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दोस्तों को 'गुडबाय' मैसेज भेज MBBS स्टूडेंट का सुसाइड:चंडीगढ़ में बिल्डिंग की 6वीं मंजिल से कूदा, मां-बाप डॉक्टर; पुलिस बोली- प्रेशर में था

चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में मंगलवार रात एक एमबीबीएस फोर्थ ईयर स्टूडेंट ने अस्पताल की छठी मंजिल से छलांग लगाकर सुसाइड किया। घटना से पहले उसने अपने करीबी दोस्तों को एक-एक कर ‘गुडबाय’ का संदेश भेजा था। दोस्तों ने तुरंत फोन किए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। वह छलांग लगा चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका, क्योंकि मृतक के परिवार का कोई सदस्य अस्पताल नहीं पहुंचा था। पुलिस ने बताया कि परिजनों से बात हो गई है और अब वीरवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मोबाइल फोन, मैसेज, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच शुरू करने का फैसला लिया है। प्रशासन यह पता लगाएगा कि आखिर मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों में बढ़ते तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाओं के पीछे क्या कारण हैं। जानिए क्या है पूरा मामला… मोबाइल और डिजिटल सबूतों की जांच शुरू
पुलिस ने करण का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर मैसेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अस्पताल आने से पहले उसने घर की खिड़की पर क्या लिखा था। वहीं, अस्पताल की पार्किंग में खड़ी उसकी कार भी जांच का हिस्सा बनाई गई है। 2 महीने पहले भी हुई थी डॉक्टर की मौत
करीब दो महीने पहले भी जीएमसीएच-32 में जनरल मेडिसिन विभाग के 24 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉ. योगेश की मौत हुई थी। वह ट्रॉमा सेंटर के शौचालय में बेसुध मिले थे। मौके से पोटेशियम क्लोराइड के इंजेक्शन मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू की थी। पुलिस बोली- पढ़ाई के दबाव में था
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करण पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और मेडिकल की पढ़ाई के दबाव में था। परिजनों और दोस्तों के अनुसार, उसने कुछ दिन पहले अपनी मां से पढ़ाई छोड़ने की इच्छा भी जताई थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शुरू:तीन नए ट्रस्टी मिलेंगे; चंपत की जगह RSS नेता बजरंग बांगड़ा महासचिव बन सकते हैं

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद बुधवार को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी अहम बैठक शुरू हो गई है। अयोध्या में यह बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की श्री स्वामी मणि राम दास जी महाराज छावनी में हो रही है। बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है। बैरिकेडिंग की गई है। बैठक में 6 अहम बातों पर मंथन चल रहा है, जिसमें महासचिव समेत ट्रस्ट में खाली पड़े 3 पदों पर नए ट्रस्टियों की नियुक्ति प्रमुख है। चंपत राय की जगह महासचिव पद के लिए कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन और विश्व हिंदू परिषद के महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा का नाम सबसे आगे है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष परमानंद, जगद गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ पहुंच चुके हैं। बैठक में आमंत्रित सदस्य के रूप में विश्व हिंदू परिषद के बजरंग लाल बांगड़ा और दिनेश चंद्र भी शामिल होने पहुंचे हैं। इससे पहले 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। रिटायर IFS अफसर कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। चढ़ावा चोरी के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 26 जून को इस्तीफा दे दिया था। अयोध्या राजघराने के प्रमुख बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद उनका ट्रस्टी पद भी खाली है। ऐसे में ट्रस्ट में फिलहाल तीन पद रिक्त हैं। ट्रस्ट की बैठक का एजेंडा CEO की नियुक्ति: इतिहास में पहली बार राम मंदिर की व्यवस्थाएं संभालने के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) रखा जाएगा। रक्षाबंधन (28 अगस्त) के बाद नए CEO के कार्यभार संभालने की संभावना है। इस पद के लिए देशभर से करीब 5500 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। खाली पदों को भरना: पूर्व महासचिव चंपत राय व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे और राजा अयोध्या बिमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद खाली हुए 3 महत्वपूर्ण स्थायी ट्रस्टी पदों को बहुमत प्रस्ताव से भरा जाएगा। नए महासचिव का चयन: ट्रस्ट के नए महासचिव के नाम पर विचार और उनके चयन की प्रक्रिया को पूरा करना। SIT रिपोर्ट पर चर्चा: दान और चढ़ावे में हुए गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम/अंतिम रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों की समीक्षा करना। वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा: चढ़ावे की गिनती की निगरानी को मजबूत करना, दान प्रबंधन में सुधार और काउंटिंग सेंटर को मंदिर के परकोटे में स्थानांतरित करने जैसे प्रशासनिक बदलाव। समितियों का पुनर्गठन: ट्रस्ट की सभी पांच मुख्य समितियों, विशेषकर वित्त और ऑडिट समिति की नई संरचना तय करना। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…

भास्कर अपडेट्स:सुप्रीम कोर्ट पहुंची उद्धव सेना:6 सांसदों के शिंदे गुट में विलय को चुनौती

शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर के कार्यालय और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। हालांकि अदालत ने फिलहाल किसी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने शिवसेना (UBT) नेता अरविंद गणपत सावंत की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया। बेंच ने कहा, “नोटिस जारी किया जाता है” और मामले को दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 18 जुलाई को मानसून सत्र शुरू होने से पहले शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मंजूरी दी थी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद लोकसभा में शिंदे की शिवसेना के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली के करोल बाग में बिल्डिंग में आग लगी, पीजी से 2 छात्र सुरक्षित निकाले गए दिल्ली के करोल बाग में बुधवार को एक बिल्डिंग में आग लग गई। बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर पीजी चल रहा था, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर चमड़े के जूते बनाने की एक छोटी फैक्ट्री चल रही थी। पीजी में रह रहे दो छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मौके पर फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं। पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस ने सुरक्षा और यातायात के आवश्यक इंतजाम किए हैं। फायर ब्रिगेड के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली में फर्जी 10वीं-12वीं की मार्कशीट बनाने वाला गिरोह पकड़ाया, 3 आरोपी गिरफ्तार दिल्ली पुलिस की शाहदरा स्पेशल स्टाफ ने फर्जी 10वीं और 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक लैपटॉप, प्रिंटर, दो फर्जी मार्कशीट और दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, 30 जून को सूचना मिली थी कि शाहदरा का रहने वाला नवनीत त्यागी फर्जी सर्टिफिकेट और मार्कशीट तैयार कर बेचता है। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने एक जवान को ग्राहक बनाकर आरोपी से संपर्क कराया। आरोपी को व्हाट्सऐप पर फोटो, 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड भेजकर फर्जी 12वीं की मार्कशीट बनवाने की बात की गई। इसके बाद पुलिस ने शाहदरा के जीटी रोड स्थित विकास मॉल के पास छापा मारकर नवनीत त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 10वीं और 12वीं की दो फर्जी मार्कशीट मिलीं। पूछताछ में दो अन्य आरोपी सबाब आलम और फरीद अहमद सैफी के नाम सामने आए। दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि तीनों ने करीब 100 से 150 फर्जी 10वीं-12वीं के सर्टिफिकेट और मार्कशीट बेचने की बात कबूल की है। वे एक दस्तावेज के बदले 5 हजार से 10 हजार रुपए लेते थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ‘ग्रामीण मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान’ के समाप्त हो चुके रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग कर पिछली तारीखों के सर्टिफिकेट और मार्कशीट जारी कर रहे थे। दिल्ली के हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम में सजेगी 2,500 दुर्लभ कलाकृतियों की प्रदर्शनी, 23 जुलाई को गैलरी का उद्घाटन दिल्ली के संस्कृति केंद्र में रखी करीब 2,500 दुर्लभ कलाकृतियों को अब हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम में बनाई गई नई गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा। ‘संस्कृति म्यूजियम: एवरीडे आर्ट एंड इंडियन टेक्सटाइल्स’ नाम की इस गैलरी का उद्घाटन 23 जुलाई को होगा। आम लोग 1 अगस्त से इसे देख सकेंगे। इस प्रदर्शनी में 19वीं सदी का टाइगर मास्क, अविभाजित भारत की दुर्लभ साड़ियां, ढाका की जामदानी, पंजाब की फुलकारी, गुजरात की पाटन पटोला (डबल इकत), खिलौने, लोटे, दीपक, पानदान, गहनों के बॉक्स और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई ऐतिहासिक सामान शामिल हैं। यह संग्रह उद्योगपति ओ. पी. जैन ने 1970 के दशक से जुटाना शुरू किया था। उन्होंने 2023 में अपनी ज्यादातर निजी संग्रह सामग्री इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) को राष्ट्र के नाम समर्पित कर दी थी। इसके बाद कलाकृतियों के संरक्षण और मरम्मत का काम किया गया। अब इन्हें अगले पांच सालों के लिए हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम की नई गैलरी में रखा जाएगा। म्यूजियम परिसर में तमिलनाडु की अय्यनार टेराकोटा परंपरा के विशाल घोड़े और हाथी भी लगाए गए हैं। संस्कृति केंद्र का पुराना लकड़ी का नक्काशीदार प्रवेश द्वार भी यहां स्थापित किया गया है।

राज्यसभा में खड़गे बोले- प्रधान इस्तीफा दें, फिर चर्चा करेंगे:राहुल समेत कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे; हंगामे के बीच दोनों सदन कल तक स्थगित

संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। हंगामे के बीच लोकसभा-राज्यसभा को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, वे सदन में नीट पेपर लीक मामले में चर्चा तभी चाहते हैं जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे दें। सदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की पेशकश कर रही है। लेकिन विपक्ष मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी पार्टियां 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक का विरोध कर रही हैं। संसद में विपक्ष के प्रदर्शन की 2 फोटोज… मानसून सत्र के तीसरे दिन के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

गुरुग्राम मेदांता हॉस्पिटल में भी प्रोटेस्ट, यहां वांगचुक भर्ती:थ्री लेयर सिक्योरिटी को चकमा देकर घुसे 2 नेता, पुलिस पहुंची तो बैनर उठाकर भागे

लद्दाख के मुद्दों और छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े 7 बजे दिल्ली पुलिस की टीमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से यहां लेकर पहुंचीं। अस्पताल में थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मगर, पुलिस की चकमा देकर समाजवादी पार्टी के दो नेता अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए है। दोनों हाथों में बैनर और तख्ती लिए है। इनमें एक कामेश्वर उर्फ किशन दीक्षित है, जिसने 2022 में प्रधानमंत्री मोदी के खास प्रत्याशी नीलकंठ तिवारी के खिलाफ साउथ वाराणसी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में तिवारी की जीत हुई थी। इसकी सूचना मिलते ही गुरुग्राम सदर पुलिस एक्टिव हुई और तुरंत ही कई टीमें अस्पताल पहुंची। मगर, इससे पहले ही प्रोटेस्ट कर रहे दोनों सपा नेता अपने बैनर लेकर वहां से खिसक लिए। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल की सिक्योरिटी को और टाइट कर दिया। बिना आईडी और कारण बताए किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। उधर, मेदांता सूत्रों के मुताबिक, सफदरजंग अस्पताल से वांगचुक की मेडिकल हिस्ट्री मिलने के बाद मेदांता के डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू कर दिया है। फिलहाल उन्हें ड्रिप के जरिए लिक्विड डाइट दी जा रही है। उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, अभी तक इससे रिलेटेड हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने वांगचुक से बातचीत की पहल की है। मंगलवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ICU-8 में भर्ती वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। बुधवार दोपहर को दिल्ली पुलिस एक बड़े अधिकारी भी हॉस्पिटल में पहुंचे। बताया गया है कि विपक्षी सांसदों का डेलिगेशन भी वांगचुक से मिलने आ सकता है। मेदांता हॉस्पिटल के बाहर की तस्वीरें… अब जानिए थ्री लेयर सिक्योरिटी में क्या… गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं को किया हाउस अरेस्ट सोनम वांगचुक के गुरुग्राम शिफ्ट होने का असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखने लगा है। वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन या उनसे मुलाकात की आशंका को देखते हुए पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर समेत 10 से अधिक वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। पुलिस ने इन सभी नेताओं को लिखित नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेदांता हॉस्पिटल की ओर मार्च या प्रदर्शन नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा, “आज पूरे देश में तानाशाही का माहौल है। जंतर-मंतर पर लाखों की संख्या में युवा शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन पर लाठीचार्ज कराया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला है। सरकार छात्रों की आवाज से डर रही है, इसलिए पुलिस का सहारा लेकर उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है।”

मूमल के कमरे में आए राणा महेंद्र, छड़ी छोड़कर लौटे:राजकुमारी के साथ ऐसा कौन दिखा कि उनका दिल टूट गया? एपिसोड-3

कल आपने पढ़ा किस तरह राणा महेंद्र ने मूमल के जादुई महल की पहेलियों को बूझ कर राजकुमारी का दिल जीत लिया था। पढ़िए आगे की कहानी- वो रात बातों और वादों में बीत गई। मूमल और महेंद्र अब एक-दूसरे के प्रेम में बंध चुके थे। दोनों की मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया, लेकिन एक बड़ी समस्या थी- महेंद्र अमरकोट के राजा थे और उनके इस प्रेम के बारे में किसी को पता नहीं था। ऐसे में उन्हें मूमल से रातों-रात मिलकर सुबह अपने राज्य लौटना होता था। अमरकोट और लौद्रवा (जैसलमेर) के बीच मीलों (लगभग 300 Km) का फासला था, जिसे एक रात में तय करना लगभग नामुमकिन था। यहां काम आया महेंद्र का वफादार ऊंट,’चीतल’। चीतल कोई साधारण ऊंट नहीं था, वह हवा से बातें करता था। महेंद्र हर रात अमरकोट से निकलते, मीलों का सफर तय कर लौद्रवा पहुंचते, रात भर मूमल के साथ समय बिताते और सुबह होने से पहले नदी को पार कर वापस अमरकोट पहुंच जाते। यह सिलसिला सालों चला और दोनों का एक दूसरे के लिए प्रेम गहरा होता रहा।
लंबा इंतजार और फिर एक खेल नियति ने इस प्रेम कहानी के लिए शायद कुछ और ही तय किया था। अमरकोट में राणा के परिवार को उनकी लौद्रवा यात्राओं और उसकी वजह का पता चल गया। जिसके चलते वे राणा को अक्सर किसी न किसी बहाने से यात्रा करने से रोकने लगे। यहां तक कि उन्होंने चीतल के पैर भी तुड़वा दिए। ऐसे में महेंद्र और मूमल की मुलाकातों का अंतराल बढ़ता गया। इस बार का इंतजार हर बार से लंबा हो गया था। अरसा बीत गया और महेंद्र मिलने नहीं आए थे। मूमल इस बात को लेकर बहुत परेशान थी। रोज की तरह उस दिन भी वह उनका इंतजार करते-करते थक गई थी और बेहद उदास थी। उसकी छोटी बहन सूमल उसका ध्यान बंटाने की कोशिश कर रही थी- जीजी,आज फिर राणा जी की राह देख रही हो? वो आ जाएंगे, सूमल ने मूमल को समझाया। मूमल मुस्कुरा दी। सूमल राणा का भेष धारण कर मूमल का मन बहलाने लगी। राणा के भेस में मूमल से बातें करते-करते वो उसके पास ही बिस्तर पर सो गई। राणा के इंतजार में मूमल की भी आंख लग गई। मिलन का उत्साह फिर आंखों का धोखा तमाम अड़चनों को पार कर उसी रात राणा महेंद्र किसी तरह से मूमल के महल पहुंचे। मिलन के उत्साह में वे मूमल के कक्ष तक पहुंचे ही थे कि उन्होंने देखा मूमल किसी ‘पुरुष’ की बाहों में सो रही है। यह देख महेंद्र को गहरा धक्का लगा और उनका दिल टूट गया। जिस मूमल के लिए उन्होंने मरुधरा की तपती रेत को नाप दिया उसने धोखा दिया? क्रोध और ग्लानि में भरकर महेंद्र ने अपनी छड़ी (कोड़ा) मूमल के बिस्तर के पास छोड़ दी और बिना कुछ कहे वहां से चले गए। सुबह जब मूमल की नींद खुली तो उसने पास में महेंद्र की छड़ी देखी और चौंक गई। वह सोच में पड़ गई कि राणा जी आए थे पर वे बिना मिले क्यों चले गए? अचानक उसकी नज़र सोई हुई सूमल (राणा के भेष में) पर पड़ी। उसे तुरंत समझ आ गया कि राणा को गलतफहमी हुई है। घबराहट में उसने सूमल को झकझोर कर जगाया सूमल, उठो ! राणा जी मुझे गलत समझकर चले गए ! मूमल हताश हो गई और अपनी इस भूल को लेकर अब बेहद बेचैन थी…. क्या मूमल राणा महेंद्र की गलतफहमी दूर कर सकी? क्या दोनों एक बार फिर एक हो सके? जानिए एपिसोड 4 में…. (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। सोर्स : राजस्थानी साहित्य, लोक कथाएं व स्थानीय लोगों से बातचीत )
…. यहां पढ़िए… महेंद्र-मूमल की प्रेम कहानी के 2 एपिसोड 1. रेगिस्तान में काक नदी के किनारे था मूमल का महल:अमरकोट के राजा और जैसलमेर की राजकुमारी का प्रेम; 4 एपिसोड में मूमल-महेंद्र की कहानी जैसलमेर के लौद्रवा की राजकुमारी मूमल और अमरकोट (वर्तमान पाकिस्तान) के राणा महेंद्र की प्रेम कहानी सदियों पुरानी है। इस कहानी को जानने के लिए दैनिक भास्कर जैसलमेर से 14 किलोमीटर दूर लौद्रवा गांव पहुंचा। पूरा एपिसोड पढ़िए… 2. कांच का पानी और शीशों का खेल:हजारों राजकुमार नाकाम, फिर अमरकोट के राणा ने कैसे पार की मूमल की खतरनाक पहेलियां? मूमल-महेंद्र प्रेम-कहानी एपिसोड-2 मूमल इंतजार में थी उस राजकुमार के जो उसकी खूबसूरती से ज्यादा उसकी पहेलियों की गहराई को समझ सके। लौद्रवा का महल उसी का स्वागत करेगा जो बिना डरे काक महल की पहेलियों को सुलझा पाएगा। पूरा एपिसोड पढ़िए…

भीलवाड़ा के आसींद में 5.90 इंच बारिश, नदी उफान पर:टोंक के हॉस्पिटल में पानी भरा; अजमेर-उदयपुर समेत कई जिलों भी तेज बरसात

राजस्थान में फिर से एक्टिव हुए मानसून के असर से अजमेर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, जैसलमेर समेत कई जिलों में बारिश हुई। उदयपुर में सीजन की सबसे तेज बारिश हुई। अजमेर में बारिश के कारण सड़कों पर नदियों की तरह पानी बहने लगा। भीलवाड़ा के आसींद में सुबह 7 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक 150 मिमी (5.90 इंच) बारिश हुई। आसींद क्षेत्र से गुजरने वाली नेखाड़ी नदी उफान पर आ गई। बोजुंदा रोड पर नदी पर बनी पुलिया करीब 1 फीट पानी में डूब गई। लगातार बारिश के बीच आसींद-बोजुंदा रोड पर हाथीभाटा और केसरपुर के बीच बारिश से बने गड्ढे में प्राइवेट स्कूल की बस फंस गई, जिसे ट्रैक्टर की मदद से निकाला गया। बदनोर क्षेत्र में आसपहाड़ स्थित झरना पूरे वेग से बहने लगा। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में भी बरसात हुई। यहां जयपुर-दिल्ली हाईवे की अलग-अलग सर्विस लेन में जलजमाव हो गया है। हिल स्टेशन माउंट आबू में रिमझिम बारिश के बीच सुबह से कोहरा छाया। टोंक के देवली में तेज बारिश के बाद सरकारी हॉस्पिटल में पानी जमा हो गया। बीते 24 घंटे में हुई तेज बरसात के कारण हाड़ौती क्षेत्र की परवन, कालीसिंध समेत दूसरी नदियां उफान पर हैं। कालीसिंध डैम का भी एक गेट खोला गया है। कोटा में बिजली गिरने से एक युवक की भी मौत हुई है। राजस्थान में अगले 3 दिन तेज बारिश का अलर्ट है। मानसून के बड़े अपडेट्स हॉस्पिटल में पानी भरा, एक्टिवा नाले में गिरी: अजमेर में एक घंटे की तेज बारिश के कारण शहर की सड़कों पर नदी जैसा बहाव नजर आया। शहर के सुभाष नगर इलाके में एक एक्टिवा नाले में गिर गई। हालांकि, हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। वहीं, टोंक के देवली में हॉस्पिटल में पानी भरने से मरीजों को परेशानी हुई। उदयपुर में तेज बारिश, कोटा में एक मौत: बुधवार सुबह उदयपुर, कोटपूतली-बहरोड़ सहित कई जिलों तेज बरसात हुई। लेकसिटी में करीब एक घंटे तक हुई बारिश के कारण मौसम बदल गया। एक्सपर्ट के अनुसार आज की बारिश इस मानसून सीजन की सबसे तेज बारिश थी। कोटा में मंगलवार देर रात बिजली गिरने से एक 23 साल के युवक की मौत हो गई। नदियां उफान पर: बारां, झालावाड़, कोटा में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। झालावाड़ के मनोहरथाना में परवन नदी का जलस्तर 3 फीट बढ़ने से यहां एक छोटा पुल और मंदिर का हिस्सा डूब गया। मध्य प्रदेश में हो रही बारिश के बाद कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बांध का एक गेट करीब 0.10 मीटर खोलकर 426 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 5 इंच से ज्यादा बरसात: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश कोटा के सुल्तानपुर में 101MM और बारां के छीपाबड़ौद में 130MM हुई है। इसके अलावा हनुमानगढ़, बूंदी, अलवर, करौली, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार दौसा, झालावाड़, टोंक, नागौर, उदयपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भरतपुर समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… …. अलवर में सुबह से रिमझिम बारिश:पहाड़ से नीचे उतरे बादल; 27 जुलाई तक बरसात और बिजली गिरने का यलो अलर्ट जोधपुर- बाजरा-मूंग की फसलें खराब,रेत में दबे सैकड़ों बीघा खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे मानसून की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

हिमाचल में भारी बारिश, शिमला में गिरा पेड़:6 जिलों में फ्लैश-फ्लड की चेतावनी; आनी, बंजार और निरमंड के शिक्षण संस्थानों में छुट्टी

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में रात 12 बजे से भारी बारिश जारी है। शिमला के ओल्ड बैरियर क्षेत्र में बारिश के बाद एक पेड़ गिरकर मकान की छत पर जा गिरा। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। शिमला में 66.5 मिमी और कुफरी में 74.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों में जलभराव तथा फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। कुल्लू जिले में मूसलाधार बारिश के बाद डीसी कुल्लू ने आनी, बंजार और निरमंड सब डिवीजन के सभी शिक्षण संस्थानों में आज (22 जुलाई) छुट्टी घोषित की है। शिमला शहर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भी सुबह 7 बजे तक भारी बारिश हुई। कांगड़ा-मंडी में आज ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई इलाकों में आज भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी है। प्रदेश के अन्य जिलों में फिलहाल किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। IMD के अनुसार, कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा। इसके बाद 27 जुलाई तक प्रदेश के कुछेक हिस्सों में ही हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को लगातार हो रही बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। मानसून सीजन में नॉर्मल से 14% कम बारिश हालांकि मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। एक जून से 21 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य तौर पर 266.4 मिलीमीटर वर्षा होती है, जबकि इस वर्ष केवल 230.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। जिला स्तर पर बिलासपुर में 27 प्रतिशत, हमीरपुर में 42 प्रतिशत, मंडी में 30 प्रतिशत, सिरमौर में 4 प्रतिशत और ऊना में 3 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं चंबा में 6 प्रतिशत, कांगड़ा में 19 प्रतिशत और लाहौल-स्पीति में 42 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बारिश से तापमान में भारी गिरावट दूसरी ओर, पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण प्रदेशभर में तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, कांगड़ा में तापमान 7.1 डिग्री की गिरावट के बाद 25.9 डिग्री और भुंतर में 5.7 डिग्री कम होकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रह गया।

बिहार में बदला कानून, भद्दे कमेंट्स पर सालभर जेल:हर कमेंट DM-SP के रडार पर, आखिर क्यों आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही सरकार?

बिहार में अब सोशल मीडिया पर गाली-गलौज या अमर्यादित टिप्पणी करने पर सीधे गुंडा एक्ट लगेगा। ऐसा करने पर एक साल तक की जेल या दो साल तक जिला या राज्य से बाहर किए जा सकते हैं। नया गुंडा एक्ट क्या है, सरकार ने क्या आलोचना बंद करने के लिए कानून बनाया, कौन-कौन इसकी जद में आएगा, समझेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1ः सोशल मीडिया पर अपशब्द कहने पर जेल होगी। नया गुंडा एक्ट क्या है? जवाबः 20 जुलाई की शाम सम्राट कैबिनेट ने बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) 2024 में एक संशोधन को मंजूरी दी। इसके जरिए सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट्स, गाली-गलौज या ट्रोलिंग करने वालों को असामाजिक तत्वों की श्रेणी में शामिल कर दिया गया। मतलब अब तक गुंडे-माफिया पर लगने वाले CCA एक्ट के दायरे में सोशल मीडिया यूजर भी आ गए हैं। उन पर भी जिलों के DM (डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट) CCA यानी गुंडा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई कर सकते हैं। बिहार के अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) को जानिए… 29 फरवरी 2024 को विधानसभा में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम-2024 को ध्वनि मत से पारित किया गया। इसके बाद यह कानून मार्च 2024 से राज्य में लागू हो गया। उस वक्त अधिनियम में साफ कहा गया था कि इसके दायरे में मुख्य रूप से असामाजिक तत्व आएंगे। असामाजिक तत्व उन्हें माना जाएगा जिसके खिलाफ कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले के 24 महीनों के दौरान कम से कम 2 मामलों में अदालत में पुलिस रिपोर्ट/चार्जशीट दाखिल की गई हो। जैसे… अब नए संशोधन के बाद सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट्स या ट्रोल करने वाले भी दायरे में आ गए हैं। सवाल-2ः ‘अपशब्द’ या ‘अमर्यादित टिप्पणी’ के दायरे में क्या-क्या आएगा? जवाबः सरकार ने अभी स्पष्ट नहीं किया है। कोई ड्राफ्ट जारी नहीं किया गया। लेकिन पिछली घटनाओं को देखें तो यह स्पष्ट है कि इन शब्दों के मायने बहुत व्यापक हैं और यह पूरी तरह उस वक्त की सरकार पर निर्भर करता है कि कौन से शब्द ‘अपशब्द’ या ‘अमर्यादित’ हैं। इसे एक घटना से समझिए… हालांकि… सरकार या पुलिस अपनी मर्जी से किसी बयान को ‘अपशब्द’ या ‘अमर्यादित’ तय नहीं कर सकती। संविधान में इसके लिए स्पष्ट पैमाने तय हैं। अदालतें 3 पैमाने पर तय करती हैं… सवाल-3ः सरकार ने इतना सख्त कदम क्यों उठाया? जवाबः सरकार ने इस संबंध में कोई बयान नहीं जारी किया है और ना ही कोई ऑफिशियल कारण बताया है। मानसून सत्र के बीच में कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें संशोधन को मंजूरी दी गई। अंदरखाने सरकार के इस सख्त कदम के पीछे 2 थ्योरी की चर्चा है… 1. लॉ एंड ऑर्डर और डिजिटल स्पेस को सिक्योर करना बताया जा रहा है कि सरकार ने यह कदम लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन करने और बढ़ते डिजिटल स्पेस को सुरक्षित करने के लिए उठाया है। सामान्यतः सोशल मीडिया ट्रोलिंग या अभद्र भाषा पर IT एक्ट की धारा 67 या BNS की हल्की धाराओं के तहत मामला दर्ज होता था। ये अक्सर जमानती होते थे, जिससे आरोपियों में कानून का डर खत्म हो गया था। 2. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आलोचना को बंद करना सियासी गलियारे में अंदरखाने चर्चा है कि सरकार इस वक्त सोशल मीडिया पर आलोचनाओं को लेकर असहज है। पटना की NEET छात्रा रेप-हत्याकांड मामला हो या आरा के भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर का। सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर सरकार की आलोचना की। इसके अलावा 3 साल से राज्य के युवा शिक्षक, BSSC भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उग्र हैं। सरकार सोशल मीडिया पर अपना परसेप्शन खराब नहीं होने देना चाहती। आलोचकों को कंट्रोल करने के लिए कानून का खौफ जरूरी है। दोनों तरह की चर्चा के बीच एक फैक्ट यह भी 2024 वाले CCA कानून में भी दो धर्मों, भाषा, जाति या समुदायों के बीच शब्दों के जरिए दुश्मनी या घृणा फैलाने वालों पर CCA एक्ट के तहत कार्रवाई करने का प्रावधान था। इसके बावजूद सरकार ने 20 जुलाई को फिर से संशोधित कर स्पेशली सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट करने वालों को शामिल किया। सवाल-4ः …तो क्या सरकार इस कानून से अपनी आलोचना बंद कराना चाहती है? जवाबः ज्यादा संभव है। बिहार पुलिस के पूर्व DG कहते हैं, ‘सोशल मीडिया पर अपशब्द या आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने के अपराध को CCA के दायरे में लाकर सरकार ने DM और SSP/SP को असीमित पावर दे दिया है। इससे थाने से लेकर DM तक इस मामले में सीधे कार्रवाई कर सकेंगे। इसकी जद में स्वतंत्र आवाज भी आ सकती है।’ वह बताते हैं- ‘सरकार का यह फैसला तानाशाही की तरफ इशारा कर रहा है। सरकार इस कानून की आड़ में अफसरों के जरिए सरकार की पॉलिसी की आलोचना करने वालों को टारगेट करा सकती है। यह लोकतंत्र के लिए ठीक बात नहीं है। चूंकि CCA एक्ट में ऐसा प्रावधान है कि यह लगने पर निचली अदालतें जमानत नहीं दे सकती। इसका फायदा सत्ता में बैठे लोग अपने विरोधियों के खिलाफ उठा सकते हैं।’ इसे कानून और सजा के प्रावधानों से समझिए… सवाल-5ः CCA एक्ट के तहत कौन कार्रवाई करेगा? जवाबः बिहार अपराध नियंत्रण विधेयक 2024 के मुताबिक, कार्रवाई करने का अधिकार पूरी तरह प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के पास है।

पंजाब के किसान पक्का मोर्चा क्यों नहीं लगा पाए?:हरियाणा सरकार ने 2 गलतियां नहीं दोहराईं, किसान 4 वजहों से संतुष्ट; पूरी इनसाइड स्टोरी

भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में पंजाब से दिल्ली कूच कर रहे किसानों को हरियाणा सरकार ने शंभू बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इसके बाद करीब 5 घंटे उठापटक चली। फिर किसान नेताओं ने हरियाणा सरकार और प्रशासन से बातचीत कर अचानक ऐलान कर दिया कि अब वह दिल्ली नहीं जा रहे। कूच को टालने का ऐलान होते ही किसानों शंभू बॉर्डर से लौटने लगे। हरियाणा पुलिस ने भी बैरिकेडिंग हटा दिए और जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी गई। लगभग पूरे दिन चले इस ड्रामे के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस बार किसान पक्का मोर्चा लगाने में कामयाब क्यों नहीं हुए? किसानों ने पुलिस से भिड़ने की कोशिश क्यों नहीं की और पिछली बार की तरह बैरिकेड्स उखाड़कर क्यों नहीं फेंके? आइए जानते हैं कूच टलने के पीछे की कहानी… हरियाणा सरकार ने कूच को कैसे रोका? 4 पॉइंट्स में जानिए… हरियाणा सरकार ने पिछली बार की कौन सी गलतियां नहीं दोहराईं? किसानों को उग्र नहीं होने दिया हरियाणा सरकार ने 2024 में शंभू बॉर्डर पर पहुंचे किसानों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया था। पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोका। शंभू बॉर्डर पर अलग-अलग लेयर की बैरिकेडिंग की। पुलिस लाउडस्पीकर से किसानों को चेतावनी भी दे रही थी। इससे किसान भड़क गए और उन्होंने बैरिकेडिंग उखाड़ने शुरू कर दिए। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने भी भारी मात्रा में आंसू गैस के गोले, वॉटर कैनन और रबड़ की गोलियों का इस्तेमाल किया था। इससे दर्जनों किसान घायल हुए थे, माहौल बिगड़ा था और किसान वहीं पक्का मोर्चा लगाकर बैठ गए। इस बार हरियाणा पुलिस ने किसानों को भड़काया नहीं, सीधे टेबल टॉक शुरू कर दी। सरकार ने अफसरों को निर्देश दिए कि किसानों से वार्ता करते रहें। इस प्रशासनिक संवेदनशीलता से किसानों को लगा कि उनकी बात सुनी जा रही है। मांगों पर तुरंत एक्शन लिया, केंद्रीय मंत्री से मीटिंग की बात भी मानी
पिछली बार किसानों की मांगों पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल की कमी दिखी थी। हरियाणा सरकार ने साफ कर दिया था कि किसानों को किसी भी हाल में आगे बढ़ने नहीं देना है। किसानों की जो डिमांड थी, उन पर सरकार के साथ बहुत देरी से बैठकें हुईं। इस बार हरियाणा सरकार ने मंत्री को भेजकर किसानों से बातचीत की। किसानों ने अपने नेता गुरनाम सिंह चढूनी को रिहा करने और केंद्रीय मंत्री से मीटिंग करने की डिमांड रखी। राज्य प्रशासन ने केंद्र से तुरंत संपर्क साधा। दिल्ली से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का तत्काल सकारात्मक बयान आया और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से 8-10 दिनों के भीतर बैठक कराने का लिखित वादा दे दिया गया। मामला निपट गया, तब पंजाब पुलिस हरकत में आई
हरियाणा सरकार किसानों के आने से पहले ही एक्टिव हो चुकी थी। जैसे ही किसान नेता सरवण पंधेर शंभू बॉर्डर पहुंचे तो अंबाला के SP अजीत सिंह शेखावत ने उनसे मीटिंग कर ली। उन्हें भरोसा भी दे दिया कि हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और अंबाला के DC अजय तोमर उनसे मिलने शंभू बॉर्डर पर ही आएंगे। मंत्री के आने के कुछ समय पहले ही पटियाला के SSP वरूण शर्मा शंभू बॉर्डर पहुंचे लेकिन तब तक हरियाणा सरकार किसानों से बातचीत का पहला दौरा कंप्लीट कर चुकी थी। किसानों के इस बार पक्का मोर्चा न लगाने का कारण क्या रहा? दिल्ली कूच और शंभू बॉर्डर पर घटनाओं की टाइम लाइन ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच स्थगित:2 मांगों पर सहमति, शंभू-खनौरी बॉर्डर खुले; 27 जुलाई तक भीड़ नहीं जुटा सकेंगे पंजाब के किसानों का मंगलवार (21 जुलाई) को अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड डील के विरोध में किया जा रहा दिल्ली कूच अब स्थगित हो गया। दोपहर 3 बजे बाद किसान शंभू बॉर्डर से वापस लौटने लगे। कुरुक्षेत्र पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी रिहा कर दिया। साथ ही बॉर्डर भी खोल दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…