34 अफसरों का हैंडसेट अलाउंस घोटाला:एक बार का भत्ता बार-बार लिया, अब 6.63 लाख की रिकवरी होगी
डिप्टी डायरेक्टर जनरल लाइसेंसिंग सर्विस ऑथोरिटी ऑफ राजस्थान (एलएसए) में नियमों को ताक पर रखकर हैंडसेट अलाउंस उठाने का मामला सामने आया है। विभाग के 34 अफसरों ने वित्तीय नियमों को ताक पर रख कर करीब 6.63 लाख का हैंडसेट एलाउंस उठा लिया। सालाना ऑडिट (लेखा परीक्षा) में यह प्रकरण सामने आया। ऑडिट ऑब्जेक्शन के बाद अधिकारियों से अलाउंस की रिकवरी की तैयार हो रही है। फाइनेंस डिपार्टमेंट (एक्सपेंडिचर) के साफ निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी पूरी सर्विस के दौरान सिर्फ एक बार ही मोबाइल हैंडसेट एलाउंस ले सकता है। साल 2018 में रिवाइज्ड ऑर्डर जारी कर इस नियम को और सख्त किया गया था, लेकिन अफसरों ने नजरअंदाज कर दिया। 2012 से 2026 तक उठाते रहे एलाउंस ऑडिट में खुलासा हुआ है कि साल 2012 से 2026 तक, यह अधिकारी हर 3 साल में लगातार नया अलाउंस उठाते रहे। जिन अफसरों को लिस्टेड किया गया है, वे हर तीन महीने में 22,500 रुपए का अलाउंस क्लेम कर रहे थे। इससे सरकार के खजाने को सीधे तौर पर करीब 6.63 लाख रुपए का फटका लगा है। ऑडिट टीम ने इसे डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर (डीओआई) के आदेशों की खुली अवहेलना और गंभीर वित्तीय लापरवाही माना है। दिलचस्प पहलू यह है कि इनमें से एक अधिकारी तो रिटायर भी हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी पे-मैट्रिक्स लेवल-12 से लेकर लेवल-15 तक के हैं, जिनकी मासिक सैलरी 2 से 3 लाख रुपए के बीच है। हैडक्वार्टर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी इस पर जब एलएसए का पक्ष लिया गया तो नाम न छापने की शर्त पर शीर्ष अधिकारी ने बताया कि हैडक्वार्टर के नियमों के अनुसार ही कार्यवाही होगी। इधर, आडिट टीम का मानना है कि डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर के आदेशों की अवहेलना करना भी अनियमितता है।

