठ अध्यापक और सब इंस्पेक्टर भर्ती सहित पेपर लीक के 10 मामलों में फरार सुरेश ढाका को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) चार साल से तलाश रही है। इस बीच खान विभाग ने ढाका की फरारी के 14 महीने में ही पिता को 20 करोड़ रुपए का बजरी खनन का ठेका दे दिया। ब्यावर में इस ठेके पर दो महीने पहले खनन चालू हुआ और बजरी का बड़ा स्टॉक किया गया है। ढाका के घर दबिश देने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद शर्मा के नेतृत्व में एसओजी की टीम ने गुरुवार को खनन ठेके पर छापामारी की। SOG को खनन में पेपरलीक का पैसा लगा होने का शक एसओजी पड़ताल कर रही है कि खनन में ढाका परिवार के साथ और कौन-कौन शामिल हैं? आशंका है कि पर्दे के पीछे और लोग हो सकते हैं। अब एसओजी जांच कर रही है कि इसमें सुरेश ढाका का पेपर लीक का पैसा तो नहीं लगा है। वहीं, खनन लीज दिए जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के करीब दस गांव विरोध में उतर आए। 2024 में ठेका, दिसंबर 25 में खनन की मंजूरी 1 लाख के इनामी ढाका के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जयपुर में कोचिंग सेंटर के बहाने से पेपर लीक करने वाले सुरेश ढाका का नाम वर्ष 2022 में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में आया था। उदयपुर में सुखेर और बेकरिया में पेपर लीक गिरोह पकड़े जाने पर भूमिका सामने आई। वह तभी से फरार है। सरकार ने गोपालपुरा बाइपास पर संचालित कोचिंग सेंटर ध्वस्त कर दिया। इसके बाद एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। ढाका एसआई, जेईएन सहित भर्ती के दस मामले में आरोपी है। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी ने ढाका के खिलाफ 3 जुलाई 2026 को ही एमएचए से लुक आउट सर्कुलर जारी कराया है। कौन है पेपरलीक का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड सुरेश ढाका सांचौर के अचलपुर गांव का रहने वाला सुरेश ढाका सामान्य परिवार से ही था। सुरेश ने आठवीं तक की पढ़ाई गांव के ही स्कूल में की। इसके बाद जालोर में दसवीं और बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की। उसने बीए की पढ़ाई जोधपुर से की। वहां से उसने कम्प्यूटर साइंस में डिग्री भी ली। यूनिवर्सिटी में सुरेश के साथ पढ़ने वाले दोस्तों ने बताया कि उसके पास कई बार बस में किराया देने के लिए भी रुपए नहीं होते थे। कई बार दोस्त ही उसका किराया भरते थे और खाना खिलाते थे। मनी लॉड्रिंग में पकड़ा गया तो मुंबई से भाग कर आया ढाका के मामा महाराष्ट्र के पुणे में बिजनेस करते थे। मामा के साथ सुरेश भी मुंबई चला गया था। वहां जाकर ट्रेडिंग का बिजनेस शुरू कर दिया। सुरेश विदेशों से हवाला के जरिए रुपए मंगवाकर कंवर्ट करने का काम करता था। मुंबई में मनी लॉड्रिंग की जांच शुरू हुई तो सुरेश का नाम आया। मनी लॉड्रिंग में सुरेश ने काफी रुपए कमा लिए थे। वहां पकड़ा गया तो बाद में मुंबई से 2016 में भाग कर जयपुर आ गया। यूथ कांग्रेस की साइट्स हैक कर चुका 2019 में यूथ कांग्रेस की ऑनलाइन वोटिंग शुरू हुई थी। सुरेश ने यूथ कांग्रेस की वेबसाइट को हैक कर लिया। इसके बाद सुरेश ने यूथ कांग्रेस के कई नेताओं से संपर्क किया और वोट बढ़ाकर चुनाव जिताने के बदले 1 से 2 लाख रुपए मांगे। हालांकि, वेबसाइट हैक होने का खुलासा होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव रोक दिया था। जून में कर ली थी पेपर लीक की प्लानिंग सुरेश ढाका, सुरेश बिश्नोई और भूपेंद्र सारण ग्रेड सेकेंड पेपर लीक के लिए जून 2022 से ही प्लानिंग करने लगे थे। पेपर सॉल्व कराने के लिए टीचर्स और एमबीबीएस डॉक्टर को पकड़ा। इन्हें रुपए का लालच देकर सिर्फ पेपर सॉल्व कराने की डील की गई थी। सूत्रों का कहना है कि 10-10 लाख रुपए एडवांस में ही पेपर सॉल्व करने के लिए दिए गए थे। जीके के पेपर से

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