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क्या नीरज चोपड़ा नहीं जीतेंगे कॉमनवेल्थ गोल्ड:ओलिंपिक और खेल संघों की इंटरनल रिपोर्ट- भारत कर सकता है 28 साल में सबसे कमजोर प्रदर्शन

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सामने 28 साल में अपने सबसे कमजोर प्रदर्शन का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय ओलिंपिक संघ और अलग-अलग स्पोर्ट्स फेडरेशन की इंटरनल रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को पैरा स्पोर्ट्स सहित 13 खेलों में 32 पदक मिलने का अनुमान है, जिसमें सिर्फ 7 गोल्ड शामिल हैं। रिपोर्ट में नीरज चोपड़ा को भी गोल्ड का दावेदार नहीं माना गया है। नीरज ने 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। वे ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं। जिन सात खिलाड़ियों को गोल्ड का दावेदार माना गया है उनके नाम आप नीचे दी गई तस्वीर में देख सकते हैं। 2002 से हर बार भारत ने जीते 15 या ज्यादा गोल्ड भारत के मेडल्स कम क्यों आएंगे? 1. जिन खेलों से सबसे ज्यादा मेडल आते हैं, वही इस बार बाहर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की सफलता का आधार शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे खेल रहे हैं। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पदक जीते हैं। ग्लासगो 2026 के कार्यक्रम में इन तीनों खेलों को शामिल नहीं किया गया है। यही भारत के लिए सबसे बड़ा झटका है। ग्लासगो 2026 में बर्मिंघम 2022 के 19 की तुलना में सिर्फ 10 खेल होंगे। भारत के कई मेडल स्पोर्ट्स शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी, स्क्वैश और क्रिकेट इस बार शामिल नहीं हैं। बर्मिंघम में भारत के 61 में से 30 मेडल इन्हीं खेलों से आए थे। यही वजह है कि इस बार भारत का प्रदर्शन केवल खिलाड़ियों की फॉर्म पर नहीं, बल्कि गेम्स के स्पोर्ट्स प्रोग्राम पर भी निर्भर करेगा। 2. नीरज की फॉर्म चिंता का विषय भारत के कुछ बड़े मेडल दावेदारों की मौजूदा फॉर्म भी चिंता बढ़ा रही है। जेवलिन थ्रो में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद नीरज चोपड़ा हैं। लेकिन इस बार उनके सामने चुनौती पहले से ज्यादा कठिन होगी। उनकी मौजूदा फॉर्म भी पहले जैसी नहीं है और पाकिस्तान के अरशद नदीम के अलावा ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मैकिन्टायर जैसे खिलाड़ी भी नीरज को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इसलिए रिपोर्ट में नीरज को गोल्ड का दावेदार नहीं माना गया है। बॉक्सिंग में भारत की उम्मीदें लवलीना बोरगोहेन जैसे बड़े नामों पर होंगी। हालांकि, पिछले कुछ समय में उनका प्रदर्शन उस लेवल का नहीं रहा है, जिसके लिए वे जानी जाती हैं। भारत के कई अन्य बड़े खिलाड़ियों के साथ भी यही स्थिति है। वे पदक जीतने की क्षमता रखते हैं, लेकिन हालिया प्रदर्शन के आधार पर उनके गोल्ड मेडल जीतने की गारंटी नहीं दी जा सकती। 5 खेल ऐसे जिनमें भारत हमेशा से कमजोर इस बार शामिल 10 में से 5 खेल स्वीमिंग, साइक्लिंग, जूडो, नेटबॉल और जिम्नास्टिक्स में भारत हमेशा से कमजोर रहा है। इसलिए इस बार भारत के मेडल काउंट में बड़ी गिरावट की आशंका है। अहमदाबाद 2030 में बदलेगी तस्वीर? ग्लासगो गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत करेगा। अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2030 गेम्स में 15 से 17 खेल शामिल किए जा सकते हैं। इससे भारत को शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे अपने मजबूत खेलों को वापस कार्यक्रम में शामिल कराने का फायदा मिल सकता है। खेलों की संख्या बढ़ने के साथ मेडल इवेंट्स भी बढ़ेंगे, जिससे भारत के पदक जीतने के मौके बढ़ सकते हैं। ऐसे में ग्लासगो 2026 भारत के लिए चुनौतीपूर्ण एडिशन हो सकता है, लेकिन अहमदाबाद 2030 में तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। ————————— कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत के 125 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, पिछली बार से 85 कम स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। पूरी खबर…

आज 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी:राजस्थान में एक दिन में 9 इंच तक पानी बरसा, सीजन में सबसे ज्यादा बरसात

राजस्थान में बुधवार (22 जुलाई) को इस सीजन की सबसे भारी बारिश हुई। ब्यावर में कल रिकॉर्ड 9 इंच पानी बरसा, जो इस मानसून सीजन में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है। ब्यावर के साथ-साथ अजमेर और भीलवाड़ा में भी कई जगहों पर 3 से 5 इंच तक बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक पूरे राजस्थान में बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, 25 जुलाई के बाद पश्चिमी राजस्थान में बारिश थोड़ी कम हो जाएगी। गुरुवार को भी राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मानसून के बड़े अपडेट्स बरसाती नदियों में उफान, खेत डूबे: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बरसात ब्यावर के पास बदनोर में 225MM (9 इंच) दर्ज हुई। यहां खेत और खुले इलाके जलमग्न हो गए। भारी बारिश से बरसाती नदियों में पानी बहने लगा है। ब्यावर के साथ डूंगरपुर बांसवाड़ा, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, भरतपुर, नागौर, बूंदी, जैसलमेर, अलवर, पाली के कई इलाकों में दो इंच तक बारिश रिकॉर्ड हुई। 2 दिन तेज बारिश का अलर्ट: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में अभी मानसून एक्टिव रहने और अच्छी बारिश होने की परिस्थितियां अनुकूल है। मानसून ट्रफ अभी नॉर्मल पॉजिशन पर है, जो बीकानेर, टोंक, गुना, दमोह होकर गुजर रही है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन सिस्टम के असर से राज्य में अगले दो दिन पूरे प्रदेश में बारिश होगी, जबकि दक्षिणी राजस्थान के हिस्से में कई स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। राजस्थान के मौसम की PHOTOS… ये शहर सबसे ज्यादा गर्म आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम? जयपुर: राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में बारिश का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को फुलेरा, फागी, नरैना, सांभर, जोबनेर और दूदू के इलाकों में अच्छी बारिश हुई। सबसे ज्यादा 52 मिमी (करीब 2 इंच) बारिश सांभर में दर्ज की गई। जयपुर शहर में सुबह बूंदाबांदी हुई। बुधवार रात भी कई रुक-रुककर हल्की बारिश हुई। अलवर: जिले में बुधवार सुबह से शाम तक रुक-रुककर रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में यहां तेज बारिश होने की संभावना है। अजमेर: जिले में सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुककर तेज बारिश होती रही, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। दिनभर में कुल 79 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। सीकर: शहरी इलाकों में दोपहर करीब 1 बजे तेज हवा के साथ करीब 10-12 मिनट तक रिमझिम बारिश हुई। बारिश के बाद दिनभर उमस रही। फतेहपुर मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, सीकर जिले में 24 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उदयपुर: लेकसिटी में बुधवार सुबह करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को उदयपुर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री था। कोटा: जिले में मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश के बाद तापमान में अच्छी गिरावट आई है। बुधवार को कोटा का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा में बीते दो दिन से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिले के डैम व नदियों में पानी की आवक शुरू हो गई है। जोधपुर: बुधवार को जोधपुर में मानसून की पहली अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया। बुधवार को जोधपुर का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

34 अफसरों का हैंडसेट अलाउंस घोटाला:एक बार का भत्ता बार-बार लिया, अब 6.63 लाख की रिकवरी होगी

डिप्टी डायरेक्टर जनरल लाइसेंसिंग सर्विस ऑथोरिटी ऑफ राजस्थान (एलएसए) में नियमों को ताक पर रखकर हैंडसेट अलाउंस उठाने का मामला सामने आया है। विभाग के 34 अफसरों ने वित्तीय नियमों को ताक पर रख कर करीब 6.63 लाख का हैंडसेट एलाउंस उठा लिया। सालाना ऑडिट (लेखा परीक्षा) में यह प्रकरण सामने आया। ऑडिट ऑब्जेक्शन के बाद अधिकारियों से अलाउंस की रिकवरी की तैयार हो रही है। फाइनेंस डिपार्टमेंट (एक्सपेंडिचर) के साफ निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी पूरी सर्विस के दौरान सिर्फ एक बार ही मोबाइल हैंडसेट एलाउंस ले सकता है। साल 2018 में रिवाइज्ड ऑर्डर जारी कर इस नियम को और सख्त किया गया था, लेकिन अफसरों ने नजरअंदाज कर दिया। 2012 से 2026 तक उठाते रहे एलाउंस ऑडिट में खुलासा हुआ है कि साल 2012 से 2026 तक, यह अधिकारी हर 3 साल में लगातार नया अलाउंस उठाते रहे। जिन अफसरों को लिस्टेड किया गया है, वे हर तीन महीने में 22,500 रुपए का अलाउंस क्लेम कर रहे थे। इससे सरकार के खजाने को सीधे तौर पर करीब 6.63 लाख रुपए का फटका लगा है। ऑडिट टीम ने इसे डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर (डीओआई) के आदेशों की खुली अवहेलना और गंभीर वित्तीय लापरवाही माना है। दिलचस्प पहलू यह है कि इनमें से एक अधिकारी तो रिटायर भी हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी पे-मैट्रिक्स लेवल-12 से लेकर लेवल-15 तक के हैं, जिनकी मासिक सैलरी 2 से 3 लाख रुपए के बीच है। हैडक्वार्टर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी इस पर जब एलएसए का पक्ष लिया गया तो नाम न छापने की शर्त पर शीर्ष अधिकारी ने बताया कि हैडक्वार्टर के नियमों के अनुसार ही कार्यवाही होगी। इधर, आडिट टीम का मानना है कि डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर के आदेशों की अवहेलना करना भी अनियमितता है।

प्रन्यास समिति ने गणेश जी को दिया निमंत्रण

टोंक | श्रीमनसापूर्ण गणेश जी बालाजी मंदिर प्रन्यास समिति की ओर से आगामी 13 व 14 सितंबर को दो दिवसीय गणेश महोत्सव मनाया जाएगा। तैयारियां के तहत बुधवार को महंत कैलाशपुरी के सानिध्य में भगवान श्रीगणेश की विधिवत् पूजा-अर्चना कर जन्मोत्सव कार्यक्रमों में पधारने का निमंत्रण अर्पित किया गया। प्रन्यास समिति के संरक्षक महंत कैलाशपुरी ने बताया कि 13 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर अन्नपूर्णा गणेश मंदिर परिसर में भव्य रात्रि जागरण तथा 14 सितंबर को छप्पन भोग की झांकी एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। महंत कैलाशपुरी ने भगवान श्रीगणेश के जन्मोत्सव कार्यक्रमों में सहभागी बनने का आग्रह किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार बैरवा, कमलेश वैष्णव, अनिल चतुर्वेदी, सुभाष मिश्रा, रामस्वरूप शर्मा, एडवोकेट ओमप्रकाश राजोरा, मुकेश यादव, प्रसाद प्रभारी कमलेश गुर्जर मौज्ूद रहे।

सीपीसीबी के नए नियम लागू:प्रदूषण क्षमता के आधार पर होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल को 4 कैटेगरी में बांटा, छोटे प्रतिष्ठानों को राहत

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देशभर के होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव भारत कुमार शर्मा ने 20 जुलाई को यह आदेश जारी किया। इसके तहत इन प्रतिष्ठानों को प्रदूषण क्षमता के आधार पर रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट कैटेगरी में बांटा गया है। नए नियमों का असर उदयपुर के करीब 800 होटल और 1000 रेस्टोरेंट-ढाबों पर भी सीधा पड़ेगा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन्हें तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ‘व्हाइट कैटेगरी’ को स्थापना (सीटीई) और संचालन (सीटीओ) की अनुमति लेने से पहले ही छूट दी हुई है। नए नियमों के बाद व्हाइट कैटेगरी में आने वाले छोटे होटल, ढाबे, क्लाउड किचन और 1000 वर्गमीटर तक के बैंक्वेट हॉल संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कागजी औपचारिकताओं से बड़ी राहत मिलेगी। 1. होटल और रिसॉर्ट (कमरों और ईंधन के आधार पर) 2. रेस्टोरेंट और ढाबे (बैठने की क्षमता के आधार पर) 3. बैंक्वेट और मैरिज हॉल (क्षेत्रफल के आधार पर) सभी के लिए ये नियम रहेंगे अनिवार्य कैटेगरी बदलन से व्यवसायियों को सहूलियत मिली केद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने व्हाइट श्रेणी बनाकर छोटे उद्योगों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें अन्य विभागों के ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा ऑरेंज कैटेगरी के कई उद्योगों को ग्रीन कैटेगरी में बदलने से भी व्यवसायियों को सहूलियत मिली है।
-राकेश चौधरी, सचिव, होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान

4 कारीगरों ने 40 दिन में बदली तस्वीर:11 किलो जर्मन गोल्ड से निखर रहा मोतीडूंगरी में ‘गजानन का दरबार’

मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में इस बार गणेश चतुर्थी पर ‘गोल्डन गणपति’ के दर्शन होंगे। पहली बार परिसर के 40 फीट चौड़े और 35 फीट लंबे हिस्से को 11 किलो जर्मन गोल्ड वर्क से सजाया गया है। गर्भगृह की दीवारों पर सवा किलो 24 कैरेट सोने की मढ़ाई पूरी हो चुकी है। राजधानी में किसी मंदिर को इस तरह गोल्डन थीम पर सजाने का संभवतया यह पहला प्रयोग है। दरबार को स्वर्ण आभा देने वाले सभी कारीगर मुस्लिम हैं। 20 हजार गोल्ड वर्क से सजा मंदिर मंदिर परिसर को सजाने के लिए 6×6 इंच आकार के करीब 20 हजार जर्मन गोल्ड वर्क लगाए गए हैं। सुनहरी परत और बारीक नक्काशी से मंदिर का पूरा भीतरी हिस्सा अब स्वर्ण आभा में चमक रहा है। छत पर हाथों से नक्काशी-पेंटिंग मंदिर की छत पर पारंपरिक शैली में हाथ से नक्काशी और पेंटिंग की गई है। गोल्ड वर्क, राजस्थानी शिल्प और कलात्मक चित्रकारी का मेल मंदिर को पारंपरिक और आधुनिक सजावट का अनूठा स्वरूप दे रहा है। 4 कारीगरों ने 40 दिन में बदली तस्वीर कारीगर सईदउल्ला मिर्जा ने बताया कि चार विशेषज्ञ कारीगरों ने करीब 40 दिन तक लगातार काम कर सजावट पूरी की है। इसमें पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक फिनिशिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। गणेश चतुर्थी पर गणेशजी स्वर्ण आभा में दिखेंगे। मंदिर में हो रही सजावट भी तैयारी का ही हिस्सा है। ठाकुरजी की पोशाक और आभूषण भी विशेष होंगे। पूरे परिसर को गोल्डन थीम पर सजाया जा रहा है।
-कैलाश शर्मा, महंत, मोतीडूंगरी गणेश मंदिर

थानमठुई में खंभे में आ रहे करंट की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत

थानमठुई गांव में बुधवार अल सुबह बिजली के खंभे में आ रहे करंट की चपेट में आने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। घटना को लेकर पुलिस थाने में मर्ग दर्ज करवाई गई। पुलिस के अनुसार संजय कुमार जाट निवासी थानमठुई ने रिपोर्ट दी कि उसके पिता जले सिंह जाट बुधवार सुबह घर से खेत में निनाण निकालने के लिए जा रहे थे। पीछे-पीछे मां चल रही थी। रास्ते में एक खेत के पास रास्ते पर भरे पानी को बचाकर जाने के दौरान उसके पिता का बिजली के खंभे से हाथ छू गया। बिजली के खंभे में आ रहे करंट की चपेट में आने से उसके पिता की मौत हो गई। मां के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लाइनमैन को फोन कर लाइन बंद करवाई। भास्कर न्यूज | सादुलपुर एडीजे कोर्ट प्रथम ने करीब 6 वर्ष पुराने हत्या के मामले में दोषी पांच आरोपियों को आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस अनुसंधान में सुरेश सिंह निवासी लादड़िया व राजकुमार उर्फ लिलिया, धर्मेंद्र उर्फ फौजी, अमर सिंह, संजय निवासी बेरी (झुंझुनूं) के खिलाफ जुर्म धारा 302/34, 120 बी भादंसं में आरोप पत्र पेश किया गया। अभियोजन की तरफ से मामले में 27 गवाह परीक्षित करवाए गए और 106 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। एडीजे प्रथम मुनेश चंद यादव ने मामले में परिस्थिति जन्य साक्ष्यों व मोबाइल कॉल डिटेल के साक्ष्य को महत्वपूर्ण मानते हुए पांचों आरोपियों को सजा सुनाई। मामले को लेकर राज्य की तरफ से एपीपी सुनील जांगिड़ ने पैरवी की। यह था मामला : घटना के अनुसार लादड़िया (चूरू) के रणवीर सिंह पुत्र मोहनराम जाट ने हमीरवास थाने में मामला दर्ज करवाया था कि उसका बेटा ओमप्रकाश जालोर में प्राइवेट नौकरी करता है। उसके बेटे के पास गांव की प्रियंका देवी लिव इन में रहती है। प्रियंका का पति सुरेश कुमार निवासी लादड़िया उसके बेटे से रंजिश रखने लगा। उसका बेटा 2 मई 2020 को प्रियंका के साथ लादड़िया आया था। वह प्रियंका को उसके गांव बेरी छोड़ने के गया था, लेकिन अगले दिन सुबह तक घर नहीं आया। प्रियंका ने बताया कि बेरी आते समय रास्ते में उसके परिवार के राजकुमार उर्फ लिलिया, संजय निवासी बेरी (झुंझुनूं), सुरेश निवासी लादड़िया और दो-तीन व्यक्ति मिले थे और उनकी बाइक का पीछा किया था। 3 मई को उसके बेटे का फोन आया कि ओमप्रकाश की हत्या हो गई है।

डिग्गी में 21 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे

धर्म नगरी डिग्गी में बुधवार को श्री जी सर्व धर्म सेवा संस्थान ने 19वां सामूहिक विवाह सम्मेलन कराया। डिग्गी की गौड़ धर्मशाला में 21 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक रीति-रिवाजों से सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे। नवदंपतियों को सुखद, समृद्ध दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामनारायण कांदला रहे। वे सरस डेयरी जयपुर के डायरेक्टर हैं। अखिल भारतीय हरियाणा गौड़ ब्राह्मण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष जयनारायण शर्मा, लालचंद शर्मा, शंकर यादव विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथियों ने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक एकता बढ़ाते हैं। आपसी सहयोग मजबूत होता है। सादगीपूर्ण विवाह की परंपरा आगे बढ़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलती है। अनावश्यक खर्च पर अंकुश लगता है। समिति अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि सम्मेलन की शुरुआत सुबह नवविवाहित जोड़ों की पारंपरिक निकासी से हुई। बैंड-बाजों के साथ निकासी निकली। परिजन, श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद गौड़ धर्मशाला परिसर में वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में पाणिग्रहण संस्कार कराया गया। वैदिक मंत्रों की गूंज रही। शुभ मंगल गीत गूंजे। सभी 21 जोड़ों ने सात फेरे लेकर साथ निभाने का संकल्प लिया।

मेट्रो फेज-2 का भूमिपूजन:सीएम बोले- 5 साल में पूरा हो जाएगा फेज-2, फेज-3 व 4 भी बनेंगे

राजधानी के बहुप्रतीक्षित मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट का काम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भूमिपूजन के बाद शुरू हो गया। सीएम भजनलाल ने टोंक रोड बंबाला स्थित मेट्रो यार्ड की जमीन पर पूजा-अर्चना कर पाइलिंग का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को बाड़मेर पचपदरा में रिफाइनरी उद्घाटन के साथ मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। बुधवार को भूमिपूजन के बाद मुख्यमंत्री, विधायक और ब्यूरोक्रेट्स के साथ बस से मेट्रो स्टेशन पहुंचे, फिर मेट्रो में चौपड़ तक सफर किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में जल्द ही मेट्रो फेज-3 और फेज-4 पर काम शुरू किया जाएगा। टोंक रोड के प्रहलादपुरा से सीकर रोड स्थित टोडी मोड़ तक बनने वाले 41 किमी लंबे मेट्रो फेज-2 का काम 4 पैकेज में पूरा होगा। पहले पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल करीब 12 किमी का रूट मई-2029 तक पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही दूसरे, तीसरे और चौथे पैकेज के टेंडर खुलेंगे। 13 हजार करोड़ की लागत से बन रहे फेज-2 का काम सितंबर 2031 तक पूरा करने का टारगेट है। कार्यक्रम में दो मंत्री, तीन विधायक, सीएस सहित 8 आईएएस; भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा आईएएस अफसरों की उपस्थिति रही। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, एसीएस आलोक गुप्ता, सीएम सचिव जितेंद्र सोनी, ज्वाइंट सेक्रेटरी उत्सव कौशल, कलेक्टर संदेश नायक, जेडीसी सिद्धार्थ महाजन, हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर अरविंद पोसवाल, निगम कमिश्नर ओम कसेरा, पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल, मंत्री झाबर सिंह खर्रा, जोगाराम पटेल, विधायक कैलाश वर्मा, बालमुकुंदाचार्य सहित अन्य विधायक उपस्थित रहे। 27 हेक्टेयर यार्ड बनेगा; इस 41 किमी लंबे रूट पर मेट्रो का यार्ड टोंक रोड बंबाला पुलिया के पास बनेगा। इसके लिए मेट्रो को 27 हेक्टेयर जमीन दी गई है। यहीं मेट्रो ट्रेनों का मेंटेनेंस होगा। सीएम ने देखा इंटरचेंज स्टेशन पॉइंट- मानसरोवर-बड़ी चौपड़ लाइन पर खासाकोठी में नया स्टेशन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मेट्रो में सवार होकर यह इंटरचेंज स्टेशन पॉइंट देखा। खासाकोठी पर फेज-1 और फेज-2 के स्टेशन आमने-सामने होंगे। दोनों स्टेशनों को 150 मीटर लंबे फुटओवर ब्रिज कनेक्ट करेंगे। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद रोजाना 2.50 लाख यात्री सफर करेंगे।

निकाय चुनाव सितंबर में प्रस्तावित:भाजपा के 30 साल के गढ़ को ढहाने की तैयारी में कांग्रेस, अस्थायी कार्यालय शुरू किया

नगर निगम सहित प्रदेशभर में निकाय चुनाव सितंबर में प्रस्तावित हैं। परिसीमन के बाद इस बार उदयपुर में 70 की जगह 80 वार्डों पर मतदान होगा। वार्ड बढ़ने से नए सियासी समीकरण बने हैं और भाजपा-कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 1994 से लगातार छह चुनावों से निगम बोर्ड पर काबिज भाजपा इस बार अंदरूनी असंतोष और विवादों से दबाव में है। शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह की कार्यकारिणी से पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया समर्थित वरिष्ठ नेताओं को दूर रखने से असंतोष है। ‘उदयपुर फाइल्स’ विवाद के बाद संगठन की एकजुटता पर भी सवाल हैं। यह चुनाव गजपाल की अग्निपरीक्षा माना जा रहा है। वहीं दोबारा शहर कांग्रेस अध्यक्ष बने फतह सिंह राठौड़ ने मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस ने शास्त्री सर्कल के पास अस्थायी चुनाव कार्यालय शुरू कर दिया। पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया व महामंत्री दिनेश कुमार दवे भी मौजूद रहे। भाजपा: 6 चुनावों से अजेय, इस बार अपनों की चुनौती 6 चुनावों से जीत रही भाजपा के लिए इस बार राह आसान नहीं है। शहर भाजपा संगठन में डेढ़ साल से जारी अंतर्कलह सामने आ रही है। जिला कार्यकारिणी में गुलाबचंद कटारिया समर्थित वरिष्ठ व पूर्व पदाधिकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह का कहना है कि भाजपा में गुटबाजी नहीं है और संगठन सर्वोपरि है। 10 वार्ड बढ़ने के कारण टिकट दावेदारों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में टिकट वितरण के दौरान बगावत भी बढ़ सकती है। कांग्रेस: नए चेहरों पर दांव और वार्ड स्तर पर घेराबंदी कांग्रेस ने भी इस बार अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी स्थानीय जन समस्याओं जैसे सड़क, सफाई, जल निकासी, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को भी प्रमुखता से उठाएगी। चुनाव कार्यालय की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस ने वार्ड और बूथ स्तर पर घर-घर जनसंपर्क के निर्देश दिए हैं। संगठन विस्तार के तहत नई कार्यकारिणी की भी जल्द घोषित होंगे। 80 वार्ड होने से इस बार नए और युवा चेहरों को मौका मिल सकता है।