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जिले में एक साथ पौधरोपण कल हर वृक्ष कुंज में लगाए जाएंगे पौधे

भास्कर न्यूज | बारां हरियालो राजस्थान अभियान के तहत जिलेभर में 11 जुलाई को सुबह 9.30 बजे एक साथ व्यापक पौधरोपण किया जाएगा। वृक्ष कुंज अभियान के तहत पहले से तैयार किए गए गड्ढों में पौधे लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है। कलेक्टर बालमुकुन्द असावा ने बताया कि जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ पौधरोपण किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन और विभागों के बीच समन्वय के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक को ओवरऑल प्रभारी बनाया गया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड और आवश्यक तारबंदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पौधों को नियमित पानी उपलब्ध कराने और उनकी देखभाल की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि पौधरोपण केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए। कलेक्टर ने कहा कि हरियालो राजस्थान अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित पर्यावरण देना है। उन्होंने जिलेवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी जिम्मेदारी लेने की अपील की।

पावडेरा मार्ग पर शुरू हुआ सीसी रोड का निर्माण कार्य

चौथ का बरवाड़ा | पुलिस थाने से पावडेरा रेलवे फाटक तक अधूरे सीसी रोड का कार्य पीडब्ल्यूडी ने शुरू कर दिया है। यहां करीब 4 महीने पहले सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने पुरानी डाबर सड़क खोदकर गिट्टी बिछा दी थी। साथ ही मात्र 10 मीटर सीसी रोड बनाकर कार्य अधूरा छोड़ दिया था। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस मामले में दो दिन पहले भास्कर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग के ठेकेदारों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। चौथ का बरवाड़ा में पुलिस थाने से रेलवे फाटक तक करीब 1 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग काफी लंबे समय से क्षतिग्रस्त था। विधायक जितेंद्र गोठवाल की अभिशंसा पर सीसी सड़क का कार्य स्वीकृत हुआ। विभाग के ठेकेदारों की लापरवाही से सड़क निर्माण कार्य करीब 4 महीने से अधूरा था। लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पुरानी सड़क खोदकर थोड़ी सी सीसी सड़क बनाने से रेलवे फाटक पर आए दिन जाम की स्थिति बन रही थी। ऐसे में इस मामले को लेकर भास्कर में समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग ने कार्रवाई की। ठेकेदारों को फिर से कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद गुरुवार से सीसी सड़क का कार्य शुरू हुआ। लोगों ने राहत की सांस ली है।

बारां के व्यापारियों को अब रेलवे से कम लागत में अपने माल को सुरक्षित भेजने की सुविधा मिलेगी

बारां | शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (बीजीपीएस) ने अपने टर्मिनल से गुरुवार को पहली डोमेस्टिक कंटेनर रैक का शुभारंभ किया। यह टर्मिनल रेलवे के गति शक्ति जीसीटी पॉलिसी के तहत स्केलर ग्रुप के स्वामित्व में है और पूरे दक्षिण-पूर्व राजस्थान का पहला मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स टर्मिनल है, जो दो रेल लाइनों, वेयरहाउस और साइलों की सेवा प्रदान कर रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि टर्मिनल से पहली कंटेनर रेक दक्षिण भारत में बैंगलोर के लिए रवाना की गई। कंपनी अपने इस टर्मिनल से आने वाले समय में लगातार कंटेनर ट्रेनों का परिचालन करने जा रही है, जो इस क्षेत्र के व्यापारियों और माल को देश के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ेगी। इस सुविधा से व्यापारियों को कम लागत और अपने माल को सुरक्षित तरीके से अंतिम गंतव्य पर भेजने की सुविधा मिलेगी। पहली कंटेनर ट्रेन का शुभारंभ पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल (सीनियर डीसीएम) के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने किया। इस अवसर पर स्केलर ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाग्यमनी सिंह, टर्मिनल प्रोजेक्ट प्रबंधक राकेश कुमार, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन, आईटीसी कंपनी और ट्रेड के कई लोग उपस्थित थे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, मानदेय पेंशन व कर्मचारी जैसी सुविधाओं की मांग उठाई

25 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय, पेंशन और सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाओं सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और पोषण योजनाओं के प्रभावी संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, जबकि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ाई जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। इसके साथ ही सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन योजना लागू करने, सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने, एचआर भत्ते में बढ़ोतरी तथा अन्य लंबित मांगों का जल्द समाधान किया जाए। धरना समाप्त होने के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

111 डॉक्टरों का फर्जी सर्टिफिकेट पर आरएमसी में रजिस्ट्रेशन:बिना FMGE पास कजाकिस्तान से एमबीबीएस 88 डॉक्टर गिरफ्तार होंगे, कई सरकारी अस्पताल में तैनात

कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर यहां प्रैक्टिस कर रहे 88 डॉक्टर और गिरफ्तार होंगे। ये डॉक्टर राजस्थान में सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहे हैं। एसओजी की जांच में इन डॉक्टरों के प्रैक्टिस के लिए जरूरी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजीई) सर्टिफिकेट फर्जी निकले हैं। अब तक 27 डॉक्टर गिरफ्तार हो चुके हैं। अधिकतर डॉक्टर कस्बों में प्रैक्टिस कर रहे हैं। विदेश से एमबीबीएस करने वाले लोगों को भारत में पंजीयन से पहले निर्धारित क्वालिफाइंग एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा पास करनी होती है। मगर करीब डेढ़ सौ डॉक्टरों ने फर्जी सर्टिफिकेट से राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवा लिया और सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में प्रैक्टिस करने लगे। अब एसओजी एफएमजी डेटा व आरएमसी डेटा की जांच कर मिलान कर रही है, जिसमें कई फर्जी सर्टिफिकेट सामने आए हैं। पढ़ाई से लेकर रजिस्ट्रेशन तक का पूरा सौदा अब तक गिरफ्तार 27 डॉक्टरों ने एसओजी पूछताछ में खुलासा किया है कि नीट क्वालिफाई नहीं करने पर कुछ दलालों ने संपर्क किया था। उन्होंने कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने और बिना एफएमजीई के राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन का ठेका 25-30 लाख में लिया था। एक युवक को कजाकिस्तान भेजने के बाद उसके चैनल से कई लोगों को विदेश से एमबीबीएस करवाया और 25 करोड़ रुपए फर्जी तरीके से खर्च किए। गिरोह के मास्टरमाइंड भानाराम माली ने रिश्तेदारों को एमबीबीएस करवाया। इसके बाद रिश्तेदारों के संपर्क में रहे युवकों को भेजा। फिर फर्जी दस्तावेजों पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया। इधर, एसओजी एडीजी विशाल बंसल का कहना है कि विदेश से एमबीबीएस कर भारत आए सौ से ज्यादा डॉक्टरों के एफएमजी रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। विदेश से एमबीबीएस कराने व फर्जी रजिस्ट्रेशन करवाने में एक बड़ा गिरोह सक्रिय था, जिसका खुलासा कर दिया है। एफएमजी डेटा व आरएमसी डेटा की जांच कर रहे हैं। जल्द ही कई गिरफ्तारियां होंगी।

बंबोरी शिविर में राजस्व विभाग ने रास्तों से जुड़े प्रकरण निपटाए

सकतपुर| कस्बे के समीपवर्ती बंबोरी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर गुरुवार को ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किया गया। जिसमें ग्राम पंचायत क्षेत्र से बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने समस्याओं का निस्तारण कराया तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लिया। शिविर प्रभारी तहसीलदार महेंद्र चतुर्वेदी, एबीडीओ प्रेमप्रकाश गुप्ता, बीडीओ राहुल कुमार बैरवा, एईएन मुकुट नागर ने बताया कि शिविर में कई विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सेवाएं दी। लाभार्थियों को आवासीय पट्टे दिए गए। जॉब कार्ड बनाए गए। टीबी बीमारी से पीड़ित मरीजों को पोषण किट बांटे गए। राजस्व विभाग ने रास्तों से जुड़े प्रकरण निपटाए। नामांतरण किया। नाम शुद्धिकरण के काम हुए। किसानों के लिए फार्मर आईडी रजिस्ट्रेशन की सुविधा रही। पशुपालन विभाग ने पशु बीमा पॉलिसी से जुड़े काम किए। बीमा क्लेम के मामलों का निस्तारण किया। ग्रामीणों ने चरागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत रखी। खेतों के रास्तों पर अतिक्रमण की बात कही। किसानों ने खेतों तक आने-जाने के रास्ते अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिविर में पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि राजेंद्र नागर, ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र नागर आदि ने ग्रामीणों को पट्टे भी वितरित किए।

कर्ज और धमकियों से आहत कलाकार ने खाया जहर, मौत

बारां| शहर की लंका कॉलोनी निवासी एक युवक ने विषाक्त पदार्थ खा लिया, जिसकी कोटा में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। युवक स्थानीय गायक कलाकार था, जो भजन संध्या सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां देता था। युवक ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें कर्ज और धमकियों से परेशान होकर आत्महत्या का कदम उठाने की बात लिखी है। कोतवाली पुलिस के अनुसार मांगरोल रोड हाल बारां के लंका कॉलोनी निवासी कुलदीप (25) पुत्र छीतरलाल बुधवार सुबह अपने दोस्त के घर पहुंचा था। वहां तबीयत बिगड़ने पर उसने अस्पताल ले चलने को कहा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों को उसने सेल्फॉस खाने की बात बताई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। कोतवाली थाना एएसआई जमनालाल ने बताया कि परिजनों की ओर से दी गई रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी। सुसाइड नोट मिला है।्र, जिसकी भी जांच की जाएगी। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे पुलिस ने जांच में शामिल किया है। इसमें लिखा है कि वह आत्महत्या नहीं करना चाहता था, लेकिन पैसों के लेनदेन को लेकर कुछ लोगों ने उसे इतना परेशान किया कि उसे यह कदम उठाना पड़ा। उससे गाने-बजाने का सामान छीन लिया जिसे वापस नहीं किया जा रहा। साथ ही जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। नोट में उसने तीन लोगों के नाम लिखे हैं। साथ ही उसकी मां और भाई को परेशान नहीं करने की अपील की।

हाउसिंग बोर्ड सेक्टर एक में पेयजल संकट, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सवाई माधोपुर| जिला मुख्यालय स्थित हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर-एक स्थित पांच-छह घरों में गत कई माह से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी की व्यवस्था के लिए रोजाना इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। लोगों को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज के हैंडपंपों और बोरिंगों से पानी लाना पड़ रहा है। समस्या समाधान को लेकर कॉलोनी के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर जिला कलेक्टर प्रत्येक सोमवार साप्ताहिक समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश देते हैं, वहीं दूसरी ओर जलदाय विभाग के अधिकारी इन निर्देशों को गंभीरता से लेने के बजाए लगातार अनदेखी कर रहे हैं। कॉलोनी निवासी प्रिया ने बताया कि पिछले चार-पांच माह से सेक्टर-एक के पांच-छह घरों में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति पूरी ठप है। इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार मौखिक और फोन के माध्यम से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। आज तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। जलदाय विभाग प्रतिदिन टैंकर भेजने का दावा करता है, लेकिन जिन घरों में वास्तव में पानी की समस्या है, वहां टैंकर पहुंचने के बजाय अन्य स्थानों पर पानी सप्लाई कर वापस चला जाता है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉलोनी के लोगों ने ज्ञापन में जिला प्रशासन और जलदाय विभाग से मांग की है कि हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-एक में पेयजल आपूर्ति की तत्काल व्यवस्था कराई जाए, अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा प्रभावित परिवारों को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

मध्यप्रदेश की बरसात से परवन में उफान, शेरगढ़ बांध पर चली चादर

सकतपुर| मध्यप्रदेश में हो रही झमाझम बारिश से परवन नदी में पानी की जोरदार आवक हो गई। जिससे शेरगढ़ स्थित परवन पिकअप वियर पर चादर चलनी शुरू हो गई। मायथा और तुलसा एनीकटों में पानी भरने के बाद कुंजेड़ से बपावर को जोड़ने वाली भैरुजी की 17 फीट ऊंची परवन की पुलिया पर भी पानी का भराव शुरू हो गया। डडवाड़ा गांव के समीप से निकल रही भूपसी नदी में भी पानी की आवक हुई है।

छीपाबड़ौद लहसुन मंडी भाव

छीपाबड़ौद| कस्बे की विशिष्ट लहसुन मंडी में गुरुवार को लहसुन के भाव इस प्रकार रहे। बेस्ट क्वालिटी और फुल गोला माल 16405 से 25000-26005, ऐवरेज माल 12010 से 15505-16000, छोटे माल 9200 से 11215-11600, देशी लहसुन 6500 से 15600-16400 रुपए प्रति क्विंटल। कुल आवक 5416 कट्टी 2166 क्विंटल की हुई।