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जोधपुर आएंगी स्वास्थ्य-परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल:जेएनवीयू स्नातक स्तर के नए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी; पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

जोधपुर में आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय चिदानंद सुरीश्वर महाराज के 24 जुलाई को गुलाब नगर में चातुर्मास प्रवेश की निमंत्रण पत्रिका का विमोचन किया गया। सरकारी विद्यालयों को सर्वश्रेष्ठ बनाने की जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली की ‘विधायक शिक्षा का साथी’ योजना के द्वितीय सत्र का शुभारम्भ मंगलवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सरदारपुरा जोधपुर में किया गया। वहीं, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य अनुप्रिया पटेल रविवार को जोधपुर आएंगी। लाइव ब्लॉग में पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें…

प्रसूता को गलत खून चढ़ाने में चार को माना दोषी:दो रेजिडेंट डॉक्टर समेत लैब टैक्निशियन और नर्सिंगकर्मी के नाम; कमेटी तय करेगी क्या होगा एक्शन

जोधपुर में एक प्रसूता को उम्मेद हॉस्पिटल में गलत ब्लड चढ़ाने के मामले में कमेटी ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में दो रेजिडेंट डॉक्टर समेत चार लोगों को दोषी माना है। हालांकि अब ये रिपोर्ट अनुशासन कमेटी को दी गई है। ये कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। इससे पहले कमेटी की ओर से सौंपी रिपोर्ट में नाम नहीं थे। ओ पॉजिटिव की जगह चढ़ा दिया था बी-पॉजिटिव ब्लड दरअसल, मामला 13 जुलाई का है। धापू नाम की महिला की 11 जुलाई को बावड़ी में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। खून की कमी के चलते उसे उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। यहां 11 जुलाई को उसे O-पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन 12 जुलाई को जब दोबारा ब्लड चढ़ाया तो वह O पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव चढ़ा दिया था। इसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और यूरिन बंद हो गया। इसके बाद किडनी में इन्फेक्शन हो गया। इस पर उसे 13 जुलाई को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां अब भी उसका डायलिसिस चल रहा है। उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना ने बताया- हमने रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी और लैब टेक्नीशियन के नाम है। कमेटी जो भी एक्शन लेने के लिए कहेगी, वह हम लेंगे। मामला सामने आने के बाद बनाई थी कमेटी, माना- बिना जांच किए खून चढ़ाया इधर, ये मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हरगोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे। इसके बाद टीम ने शुक्रवार को ही ये रिपोर्ट डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को सौंप दी थी। कमेटी ने माना था- बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया। इसमें माना कि बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया, लेकिन, इस रिपोर्ट में किसी का नाम नहीं होने की वजह से डॉ. बीएस जोधा ने इस लापरवाही में शामिल रेजिडेंट डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ के नाम मांगे थे। इस पर दोबारा मंगलवार को इन नाम के साथ ये रिपोर्ट सौंपी गई। अब ये रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज की अनुशासन कमेटी को सौंपी गई है। अनुशासन कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। एक ही नाम की दो महिला होने की वजह से हुई गफलत प्रांरभिक जांच में सामने आया कि जिस दिन ये घटनाक्रम हुआ, उस दिन धापू नाम की दो महिलाएं हॉस्पिटल में एडमिट थी। इतना ही नहीं इनके पति के नाम भी एक ही थे। ऐसे में धापू जिसे B पॉजिटिव खून चढ़ाना था। उसके बदले बावड़ी से आई धापू को ये गलत खून चढ़ा दिया और तबीय​त बिगड़ गई।
ये खबर भी पढ़ें… गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर) दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी,एक वेंटिलेटर पर:3 प्रसूता आईसीयू में; कमेटी ने माना- बिना जांचें गलत खून चढ़ाया था प्रसूता को जोधपुर में एक बार फिर से प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। उम्मेद हॉस्पिटल में दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने पर भर्ती करवाया गया है। इनमें 3 प्रसूता आईसीयू में है और एक वेंटिलेटर पर। (यहां पढ़ें पूरी खबर)

हाईकोर्ट ने ओआईसी से पूछा-फाइल कहां है, बोला नहीं है:कोर्ट नाराज, कहा-अधिकारी न्यायालय को गंभीरता से नहीं ले रहे

राजस्थान हाईकोर्ट ने विधवा महिला की फैमिली पेंशन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि जिस तरीके से विभाग का अधिकारी बिना तैयारी के कोर्ट में पेश हुआ, उससे साफ लगता है कि राज्य के अधिकारी न्यायालय की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यह टिप्पणी जस्टिस गणेश राम मीणा की अदालत ने गंगा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। दरअसल, शनिवार को वकीलों के कार्य बहिष्कार के कारण सरकारी वकील की अनुपस्थिति में पेंशन एवं पेंशन कल्याण विभाग के एएओ और मामले के ऑफिसर इन चार्ज (OIC) हमीर सिंह कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने उनसे विभाग की ओर से दाखिल जवाब और याचिकाकर्ता के दावे से जुड़े सरकारी आदेशों, अधिसूचनाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास इनमें से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने इसके बाद अधिकारी से पूछा कि क्या उन्होंने OIC के कर्तव्यों और राज्य सरकार की लिटिगेशन पॉलिसी पढ़ी है। इस पर अधिकारी ने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी लिटिगेशन पॉलिसी नहीं देखी। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। कोर्ट ने कहा- यह स्थिति स्वीकार्य नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला किसी सामान्य विवाद का नहीं, बल्कि एक विधवा की फैमिली पेंशन का है। ऐसे संवेदनशील मामले में भी विभाग का अधिकारी बिना आवश्यक रिकॉर्ड और जानकारी के अदालत में उपस्थित हुआ, जो स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि यदि किसी कारण से सरकारी वकील अदालत में मौजूद नहीं हों, तो संबंधित OIC को पूरी केस फाइल, सभी आवश्यक आदेश, अधिसूचनाएं और मामले के तथ्यों की पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होना चाहिए। साथ ही जवाब समय पर दाखिल किया जाना चाहिए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। मुख्य सचिव और विभाग को भेजा आदेश हाईकोर्ट ने कहा कि मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और निदेशक, पेंशन और पेंशन कल्याण विभाग को आदेश की कॉपी भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार सभी विभागों के OIC को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी।

ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12.09 करोड़ की ठगी:फाइनेंस कंपनी की महिला डायरेक्टर को मुंबई से दबोचा; अन्य राज्यों के पीड़ितों की भी तलाश

राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपए की साइबर ठगी का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने एक फर्जी फाइनेंस कंपनी गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को मुंबई से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए यूज किए जा रहे वर्चुअल मर्चेंट खातों के संचालन में कंपनी की अहम भूमिका थी। मामले में मुख्य आरोपी जयंता रॉय सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं पुलिस ठगी के शिकार हुए अन्य राज्यों के पीड़ित लोगों की भी तलाश कर रही है। भारी मुनाफे का झांसा देकर कराया निवेश एडीजी साइबर क्राइम संजय अग्रवाल ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर में 9 दिसंबर 2025 को दर्ज मामले में परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसे वाट्सएप के माध्यम से गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर फर्जी वेबसाइट पर निवेश कराया गया। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों और वर्चुअल मर्चेंट खातों में 12.09 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा करवाकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई। करोड़ों रुपए लेने के बाद भी नहीं लौटाई निवेश की राशि एडीजी ने बताया कि जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो आयकर, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट अनफ्रीज शुल्क और अन्य चार्ज के नाम पर पीड़ित को बार-बार अतिरिक्त रकम जमा करानी पड़ी। करोड़ों रुपए लेने के बावजूद न तो निवेश की राशि लौटाई गई और न ही निकासी की अनुमति दी गई। वित्तीय जांच में खुला बड़ा साइबर नेटवर्क स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर की टीम ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में यूज किया गया वर्चुअल मर्चेंट खाता प्राइम इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध कराया गया था, जिसका संचालन गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) के माध्यम से किया जा रहा था। पुलिस जांच में ऑनबोर्डिंग, केवाईसी, ड्यू डिलिजेंस, रिस्क मॉनिटरिंग और फ्रॉड डिटेक्शन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। साथ ही इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) पर देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि भी हुई। मुंबई से महिला निदेशक गिरफ्तार मामले में पहले आरोपी इकबाल अहमद के खिलाफ जांच पूरी कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। आगे की जांच में GLLFL के निदेशकों की भूमिका सामने आने पर साइबर थाना जयपुर की टीम ने मुंबई पहुंचकर कंपनी की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कोर्ट के जरिए आरोपी महिला को 5 दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान मनी ट्रेल, फरार आरोपियों की भूमिका, डिजिटल सबूतों और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। अन्य राज्यों के पीड़ितों की भी तलाश राजस्थान पुलिस अब इस साइबर नेटवर्क में यूज किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। साथ ही राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इस गिरोह से ठगी के शिकार हुए पीड़ित लोगों की भी पहचान की जा रही है। इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका थानाधिकारी गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक अमृता सिंह, उप निरीक्षक मुकेश कुमार और कॉन्स्टेबल बोदूराम की विशेष भूमिका रही। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

178 यूनिट रक्तदान, 201 पौधे लगा याद किया श्रीमाली को:प्रो. विजय श्रीमाली की पुण्यतिथि पर उदयपुर में कार्यक्रम; युवाओं ने दिखाया उत्साह

उदयपुर में शिक्षाविद, समाजसेवी और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली की 8वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को टाइगर हिल स्थित संस्कार भवन में प्रो. विजय श्रीमाली फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लेते हुए 178 यूनिट रक्तदान किया। साथ ही 201 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। शिविर में आरएनटी मेडिकल कॉलेज की रक्तदान इकाई की टीम ने रक्त संग्रह किया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर उनका सम्मान और हौसला बढ़ाया गया। संस्कार भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र श्रीमाली ने कहा- प्रो. विजय श्रीमाली ने पूरा जीवन शिक्षा, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और समाजसेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्राध्यापक से लेकर अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति तक का गौरवपूर्ण सफर तय किया। उनका व्यक्तित्व शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में आज भी प्रेरणा का स्रोत है। प्रो. विजय श्रीमाली फाउंडेशन के अध्यक्ष जतिन श्रीमाली ने कहा- अस्पतालों में रक्त की कमी गंभीर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में रक्तदान शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि पुण्यतिथि पर आयोजित यह शिविर प्रो. विजय श्रीमाली को सच्ची श्रद्धांजलि देने के साथ मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम बना। आयोजन के तहत संस्कार भवन और नटराज किड्स प्लैनेट स्कूल परिसर में 201 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने से बड़ी सेवा कोई नहीं हो सकती। इस अवसर पर विधायक ताराचंद जैन, विधायक दीप्ति माहेश्वरी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, प्रेमशंकर बोहरा, ओमशंकर श्रीमाली, रामकृपा शर्मा, दीपक शर्मा, प्रो. कैलाश सोडाणी, आई.वी. त्रिवेदी, अतुल चंडालिया, पृथ्वी सिंह चौहान, वसीम खान, पंकज शर्मा आदि मौजूद रहे।

धर्मेंद्र-प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सड़कों पर उतरे कांग्रेसी:जयपुर में प्रदर्शन के बाद गहलोत-डोटासरा सहित कई नेता पुलिस हिरासत में; प्रदेशभर में हुआ विरोध-प्रदर्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजस्थान में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था समेत अलग-अलग मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। राजधानी जयपुर में अंबेडकर सर्किल पर आयोजित प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल हुए। वहीं, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। धरने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस नेताओं को पुलिस बस में लेकर विद्याधर नगर थाने ले गई। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। उन्होंने कहा- छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों में लगातार विवाद सामने आने के बावजूद सरकार प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही के बजाय केंद्र सरकार विपक्ष के सवालों से बच रही है। पहले देखें कांग्रेस के प्रदर्शन की PHOTOS डोटासरा बोले- मंत्री के इस्तीफा नहीं देने तक विरोध जारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- जब तक छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी। 40 मिनट प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया कांग्रेसी कार्यकर्ता शाम को अंबेडकर सर्किल पर धरने पर बैठ गए। जहां लगभग 40 मिनट के धरने के बाद पुलिस प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत दो दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कांग्रेसी नेता पुलिस की बस के सामने आ गए और कांग्रेस के सीनियर नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कांग्रेसी नेताओं को खदेड़ा और कांग्रेसी नेताओं को लेकर विद्याधर नगर थाने पहुंची। पूरे राजस्थान में हुआ प्रदर्शन बता दें कि कांग्रेस की ओर से यह विरोध जयपुर के साथ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ हुआ। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।

नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन:पीएम मोदी का पुतला फूंका; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मंगलवार शाम कांग्रेस कार्यालय के सामने नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। शाम 7 बजे हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक होने से लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। बोले- छात्रों के भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से देशभर के छात्रों में भारी नाराजगी है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में छात्र निराश होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। उच्च स्तरीय जांच की मांग कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीट पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी जांच जरूरी है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद सलीम नागौरी, मोहन मेघवाल, भैराराम मकवाना, रामलाल बिश्नोई, गिरिराज, डॉ. नवल किशोर जोशी, लीलाधर कनौजिया, यश जोशी, बबलू व्यास, गोरधन जयपाल, मोहम्मद अली, गोपाल गोगलु, अशोक मेघवाल, प्रकाश सैन, अब्दुल मजीद एडवोकेट और ओम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पाली में कांग्रेसी बोले-केंद्र सरकार युवाओं पर लाठियां बरसा रही:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की; सूरजपोल पर किया प्रदर्शन

पाली शहर के सूरजपोल चौराहे पर मंगलवार शाम को कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किया गया और प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री का पूतला फूंका। इस दौरान उन्होंने दोनों के इस्तीफे की मांग की। साथ ही केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित ने कहा कि पेपर लीक मामले में दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही युवाओं पर सरकार लाठियां बरसा रही है। उनके सिर फोड़ रही है, लेकिन युवाओं की मांग पूरी नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले में नैतिकता के तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए था। वहां प्रदर्शन करने वाले युवा भी यही मांग कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार उनके खिलाफ दमनकारी नीति अपना रही हैं, जो गलत है। युवा देश का भविष्य है और उनके साथ ही सरकार बर्बरता पूर्ण व्यवहार कर रही है।

पंचायत-निकाय चुनाव से पहले युवाओं को साधेगी सरकार:वार्ड-पंचायत स्तर पर आयोजित होंगे क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी खेल; कराना होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

पंचायत-निकाय चुनाव से पहले सरकार युवाओं को साधने के लिए खेलों का सहारा लेने जा रही है। इसे लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को युवा सुयोग कार्यक्रम लॉन्च किया। कार्यक्रम के तहत वार्ड और पंचायत स्तर पर क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल जैसे खेलों का आयोजन होगा। खेलों में हिस्सा लेने के लिए युवाओं को युवा सुयोग प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सीएमआर में लॉन्चिंग के मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- हम युवाओं पर नीतियां सौंपेंगे नहीं, बल्कि उनके खेल के आधार पर खेल की नीतियां तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश के युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने के लिए युवा सुयोग प्लेटफॉर्म सही अवसर और सही मंच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा- शहर में वार्ड और गांवों में पंचायत स्तर पर खेलों का आयोजन होगा। वहीं इसमें विजेता रहने वाली टीमें विधानसभा क्षेत्र स्तर पर अपना हुनर दिखाएंगी और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। जिला स्तर पर बनेंगे क्लब युवा सुयोग कार्यक्रम के तहत सरकार प्रदेश के हर गांव, हर वार्ड के युवाओं की टैकिंग करेगी। जिला स्तर पर सुयोग युवा क्लब स्थापित किए जाएंगे। इनमें सुयोग प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करने वाला प्रत्येक युवा सदस्य होगा। ये जिला क्लब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर के युवा क्लबों से जुड़ेंगे। बगरू विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मंगलवार को इसकी शुरुआत की गई। सीएम ने कहा- इसके लिए स्कूल, कॉलेज और पंचायत और वार्ड के खेल मैदानों की डिजिटल पहचान भी की जाएगी। युवाओं के सुझावों को बजट में किया शामिल सीएम ने कहा- युवाओं को खेलने का मौका मिलता रहे और उनकी रुचि विकसित हो। इसके लिए राज्य सरकार काम कर रही है। गांव से लेकर कस्बों तक खेल सुविधाओं और सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। सरकार युवाओं से विभिन्न विषयों पर संवाद कर उनके सुझावों को बजट में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा- राज्य सरकार प्रदेश में हर क्षेत्र में कार्य करते हुए युवाओं को सफलता की पहली से लेकर अंतिम सीढ़ी तक की यात्रा में पूर्ण सहयोग कर रही है।

नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस का प्रदर्शन:प्रतापगढ़ में फूंका पीएम मोदी का पुतला; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रतापगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सूरजपोल चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों की ओर से प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए जा रहे धरने का भी समर्थन किया। सरकार पर लगाए दमनकारी नीतियां अपनाने के आरोप पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने कहा कि नीट पेपर मामले को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। मीणा ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है। कार्रवाई की मांग को लेकर की नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। मैंने इसे दैनिक भास्कर डिजिटल की लोकल न्यूज स्टाइल में क्लिकेबल हेडलाइन, लोकेशन इंट्रो, सबहेडिंग और छोटे पैराग्राफ के साथ तैयार किया है।