ब्रेकिंग न्यूज़
प्रन्यास समिति ने गणेश जी को दिया निमंत्रण

टोंक | श्रीमनसापूर्ण गणेश जी बालाजी मंदिर प्रन्यास समिति की ओर से आगामी 13 व 14 सितंबर को दो दिवसीय गणेश महोत्सव मनाया जाएगा। तैयारियां के तहत बुधवार को महंत कैलाशपुरी के सानिध्य में भगवान श्रीगणेश की विधिवत् पूजा-अर्चना कर जन्मोत्सव कार्यक्रमों में पधारने का निमंत्रण अर्पित किया गया। प्रन्यास समिति के संरक्षक महंत कैलाशपुरी ने बताया कि 13 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर अन्नपूर्णा गणेश मंदिर परिसर में भव्य रात्रि जागरण तथा 14 सितंबर को छप्पन भोग की झांकी एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। महंत कैलाशपुरी ने भगवान श्रीगणेश के जन्मोत्सव कार्यक्रमों में सहभागी बनने का आग्रह किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार बैरवा, कमलेश वैष्णव, अनिल चतुर्वेदी, सुभाष मिश्रा, रामस्वरूप शर्मा, एडवोकेट ओमप्रकाश राजोरा, मुकेश यादव, प्रसाद प्रभारी कमलेश गुर्जर मौज्ूद रहे।

विरोध में पिसा आमजन:पहली बार भाजपा-कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एक ही दिन दोनों के कार्यालय घेरने निकले; गवर्नमेंट हॉस्टल पर जाम, वाहनों की कतार लगी

नई दिल्ली में पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे घटनाक्रम से राजस्थान में भी राजनीतिक सरगर्मी उबाल पर रही। बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों ने पहली बार एक ही दिन एक दूसरे के कार्यालय के घेराव का ऐलान किया। पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस कार्यालय को घेराने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ निकले। इसके बाद शाम 5 बजे गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से बीजेपी मुख्यालय की ओर चले। दोनों प्रदर्शनों को बेरीकेड्स लगा कर पुलिस ने रोक दिया। कांग्रेस के मार्च को शहीद स्मारक पर रोर दिया गया। इस दौरान डोटासरा की पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं। कई महिलाएं और युवा गिर गए। भगदड़ मच गई और कई को चोटें आई। एक महिला बेहोश हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मौके पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत, जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। दूसरी ओर, चौमूं हाउस सर्किल पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। हालांकि इस दौरान युवा नेता बेरीकेड्स पर चढ़ने लगे तो राठौड़ ने उन्हें रोका और कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता अनुशासन नहीं तोड़़ते। फिर वहीं काफिला रुक गया। भाजपा : प्रदर्शन पर फिर गया पानी कांग्रेस कार्यालय का घेराव के लिए निकले भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने हटाने के लिए वाटर कैनन चलाई। इस दौरान गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर जाम लग गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कांग्रेस : इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा कांग्रेस के मार्च को शहीद स्मारक बेरीकेड्स लगा कर व वाटर कैनन चलाकर रोका गया। डोटासरा की पुलिस के साथ काफी देर धक्का मुक्की हुई। धर्मेन्द्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुषों को उचित स्थान देने का कार्य किया गया है। जांच हो रही है कि कहां से कितना पैसा मिला, कहां से पत्थर बाजों को लाया गया।
-मदन राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बीजेपी वाले आंदोलन का दमन करना जानते हैं। अब तक 150 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, फिर भी केन्द्र सरकार शिक्षा मंत्री व अन्य अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। इंसाफ मिलने तक हम संघर्ष करते रहेंगे।
-गोविंद सिंह डोटासरा, पीसीसी चीफ

34 अफसरों का हैंडसेट अलाउंस घोटाला:एक बार का भत्ता बार-बार लिया, अब 6.63 लाख की रिकवरी होगी

डिप्टी डायरेक्टर जनरल लाइसेंसिंग सर्विस ऑथोरिटी ऑफ राजस्थान (एलएसए) में नियमों को ताक पर रखकर हैंडसेट अलाउंस उठाने का मामला सामने आया है। विभाग के 34 अफसरों ने वित्तीय नियमों को ताक पर रख कर करीब 6.63 लाख का हैंडसेट एलाउंस उठा लिया। सालाना ऑडिट (लेखा परीक्षा) में यह प्रकरण सामने आया। ऑडिट ऑब्जेक्शन के बाद अधिकारियों से अलाउंस की रिकवरी की तैयार हो रही है। फाइनेंस डिपार्टमेंट (एक्सपेंडिचर) के साफ निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी पूरी सर्विस के दौरान सिर्फ एक बार ही मोबाइल हैंडसेट एलाउंस ले सकता है। साल 2018 में रिवाइज्ड ऑर्डर जारी कर इस नियम को और सख्त किया गया था, लेकिन अफसरों ने नजरअंदाज कर दिया। 2012 से 2026 तक उठाते रहे एलाउंस ऑडिट में खुलासा हुआ है कि साल 2012 से 2026 तक, यह अधिकारी हर 3 साल में लगातार नया अलाउंस उठाते रहे। जिन अफसरों को लिस्टेड किया गया है, वे हर तीन महीने में 22,500 रुपए का अलाउंस क्लेम कर रहे थे। इससे सरकार के खजाने को सीधे तौर पर करीब 6.63 लाख रुपए का फटका लगा है। ऑडिट टीम ने इसे डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर (डीओआई) के आदेशों की खुली अवहेलना और गंभीर वित्तीय लापरवाही माना है। दिलचस्प पहलू यह है कि इनमें से एक अधिकारी तो रिटायर भी हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी पे-मैट्रिक्स लेवल-12 से लेकर लेवल-15 तक के हैं, जिनकी मासिक सैलरी 2 से 3 लाख रुपए के बीच है। हैडक्वार्टर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी इस पर जब एलएसए का पक्ष लिया गया तो नाम न छापने की शर्त पर शीर्ष अधिकारी ने बताया कि हैडक्वार्टर के नियमों के अनुसार ही कार्यवाही होगी। इधर, आडिट टीम का मानना है कि डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर के आदेशों की अवहेलना करना भी अनियमितता है।

मानसून रफ्तार पर, लेकिन गत साल के मुकाबले 65% बारिश कम, पिछले साल अब तक भर गए थे 22 बांध, अभी सिर्फ 1 भरा

जिले में मौसम विभाग के यलो अलर्ट के बीच पिछले दो दिनों से मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने से लंबे समय से बनी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली है। हालांकि बारिश का यह दौर अभी भी जिले में मानसून की मौसमी कमी को पूरी तरह दूर नहीं कर पाया है। इस वर्ष अब तक जिले में सामान्य औसत वर्षा का केवल करीब 22 प्रतिशत ही रिकॉर्ड हुआ है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 87.51 प्रतिशत वर्षा हो चुकी थी। जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बुधवार सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक जिले के विभिन्न रेनगेज क्षेत्रों में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक पनवाड़ में 38 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा चांदसेन में 27 मिमी, ठिकरिया में 25 मिमी, नासिर दा में 22 मिमी, मालपुरा में 17 मिमी, लांबाहरिसिंह में 10 मिमी तथा टोरडी सागर क्षेत्र में 1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि टोंक शहर सहित कई जगह बुधवार को हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक जिले में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। बादलों की आवाजाही के साथ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ क्षेत्रों में एक-दो दौर तेज बारिश होने के आसार हैं। फिलहाल यलो अलर्ट के तहत गरज-चमक के साथ वर्षा और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रही तो जिले में वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है और बांधों व जलाशयों में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है। किसानों को भी खरीफ फसलों के लिए इस बारिश से राहत मिलने की संभावना है। मानसून की सुस्ती का असर जिले के बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। गत वर्ष इस समय तक सिंचाई विभाग के 30 बांधों में से 22 बांध ओवरफ्लो हो चुके थे तथा इनमें 96.49 प्रतिशत जलभराव हो गया था। वर्तमान में इन बांधों में औसतन करीब 46 प्रतिशत पानी ही उपलब्ध है।

5 घंटे रेंगते रहे 3 लाख वाहन:घेराव की जिद में घिरा ट्रैफिक; दोपहर में भाजपा, शाम को कांग्रेस का प्रदर्शन

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर मंगलवार को राहुल गांधी की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई। कांग्रेसियों ने छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध प्रदर्शन किया तो भाजपा ने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने पर विरोध जताया। दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता एक दूसरे के कार्यालयों पर प्रदर्शन की जिद करते रहे। पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए सी-स्कीम में जगह-जगह बैरिकेड्स लगाकर रास्ते बंद कर दिए। इससे आधे से ज्यादा शहर की कनेक्टिविटी प्रभावित हो गई। एमआई रोड, टोंक रोड, सहकार मार्ग, भवानी सिंह मार्ग, स्टेशन रोड, संसार चंद्र रोड, अजमेर रोड सहित आस-पास के मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव इतना बढ़ गया कि दोपहर 2 से शाम 7 बजे तक 3 लाख वाहन रेंगते रहे। शाम को बैरिकेड्स हटाने के करीब दो घंटे बाद शहर का यातायात सामान्य हो पाया। सरदार पटेल मार्ग बंद किया, भीड़ पर वाटर कैनन चलाई

भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर:स्वास्थ्य विभाग में 5 IAS, 6 RAS, फिर भी न प्रसूता की मौतें रुकीं, ना ही RGHS घोटाले

राजस्थान में प्रसूताओं की मौतों और गर्भवती महिलाओं की किडनी, लीवर फेल होने की घटनाओं ने पूरे हेल्थ सिस्टम की सूलें हिला कर रख दी है। आरजीएचएस घोटाले ने भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर कर दी। बारिश से मौसमी बीमारियों की रोकथाम के प्रयास नहीं के बराबर दिखे। इन सब हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री स्वयं को कहना पड़ा कि विभाग संभल नहीं रहा। हालात बेकाबू है। स्वास्थ्य विभाग में 5-5 आईएएस नियुक्त कर रखे हैं। सीएम के पास पहुंची रिपोर्ट अनुसार पांच ही आईएएस को प्रदेश ब्रांड एंबेसडर कहे जाने वाले बड़े डाक्टर्स के नाम तक नहीं पता। संवादहीनता बनी है। 4 माह में 28-28 प्रसूताओं की मौत हो गई। करोड़ों आरजीएचएस घोटाला हो गया। पेंशनर्स परेशान हैं। आईएएस केवल आर्डर पर आर्डर जारी कर रहे। धमकाने की प्रवृत्ति का खामियाजा यह रहा कि पूरा सिस्टम फेल हो गया। जिलों का स्टेट से संवाद और तालमेल खत्म होने से घपले बढ़ते गए। पहली बार कोई सीएस लगातार 5 दिन स्वास्थ्य विभाग पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि इतिहास में पहली बार मुख्य सचिव को लगातार 5 दिन तक सचिवालय छोड़ कर स्वास्थ्य भवन बैठना पड़ा। लगातार 5 दिन तक स्टेट और जिला अफसर, डाक्टरों के साथ संवाद कर हालात कंट्रोल में कैसे करें, इस पर 40 घंटे की कसरत करनी पड़ी। ऐसा किसी प्रमुख सचिव, एसीएस या सचिव के समय पहले नहीं हुआ। मुख्यमंत्री बोले- अब तो पानी सिर से गुजर रहा सीएम द्वारा आला अफसरों को बोली एक लाइन से समझा जा सकता है। सीएम ने कहा- स्वास्थ्य विभाग में अब तो हालात इतने खराब हो गए हैं कि- ‘पानी सिर से गुजर चुका है’। इसे तत्काल संभालने की जरूरत है। इसके बाद अफसरों ने 41 जिलों के साथ लगातार रिपोर्टिंग और संवाद शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग में आईएएस: गायत्री राठौड़ प्रमुख सचिव, हरजीराम अटल सीईओ राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी, पुखराज सेन एमडी आरएमएससीएल, डाॅ. जोगाराम सचिव, एमडी एनएचएम, डाॅ. टी शुभमंगला डायरेक्टर, एमडी आईईसी, आयुक्त खाद्य सुरक्षा, ड्रग कंट्रोल, एडिशनल मिशन डायरेक्टर एनएचएम। 6 आरएएस सहित 91 अफसर: स्वास्थय विभाग में आरएएस भगवतसिंह, निशा मीणा, संतोष कुमार गोयल, बलवंत सिंह लिग्री, राकेश कुमार शर्मा, सीमा तिवारी कार्यरत हैं। इनके अलावा 12 स्टेट डायरेक्टर, 50 से अधिक संयुक्त िनदेशक, अतिरिक्त निदेशक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्टेट लेवल जयपुर में नियुक्त हैं। इनके अलावा 23 स्टेट नोडल आॅफिसर भी काम कर रहे।

प्रसूताओं की देखभाल के लिए हर केंद्र पर हेल्प डेस्क के निर्देश

भास्कर न्यूज | झालावाड़ झालावाड़ के मिनी सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। बैठक में लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत भुगतान 100 प्रतिशत सुनिश्चित करने और अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। शुभलक्ष्मी योजना की तृतीय किश्त के भुगतान के लिए जिला मुख्यालय पर एनओसी भेजने को कहा गया। बैठक में हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान, नियमित फॉलोअप और सुरक्षित प्रसव पर फोकस करने के निर्देश दिए गए। गर्भावस्था का पंजीकरण 12 सप्ताह से पहले कराने और चार एएनसी जांच अनिवार्य रूप से कराने पर जोर दिया गया। संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर 9, 18 और 27 तारीख को आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण जांच, उपचार और निदान कराने को कहा गया। चिकित्सा संस्थानों में आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जिन प्रसुताओं का नाम जनआधार में शामिल नहीं है, उनका नाम जोड़कर सत्यापन कराने को कहा गया। कलेक्टर ने ग्रामीण शिविरों में गर्भवती महिलाओं और आमजन की जांच कराने और जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित विभागीय गतिविधियों में कम से कम 95 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने का लक्ष्य तय किया गया। एचपीवी टीकाकरण के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर चार दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि जिला राज्य में एचपीवी टीकाकरण में चौथे स्थान पर है, लेकिन बकानी, मनोहरथाना, खानपुर और भवानीमंडी ब्लॉक में उपलब्धि कम रही। इन क्षेत्रों में टीम वर्क से सुधार के निर्देश दिए गए।

मुख्य पाइपलाइन फूटी, आज झालावाड़ और पाटन समेत 236 गांवों में नहीं होगी जलापूर्ति

भास्कर न्यूज | झालावाड़ छापी झालावाड़-झालरापाटन पेयजल परियोजना की मुख्य पाइपलाइन बुधवार को गेहूंखेड़ी स्थित अस्पताल के पास क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फूटने के बाद जलदाय विभाग ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया, लेकिन इसकी वजह से परियोजना से जुड़े झालावाड़-झालरापाटन सहित 236 गांवों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने तक गुरुवार को शहर की सुबह और शाम दोनों समय की जलापूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। वहीं शुक्रवार सुबह की सप्लाई भी प्रभावित रहने की संभावना है। पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद ही जलापूर्ति सामान्य हो सकेगी। {झालावाड़ शहर में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सांईनाथपुरम, अमन होम्स, ड्रीम सिटी, जवाहर कॉलोनी, पुरानी जेल रोड, बस स्टैंड, गोदाम की तलाई, भगत सिंह कॉलोनी, रूपनगर, केजीएन क्षेत्र, अनमोल टाउनशिप, जनकपुरी, श्री विला, गायत्री कॉलोनी, गुड़ा गांवड़ी, मदारी खां तालाब, खंडिया कॉलोनी, मामा-भांजा क्षेत्र, आनंद विहार कॉलोनी, कोठी रोड सहित अन्य कॉलोनियों में गुरुवार सुबह और शाम की जलापूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। {झालरापाटन शहर में आंशिक रूप से जलापूर्ति प्रभावित होगी। वहीं कस्बा असनावर और बकानी में भी पेयजल आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहने की सूचना है। जलदाय विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से पानी का आवश्यक भंडारण कर संयमित उपयोग करने की अपील की है।

महिला सुरक्षा को लेकर मीटिंग में 15 विभागों ने बनाई रणनीति, पीड़ितों को तुरंत मिलेगी मदद

महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को दो बड़े आयोजनों के जरिए सुरक्षा और संवेदनशीलता का संदेश दिया गया। शाम को जिला परिषद सभागार में 15 प्रमुख विभागों के समन्वय को लेकर बैठक हुई। इससे पहले पुलिस लाइन सभागार से जिले के छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन संवाद किया गया। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि 1 जुलाई से 29 जुलाई तक चलाए जा रहे राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम के तहत जिले में एसआईयूसीएडब्ल्यू की एएसपी डॉ. कृष्णा सामरिया के निर्देशन में विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं। बैठक में 15 सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ ग्राउंड लेवल पर राहत देने की रणनीति बनाई गई। तय हुआ कि महिला संबंधी अपराध या शिकायत के मामले में विभागों के बीच तालमेल की कोई कमी ना रहे। बैठक में एएसपी डॉ. कृष्णा सामरिया ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभागाध्यक्षों को कानून, त्वरित राहत मंच और योजनाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इससे किसी भी घटना विशेष पर पीड़ित महिला व बच्चे को हर विभाग से तुरंत राहत मिल पाएगी। एक मंच पर सभी विभागों की जानकारी और सहायता मिलने से आत्मविश्वास का भाव बढ़ेगा। महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक राजेंद्र सिंह ने सुझाव दिए। महिला थाना एसएचओ कुसुमलता व कालिका टीम ने वीसी के जरिए विद्यार्थियों से संवाद किया। जिले के 61 स्कूलों व 12 कॉलेजों के 290 शिक्षक व 5360 विद्यार्थी ऑनलाइन जुड़े। विद्यार्थियों को जेंडर इक्वेलिटी, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा व महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। राजकोप एप के फीचर्स, इमरजेंसी बटन और टोल-फ्री हेल्पलाइन 1090 व 112 के इस्तेमाल का तरीका सिखाया गया। किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए एप व हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

डारडातुर्की में स्वास्थ्य सेवा शिविर में हाई-रिस्क गर्भवतियों सहित विभिन्न रोगों की हुई जांच

भास्कर न्यूज | टोंक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डारडातुर्की में बुधवार को समग्र स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की टीबी, एचआईवी, डेंगू, मलेरिया, हेपेटाइटिस-बी व सी, सिफिलिस तथा ब्लड शुगर सहित कई रोगों की जांच की गई। बीसीएमओ पीपलू डॉ. संगीत चौधरी ने शिविर का निरीक्षण करते हुए हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं से टीबी, एचआईवी एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच समय पर कराने की अपील करते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। इस दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत पात्र टीबी मरीजों को पोषण सहायता भी वितरित की गई। जिला डीआरटीबी कोऑर्डिनेटर मोनिका कुमावत ने बताया कि जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हिमांशु मित्तल के निर्देशानुसार आयोजित शिविर का उद्देश्य, विशेषकर हाई-रिस्क समूह के लोगों को एक ही स्थान पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ब्लॉक हेल्थ सुपरवाइजर निसार खान की देखरेख में टीबी जांच के लिए बलगम के नमूने भी एकत्रित किए गए। शिविर में पीएचसी प्रभारी डॉ. दीपक बरूणा, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग स्टाफ, काउंसलर हेमंत वर्मा, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर, आशा सहयोगिनियां तथा राष्ट्रीय मानव विकास संस्थान के प्रतिनिधि रमेशचंद वर्मा, पूजा प्रजापत और विक्रम धाप सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवाएं दीं। ग्रामीणों को टीबी, एचआईवी, हेपेटाइटिस, डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने के साथ निशुल्क जांच एवं दवाइयों का भी वितरण किया गया।