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भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर:स्वास्थ्य विभाग में 5 IAS, 6 RAS, फिर भी न प्रसूता की मौतें रुकीं, ना ही RGHS घोटाले

राजस्थान में प्रसूताओं की मौतों और गर्भवती महिलाओं की किडनी, लीवर फेल होने की घटनाओं ने पूरे हेल्थ सिस्टम की सूलें हिला कर रख दी है। आरजीएचएस घोटाले ने भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर कर दी। बारिश से मौसमी बीमारियों की रोकथाम के प्रयास नहीं के बराबर दिखे। इन सब हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री स्वयं को कहना पड़ा कि विभाग संभल नहीं रहा। हालात बेकाबू है। स्वास्थ्य विभाग में 5-5 आईएएस नियुक्त कर रखे हैं। सीएम के पास पहुंची रिपोर्ट अनुसार पांच ही आईएएस को प्रदेश ब्रांड एंबेसडर कहे जाने वाले बड़े डाक्टर्स के नाम तक नहीं पता। संवादहीनता बनी है। 4 माह में 28-28 प्रसूताओं की मौत हो गई। करोड़ों आरजीएचएस घोटाला हो गया। पेंशनर्स परेशान हैं। आईएएस केवल आर्डर पर आर्डर जारी कर रहे। धमकाने की प्रवृत्ति का खामियाजा यह रहा कि पूरा सिस्टम फेल हो गया। जिलों का स्टेट से संवाद और तालमेल खत्म होने से घपले बढ़ते गए। पहली बार कोई सीएस लगातार 5 दिन स्वास्थ्य विभाग पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि इतिहास में पहली बार मुख्य सचिव को लगातार 5 दिन तक सचिवालय छोड़ कर स्वास्थ्य भवन बैठना पड़ा। लगातार 5 दिन तक स्टेट और जिला अफसर, डाक्टरों के साथ संवाद कर हालात कंट्रोल में कैसे करें, इस पर 40 घंटे की कसरत करनी पड़ी। ऐसा किसी प्रमुख सचिव, एसीएस या सचिव के समय पहले नहीं हुआ। मुख्यमंत्री बोले- अब तो पानी सिर से गुजर रहा सीएम द्वारा आला अफसरों को बोली एक लाइन से समझा जा सकता है। सीएम ने कहा- स्वास्थ्य विभाग में अब तो हालात इतने खराब हो गए हैं कि- ‘पानी सिर से गुजर चुका है’। इसे तत्काल संभालने की जरूरत है। इसके बाद अफसरों ने 41 जिलों के साथ लगातार रिपोर्टिंग और संवाद शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग में आईएएस: गायत्री राठौड़ प्रमुख सचिव, हरजीराम अटल सीईओ राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी, पुखराज सेन एमडी आरएमएससीएल, डाॅ. जोगाराम सचिव, एमडी एनएचएम, डाॅ. टी शुभमंगला डायरेक्टर, एमडी आईईसी, आयुक्त खाद्य सुरक्षा, ड्रग कंट्रोल, एडिशनल मिशन डायरेक्टर एनएचएम। 6 आरएएस सहित 91 अफसर: स्वास्थय विभाग में आरएएस भगवतसिंह, निशा मीणा, संतोष कुमार गोयल, बलवंत सिंह लिग्री, राकेश कुमार शर्मा, सीमा तिवारी कार्यरत हैं। इनके अलावा 12 स्टेट डायरेक्टर, 50 से अधिक संयुक्त िनदेशक, अतिरिक्त निदेशक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्टेट लेवल जयपुर में नियुक्त हैं। इनके अलावा 23 स्टेट नोडल आॅफिसर भी काम कर रहे।

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