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जयपुर में मर्सिडीज ने एक्टिवा सवार युवक को कुचला, मौत:सीसीटीवी में यू-टर्न लेकर दोबारा घटनास्थल पर लौटती दिखी कार, लोगों का दावा-गाड़ी को युवती चला रही थी

जयपुर के मालवीय नगर थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के हुए एक दर्दनाक हिट एंड रन हादसे में एक्टिवा सवार 40 साल के युवक की मौत हो गई। मॉडल टाउन के पास नाबार्ड कॉलोनी के सामने जगतपुरा रोड पर तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने पीछे से स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार को एक युवती चला रही थी। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में कार अपेक्स सर्किल से यू-टर्न लेकर दोबारा घटनास्थल की ओर आती दिखाई दे रही है। पुलिस के अनुसार अशोक विहार, जगतपुरा निवासी श्रवण नाथ (40) सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे अपनी एक्टिवा से घरेलू काम से मालवीय नगर जा रहे थे। जैसे ही वे मॉडल टाउन के पास नाबार्ड कॉलोनी के सामने पहुंचे, पीछे से तेज गति से आई मर्सिडीज कार ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि श्रवण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना पर मालवीय नगर थाना पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायल श्रवण को तत्काल जयपुरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुबह 4.52 बजे पुलिस ने मृतक के साले विवेक रावल को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद वे अपनी बहन के साथ अस्पताल पहुंचे। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना मृतक के साले विवेक रावल ने बताया कि दुर्घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में लगभग खाली तीन लेन की सड़क के किनारे चल रहे स्कूटी सवार को पीछे से तेज रफ्तार कार टक्कर मारते हुए दिखाई दे रही है। फुटेज में यह भी नजर आ रहा है कि ड्राइवर अपेक्स सर्किल से यू-टर्न लेकर वापस जगतपुरा की ओर आता है और घटनास्थल की तरफ देखते हुए गुजरता है। टूटी हेडलाइट बनी अहम सुराग हादसे के दौरान मर्सिडीज कार की एक तरफ की हेडलाइट टूटकर सड़क पर गिर गई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस का मानना है कि इस हेडलाइट के आधार पर वाहन की पहचान करने में मदद मिलेगी। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज मालवीय नगर थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106 (1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई मुकेश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस फरार वाहन और ड्राइवर की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

मूमल के कमरे में आए राणा महेंद्र, छड़ी छोड़कर लौटे:राजकुमारी के साथ ऐसा कौन दिखा कि उनका दिल टूट गया? एपिसोड-3

कल आपने पढ़ा किस तरह राणा महेंद्र ने मूमल के जादुई महल की पहेलियों को बूझ कर राजकुमारी का दिल जीत लिया था। पढ़िए आगे की कहानी- वो रात बातों और वादों में बीत गई। मूमल और महेंद्र अब एक-दूसरे के प्रेम में बंध चुके थे। दोनों की मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया, लेकिन एक बड़ी समस्या थी- महेंद्र अमरकोट के राजा थे और उनके इस प्रेम के बारे में किसी को पता नहीं था। ऐसे में उन्हें मूमल से रातों-रात मिलकर सुबह अपने राज्य लौटना होता था। अमरकोट और लौद्रवा (जैसलमेर) के बीच मीलों (लगभग 300 Km) का फासला था, जिसे एक रात में तय करना लगभग नामुमकिन था। यहां काम आया महेंद्र का वफादार ऊंट,’चीतल’। चीतल कोई साधारण ऊंट नहीं था, वह हवा से बातें करता था। महेंद्र हर रात अमरकोट से निकलते, मीलों का सफर तय कर लौद्रवा पहुंचते, रात भर मूमल के साथ समय बिताते और सुबह होने से पहले नदी को पार कर वापस अमरकोट पहुंच जाते। यह सिलसिला सालों चला और दोनों का एक दूसरे के लिए प्रेम गहरा होता रहा।
लंबा इंतजार और फिर एक खेल नियति ने इस प्रेम कहानी के लिए शायद कुछ और ही तय किया था। अमरकोट में राणा के परिवार को उनकी लौद्रवा यात्राओं और उसकी वजह का पता चल गया। जिसके चलते वे राणा को अक्सर किसी न किसी बहाने से यात्रा करने से रोकने लगे। यहां तक कि उन्होंने चीतल के पैर भी तुड़वा दिए। ऐसे में महेंद्र और मूमल की मुलाकातों का अंतराल बढ़ता गया। इस बार का इंतजार हर बार से लंबा हो गया था। अरसा बीत गया और महेंद्र मिलने नहीं आए थे। मूमल इस बात को लेकर बहुत परेशान थी। रोज की तरह उस दिन भी वह उनका इंतजार करते-करते थक गई थी और बेहद उदास थी। उसकी छोटी बहन सूमल उसका ध्यान बंटाने की कोशिश कर रही थी- जीजी,आज फिर राणा जी की राह देख रही हो? वो आ जाएंगे, सूमल ने मूमल को समझाया। मूमल मुस्कुरा दी। सूमल राणा का भेष धारण कर मूमल का मन बहलाने लगी। राणा के भेस में मूमल से बातें करते-करते वो उसके पास ही बिस्तर पर सो गई। राणा के इंतजार में मूमल की भी आंख लग गई। मिलन का उत्साह फिर आंखों का धोखा तमाम अड़चनों को पार कर उसी रात राणा महेंद्र किसी तरह से मूमल के महल पहुंचे। मिलन के उत्साह में वे मूमल के कक्ष तक पहुंचे ही थे कि उन्होंने देखा मूमल किसी ‘पुरुष’ की बाहों में सो रही है। यह देख महेंद्र को गहरा धक्का लगा और उनका दिल टूट गया। जिस मूमल के लिए उन्होंने मरुधरा की तपती रेत को नाप दिया उसने धोखा दिया? क्रोध और ग्लानि में भरकर महेंद्र ने अपनी छड़ी (कोड़ा) मूमल के बिस्तर के पास छोड़ दी और बिना कुछ कहे वहां से चले गए। सुबह जब मूमल की नींद खुली तो उसने पास में महेंद्र की छड़ी देखी और चौंक गई। वह सोच में पड़ गई कि राणा जी आए थे पर वे बिना मिले क्यों चले गए? अचानक उसकी नज़र सोई हुई सूमल (राणा के भेष में) पर पड़ी। उसे तुरंत समझ आ गया कि राणा को गलतफहमी हुई है। घबराहट में उसने सूमल को झकझोर कर जगाया सूमल, उठो ! राणा जी मुझे गलत समझकर चले गए ! मूमल हताश हो गई और अपनी इस भूल को लेकर अब बेहद बेचैन थी…. क्या मूमल राणा महेंद्र की गलतफहमी दूर कर सकी? क्या दोनों एक बार फिर एक हो सके? जानिए एपिसोड 4 में…. (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। सोर्स : राजस्थानी साहित्य, लोक कथाएं व स्थानीय लोगों से बातचीत )
…. यहां पढ़िए… महेंद्र-मूमल की प्रेम कहानी के 2 एपिसोड 1. रेगिस्तान में काक नदी के किनारे था मूमल का महल:अमरकोट के राजा और जैसलमेर की राजकुमारी का प्रेम; 4 एपिसोड में मूमल-महेंद्र की कहानी जैसलमेर के लौद्रवा की राजकुमारी मूमल और अमरकोट (वर्तमान पाकिस्तान) के राणा महेंद्र की प्रेम कहानी सदियों पुरानी है। इस कहानी को जानने के लिए दैनिक भास्कर जैसलमेर से 14 किलोमीटर दूर लौद्रवा गांव पहुंचा। पूरा एपिसोड पढ़िए… 2. कांच का पानी और शीशों का खेल:हजारों राजकुमार नाकाम, फिर अमरकोट के राणा ने कैसे पार की मूमल की खतरनाक पहेलियां? मूमल-महेंद्र प्रेम-कहानी एपिसोड-2 मूमल इंतजार में थी उस राजकुमार के जो उसकी खूबसूरती से ज्यादा उसकी पहेलियों की गहराई को समझ सके। लौद्रवा का महल उसी का स्वागत करेगा जो बिना डरे काक महल की पहेलियों को सुलझा पाएगा। पूरा एपिसोड पढ़िए…

भीलवाड़ा के आसींद में 5.90 इंच बारिश, नदी उफान पर:टोंक के हॉस्पिटल में पानी भरा; अजमेर-उदयपुर समेत कई जिलों भी तेज बरसात

राजस्थान में फिर से एक्टिव हुए मानसून के असर से अजमेर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, जैसलमेर समेत कई जिलों में बारिश हुई। उदयपुर में सीजन की सबसे तेज बारिश हुई। अजमेर में बारिश के कारण सड़कों पर नदियों की तरह पानी बहने लगा। भीलवाड़ा के आसींद में सुबह 7 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक 150 मिमी (5.90 इंच) बारिश हुई। आसींद क्षेत्र से गुजरने वाली नेखाड़ी नदी उफान पर आ गई। बोजुंदा रोड पर नदी पर बनी पुलिया करीब 1 फीट पानी में डूब गई। लगातार बारिश के बीच आसींद-बोजुंदा रोड पर हाथीभाटा और केसरपुर के बीच बारिश से बने गड्ढे में प्राइवेट स्कूल की बस फंस गई, जिसे ट्रैक्टर की मदद से निकाला गया। बदनोर क्षेत्र में आसपहाड़ स्थित झरना पूरे वेग से बहने लगा। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में भी बरसात हुई। यहां जयपुर-दिल्ली हाईवे की अलग-अलग सर्विस लेन में जलजमाव हो गया है। हिल स्टेशन माउंट आबू में रिमझिम बारिश के बीच सुबह से कोहरा छाया। टोंक के देवली में तेज बारिश के बाद सरकारी हॉस्पिटल में पानी जमा हो गया। बीते 24 घंटे में हुई तेज बरसात के कारण हाड़ौती क्षेत्र की परवन, कालीसिंध समेत दूसरी नदियां उफान पर हैं। कालीसिंध डैम का भी एक गेट खोला गया है। कोटा में बिजली गिरने से एक युवक की भी मौत हुई है। राजस्थान में अगले 3 दिन तेज बारिश का अलर्ट है। मानसून के बड़े अपडेट्स हॉस्पिटल में पानी भरा, एक्टिवा नाले में गिरी: अजमेर में एक घंटे की तेज बारिश के कारण शहर की सड़कों पर नदी जैसा बहाव नजर आया। शहर के सुभाष नगर इलाके में एक एक्टिवा नाले में गिर गई। हालांकि, हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। वहीं, टोंक के देवली में हॉस्पिटल में पानी भरने से मरीजों को परेशानी हुई। उदयपुर में तेज बारिश, कोटा में एक मौत: बुधवार सुबह उदयपुर, कोटपूतली-बहरोड़ सहित कई जिलों तेज बरसात हुई। लेकसिटी में करीब एक घंटे तक हुई बारिश के कारण मौसम बदल गया। एक्सपर्ट के अनुसार आज की बारिश इस मानसून सीजन की सबसे तेज बारिश थी। कोटा में मंगलवार देर रात बिजली गिरने से एक 23 साल के युवक की मौत हो गई। नदियां उफान पर: बारां, झालावाड़, कोटा में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। झालावाड़ के मनोहरथाना में परवन नदी का जलस्तर 3 फीट बढ़ने से यहां एक छोटा पुल और मंदिर का हिस्सा डूब गया। मध्य प्रदेश में हो रही बारिश के बाद कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बांध का एक गेट करीब 0.10 मीटर खोलकर 426 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 5 इंच से ज्यादा बरसात: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश कोटा के सुल्तानपुर में 101MM और बारां के छीपाबड़ौद में 130MM हुई है। इसके अलावा हनुमानगढ़, बूंदी, अलवर, करौली, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार दौसा, झालावाड़, टोंक, नागौर, उदयपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भरतपुर समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… …. अलवर में सुबह से रिमझिम बारिश:पहाड़ से नीचे उतरे बादल; 27 जुलाई तक बरसात और बिजली गिरने का यलो अलर्ट जोधपुर- बाजरा-मूंग की फसलें खराब,रेत में दबे सैकड़ों बीघा खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे मानसून की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

सुसाइड के लिए उकसाने पर 10 साल की जेल:SC-ST कोर्ट ने मोबाइल रिकॉर्डिंग और मृतक के सुसाइड नोट को माना सबूत

सीकर में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण प्रकरण के विशिष्ट जज अशोक सैन ने लॉ के छात्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। LLB कर रहे छात्र पवन को आरोपी नमक एडवोकेट सुनील गैस पेपर के रुपए नहीं देने पर मारने की धमकियां दे रहा था। पवन ने परेशान होकर सुसाइड नोट लिखकर पानी की होद में कूदकर सुसाइड कर लिया था। कोर्ट ने फैसले में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस (मोबाइल की ऑडियो रिकॉर्डिंग ) और मृतक के सुसाइड नोट को अहम सबूत माना है। प्रोसिक्यूशन असिस्टेंट डायरेक्टर रामलाल सैनी ने बताया- परिवादी मोहनलाल ने सीकर के उद्योग नगर थाना में मामला दर्ज करवाया था। परिवादी ने बताया कि उसका भांजा पवन कुमार सीकर शहर में रहकर L.L.B. कर रहा था। वह राधाकिशनपुरा में फाटक संख्या-2 में एक मकान में किराए पर रहता था। एक दिन भांजे पवन ने छोटे भाई रमेश कुमार को मोबाइल पर बताया कि सुनील कुमार उर्फ जेंटर पुत्र दुलीचंद निवासी वार्ड 6 सादुलशहर श्रीगंगानगर वाले ने उसे बहुत टॉर्चर किया और उसे मारने की धमकी दी कि वह 16 तारीख को एग्जाम देने जाएगा तो उसे मार देगा। सुनील श्रीगंगागर उसे बार-बार धमकी दे रहा है कि उसकी लाइफ बर्बाद कर देगा। उसकी मौत का जिम्मेदार सुनील कुमार श्रीगंगानगर वाला है। कमरे में सुसाइड नोट-मोबाइल में ऑडियो क्लिप मिली परिवादी मोहनलाल ने बताया- मेरे भांजे पवन कुमार को अभियुक्त सुनील कुमार उर्फ जेंटर ने बिना वजह तंग और परेशान किया है। इसके कारण उसे सुसाइड करने को मजबूर होना पड़ा। जब वह उद्योग नगर थाना पुलिस के साथ भांजे के किराए के मकान में पहुंचा तो पानी के होद के बाहर चप्पल पड़ी थी। पानी के अंदर देखा तो भांजा पवन कुमार मृत अवस्था में पाया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र पवन के कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। वहीं मृतक ने अभियुक्त सुनील की धमकी देने की ऑडियो क्लिप भी रिकॉर्ड कर रखी थी। पुलिस और वकील की ओर से 16 गवाह पेश किए और 41 डॉक्यूमेंट्स एविडेंस के रूप में कोर्ट के सामने पेश किए। आरोपी पर 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

बहरोड़ जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. यादव हुए APO:कोर्ट-अधिकारियों की अवहेलना पर जयपुर मुख्यालय तलब, देर रात जारी हुए आदेश

बहरोड़ जिला अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर (पीएमओ) डॉ. जलदीप सिंह यादव को विभाग ने एपीओ कर दियाा है। उन्हें तत्काल प्रभाव से एपीओ (Awaiting Posting Order) करते हुए निदेशक, जन स्वास्थ्य कार्यालय, जयपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त शासन सचिव निशा मीना ने मंगलवार देर रात आदेश जारी किए। डॉ. जलदीप सिंह यादव को 6 अप्रैल को बहरोड़ जिला अस्पताल का पीएमओ नियुक्त किया गया था। हालांकि, नियुक्ति के करीब साढ़े तीन महीने बाद ही विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया। कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की शिकायत विभागीय आदेश के अनुसार, डॉ. यादव के खिलाफ न्यायालय और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके अलावा जिला चिकित्सालय के कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भी उनकी कार्यशैली को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया था कि अस्पताल का पूरा स्टाफ उनके व्यवहार और प्रशासनिक रवैये से प्रताड़ित महसूस कर रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद यह कार्रवाई की। नए पीएमओ की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज डॉ. जलदीप सिंह यादव के पद से हटने के बाद बहरोड़ जिला चिकित्सालय में नए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल नए पीएमओ की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

सीकर में कांग्रेस का धरना, चौकी में प्रदर्शन:पुलिस ने हटाया; राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में सीकर शहर में कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को विरोध जताया। इन्होंने शाम करीब 7 बजे कल्याण सर्किल पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला सहित दर्जनों कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता कल्याण सर्किल पर धरने पर बैठ गए। रात करीब 9 बजे तक धरने पर बैठे रहे। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि राहुल गांधी गिरफ्तार हुए हैं या तो उनको रिहा किया जाए या फिर हमारी भी गिरफ्तारी हो। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर कार्यवाहक सीओ सिटी राजेश ढाका, कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ सहित RAC का जाब्ता और पुलिस के जवान मौजूद रहे। करीब 9 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला, जगदीश दानोदिया पुलिस की 112 गाड़ी में बैठ गए और कुछ दूरी पर उतर गए। चौकी पहुंचकर गेट पर बैठ गए जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला के नेतृत्व में कांग्रेसी कल्याण सर्किल से रवाना होकर कल्याण सर्किल चौकी पहुंचे और वहां गेट के अंदर बैठ गए। इसके बाद शहर कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ मौके पर पहुंचे। जिन्होंने वहां पर बैठे लोगों को हटवाया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला ने कहा- दिल्ली में राहुल गांधी शांतिपूर्वक धरना देने के लिए बैठे थे। सरकार के इशारे पर पुलिस ने तानाशाही करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। इससे पहले 20 जुलाई को स्टूडेंट्स पर भी लाठीचार्ज किया था।

अलवर में नंगली सर्किल पर कांग्रेस का प्रदर्शन:केंद्र सरकार का पुतला फूंका; जूली बोले- असली मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार

दिल्ली में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं को पुलिस जबरन उठा ले गई। इसके बाद रात करीब 9 बजे अलवर में कांग्रेस नेताओं ने नंगली सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नंगली सर्किल पर एकत्र होकर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवाओं और किसानों के हक की आवाज उठाई। लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में: भंवर जितेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा- देशभर में नीट परीक्षा का पेपर लीक होना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है। “केंद्र सरकार युवाओं के सपनों को कुचलने का काम कर रही है। नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में धांधली से मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में चला गया है। इस अन्याय के खिलाफ लड़ रहे युवाओं को दिल्ली में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है। विरोध कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बदसलूकी की। यह सब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। दिल्ली में हिटलर जैसा राज है। हर मोर्चे पर विफल साबित हुई भाजपा सरकार: टीकाराम जूली नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार आज हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और लगातार होते पेपर लीक से जनता में भारी आक्रोश है। “जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। आज का यह पुतला दहन उसी जनाक्रोश का प्रतीक है। अगर नीट पेपर लीक मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

जोधपुर में युवती को अपने साथ भगा ले गया युवक:आक्रोशित परिजन और समाज के लोग पहुंचे थाने, युवती को ढूंढने की मांग पर अड़े

जोधपुर के बासनी थाने में एक लड़की को भगाकर ले जाने के मामले में मंगलवार देर रात को समाज के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने थाने में पहुंचकर विरोध जताया। सूचना मिलने के बाद ACP दीपक कुमार भी मौके पर पहुंचे ओर आक्रोशित लोगों से समझाइश के प्रयास शुरू किए। लोग युवती को ढूंढकर नहीं लाने तक थाने में ही धरना देने की बात पर अड़ गए। बता दें कि 23 वर्षीय युवती को एक युवक अपने साथ भगाकर ले गया था। इसको लेकर युवती के परिजनों की ओर से बासनी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करवाई गई थी। युवती के नहीं मिलने पर आज(मंगलवार) परिजनों के साथ ही अलग-अलग संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए और मौके पर विरोध जताने लगे। वे युवती को भगा कर ले जाने वाले युवक को पकड़ने की मांग पर अड़ गए। देर रात तक पुलिस उनसे समझाइश के प्रयासों में जुटी हुई थी।

दोहरे हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बदली फांसी की सजा:आटा-साटा को लेकर हुए विवाद में किया था हमला; ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी मौत की सजा

जालोर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषी ठहराए दो भाइयों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई मौत की सजा को उम्रकैद में बदला है। हाईकोर्ट ने कहा- मामला गंभीर और जघन्य होने के बावजूद रेयरेस्ट ऑफ रेयर की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने यह फैसला दिया। हालांकि दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। 9 दिसंबर 2025 को सुनाई थी सजा अपीलार्थी की ओर से बताया- मामले के अनुसार जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र में आटा-साटा विवाह को लेकर हुए विवाद के बाद पहाड़ सिंह और डूंगर सिंह ने इंद्रा कंवर और हरि सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपियों ने मौके पर मौजूद अन्य लोगों पर भी हमला किया था। पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी निशाना बनाया गया था। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय भीनमाल ने 9 दिसंबर 2025 को दोनों आरोपियों को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा गया था, जबकि आरोपियों ने भी फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर अपराध साबित किया है। हालांकि मृत्युदंड के लिए रेयरेस्ट ऑफ रेयर सिद्धांत को देखते हुए कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। ये था मामला जानकारी के अनुसार- पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट पृथ्वीसिंह चौहान ने बताया- 3 मार्च 2023 को मोदरा पुलिस चौकी क्षेत्र के रहने वाले डूंगरसिंह पुत्र परबतसिंह, पहाड़सिंह पुत्र परबतसिंह गांव में खेती करते थे। दोनों की शादी नहीं हुई थी। इनकी बहन की शादी भाभी के पीहर में हुई थी। खुद की शादी के लिए भाई की लड़की को आटा-साटा में देने की जिद करने लगे। बड़ा भाई रतन सिंह देशावर में बिजनेस कर रहा था। रतन सिंह की पत्नी इंद्रा कंवर ने खुद की बेटी आटा-साटा में देने से मना कर दिया। इस पर भाभी इंद्रा और देवर डूंगरसिंह व पहाड़सिंह के बीच बहस हो गई। झगड़ा करने के दौरान इंदिरा कंवर पर दोनों भाइयों पहाड़ सिंह और डूंगरसिंह ने मिलकर कुल्हाड़ी से वार किया था, जिससे उसकी मौका स्थल पर मौत हो गई। बच्चों को भी मारने करने का प्रयास किया। इस दौरान पड़ोसी हरिसिंह बीच-बचाव करने आए। उन पर भी आरोपियों ने कुल्हाड़ी से वार किया। इससे उसकी भी मौत हो गई। चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में मौजूद पुलिस चौकी से सहायक पुलिस निरीक्षक सुरेंद्रसिंह राव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को बचाया और दोनों आरोपियों को पकड़ा था।

NOC में देरी पर मेडिकल-एजुकेशन सचिव को किया तलब:28 जुलाई को होगी दोबारा पेशी; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना होगा

राजस्थान हाईकोर्ट ने फार्मेसी कॉलेज को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के सचिव को 28 जुलाई को दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामला पाली जिले के खुडाला फालना स्थित एडवेंट कॉलेज ऑफ फार्मेसी से जुड़ा है। कॉलेज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित ने सचिव को व्यक्तिगत रूप से वीसी के जरिए पेश होने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता श्रेयांश मरर्डिया ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर 2025 को पूर्व में दिए आदेश में ग्लोबल फार्मेसी कॉलेज बनाम राजस्थान सरकार एवं अन्य मामले के फैसले के आधार पर याचिका का निस्तारण किया था। इसके बावजूद राज्य सरकार ने अब तक कॉलेज को एनओसी जारी नहीं किया है। इस पर कोर्ट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के सचिव को अगली सुनवाई में एनओसी की स्थिति से अवगत कराने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।