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प्रतापगढ़ के जनजातीय छात्रावास में पौधारोपण:100 से ज्यादा पौधे लगाए, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

प्रतापगढ़ में ‘हरित भविष्य की ओर कदम’ अभियान के तहत राजकीय जनजातीय आवासीय छात्रावास परिसर में 100 से अधिक औषधीय और छायादार पौधे लगाए गए। यह पौधारोपण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतापगढ़ द्वारा शनिवार को किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग, नारकोटिक्स विभाग, महावीर इंटरनेशनल कांठलवीरा केन्द्र, एलएडीसीएस स्टाफ, शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पौधारोपण और संरक्षण की बताई जरूरत कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष और जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने की। उन्होंने वृक्षों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम बताया और कहा कि ये आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी धरोहर हैं। न्यायाधीश कुमारी ने अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुंदर लाल खारोल ने बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन को मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाए। पेड़ों के महत्व के बारे में बताया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति स्वामी ने पौधारोपण के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर प्रकाश डाला। जेल अधीक्षक सौरभ स्वामी ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में वृक्षारोपण की भूमिका बताई। सीडीईओ गोपाल जोशी ने जल संरक्षण में वृक्षों की भूमिका पर बात की, जबकि डीएफओ सुरेश अग्रवाल ने मिट्टी संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने में पेड़ों की उपयोगिता समझाई। इस कार्यक्रम के लिए वन विभाग ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया।

प्रसूताओं की मौत के बाद 2 नर्सिंगकर्मी APO:CMHO ने जारी किए आदेश; इलाज में लापरवाही बरतने पर सख्ती

​बांसवाड़ा जिले में चिकित्सा विभाग ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ ने दो नर्सिंग कर्मियों को APO कर दिया है। विभाग की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई को पिछले दिनों क्षेत्र में हुई प्रसूताओं की मौत के गंभीर मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। ​इन पर गिरी गाज, CMHO ऑफिस रहेगा मुख्यालय ​CMHO की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में गाज गिरने वाले कर्मचारियों में शामिल हैं: ​आदेश के मुताबिक, APO अवधि के दौरान इन दोनों ही नर्सिंग कर्मियों का मुख्यालय कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बांसवाड़ा रहेगा। इन्हें बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। ​गांगड़तलाई CHC पर वैकल्पिक व्यवस्था ​इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पर चिकित्सा व्यवस्थाएं प्रभावित न हों, इसके लिए विभाग ने मुस्तैदी दिखाई है। रिक्त हुए पदों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभाग ने दो अन्य नर्सिंग कर्मियों को गागड़तलाई CHC पर अस्थाई रूप से सेवाएं देने के लिए नियुक्त कर दिया है। ​चिकित्सा विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों और नर्सिंग स्टाफ में हड़कंप मचा हुआ है।

सीएम बोले- साइबर अपराधियों की केवल गिरफ्तारी काफी नहीं:संपत्ति जब्त कर तोड़ें इनकी आर्थिक कमर; हेल्पलाइन-1930 का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- साइबर अपराधियों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहे, बल्कि उनकी संपत्ति और वित्तीय नेटवर्क की भी गहन जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि अपराध की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजस्थान पुलिस मुख्यालय (PHQ) पहुंचकर साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की। सीएम ने साइबर हेल्पलाइन-1930, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विकसित संचार तंत्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जिन क्षेत्रों में साइबर अपराध के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, उन साइबर हॉटस्पॉट्स को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। R4C और साइबर हेल्पलाइन 1930 का किया निरीक्षण पुलिस मुख्यालय पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने Rajasthan Response and Rescue Coordination Centre (R4C) का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इसके बाद PHQ में उन्होंने साइबर हेल्पलाइन-1930 की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर आए एक परिवादी की शिकायत भी सुनी और समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली। विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स की होगी नियुक्ति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स की सेवाएं ली जाएं। सीएम ने कहा कि यह व्यवस्था केवल पुलिस मुख्यालय तक सीमित न रहकर जिला स्तर पर भी लागू की जाए, ताकि हर जिले में विशेषज्ञता के आधार पर साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। 91 प्रतिशत कॉल अटेंड, 98 करोड़ रुपए की राशि होल्ड बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के बाद राज्य में साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 1930 हेल्पलाइन की लाइनों की संख्या बढ़ाने के बाद अब 91 प्रतिशत से अधिक कॉल अटेंड की जा रही हैं। साइबर ठगी की शिकायतों में अब तक करीब 98 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई जा चुकी है। इसके अलावा साइबर अपराध में उपयोग होने वाले मोबाइल फोन और सिम कार्ड लगातार ब्लॉक किए जा रहे हैं तथा खोए हुए मोबाइल फोन नागरिकों को वापस दिलाने की कार्रवाई भी जारी है। दो माह में शुरू होगा राजस्थान का R4 डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद I4C की तर्ज पर Rajasthan Cyber Crime Coordination Centre (R4C) की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। लक्ष्य है कि अगले दो माह में इसे पूरी तरह क्रियान्वित कर दिया जाए। इसके लिए अलग भवन तैयार किया जा रहा है, जहां R4C के साथ 1930 कॉल सेंटर भी संचालित होगा। 1930 हेल्पलाइन की क्षमता 100 लाइनों तक बढ़ेगी वर्तमान में 1930 हेल्पलाइन 53 लाइनों पर संचालित हो रही है और 90 प्रतिशत से अधिक कॉल रिसीव की जा रही हैं। जल्द ही इसकी क्षमता 60 लाइनों तक बढ़ाई जाएगी और वर्ष के अंत तक इसे 100 लाइनों तक विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए कॉल सेंटर ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत और तकनीकी रूप से सक्षम कार्रवाई की जा सके। राष्ट्रीय पोर्टल के आधार पर होगी कार्रवाई डीजीपी ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिन क्षेत्रों में साइबर ठगी की घटनाएं अधिक सामने आती हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी पुलिस अधीक्षकों (SP) और आईजी रेंज को इन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। लोगों से की सतर्क रहने की अपील डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि वे 100 या 200 प्रतिशत रिटर्न, शेयर ट्रेडिंग, निवेश, ऑनलाइन जॉब, विदेश भेजने या अन्य आकर्षक ऑफर देने वाले कॉल, व्हाट्सएप मैसेज और लिंक के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की धनराशि जमा करने या निवेश करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें और संदेह होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद साइबर थानों, जिला पुलिस अधीक्षकों और आईजी रेंज को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए और अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।

जोधपुर-हड़पसर एक्सप्रेस 25 जुलाई तक रद्द:श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर रुकेगी 'लीलण' और 'बांद्रा' सुपरफास्ट एक्सप्रेस

मध्य रेलवे के मुंबई मंडल में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खल के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके चलते हड़पसर-जोधपुर-हड़पसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन अब 25 जुलाई तक प्रभावित रहेगा। यह ट्रेन गत 10 जुलाई से ही अस्थायी रूप से रद्द चल रही थी, जिसकी अवधि को अब रेलवे प्रशासन ने आगे बढ़ाते हुए 25 जुलाई तक कर दिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) हितेश यादव ने बताया- ट्रैक बाधित होने के कारण (ट्रेन संख्या 20495) जोधपुर-हड़पसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की 18 से 24 जुलाई के बीच की सात ट्रिप (फेरे) रद्द की गई हैं। इसी प्रकार, वापसी में (ट्रेन संख्या 20496) हड़पसर-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की भी 19 से 25 जुलाई के बीच की सात ट्रिप रद्द रहेंगी। यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह ट्रेनों के अचानक रद्द होने से यात्रियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए रेलवे ने विशेष अपील जारी की है। प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने या अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे के हेल्पलाइन नंबरों या आधिकारिक वेबसाइट/ऐप के जरिए अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति (लाइव स्टेटस) की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर रुकेगी ‘लीलण’ और ‘बांद्रा’ सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसलमेर रूट पर यात्रा करने वाले रेल यात्रियों की सुविधा के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। जोधपुर मंडल के ‘श्री भादरिया लाठी’ स्टेशन पर अब दो प्रमुख सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव (Halt) शुरू किया जा रहा है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हाल ही में जैसलमेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के लोकार्पण समारोह में स्थानीय लोगों की मांग पर इसकी घोषणा की थी। प्रायोगिक आधार पर आगामी आदेशों तक ठहराव मंजूर जोधपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की लंबे समय से चल रही मांग को देखते हुए राईका बाग-जैसलमेर रेलखंड पर स्थित श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव को मंजूरी दी गई है। इनमें जैसलमेर-जयपुर-जैसलमेर लीलण सुपरफास्ट एक्सप्रेस (दैनिक) और बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट एक्सप्रेस (साप्ताहिक) शामिल हैं। यह ठहराव फिलहाल प्रायोगिक आधार पर आगामी आदेशों तक रहेगा। जानें दोनों ट्रेनों के ठहराव का समय (Time-Table): 1. जैसलमेर-जयपुर-जैसलमेर लीलण एक्सप्रेस (प्रतिदिन): ट्रेन संख्या 12467 (जैसलमेर से जयपुर): 19 जुलाई से इस ट्रेन का श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर प्रतिदिन रात्रि 1:14 बजे आगमन और 1:16 बजे प्रस्थान होगा (2 मिनट का ठहराव)। ट्रेन संख्या 12468 (जयपुर से जैसलमेर): यह ट्रेन प्रतिदिन सुबह 4:00 बजे स्टेशन पहुंचेगी और 4:02 बजे जैसलमेर के लिए रवाना होगी। 2. बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर-बांद्रा एक्सप्रेस (साप्ताहिक): ट्रेन संख्या 22931 (बांद्रा टर्मिनस से जैसलमेर): 25 जुलाई से प्रत्येक शनिवार सुबह 8:08 बजे इस स्टेशन पर पहुंचेगी और 8:10 बजे रवाना होगी। ट्रेन संख्या 22932 (जैसलमेर से बांद्रा टर्मिनस): 18 जुलाई से प्रत्येक शनिवार शाम 6:54 बजे इस स्टेशन पर पहुंचेगी और 6:56 बजे प्रस्थान करेगी। शुक्रवार को जैसलमेर रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देश को संबोधित किया था। इसी भव्य समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों की मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर इन दोनों सुपरफास्ट ट्रेनों के ठहराव की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी थी।

पूर्व NSG कमांडो ड्यूटी पर ड्रग्स की तस्करी करता था:छुट्‌टी पर घर आते समय लाता था खेप; जेल भी जा चुका, बना रखी थी कई कंपनियां

ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व NSG कमांडो ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। आरोपी ड्यूटी पर रहते हुए भी नशीले पदार्थों की तस्करी करता था। ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आते समय नशे की खेप लेकर आता था। इसके कारण कोई शक नहीं करता था। पुलिस ने आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश कर 12 दिन की रिमांड पर लिया है। डीसीपी ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया-आरोपी रतनसिंह ने कई फर्में भी बना रखी थीं। अंदेशा है कि अवैध तस्करी की कमाई के पैसों को इधर-उधर करने के लिए उसने कंपनियां बना रखी थीं। सूत्रों के मुताबिक आरोपी सोलर से लेकर जल जीवन मिशन में भी पाइप का ठेका ले रखा था। असम राइफल्स में रहने के दौरान हुआ तस्कर से संपर्क डीसीपी ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया- आरोपी की ड्यूटी असम राइफल्स में थी। इसके चलते वह नॉर्थ ईस्ट के तस्करों के संपर्क में आ गया। जब ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आता था तो थोड़ी बहुत खेप अपने साथ भी लेकर आ जाता था। ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था डीसीपी ने बताया- आरोपी रतनसिंह साल 2008 में असम राइफल्स में भर्ती हुआ था। इसके बाद साल 2017 में एनएसजी में चला गया। 2021 में नागालैंड में ब्राउन शुगर पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे एनएसजी ने निकाल दिया था। खास बात यह कि आरोपी 40 दिन तक जेल में रहा। जेल से बाहर आते ही फिर से मादक पदार्थ तस्करी शुरू कर दी थी। मादक पदार्थ की खेप आरोपी मणिपुर की तरफ से ही लेकर आता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया- आमतौर पर नशीले पदार्थ की खेप ट्रेन के जरिए लेकर आता था। यहां लाने के बाद उसे लोकल नेटवर्क के जरिए सप्लाई कर देता था। एजेंसियां पूछताछ में जुटी इधर, आरोपी के पास से 1 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपए कैश मिलने के चलते इनकम टैक्स और अन्य एजेंसियों भी अब उससे पूछताछ करेगी। लग्जरी बना रखा था मकान जोधपुर पुलिस ने 16 जुलाई को देर रात बनाड़ स्थित पूर्व NSG कमांडो के घर पर कार्रवाई की थी। कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी लग्जरी लाइफ जी रहा था। बंगले में कई आलीशान निर्माण भी करवाए हुए थे। लेकिन मकान बाहर से साधारण नजर आता है। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से 1 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपए की नकदी और 8 किलो अफीम का दूध भी बरामद हुआ था। …. ये भी पढ़ें… पूर्व NSG कमांडो के घर से 1.06 करोड़ कैश मिला:जोधपुर में 6 करोड़ का मकान बना रखा; छापे में 8 किलो अफीम का दूध भी बरामद जोधपुर पुलिस ने NSG में कमांडो रहे रतनसिंह को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है। बनाड़ थाना पुलिस टीम ने गुरुवार देर रात पूर्व NSG कमांडो के घर पर छापा मारा। पुलिस को देख रतनसिंह ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। (पूरी खबर पढ़ें)

ट्रांसपोर्टर से बना तस्कर, एक साल बाद गिरफ्तार:घर आने की सूचना पर ANTF ने पकड़ा; 10 हजार का इनाम था

मध्यप्रदेश के नीमच जिले में NDPS एक्ट के मामले में पिछले एक साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान गंगरार थाना क्षेत्र के सुवाणिया गांव निवासी किशनलाल (27) पुत्र भगवानालाल गाडरी के रूप में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार आरोपी अपने घर आया हुआ है। इसके बाद एएनटीएफ ने पहले उसकी मौजूदगी की पुष्टि की और फिर उसके घर पर घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसकी तलाश मध्यप्रदेश पुलिस लगातार कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद अब उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में डोडा-पोस्त की तस्करी से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। उसके साथ काम करने वाले अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सकता है। नीमच पुलिस ने घोषित कर रखा था इनाम महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया- किशनलाल के खिलाफ मध्यप्रदेश के नीमच जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। कार्रवाई के दौरान वह फरार हो गया था और करीब एक साल तक पुलिस के हाथ नहीं लगा। लगातार फरार रहने के कारण नीमच पुलिस अधीक्षक ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। एएनटीएफ को हाल ही में सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव स्थित घर आया है। टीम ने सूचना की पुष्टि करने के बाद उसके घर और आसपास निगरानी रखी। सही समय मिलने पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पकड़ने के दौरान उसे भागने का कोई मौका नहीं मिला। ट्रांसपोर्ट के काम से शुरू हुआ अपराध का सफर पुलिस जांच के अनुसार- किशनलाल पहले चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट का काम करता था। वह माल लेकर जाने वाले ट्रकों को गुजरात भेजता था। आरोप है कि वहां कुछ दलालों के साथ मिलकर ट्रकों को कटवा देता था और बाद में ट्रक मालिकों को यह कहता था कि ट्रक चोरी हो गया है। शुरुआत में किसी को उस पर शक नहीं हुआ, लेकिन जब कई ट्रकों के साथ एक जैसी घटनाएं होने लगीं तो ट्रक मालिकों ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और अलग-अलग ट्रक मालिकों ने उसके खिलाफ ट्रकों की हेराफेरी और खुर्द-बुर्द करने के करीब आठ मामले दर्ज कराए। इन मामलों में कार्रवाई के बाद उसे जेल जाना पड़ा। जेल से बाहर आते ही तस्करी में उतर गया पुलिस के मुताबिक किशनलाल के अपराध की दिशा जेल जाने के बाद बदल गई। जेल में उसकी पहचान ऐसे लोगों से हुई जो लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने ट्रांसपोर्ट का पुराना काम छोड़ दिया और डोडा-पोस्त की तस्करी शुरू कर दी। पहले उसने दूसरे तस्करों के साथ मिलकर काम किया और फिर धीरे-धीरे अपना अलग नेटवर्क तैयार कर लिया। पुलिस का कहना है कि उसने राजस्थान, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के तस्करों से संपर्क बढ़ाए और अवैध मादक पदार्थों की खरीद, परिवहन और सप्लाई का काम शुरू कर दिया। राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच बनाया सप्लाई नेटवर्क जांच में सामने आया है कि आरोपी मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से डोडा-पोस्त की खेप मंगवाकर राजस्थान के अलग-अलग जिलों में सप्लाई करता था। इस पूरे काम में उसके साथ कई अन्य तस्कर भी जुड़े हुए थे, जो माल की ढुलाई और वितरण में मदद करते थे। पुलिस के अनुसार इस अवैध कारोबार से आरोपी ने लाखों रुपए कमाए। इसी दौरान उसके खिलाफ नीमच जिले में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज हुआ। पुलिस कार्रवाई तेज होने के बाद वह फरार हो गया और लगातार ठिकाने बदलता रहा। पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किशनलाल की गिरफ्तारी सिर्फ एक फरार आरोपी को पकड़ने तक सीमित नहीं है। अब जांच एजेंसियों का फोकस उसके पूरे नेटवर्क पर है। उससे यह जानकारी जुटाई जा रही है कि वह किन लोगों के संपर्क में था, डोडा-पोस्त की खेप कहां से आती थी, किन रास्तों से राजस्थान पहुंचाई जाती थी और किन जिलों में इसकी सप्लाई होती थी।

मनियां सीएचसी पर 134 गर्भवती महिलाओं की जांच:पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगा शिविर, हाई रिस्क प्रेगनेंसी की स्क्रीनिंग

धौलपुर जिले के मनियां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एक विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में कुल 134 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच की गई, जिसमें दवा वितरण और हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) की स्क्रीनिंग भी शामिल थी। मरीजों को पौष्टिक आहार भी वितरित किया गया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. आर. के. यादव ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है। इसी लक्ष्य के साथ शिविर में सामान्य प्रसव पूर्व जांचों के अलावा जटिल गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेगनेंसी) की पहचान के लिए विशेष स्क्रीनिंग की गई, ताकि समय पर उचित उपचार सुनिश्चित किया जा सके। शिविर के दौरान कुल 134 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की गई। इनमें से 54 महिलाओं को ‘मां वाउचर’ योजना का लाभ प्रदान किया गया, जबकि 37 महिलाओं की हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) के लिए स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिविर में पोषण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अस्पताल स्टाफ और स्थानीय समाजसेवियों ने मिलकर गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को फल, दूध और बिस्किट वितरित किए। इस दौरान उन्हें संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। इस शिविर को सफल बनाने में चिकित्सा प्रभारी डॉ. आर. के. यादव, डॉ. विनीत गर्ग, डॉ. मयंक मित्तल, नर्सिंग ऑफिसर रामावतार कुशवाह, नीरज कुमारी सहित सीएचसी के समस्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सोलर पैनल होंगे सस्ते:प्रति किलोवाट 12 हजार रुपए तक कम होगी रेट, जानें- सरकार ने क्यों लिया फैसला

सोलर लगवाने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर हैं। केंद्र सरकार ने डीसीआर मॉड्यूल की अनिवार्यता लागू करने के आदेश को 6 महीने के लिए वापस ले लिया है। इससे प्रति किलोवाट लागत 12 हजार रुपए तक कम हो जाएगी। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने शनिवार शाम को एक नया आदेश जारी किया है। इसके तहत अब 31 दिसंबर 2026 तक नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस प्रोजेक्ट्स को नॉन-डीसीआर (Non-DCR) मॉड्यूल के जरिए भी कमीशन (चालू) करने की अनुमति दे दी गई है। सरकार के इस फैसले से अब अगले छह महीनों तक कंपनियां और उपभोक्ता अपने पुराने स्टॉक में रखे मॉड्यूल का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे अटके हुए प्रोजेक्ट्स पूरे सकेंगे। देशभर में अटक गए थे हजारों प्रोजेक्ट्स सरकार ने 1 जून से यह नियम लागू किया था कि बिना ALMM (अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स) वाले सोलर मॉड्यूल से बने प्रोजेक्ट्स को ग्रिड कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इसके कारण देशभर में हजारों रूफटॉप और ओपन एक्सेस सोलर प्रोजेक्ट्स का काम बीच में ही अटक गया था, जिससे उपभोक्ताओं और वेंडर्स दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
3 किलोवाट का सोलर सिस्टम 40 हजार रुपए तक हुआ था महंगा डीसीआर मॉड्यूल की अनिवार्यता लागू होने के बाद बाजार में इनकी भारी किल्लत हो गई थी, जिससे कीमतें बढ़ गई थीं। पहले जहां नॉन-डीसीआर मॉड्यूल 15 से 16 रुपए प्रति वाट की दर से मिल रहे थे, वहीं डीसीआर मॉड्यूल के दाम बढ़कर सीधे 30 से 32 रुपए प्रति वॉट तक पहुंच गए थे। इसका सीधा असर ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के लाभार्थियों पर पड़ा। इसके चलते 3 किलोवॉट का घरेलू रूफटॉप सोलर सिस्टम 35 से 40 हजार रुपए तक महंगा हो गया, यानी प्रति किलोवाट लागत में करीब 12 हजार रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस खर्च के कारण कई उपभोक्ताओं ने अपने नए प्रोजेक्ट टाल दिए और वेंडर्स के पुराने ऑर्डर भी बीच में ही अटक गए। घरों पर ढांचे तैयार, पर पैनल गायब राजस्थान में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 2200 से ज्यादा वेंडर्स पंजीकृत हैं, जिनमें से करीब 800 वेंडर्स अकेले जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में कार्यरत हैं। डीसीआर मॉड्यूल की कमी के कारण प्रदेश में हजारों घरेलू और कमर्शियल सोलर प्रोजेक्ट्स बुरी तरह प्रभावित हुए। स्थिति यह हो गई थी कि कई घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए लोहे के स्ट्रक्चर (ढांचे) तो तैयार हो गए, लेकिन मॉड्यूल की सप्लाई न होने से पैनल नहीं लग पाए। वेंडर्स का कहना है कि सप्लाई रुकने से ग्राहकों के साथ उनके विवाद बढ़ने लगे, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में भी हजारों मेगावाट के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट अधर में लटक गए। लंबे समय के लिए चाहिए स्थायी समाधान राजस्थान सोलर एसोसिएशन के सीईओ नितिन अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने इंडस्ट्री की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए छह महीने की जो राहत दी है, उससे पहले से रुके हुए कई सोलर प्रोजेक्ट्स अब पूरे हो सकेंगे। इससे वेंडर्स और उपभोक्ताओं दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश में अभी भी सोलर सेल का घरेलू उत्पादन मांग के अनुरूप बहुत कम है। इसलिए, सोलर इंडस्ट्री को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार को लंबे समय के लिए कोई व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकालने की जरूरत है।

झालावाड़ में 1 घंटे चला 'आदर्श ट्रैफिक जोन':नियम तोड़ने वालों पर पुलिस ने की सख्त कार्रवाई, एक बाइक जब्त

झालावाड़ शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए शनिवार शाम को पुलिस ने ‘आदर्श ट्रैफिक जोन’ अभियान चलाया। मामा-भांजा सर्किल से मूर्ति तिराहे तक एक घंटे चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। अभियान में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तेज गति से वाहन चलाने, मोबाइल पर बात करने और सीट बेल्ट नहीं लगाने सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों के चालान काटे गए। इस कार्रवाई से कई वाहन ड्राइवरों में हड़कंप मच गया और कुछ लोग पुलिस से बचने के लिए रास्ता बदलते भी दिखे। ट्रैफिक एएसआई आशीष ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में शनिवार शाम 5 से 6 बजे तक एक घंटे का यह विशेष ‘आदर्श ट्रैफिक जोन’ अभियान चलाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के दौरान एक बाइक सवार के पास ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन की आरसी नहीं मिलने पर उसकी बाइक जब्त कर ली गई। पुलिस ने आमजन से अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करने और हेलमेट का उपयोग करने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान के दौरान ट्रैफिक एसआई हरीश कुमार, एएसआई कुंदन, राधेश्याम मालव, भीम सिंह सहित कई ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद थे।

उदयपुर में रक्तदान शिविर सहित कई सेवा कार्य होंगे:प्रो. विजय श्रीमाली की पुण्यतिथि पर 21 जुलाई को होंगे सेवा कार्य, पोस्टर का विमोचन

शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली की आठवीं पुण्यतिथि पर 21 जुलाई को प्रोफेसर विजय श्रीमाली फाउंडेशन की ओर से रक्तदान, पौधारोपण और भोजन सेवा सहित विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शनिवार को टाइगर हिल स्थित संस्कार भवन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के पोस्टर का विमोचन किया गया। इसके साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों से इस सेवा अभियान में भागीदारी की अपील की गई। रक्तदान शिविर में जुड़ने का किया आह्वान फाउंडेशन के जतिन श्रीमाली ने बताया कि पुण्यतिथि के अवसर पर कार्यक्रमों की शुरुआत 21 जुलाई को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक संस्कार भवन, टाइगर हिल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर से होगी। इसके बाद बड़गांव स्थित नटराज किड्स प्लेनेट में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं शाम को महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए भोजन सेवा का आयोजन कर प्रो. श्रीमाली को पुष्पांजलि दी जाएगी। पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में फाउंडेशन के जतिन श्रीमाली, ओमशंकर श्रीमाली, डॉ. देवेंद्र श्रीमाली, गणेश श्रीमाली, जमनालाल ओझा, भूपेंद्र श्रीमाली, ललित त्रिवेदी, भावप्रकाश दशोत्तर, दिनेश श्रीमाली, निशांत श्रीमाली सहित कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने आमजन से रक्तदान शिविर में भाग लेकर मानव सेवा के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। फाउंडेशन पदाधिकारियों ने बताया कि प्रो. विजय श्रीमाली का जीवन शिक्षा, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले सेवा कार्य समाज में परोपकार, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं।