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आर्मी के फर्जी आई-कार्ड के साथ युवक को पकड़ा:बांदनवाड़ा टोल पर दिखाया था कार्ड; कार जब्त

आर्मी के फर्जी आईकार्ड से हाइवे पर टोल बचाने के मामले में एक युवक को पकड़ा गया है। आर्मी इंटेलिजेंस ने बांदनवाड़ा स्थित टोलकर्मियों को टोल से गुजरने के दौरान वाहन चालकों के आर्मी कार्ड सही से जांच करने की हिदायत दी गई। इसके बाद सीकर निवासी कार चालक को पकड़कर भिनाय थाना पुलिस को सौंपा गया। फर्जी आर्मी कार्ड टोल पर दिखाया आर्मी इंटेलिजेंस के सदस्यों ने बताया कि टोल चार्ज बचाने के लिए सैनिक के आई-कार्ड को स्कैन कर उसका दुरुपयोग करने की सूचना मिली थी। इसके बाद बांदनवाड़ा स्थित टोल पर इसकी जानकारी दी गई थी। बांदनवाड़ा टोल से गुजर रही एक कार के चालक ने मंगलवार को आर्मी का आई-कार्ड दिखाकर टोल में छूट देने की बात की गई। आई-कार्ड फर्जी लगने पर टोलकर्मियों ने आर्मी इंटेलिजेंस को सूचना दी। आर्मी इंटेलिजेंस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आर्मी के आई-कार्ड की जांच की। उक्त कार्ड किसी सैनिक के मूल पहचान पत्र को स्कैन कर रंगीन प्रिंट निकालकर बनाया गया था, जो कि फर्जी है। टोलकर्मियों ने कार चालक सीकर निवासी नीलेश चौधरी को भिनाय थाना पुलिस को सौंप दिया। कार चालक को पाबंद करते हुए कार को 207 एमवी एक्ट में जब्त कर लिया। (इनपुट-सुधीर मित्तल व रियाज अहमद)

विवाद के बाद युवक की हत्या, तलाई में मिला शव:गले पर चोट के निशान मिले; एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस

दौसा के सदर थाना क्षेत्र में भांडारेज मोड़ के पास मिले युवक के शव की पहचान मान क्लब के पास टैगोर कॉलोनी निवासी सौरभ वर्मा (28) के रूप में हुई है। जिसके बाद जिला अस्पताल में शव के पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है। वहीं मृतक के पिता जयनारायण ने सदर थाने में हत्या की रिपोर्ट दी है। थाना इंचार्ज युधिष्ठिर ने बताया- मृतक सौरभ सवारी बसों में सामान बेचकर अपना जीवनयापन करता था। वह शराब आदि का नशा भी करता था। संभावना है कि किसी से विवाद के बाद उसकी हत्या की गई हो। मृतक के गले पर चोट के निशान मिलने के बाद हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं। सदर थाना इंचार्ज ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। घटनास्थल से एफएसएल टीम ने भी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। अब पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि सौरभ की हत्या किसने और किन कारणों से की। मामले को लेकर पुलिस टीम जांच में जुटी हुई है। तलाई में मिला था शव बता दें कि भांडारेज मोड़ के पास मंगलवार शाम को सुनसान इलाके में तलाई में युवक का शव मिला था। सूचना पर एएसपी शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी धर्मेंद्र शर्मा भी मौके पर पहुंचे थे। पहचान के लिए शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था। एएसपी शंकर लाल मीणा ने बताया- मृतक युवक के गले पर चोट के निशान मिले हैं। मर्डर एंगल से मामले की जांच की जा रही है।

श्रीगंगानगर में कांग्रेस विधायक और पुलिस के बीच धक्कामुक्की:रूपिंदर कुन्नर बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा, कई कांग्रेसी जमीन पर गिरे

दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने के विरोध में श्रीगंगानगर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हो गई। कांग्रेस जिला अध्यक्ष रुपिंदर सिंह कुन्नर बीबी नहर पर पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी को तोड़कडर मांझूवास-नरसिंहपुरा बारानी अपने समर्थकों के साथ जा रहे थे। कुन्नर अपने समर्थकों के साथ बेरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़े। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हो गई, जिसमें कई कांग्रेस कार्यकर्ता जमीन पर गिर गए। प्रदर्शनकारियों ने सुबह 10 बजे ही पदमपुर-श्रीगंगानगर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर के नेतृत्व में सैंकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता किसान चौक सीसी हेड पर धरने पर बैठ गए। श्रीगंगानगर-पदमपुर स्टेट हाईवे को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरी तरह से जाम कर दिया। हाईवे पर बैठकर कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई, जिसके कारण 6 सीसी से श्रीगंगानगर रूट डायवर्ट किया गया है। जिलाध्यक्ष रुपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा- केंद्र सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाले घोटालों को दबाने के लिए दमनकारी नीति अपना रही है। जंतर मंतर पर लाठीचार्ज और बड़े नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र की हत्या है। परेशान छात्रों ने सुसाइड किया है। इसके वाबजूद सरकार छात्रों को पीट रही है। हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखेंगे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि पेपर लीक की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। चक्का जाम के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इनपुट सहयोग- अरुण चावला, श्रीगंगानगर

जंगल में युवक का शव मिला, हत्या की आशंका:शरीर पर चोट के कई निशान; FSL टीम ने जुटाए सबूत

जयपुर के हरमाड़ा में आज सुबह एक युवक का शव मिला है। युवक के शरीर पर चोट के निशान है, इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। युवक की पहचान नहीं हुई है। जानकारी अनुसार- युवक का शव चेतन पर्वत के पास जंगल में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण और हरमाड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र भडाणा मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर धारधार हथियार से चोट के कई निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। आस-पास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज, घटना स्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि जंगल में शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस टीम ने पहुंचकर एफएसएल टीम को बुलवाकर साक्ष्य जुटाए है। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिले है, मामले में जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। यहां देखें फोटोज

उदयपुर के महाराज की खेड़ी में शनि-महाराज का मेला आज:शाम 7 बजे होगी महाआरती, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडाल बनाए

उदयपुर जिले के डबोक स्थित महाराज की खेड़ी में बुधवार को भडिया नम के उपलक्ष्य शनि महाराज मेला आज भरेगा। भंवर रावल मठाधीश गुरु मोहन रावल के सानिध्य में होने वाले मेले में बड़ी संख्या में आसपास गांवों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। दोपहर 12 बजे बालभोग समर्पण होगा और इसके बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा। शाम 7 बजे होगी महाआरती शाम को होने वाली महाआरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां पंडाल में बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पानी, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों के लिए अलग से पार्किंग व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने उदयपुर सहित आसपास गांव के सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित मेले में शरीक होने की अपील की है।

जोधपुर में बारिश, सड़कों पर भरा पानी:मानसून एंट्री के 15 दिन बाद शहर में बदला मौसम; अगले 4 दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट

जोधपुर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बुधवार शाम अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। इससे पूर्व शहर में मंगलवार देर रात बूंदाबांदी हुई। जोधपुर में 7 जुलाई को मानसून की दस्तक के बाद बारिश पर ब्रेक लगा हुआ था। लेकिन, 15 दिन बाद अब शहरवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और पारा 36.6 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री गिरकर 29.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो जुलाई के सामान्य तापमान 27.1 डिग्री से 2.1 डिग्री अधिक है। 47 फीसदी कम बारिश 21 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार- जोधपुर में इस महीने सामान्य से 47.3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 21 जुलाई तक सामान्य बारिश 103.8 एमएम होनी चाहिए थी, जबकि इस बार केवल 56.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश की कमी के चलते शहर में उमस बढ़ रही है और लोग परेशान हैं। 26 जुलाई तक आंधी-बारिश का यलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज से आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके 26 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अगले पांच दिनों तक जोधपुर में मौसम करवट ले सकता है और कई इलाकों में आंधी के साथ बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
यह खबर भी पढ़ें… जोधपुर में बाजरा-मूंग की फसलें खराब, रेत में दबे खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे; पशुओं के लिए चारा भी कहां से लाएंगे राजस्थान में इस बार मानसून सात दिन की देरी से आया। वहीं अब तक बारिश भी कम हुई है। इससे कई बांध खाली हैं। किसान भी परेशान हैं। जोधपुर में मानसून की एंट्री के साथ किसानों को उम्मीद थी कि बारिश का दौर चलेगा। ऐसे में खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू कर दी थी, लेकिन जिले में मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश नहीं हुई। (पूरी खबर पढ़ें)

जोधपुर में बाजरा-मूंग की फसलें खराब, रेत में दबे खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे; पशुओं के लिए चारा भी कहां से लाएंगे

राजस्थान में इस बार मानसून सात दिन की देरी से आया। वहीं अब तक बारिश भी कम हुई है। इससे कई बांध खाली हैं। किसान भी परेशान हैं। जोधपुर में मानसून की एंट्री के साथ किसानों को उम्मीद थी कि बारिश का दौर चलेगा। ऐसे में खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू कर दी थी, लेकिन जिले में मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश नहीं हुई। जोधपुर में अब तक औसत से 45 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जोधपुर के शेरगढ़ क्षेत्र में बारिश नहीं होने से 15 से ज्यादा गांवों में सैकड़ों बीघा खेतों में फसल खराब हो गई हैं। किसानों की मेहनत बेकार हो गई। किसान बोले- कई घंटों तक तपती धूप में मेहनत करते हुए फसलों की बुवाई की थी। हवा की वजह से जो फसलें खड़ी थी, वे रेत में दब गईं। रिपोर्ट में पढ़ें किसानों का दर्द… पहले देखें ये PHOTOS… 15 से ज्यादा गांवों में जल गईं फसलें जोधपुर जिले के शेरगढ़ क्षेत्र के सोइंतरा, भैर नगर, साई, हिम्मतपुरा, चाबा, सुवालिया, सोलंकियातला, सोमेसर, दासानिया, पाबूसर, चुतरपुरा, भूंगरा, तेना, खिरजा, रायसर, रामगढ़, साबरसर सहित आस-पास के गांवों में फसलें बर्बाद हो गईं। कम बारिश के बावजूद किसानों ने उम्मीद के साथ बुवाई की, लेकिन अब नमी की कमी और तेज गर्म हवा से फसलें झुलसने लगी हैं। ऐसे में क्षेत्र के किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसान बोले- पूरा खेत तबाह हो गया, अब कुछ नहीं बचा सोइंतरा, भैर नगर निवासी किसान राणाराम ने बताया- मेरे 50 बीघा से ज्यादा खेत है। इस बार बारिश की उम्मीद में बाजरा, मूंग, मोठ, तिल और ग्वार बोए थे। बुवाई के लिए 30 घंटे तक ट्रैक्टर चलाया था। इस पर करीब 50 हजार रुपए का खर्चा आया। बारिश नहीं होने से मेहनत पर पानी फिर गया। पूरी फसल जलकर खराब हो गई। इतने रुपए खर्च करने के बाद पूरा खेत तबाह हो गया। अब कुछ नहीं बचा। वहीं सोइंतरा, भैर नगर निवासी किसान रामूराम ने बताया- मेरे पास करीब 20 बीघा खेत है। बुवाई के लिए मजदूरों ने एक घंटे के एक हजार रुपए मजदूरी ली। खेत में जो फसलें खड़ी हैं, वे जल गई हैं। एक महीने से हवा चल रही है, जिससे फसल रेत में दब गई। पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है। किसान बोले- बारिश नहीं हुई तो चारा कहां से लाएंगे क्षेत्र के किसानों ने बताया- बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें खराब हो चुकी हैं। ऐसे में चिंता बढ़ गई है कि पशुओं के लिए चारा कहां से लाएंगे। किसानाें ने मांग रखी कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करवाकर हमें अनुदान ​दिया जाए। साथ ही पशुओं के चारे के लिए व्यवस्था करने की भी मांग की। खरीफ फसल : टारगेट से 39% कम बुवाई कृषि विभाग की 17 जुलाई तक की रिपोर्ट के अनुसार- इस साल खरीफ की फसलों का टारगेट 7.34 लाख हेक्टेयर है। अब तक केवल 4.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है। कुल लक्ष्य का करीब 61 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। टारगेट से 39 फीसदी कम बुवाई हुई है। मौजूदा स्थिति पिछले साल की तुलना में काफी कमजोर है। पिछले साल 15 जुलाई तक जिले में खरीफ फसलों की बुवाई तय टारगेट से ज्यादा हो चुकी थी। कृषि विशेषज्ञ इस बार कम बुवाई को मानसून की कमजोर शुरुआत का सीधा परिणाम मान रहे हैं। कंटेंट/वीडियो इनपुट: विक्रम सिंह

3.5 फीट के बक्से में ठूंस-ठूंसकर भरा पत्नी का शव:चुन्नी-जूतों की डोरी से घोंटा था गला, चौथे दिन बदबू आने से घबरा गया पति

पहले पत्नी को बेरहमी से पीटा। फिर जूतों की डोरी (शू लेस) और चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। जब सांसें थम गईं तो शव को घर में रखे 3.5 फीट के बक्से (संदूक) में ठूंस-ठूंसकर भर दिया। शव के हाथ आगे की तरफ बांध दिए थे और पैरों को पीछे की ओर मोड़ दिया था। यह खुलासा आरोपी पति कृष्ण कुमार जाट (40) ने पुलिस पूछताछ में किया है। आरोपी ने 18 जुलाई को पत्नी सिलोचना (34) की बेरहमी से हत्या कर दी थी। मामला झुंझुनूं के सूरजगढ़ इलाके के अगवाना खुर्द गांव का है। आरोपी ने शातिर तरीके से वारदात को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन बक्से से आ रही बदबू ने उसे परेशान कर दिया। इससे छुटकारा पाने के लिए मंगलवार (21 जुलाई) को गांव के एक व्यक्ति से सलाह लेनी चाही। इसी से पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। पढ़िए यह रिपोर्ट… पत्नी से शराब के लिए मांगे थे पैसे, नहीं देने पर मार डाला अगवाना खुर्द निवासी आरोपी कृष्ण कुमार जाट की शादी साल 2009 में सिलोचना के साथ हुई थी। कृष्ण कुमार को शराब पीने की लत है। 18 जुलाई को भी उसे शराब पीने की तलब हुई। उसने पत्नी सिलोचना से पैसे मांगे, लेकिन सिलोचना ने इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों में बहस हो गई। गुस्से में आकर कृष्ण कुमार ने सिलोचना से मारपीट शुरू कर दी। वह जमीन पर गिर पड़ी, लेकिन कृष्ण कुमार फिर भी उसे पीटता रहा। चुन्नी और जूतों की डोरी से सिलोचना का बेरहमी से तब तक गला घोंटा, जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। शव को बक्से में भरकर ऊपर गद्दा बिछा दिया सूरजगढ़ थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया- महिला के शव के साथ भी क्रूरता की गई। आरोपी ने हत्या के बाद सबूत मिटाने और शव को ठिकाने लगाने के लिए पूरी प्लानिंग की। आरोपी ने घर में रखे बक्से को खाली किया। उसका सामान दूसरे कमरे में रख दिया। इसके बाद जमीन पर पड़ी पत्नी की लाश को बक्से में रखने लगा, जिससे उसे कहीं भी ले जाया जा सके। मृतका के दोनों हाथ आगे की तरफ बांध दिए और पैरों को पीछे की ओर मोड़कर साढ़े तीन फीट के बक्से में ठूंस दिया। बक्से के ऊपर गद्दा और चादर बिछा दी, जिससे घर में आने-जाने वाले किसी भी व्यक्ति को और खासतौर पर 16 साल के बेटे को शक न हो। वारदात के समय बेटा घर पर नहीं था। जब वह लौटा तो लगातार मां के बारे में पूछता रहा। आरोपी पिता ने उससे कहा कि मां उसके ननिहाल गई है। 3 दिन बाद शव से बदबू आई तो घबराया घटना के 3 दिन बाद शव से बदबू आने लगी तो आरोपी घबरा गया। आरोपी को बदबू रोकने का कोई तरीका नहीं सूझा तो वह 21 जुलाई को गांव के एक विश्वस्त व्यक्ति के पास गया और हत्या के बाद रखे शव से बदबू आने की बात कही। जब उस व्यक्ति ने पूरी मदद का आश्वासन दिया तो आरोपी पति ने हत्या की पूरी बात बताई। इसके तुरंत बाद उस व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में घटनास्थल पर सूरजगढ़ थाना पुलिस की टीम पहुंच गई। बक्से को खुलवाकर शव बरामद किया। आरोपी पति को डिटेन कर लिया। थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। लेकिन प्राथमिक जांच से साफ है कि महिला को तड़पा-तड़पाकर मारा गया है। आरोपी पति से पूछताछ जारी है। … ये खबर भी पढ़िए… पत्नी की हत्या कर शव के हाथ बांधे,पैर तोड़ डाले:बक्से में छुपाया; 4 दिन तक बेटे को गुमराह करता रहा पिता झुंझुनूं में पैसे के विवाद में पति ने पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मर्डर के बाद शव के हाथ बांध दिए और पैर तोड़कर बक्से में डाल दिया। चार दिन तक बेटे को गुमराह करता रहा। मामला सूरजगढ़ इलाके के अगवाना खुर्द गांव का है। पूरी खबर पढ़िए

महिला वीडीओ ने ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड किया:ग्रामीण सेवा शिविर से लौटकर उठाया कदम, भाई के साथ किराए के मकान में रहती थी

सीकर के लक्ष्मणगढ़ के बासनी रेलवे फाटक के पास महिला वीडीओ ने जयपुर-चूरू पैसेंजर ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। घटना के बाद ट्रेन करीब 20 मिनट रूकी रही। वीडीओ ग्रामीण सेवा शिविर में शामिल होकर दो घंटे पहले ही घर लौटी थी। भाई के साथ किराए के मकान में रहती थी लक्ष्मणगढ़ शहर चौकी इंचार्ज बालूराम ने बताया- भरतपुर निवासी मृतका लक्ष्मी मीणा (25) भाई के साथ पंचायत समिति ऑफिस के सामने अपने भाई के साथ किराए के मकान में रहती थी। वह सिंगोदड़ा पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के पद पर कार्यरत थी। मंगलवार को वह ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पटवारी और दो अन्य सहकर्मियों के साथ शाम 6 बजे अपने घर पहुंच गई थी। शाम 8:15 बजे लक्ष्मी वापस घर से निकली और एक किलोमीटर दूर स्थित रेलवे ट्रेक पर जयपुर-चूरू पैसेंजर ट्रेन के सामने कूद गई। हादसे में लक्ष्मी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन 20 मिनट वहीं रूकी रही। पुलिस और पंचायत विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को एंबुलेंस से जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया। शिविर में लक्ष्मी का व्यवहार सामान्य था प्रशासक महेश ढेवा और अन्य सहकर्मियों ने बताया- शिविर के दौरान लक्ष्मी का व्यवहार पूरी तरह सामान्य था। उसके इस कदम से सभी हैरान हैं। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस घरेलू, व्यक्तिगत और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। परिजनों के लक्ष्मणगढ़ पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

महात्मा गांधी हॉस्पिटल में OPD पर्ची से पहले मिलेगा टोकन:टीवी स्क्रीन पर दिखेगा डॉक्टर से मिलने का नंबर, रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलेगी

जोधपुर के सबसे पुराने महात्मा गांधी हॉस्पिटल में मरीजों की सुविधा के लिए OPD व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है। अब मरीजों को ओपीडी में पर्ची बनवाने के लिए लाइन में नहीं लगना होगा और न ही डॉक्टर चैंबर के बाहर उसे खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना होगा। हॉस्पिटल में जल्द ही क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू हो रहा है। इसके तहत अब मरीजों को OPD पर्ची बनवाने से पहले टोकन दिया जाएगा और अस्पताल में लगी टीवी स्क्रीन पर डॉक्टर से मिलने का नंबर दिखाई देगा। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भीड़ प्रबंधन में भी आसानी होगी। टोकन से टीवी स्क्रीन पर ही मरीज को पता चल जाएगा कि उसे ओपीडी पर कब जाना है। इतना ही नहीं मरीज को कौनसे डॉक्टर के पास कब जाना है, ये भी स्क्रीन पर दिखाई देगा और उसका अनाउंसमेंट भी होगा। इसके साथ ही हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों की रिपोर्ट ऑनलाइन करने की भी तैयारी की जा रही है। पढ़िए, 93 साल पुराने हॉस्पिटल में कैसे बदलेगी व्यवस्था… पहले क्या होता था: अभी तक ओपीडी में पर्ची के​ लिए मरीज या फिर उनके परिजनों को लाइन में लगना पड़ता है। इसके लिए घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद जब डॉक्टर को दिखाना होता है, तब भी ये ही हालात बनते है। अब क्या होगा: अब मरीज को सीधे ओपीडी काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले उसे टोकन लेना होगा। इसी टोकन से उसकी ओपीडी पर्ची भी जनरेट होगी और डॉक्टर को दिखाने का नंबर भी इस टोकन से जनरेट होगा। लाइन में खड़े होकर नहीं करना होगा इंतजार महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिडेंटेंड फतेह सिंह भाटी ने बताया- मरीजों को हॉस्पिटल में आते ही पहले टोकन लेना होगा। ओपीडी ब्लॉक पर ही चार स्क्रीन लगाई गई है। यहीं पर टोकन मशीन भी है, जहां से टोकन नंबर जनरेट होगा। इसके बाद उसे लाइन में खड़ा नहीं होना है। वहीं पर बैठने की व्यवस्था की जा रही है। ओपीडी ब्लॉक के साथ हॉल में एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। टोकन नंबर जैसे ही उस स्क्रीन पर आएगा, तब उसे ओपीडी काउंटर पर जाना है। ये ऑडिबल भी होगा यानी मरीज का टोकन नंबर क्या है, उसका नंबर आने पर अनाउंसमेंट भी होगा। यहां जैसे ही अपने आभा नंबर या दूसरी डिटेल देगा उसकी ओपीडी पर्ची जनरेट हो जाएगी। डॉक्टर चैंबर के बाहर भी खड़े रहने की जरूरत नहीं, स्क्रीन बता देगी कब आएगा नंबर मरीज को कौनसे रूम और कौनसे डॉक्टर के पास जाना है ये ओपीडी पर्ची में होगा। इसके बाद यहां जाकर भी लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में सभी डिपार्टमेंट की ओपीडी के बाहर स्क्रीन लगाई गई है। टोकन नंबर के आधार पर मरीजों की बारी आएगी। जैसे ही मरीज का नंबर आएगा स्क्रीन पर उसका टोकन नंबर और नाम अनाउंसमेंट हो जाएगा। मरीजों का बनेगा आभा कार्ड, ऑनलाइन मिलेगी सुविधा डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि पूरे हॉस्पिटल में ऐसी 22 छोटी स्क्रीन लगाई गई है। इसके अलावा तीन बड़ी स्क्रीन अलग से है। इन स्क्रीन पर मरीजों को लगातार अपडेट मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि आभा नंबर से अब मरीजों की डिटेल्स अपडेट होगी। यदि किसी का आभा कार्ड नहीं बना है तो इसके लिए ओपीडी ब्लॉक में ही एक व्यक्ति को अपॉइंट करेंगे, जो उसी समय मरीज का आभा कार्ड भी बना देगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ये प्रयास किया जा रहा है कि मरीज को उसकी सारी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन ही मिल जाएगी। इसके लिए भी काम शुरू कर दिया है। मरीजों को उनकी ऑनलाइन रिपोर्ट हॉस्पिटल की वेबसाइट से मिलेगी।